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केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक
  • PublishedOctober 15, 2025

केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा का आज बुधवार सुबह केरल के कूथट्टुकुलम में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से आयुर्वेदिक उपचार के लिए भारत आए हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें “भारत के प्रिय मित्र और एक महान नेता” बताया।

ओडिंगा सुबह अपनी नियमित सैर पर निकले थे, जब लगभग 6:30 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत श्रीधरीयम आयुर्वेदिक आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनका पार्थिव शरीर वर्तमान में कूथट्टुकुलम के देवा माता अस्पताल में रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री और मेरे प्रिय मित्र रैला ओडिंगा के निधन से गहरा दुख हुआ। वे एक ऊंचे दर्जे के राजनेता और भारत के सच्चे मित्र थे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुझे उनसे मिलने और करीब से जानने का सौभाग्य मिला था। हमारी मित्रता वर्षों तक बनी रही।”

पीएम मोदी ने कहा कि ओडिंगा को भारत की संस्कृति, मूल्यों और प्राचीन ज्ञान से विशेष लगाव था। उन्होंने भारत-केन्या संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे आयुर्वेद और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के बड़े प्रशंसक थे और अपनी बेटी के स्वास्थ्य सुधार के बाद से इन पद्धतियों में गहरी आस्था रखते थे। रैला ओडिंगा छह दिन पहले अपनी बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ केरल पहुंचे थे। वे आयुर्वेदिक इलाज ले रहे थे और हर दिन सुबह टहलने की आदत का पालन कर रहे थे।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। फिलहाल केन्या दूतावास के अधिकारी केरल सरकार और अस्पताल प्रशासन के साथ मिलकर उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश भेजने की प्रक्रिया का समन्वय कर रहे हैं। रैला ओडिंगा केन्या की राजनीति में चार दशकों से अधिक समय तक एक प्रभावशाली चेहरा रहे। उन्होंने 2008 से 2013 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया और उस दौरान देश में सुलह और संवैधानिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे 2007-08 के चुनावों के बाद हुए हिंसक संघर्ष को समाप्त करने वाले सत्ता-साझेदारी समझौते के मुख्य सूत्रधार थे।

ओडिंगा ‘ऑरेंज डेमोक्रेटिक मूवमेंट’ के प्रमुख और लंबे समय तक विपक्ष के नेता रहे। उन्होंने कई बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा और अपने जोशीले भाषणों तथा जनता से गहरे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। उनकी राजनीतिक यात्रा संघर्ष और सुधार, दोनों का प्रतीक रही। केन्या के लोगों और प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। केन्या सरकार की ओर से औपचारिक बयान जल्द जारी होने की संभावना है।