युवाओं के लिए ‘खुशखबरी’! RPF को लेकर रेल मंत्री ने किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर, 2025 : भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद (Anita Anand) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस साल मई में विदेश मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की एक महत्वपूर्ण कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
PM मोदी से मुलाकात: व्यापार और तकनीक पर जोर
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पीएम मोदी ने अनीता आनंद का स्वागत किया और कहा कि उनकी यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति देगी।
1. G7 बैठक का जिक्र: पीएम मोदी ने जून में कनानास्किस में हुई G7 समिट को याद किया, जहां उनकी मुलाकात कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) से हुई थी।
2. सहयोग के क्षेत्र: पीएम मोदी ने व्यापार (trade), ऊर्जा (energy), तकनीक (technology), कृषि (agriculture) और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों (people-to-people ties) को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक: महत्वाकांक्षी रोडमैप पर बनी सहमति
इससे पहले, अनीता आनंद ने अपने भारतीय समकक्ष, विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक विस्तृत बैठक की।
1. सकारात्मक दृष्टिकोण: जयशंकर ने कहा कि भारत “एक सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने” के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले दो महीनों में दोनों देशों के संबंधों में लगातार प्रगति हुई है।
2. महत्वाकांक्षी रोडमैप: दोनों मंत्रियों ने व्यापार, निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिज (critical minerals), और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई।
3. सुरक्षा संवाद: अनीता आनंद ने सुरक्षा और कानून प्रवर्तन (law enforcement) पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हाल ही में हुई सफल बैठक का जिक्र किया और कहा कि यह बातचीत आगे भी जारी रहेगी।
क्यों खास है यह दौरा?
यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संभावित भूमिका का आरोप लगाने के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। अनीता आनंद की यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और एक नई शुरुआत का संकेत दे रही है।
