Punjab Vidhan Sabha Session : अमन अरोड़ा ने बाढ़ के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा, कांग्रेस को भी सुनाई खरी-खोटी

चंडीगढ़, 29 सितंबर, 2025 : पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के आखिरी दिन, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बाढ़ के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और पिछली कांग्रेस सरकारों को जमकर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ भेदभाव कर रही है, जबकि पिछली सरकारों ने सिर्फ घोटाले किए।
अमन अरोड़ा ने सदन में कहा, “पिछली सरकारों ने बाढ़ प्रबंधन के लिए क्या किया? सिंचाई घोटाले के अलावा कुछ नहीं किया, जिसे आज तक कोई नहीं भूला है।” उन्होंने दावा किया कि ‘आप’ सरकार ने तीन सालों में ड्रेनों की सफाई करवाई, जबकि पिछली सरकारें इस पर ध्यान नहीं देती थीं।
‘आप’ सरकार ने जमीन पर काम किया
अरोड़ा ने कहा, “हमने 20 अगस्त से ही बाढ़ की तैयारियों को लेकर बैठकें शुरू कर दी थीं। हमारे विधायक और मंत्री जमीन पर उतरकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में काम कर रहे थे। हमने बंबूकार्ट (Bamboocart) पर बैठकर तस्वीरें नहीं खिंचवाईं।”
केंद्र सरकार पर पंजाब विरोधी होने का आरोप
अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पंजाब के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है।
1. चिट्ठियों का जवाब नहीं: उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के हालातों को लेकर केंद्र को दो बार चिट्ठी लिखी, लेकिन केंद्र ने न तो उन पर कोई ध्यान दिया और न ही उनका जवाब दिया।
2. डी-सिल्टिंग की इजाजत नहीं: अरोड़ा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पांच किलोमीटर के दायरे में डी-सिल्टिंग (नदी की तलहटी से गाद निकालना) की इजाजत नहीं होती, इस पर केंद्र को फैसला लेना होता है, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा, “हमारी मांगों और मुद्दों पर केंद्र की चुप्पी यह साबित करती है कि मोदी सरकार पंजाब विरोधी है।” इस बयान के साथ उन्होंने सदन में यह स्पष्ट संदेश दिया कि बाढ़ की तबाही के लिए पिछली सरकारें और केंद्र की नीतियां जिम्मेदार हैं।
