पीएम मोदी का संदेश: रिकॉर्ड मतदान से मजबूत होगा लोकतंत्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-प्रतिनिधियों के सच्चे संकल्प और नागरिकों के कर्तव्य को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने देशवासियों से लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
लोकतंत्र को मजबूत करने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सजग नागरिक के रूप में सभी का दायित्व है कि वे मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लें। इससे न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि देश के नवनिर्माण में भी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अधिक मतदान से एक समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव और मजबूत होती है।
एक्स पर साझा किया संदेश
पीएम नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- “देश के एक सजग नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करें। इस तरह हम न केवल भारतवर्ष के नवनिर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं, बल्कि एक समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव को और मजबूत कर सकते हैं।”
संस्कृत सुभाषित के जरिए संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया:- “राज्ञो हि व्रतमुत्थानं यज्ञः कार्यानुशासनम्। दक्षिणा वृत्तिसाम्यं च दीक्षितस्याभिषेचनम्॥”
जन-प्रतिनिधि के आदर्श कर्तव्य
इस सुभाषित के माध्यम से जन-प्रतिनिधि के कर्तव्यों को स्पष्ट किया गया है। इसके अनुसार जन-कल्याण के दृष्टिकोण से लोगों के निरंतर उत्थान के लिए कार्य करना, कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना, निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना और सभी के साथ समान व्यवहार करना एक जन-प्रतिनिधि का मूल दायित्व है।
समर्पण और अनुशासन पर जोर
संदेश में यह भी कहा गया है कि जन-प्रतिनिधि को उदारता, अनुशासन और समर्पण के भाव से कार्य करना चाहिए। स्वयं को पवित्र और कर्तव्यनिष्ठ बनाए रखते हुए समाज के हर वर्ग के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना ही सच्चे जन-प्रतिनिधि की पहचान है।
