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Gaza में क्या रुक जाएगा युद्ध? Trump ने बनाया खास प्लान, PM मोदी ने भी किया स्वागत, पढ़ें क्या है Plan

Gaza में क्या रुक जाएगा युद्ध? Trump ने बनाया खास प्लान, PM मोदी ने भी किया स्वागत, पढ़ें क्या है Plan
  • PublishedSeptember 30, 2025

नई दिल्ली, 30 सितंबर, 2025 : गाजा में लगभग दो साल से चल रहे विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक राजनयिक पहल सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष को रोकने के लिए एक व्यापक 20-सूत्री शांति प्रस्ताव (Peace Plan) पेश किया है, जिसे इजरायल ने अपना समर्थन दे दिया है।

इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम का स्वागत करते हुए, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप की योजना की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। यह योजना न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र के दौरान पेश की गई है और अब सभी की निगाहें हमास के फैसले पर टिकी हैं।

मामला क्या है और यह प्रस्ताव क्यों आया?

यह मामला 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले से शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने से जुड़ा है। इस हमले में 1200 इजरायली मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। जवाब में इजरायल की सैन्य कार्रवाई में अब तक गाजा में 66,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और पूरा क्षेत्र खंडहर में तब्दील हो चुका है। इसी विनाश को रोकने और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह 20-सूत्री योजना पेश की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप के इस कदम का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने लिखा:

“हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा का स्वागत करते हैं। यह फिलिस्तीनी और इजरायली लोगों के साथ-साथ पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक और स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास का एक रास्ता प्रदान करता है। हमें उम्मीद है कि सभी संबंधित पक्ष राष्ट्रपति ट्रंप की पहल के पीछे एकजुट होंगे और इस संघर्ष को समाप्त करने और शांति सुनिश्चित करने के इस प्रयास का समर्थन करेंगे।”

ट्रंप के 20-सूत्री शांति प्रस्ताव के सभी 20 बिंदु

यह योजना गाजा में तत्काल शांति स्थापित करने से लेकर उसके भविष्य के शासन और पुनर्निर्माण तक का एक विस्तृत खाका प्रस्तुत करती है:

1. तत्काल युद्धविराम: दोनों पक्षों द्वारा प्रस्ताव स्वीकार करते ही युद्ध तुरंत रुक जाएगा।

2. बंधकों की रिहाई: योजना स्वीकार होने के 72 घंटों के भीतर हमास सभी जीवित और मृत बंधकों को रिहा करेगा।

3. कैदियों की अदला-बदली: बंधकों की रिहाई के बदले में, इजरायल आजीवन कारावास की सजा काट रहे 250 फिलिस्तीनी कैदियों और 7 अक्टूबर के बाद पकड़े गए 1700 गाजावासियों को रिहा करेगा।

4. गाजा का विसैन्यीकरण: गाजा को एक आतंक-मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा। हमास की सभी सैन्य सुरंगें और हथियार बनाने के ढांचे नष्ट कर दिए जाएंगे।

5. हमास का भविष्य: गाजा के शासन में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी। जो सदस्य शांति स्वीकार करेंगे, उन्हें माफी (Amnesty) दी जाएगी। जो ऐसा नहीं करेंगे, उन्हें देश छोड़ने के लिए सुरक्षित रास्ता मिलेगा।

6. ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन: गाजा के पुनर्निर्माण और शासन की निगरानी के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) नामक एक अंतरराष्ट्रीय संस्था बनाई जाएगी।

7. बोर्ड का नेतृत्व: इस बोर्ड का नेतृत्व खुद डोनाल्ड ट्रंप करेंगे और इसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी शामिल होंगे।

8. अस्थायी सरकार: गाजा का प्रशासन फिलिस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञों की एक गैर-राजनीतिक समिति चलाएगी।

9. कोई स्थायी कब्जा नहीं: इजरायल गाजा पर स्थायी रूप से कब्जा नहीं करेगा और न ही उसका विलय करेगा।

10. कोई जबरन विस्थापन नहीं: गाजा के किसी भी निवासी को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।

11 मानवीय सहायता: समझौते के बाद गाजा में बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता भेजी जाएगी, जिसमें रोजाना कम से कम 600 ट्रक राहत सामग्री शामिल होगी।

12. सहायता का वितरण: राहत सामग्री का वितरण संयुक्त राष्ट्र (UN) और रेड क्रिसेंट (Red Crescent) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं करेंगी।

13. आर्थिक पुनर्निर्माण: गाजा के आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए एक विशेषज्ञ पैनल बनाया जाएगा।

14. विशेष आर्थिक क्षेत्र: गाजा में एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (Special Economic Zone) स्थापित किया जाएगा, जिसमें टैक्स में छूट दी जाएगी।

15. अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल: अमेरिका और सहयोगी देशों की मदद से एक अस्थायी सुरक्षा बल गाजा में तैनात किया जाएगा।

16. चरमपंथ से मुक्ति: गाजा के लोगों को चरमपंथ से दूर करने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

17. कतर की भूमिका: इजरायल कतर पर हमला नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा संकट में कतर की मध्यस्थता की भूमिका को मान्यता देगा।

18. क्षेत्रीय गारंटी: आस-पास के क्षेत्रीय देश यह सुनिश्चित करेंगे कि हमास समझौते का पालन करे।

19. चरणबद्ध कार्यान्वयन: अगर हमास प्रस्ताव को मानने में देरी करता है, तो यह योजना पहले आतंक-मुक्त क्षेत्रों में लागू की जाएगी।

20. स्थायी समाधान का रास्ता: जब गाजा का पुनर्निर्माण पूरा हो जाएगा, तो यह एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का रास्ता खोल सकता है।

अब आगे क्या?

मिस्र और कतर ने यह प्रस्ताव हमास के सामने पेश कर दिया है। हमास ने कहा है कि वह इस पर गंभीरता से विचार करेगा। इजरायल पहले ही इस पर सहमति जता चुका है। अब दुनिया की नजरें हमास के फैसले पर टिकी हैं, जो इस क्षेत्र में शांति के भविष्य का निर्धारण करेगा।