मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 से बच्चों और गर्भवती महिलाओं का पोषण होगा बेहतर

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कहा कि सरकारी पहल ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ का उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के पोषण को मजबूत करना है।
PMO ने X पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के एक लेख की सराहना की, जिसमें इन योजनाओं के तहत पोषण कार्यक्रमों और उनकी उपलब्धियों का विवरण दिया गया है।
लेख में बताया गया है कि यह कार्यक्रम बच्चों, किशोरियों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए पोषण सामग्री और वितरण के तरीके में सुधार ला रहा है। इसके साथ ही एक समन्वित (convergent) प्रणाली बनाई गई है, जो स्वास्थ्य, कल्याण और रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) को बढ़ावा देती है।
PMO ने कहा, “मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 बच्चों, किशोरियों और गर्भवती माताओं के पोषण को सुधारने की एक महत्वपूर्ण पहल है।”
अन्नपूर्णा देवी ने लेख में बताया कि देशभर में 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र लगभग 10 करोड़ लाभार्थियों को सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ‘एक बार में एक भोजन’ के सिद्धांत पर काम कर रहा है और 8 करोड़ से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के जरिए भारत के भविष्य को मजबूत बना रहा है।
पोषण 2.0 का उद्देश्य देश की मानव पूंजी (human capital) का विकास करना, कुपोषण की चुनौतियों को हल करना, पोषण जागरूकता और अच्छे खाने की आदतों को बढ़ावा देना और पोषण से जुड़ी कमियों को दूर करना है।
