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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘शौर्य विजय यात्रा’ को दिखाई हरी झंडी, कहा-‘ऑपरेशन विजय साहस और देशभक्ति का अमर अध्याय’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘शौर्य विजय यात्रा’ को दिखाई हरी झंडी, कहा-‘ऑपरेशन विजय साहस और देशभक्ति का अमर अध्याय’
  • PublishedJuly 14, 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि 1999 का ऑपरेशन विजय सिर्फ एक सैन्य जीत नहीं, बल्कि साहस, धैर्य, अनुशासन और अदम्य राष्ट्रभक्ति का एक अमर अध्याय है। उन्होंने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर ‘शौर्य विजय यात्रा’ को नेशनल वॉर मेमोरियल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और जज्बे को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “आज का यह अवसर सिर्फ मोटरसाइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाने का नहीं, बल्कि उस अटूट जज्बे को नमन करने का है, जिसके कारण हमारे बहादुर सैनिकों ने भारत के सम्मान और गौरव के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया।”‘

एक राइड, एक राष्ट्र, एक सलाम’

रक्षा मंत्री ने यात्रा के आदर्श वाक्य ‘एक राइड, एक राष्ट्र, एक सलाम’ (One Ride, One Nation, One Salute) की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय एकता और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “‘शौर्य विजय यात्रा’ नाम अपने आप में प्रेरणा है।”

रक्षा मंत्री ने याद दिलाया कि करीब 20,000 फीट की ऊंचाई पर, जहां ऑक्सीजन कम है और तापमान माइनस 40 डिग्री तक पहुंच जाता है, ऐसी दुर्गम परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया। “जहां प्रकृति ने रास्ता रोक दिया था, वहां हमारे सैनिकों ने साहस से नया इतिहास रचा।”

यात्रा का रूट और उद्देश्य

‘शौर्य विजय यात्रा’ 13 दिनों में लगभग 1,900 किलोमीटर का सफर तय करेगी। यह यात्रा नेशनल वॉर मेमोरियल (दिल्ली) से शुरू होकर चंडी मंदिर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख से होते हुए 26 जुलाई को कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचेगी। रक्षा मंत्री ने कहा, “यह यात्रा सिर्फ दूरी तय करने के लिए नहीं है, बल्कि इतिहास, बलिदान और देशभक्ति से जुड़ने की यात्रा है।”

उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान युवाओं में देशभक्ति की नई चेतना जगाएगा और शहीदों की याद को आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखेगा। कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ भी मौजूद थे। ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह यात्रा निकाली जा रही है। 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाएगा।