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Breaking : देर रात फिर फटा बादल! 6 मकान दबे, 7 लोग लापता, पढ़ें कहां मची तबाही

Breaking : देर रात फिर फटा बादल! 6 मकान दबे, 7 लोग लापता, पढ़ें कहां मची तबाही
  • PublishedSeptember 18, 2025

देहरादून, 18 सितंबर, 2025 : उत्तराखंड में मानसून की वापसी से पहले मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देहरादून में हुई भारी तबाही के 48 घंटे भी नहीं बीते थे कि अब चमोली जिले में बादल फटने (Cloudburst) की घटना ने एक बार फिर भयानक मंजर पेश किया है। बुधवार देर रात चमोली के नंदानगर घाट क्षेत्र में दो जगहों पर बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस आपदा में 6 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 7 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

यह नई आपदा ऐसे समय में आई है जब राज्य पहले से ही देहरादून और अन्य जिलों में हुई भारी बारिश और भूस्खलन से जूझ रहा है। मंगलवार को हुई घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अब भी लापता हैं। राज्य भर में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम ने चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

चमोली में बादल फटने की ताजा घटना ने प्रशासन को एक बार फिर अलर्ट मोड पर ला दिया है। SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और बचाव कार्य में जुटी हैं। मौसम विभाग ने अगले 20 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है, जिससे भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।

चमोली में देर रात बरपा कहर

चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी के अनुसार, बुधवार रात नंदानगर के कुन्तरि लगाफाली वार्ड और धुर्मा गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ।

1. कुन्तरि लगाफाली: यहां मलबे में 6 मकान पूरी तरह दब गए, जिसमें 7 लोग लापता हो गए। बचाव दलों ने 2 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

2. धुर्मा गांव: यहां भी कई घर, दुकानें और गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गईं। हालांकि, यहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन मोक्ष नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है।

सूचना मिलते ही SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्वास्थ्य विभाग ने भी मेडिकल टीम और तीन एम्बुलेंस मौके पर भेजी हैं। खराब मौसम के कारण बचाव कार्यों में काफी मुश्किलें आ रही हैं।

देहरादून में भी नहीं थमी तबाही

इससे पहले मंगलवार को देहरादून में हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने से भारी तबाही हुई थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई।

1. टोंस नदी का रौद्र रूप: विकासनगर इलाके में टोंस नदी के उफान में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बह गई, जिसमें सवार 6 लोगों की मौत हो गई और 4 अब भी लापता हैं।

2. जलमग्न हुए मंदिर-सड़कें: प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर का परिसर पानी में डूब गया। देहरादून-मसूरी मार्ग समेत 10 से ज्यादा सड़कें और 5 पुल पूरी तरह बह गए।

सरकार का एक्शन और राहत कार्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

1. बचाव अभियान (Rescue Operation): राज्य भर में अब तक लगभग 1,000 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

2. मरम्मत कार्य: CM धामी ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों और बिजली लाइनों को ठीक करना सरकार की प्राथमिकता है। अब तक 85% बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

3. स्कूल बंद: देहरादून जिले में आज (गुरुवार) सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

उत्तराखंड इस समय दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ देहरादून और अन्य जिलों में हुई तबाही से उबरने की कोशिश जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ चमोली की नई आपदा ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन के सामने लोगों को सुरक्षित रखना और राहत पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। सरकार ने हर प्रभावित परिवार को मदद का भरोसा दिया है, लेकिन प्रकृति के इस रौद्र रूप के आगे पूरा तंत्र बेबस नजर आ रहा है।