दिल्ली में महिलाओं के लिए खुशखबरी, CM Rekha Gupta ने कर दिया बड़ा ऐलान,

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर, 2025 : दिल्ली में कामकाजी महिलाओं के हक में एक बड़ा और प्रगतिशील फैसला (progressive decision) लिया गया है। राजधानी में अब दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (commercial establishments) में महिलाओं के रात में (9 बजे से सुबह 7 बजे तक) काम करने पर लगी पुरानी पाबंदी को हटा दिया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने आज (शुक्रवार) को इस फैसले की सराहना करते हुए इसे कार्यस्थल पर “लैंगिक समानता” (gender equality) की दिशा में एक लंबे समय से प्रतीक्षित कदम बताया।
CM ने कहा- “हैरान हूं, यह अधिकार पहले क्यों छीना गया”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ANI से बात करते हुए कहा, “मैं यह सोचकर हैरान हूं कि महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक काम करने के अधिकार से वंचित (denied) क्यों रखा गया था। हमने इस (पुराने नियम को) निरस्त (repeal) कर दिया है। अब महिलाएं अपनी सुविधानुसार किसी भी समय काम कर सकती हैं।”
LG ने जारी की अधिसूचना, ये शर्तें होंगी अनिवार्य
यह निर्णय उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) द्वारा जारी एक अधिसूचना (notification) के माध्यम से औपचारिक रूप से लागू किया गया है।
1. इसने ‘दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954’ (Delhi Shops and Establishments Act, 1954) के प्रावधानों में संशोधन (amendment) किया है।
2. इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री ने जुलाई में की थी, जिसे अब श्रम विभाग (Labour Department) ने आधिकारिक तौर पर अधिसूचित (notified) कर दिया है।
हालांकि, यह अनुमति कुछ सख्त शर्तों के साथ दी गई है:
1. जबरदस्ती नहीं: किसी भी महिला कर्मचारी को केवल (exclusively) नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए मजबूर (compelled) नहीं किया जा सकता।
2. सहमति अनिवार्य: किसी भी महिला को नाइट शिफ्ट (night shift) में रखने से पहले उनकी पूर्व लिखित सहमति (prior written consent) लेना अनिवार्य (mandatory) है।
3. सुरक्षित ट्रांसपोर्ट: नियोक्ता (employer) को रात में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को घर से लाने-ले जाने के लिए सुरक्षित परिवहन (safe transportation) की व्यवस्था करनी होगी।
4. सुरक्षा और CCTV: कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था (adequate security) और सीसीटीवी (CCTV) कवरेज अनिवार्य है। (CCTV फुटेज को कम से कम एक महीने तक सुरक्षित रखना होगा)।
5. ICC कमेटी: हर प्रतिष्ठान को ‘यौन उत्पीड़न (POSH) एक्ट, 2013’ के तहत एक ‘आंतरिक शिकायत समिति’ (Internal Complaints Committee – ICC) का गठन करना होगा।
काम के घंटे और ओवरटाईम का नियम
1. काम के घंटे: किसी भी कर्मचारी से एक दिन में 9 घंटे या सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता। साथ ही, 5 घंटे से अधिक लगातार काम (continuous work) कराने पर प्रतिबंध रहेगा (बीच में ब्रेक देना होगा)।
2. ओवरटाइम (Overtime): ओवरटाइम करने पर कर्मचारियों को उनके नियमित वेतन (regular wages) से दोगुना (double) भुगतान करना होगा।
3. छुट्टियों का वेतन: राष्ट्रीय छुट्टियों (national holidays) पर काम करने पर भी दोगुना वेतन और एक अलग से ‘क्षतिपूर्ति अवकाश’ (compensatory leave) देना होगा।
4. अन्य लाभ: नियोक्ता (employer) को सभी कर्मचारियों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF), ESI, बोनस और छुट्टियों (leave benefits) जैसे सभी श्रम कानून (labour laws) लाभ सुनिश्चित करने होंगे।
5. छूट: यह नए नियम शराब की दुकानों (liquor outlets) पर लागू नहीं होंगे।
