Sri Akal Takht का बड़ा फैसला! Virsa Singh Valtoha को मिली माफी, 10 साल का बैन हटा

अमृतसर, 8 दिसंबर, 2025 : सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब से सोमवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ‘पंज सिंह साहिबान’ ने शिरोमणि अकाली दल के पूर्व नेता विरसा सिंह वल्टोहा (Virsa Singh Valtoha) को औपचारिक रूप से माफी दे दी है। इसके साथ ही, अकाल तख्त ने वल्टोहा पर लगाए गए 10 साल के उस कड़े प्रतिबंध को भी वापस ले लिया है, जिसके तहत उन्हें शिरोमणि अकाली दल में काम करने से रोका गया था। वल्टोहा ने आज अकाल तख्त के सम्मुख पेश होकर अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना की थी।
अक्टूबर 2024 के बयानों पर मांगी माफी
सोमवार को बुलाई गई एक अहम बैठक के दौरान सिंह साहिबान ने वल्टोहा के मामले की समीक्षा की। वल्टोहा ने अक्टूबर 2024 में तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और अन्य तख्तों के जत्थेदारों के खिलाफ विवादित बयानबाजी की थी। इसके अलावा, जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से जुड़ी एक कथित ऑडियो क्लिप (Audio Clip) वायरल करने का भी उन पर आरोप था। आज वल्टोहा ने इन सभी मुद्दों पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए ‘भूल बख्शाई’ है।
सुलह के तहत मिली धार्मिक सजा
विचार-विमर्श के बाद, कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने फैसलों की घोषणा की। उन्होंने पुष्टि की कि वल्टोहा का 10 साल का राजनीतिक प्रतिबंध हटा दिया गया है, लेकिन सुलह प्रक्रिया के हिस्से के रूप में उन्हें ‘तनखाह’ (धार्मिक सजा) सुनाई गई है। अब वल्टोहा को यह धार्मिक सेवा पूरी करनी होगी।
