करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोले केंद्र सरकार, MP Randhawa ने Amit Shah को लिखी चिट्ठी

नई दिल्ली, 17 सितंबर, 2025 : पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के लिए सिख जत्थों और करतारपुर साहिब कॉरिडोर को बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder Singh Randhawa) ने इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को एक चिट्ठी लिखकर सरकार के फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने इस फैसले को दुनिया भर के सिखों की भावनाओं को “गहरी चोट” पहुंचाने वाला बताया है।
“पुराने घाव फिर से हरे हो गए”
रंधावा ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के सबसे पवित्र अवसर पर नवंबर में पाकिस्तान जाने वाले सिख जत्थे पर रोक लगाने का फैसला बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा, “गुरदासपुर के लोगों के लिए यह फैसला एक पुराने घाव को फिर से कुरेदने जैसा है, जिन्होंने नम आंखों से अपने बुजुर्गों को बिना वीजा के श्री करतारपुर साहिब में नतमस्तक होते देखा है। अब इस दरवाजे को बंद करना बेहद पीड़ादायक है।”
क्रिकेट और आस्था की तुलना
रंधावा ने सरकार के दोहरे मापदंड पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भारत सरकार विदेशों में पाकिस्तान के खिलाफ हाई-प्रोफाइल क्रिकेट मैच (High-Profile Cricket Match) आयोजित करा सकती है, तो वह शांतिपूर्ण तीर्थयात्रियों के लिए दर्शन की व्यवस्था क्यों नहीं कर सकती? उन्होंने लिखा:
“क्रिकेट एक खेल है; तीर्थयात्रा आस्था है। हमारे लिए यह मनोरंजन नहीं, बल्कि मर्यादा है। आम श्रद्धालु के लिए इसका क्या मतलब है: कि सुरक्षा के नाम पर, ननकाना साहिब या पंजा साहिब में मत्था टेकने वाला एक सिख, वैश्विक मंच पर होने वाले व्यावसायिक तमाशे से ज़्यादा जोखिम भरा है।”
उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या सरकार कभी हिंदू नागरिकों को कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर जाने से रोकेगी, या भारतीय मुसलमानों को हज या उमरा के लिए वीजा देने से मना करेगी?
रंधावा ने रखी ये प्रमुख मांगें
सांसद रंधावा ने राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी का सम्मान करते हुए, आस्था पर पूर्ण प्रतिबंध के बजाय बेहतर नियमन (Smarter Regulation) का सुझाव दिया है। उन्होंने गृह मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा:
1. जत्थे पर लगी रोक हटाएं: नवंबर में जाने वाले सिख जत्थे पर रोक लगाने वाले 12 सितंबर के आदेश को तुरंत वापस लिया जाए।
2. करतारपुर कॉरिडोर खोलें: कॉरिडोर को जल्द से जल्द खोलने की तारीख की घोषणा की जाए और सुरक्षा के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाए।
3. समीक्षा बैठक बुलाएं: अगले एक सप्ताह के भीतर गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पंजाब सरकार और SGPC के प्रतिनिधियों के साथ एक संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की जाए।
रंधावा ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedoms) और भारत की अनेकता में एकता की छवि को बनाए रखने के लिए है।
