शिवराज चौहान ने ‘मंजी’ पर बैठकर खाई ‘मक्की की रोटी’, किसानों से की बातचीत- दिया यह संदेश

मोगा, 27 नवंबर, 2025 : केंद्रीय कृषि मंत्री (Union Agriculture Minister) शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने पंजाब के मोगा जिले के गांव रणसिंह कलां का दौरा किया, जहां उनका एक अलग ही ‘देसी अंदाज’ देखने को मिला। उन्होंने किसानों के साथ खाट यानी मंजी पर बैठकर भोजन किया और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना। मंत्री ने गांव में पराली प्रबंधन (Stubble Management) और खेती में किए जा रहे नए प्रयोगों की जमकर तारीफ की और इसे पूरे देश के लिए एक मिसाल बताया।
मंजी’ पर बैठकर खाया पारंपरिक खाना
दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों के साथ एक मंजी पर बैठकर पंजाब का पारंपरिक भोजन साझा किया। उन्होंने ‘मक्की की रोटी और सरसों का साग’ खाया और कहा कि इसे खाकर उनका दिल भर गया है और उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने घर आ गया हूं।”
रणसिंह कलां बना देश के लिए ‘मॉडल’
कृषि मंत्री ने विशेष रूप से रणसिंह कलां गांव की तारीफ की, क्योंकि यहां के किसानों ने पराली जलाना (Stubble Burning) पूरी तरह बंद कर दिया है। 2019 में पंचायत द्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद से 150 किसानों ने 1301 एकड़ में पराली को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाना शुरू कर दिया है। शिवराज सिंह ने कहा, “मैं इस काम को देखना चाहता था और अब मैं रणसिंह कलां से पूरे भारत को यह संदेश देना चाहता हूं कि उत्पादकता को रोके बिना पराली को खाद (Manure) के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।”
गुरुद्वारा साहिब में टेका माथा
अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने स्थानीय गुरुद्वारे (Gurdwara) में अरदास करके की। इसके बाद वह खेतों में गए और कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के अधिकारियों के साथ खेती के तरीकों की समीक्षा की। उन्होंने किसानों से सीधी बिजाई, खाद के कम इस्तेमाल और मनरेगा (MGNREGA) के तहत चल रहे कार्यों पर भी चर्चा की।
