खाद्य प्रसंस्करण से किसानों की आय बढ़ेगी, युवाओं को मिलेगा रोजगार : चिराग पासवान

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने महाराष्ट्र के परभणी स्थित वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ (वीएनएमकेवी) में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहयोग से स्थापित उन्नत कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर (सीआईसी) का उद्घाटन किया। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्थापित इस केंद्र का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, उद्यमिता और किसान सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती दीक्षांत समारोह हॉल में संवाद एवं मार्गदर्शन सत्र का भी आयोजन किया गया।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार में सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास तथा लोक निर्माण (सार्वजनिक उपक्रम) राज्य मंत्री एवं परभणी की पालक मंत्री मेघना ताई बोरदिकर, कुलपति प्रो. (डॉ.) इंद्र मणि, राज्यसभा सदस्य रामराव वाडकुटे, लोकसभा सदस्य संजय जाधव, कृषि प्रसंस्करण योजना निदेशक विनयकुमार अवाटे, कार्यवाहक जिला कलेक्टर एवं जिला परिषद प्रमुख नतिशा माथुर, पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत और शिक्षा निदेशक डॉ. भगवान असेवार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
खाद्य प्रसंस्करण से बढ़ेगी किसानों की आय
अपने संबोधन में चिराग पासवान ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की आय बढ़ाने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के साथ कई देशों को निर्यात भी कर रहा है, लेकिन अब कृषि उत्पादों में मूल्यवर्धन कर उन्हें अधिक मूल्य वाले उत्पादों में बदलने की आवश्यकता है।
भंडारण और मूल्यवर्धन पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश किसानों के पास छोटी जोत है और पर्याप्त भंडारण सुविधाओं के अभाव में उन्हें अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। ऐसे में किसानों को भंडारण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि खाद्य अपशिष्ट को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका भी खाद्य प्रसंस्करण है।
युवाओं से रोजगार देने वाला बनने का आह्वान
केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से रोजगार मांगने के बजाय रोजगार सृजित करने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय उत्पादन से लेकर विपणन तक सभी हितधारकों को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रहा है। इस क्षेत्र के विस्तार में राज्य सरकारों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है।
पीएमएफएमई योजना में महाराष्ट्र की सराहना
चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारीकरण (पीएमएफएमई) योजना के क्रियान्वयन में महाराष्ट्र ने देश में अग्रणी प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और गुणवत्तापूर्ण प्रसंस्कृत उत्पाद विकसित करने पर जोर दिया।
गुणवत्ता से समझौता न करने की दी सलाह
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए उत्पाद की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होती है। अल्पकालिक लाभ के लिए गुणवत्ता से समझौता करने से वर्षों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। उन्होंने कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ लेबल वाला हर उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरना चाहिए और भारत के किसानों में दुनिया का खाद्य भंडार बनने की क्षमता है।
विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और कृषि विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने विश्वविद्यालय और संबंधित संस्थानों से इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए कृषि क्षेत्र में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को और मजबूत करने का आह्वान किया।
