जे.पी. नड्डा की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल और एनएचए के बीच होगा एमओयू

पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहा है। इस संबंध में मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके साथ ही सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में भारत एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगा।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच होगा समझौता
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित समारोह में एबी पीएम-जेएवाई को पश्चिम बंगाल में लागू करने के लिए औपचारिक समझौता किया जाएगा। एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद राज्य के पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
जे.पी. नड्डा करेंगे समारोह की अध्यक्षता
एमओयू हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा करेंगे। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
देशव्यापी स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
पश्चिम बंगाल के इस योजना में शामिल होने के साथ ही एबी पीएम-जेएवाई पूरे देश में लागू हो जाएगी। इसे देशभर के नागरिकों को समान और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर की चिकित्सा सेवाओं के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है।
स्वास्थ्य खर्च का बोझ होगा कम
योजना की शुरुआत के बाद से यह देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरी है। इससे लोगों के जेब से होने वाले स्वास्थ्य खर्च में कमी आई है और गुणवत्तापूर्ण इलाज तक पहुंच आसान हुई है। देशभर में सूचीबद्ध अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
लाखों परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
पश्चिम बंगाल में योजना लागू होने से राज्य के लाखों पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही लाभार्थी देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की पोर्टेबिलिटी का लाभ भी उठा सकेंगे। योजना से राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलने और गुणवत्तापूर्ण व सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।
