उत्तराखंड : संकट की घड़ी में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरूस्त करने के निर्देश, सीएम धामी की अधिकारियों संग बैठक

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराकाशी में बादल फटने की घटना को लेकर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दिए, ताकि अगर किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति पैदा हो, तो उससे कुशलतापूर्वक निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकर्मियों को ड्यूटी पर लगाने के निर्देश दिए। इसके इतर तीन मनोचिकित्सक भी धराली भेजे गए हैं, ताकि इस हादसे से प्रभावित हुए लोगों की मानसिक स्थिति का भी उपचार किया जा सके।
सीएम धामी ने इसकी जानकारी देते हुए एक्स हैंडल पर कहा कि उत्तरकाशी स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की एवं उन्हें राहत कार्यों को तीव्र गति से संचालित करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में रेस्क्यू एवं मेडिकल कैंप्स की स्थापना कर दी गई है एवं प्रभावितों के लिए भोजन एवं आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने आगे कहा, “सड़कों को खोलने, मोबाइल कनेक्टिविटी बहाल करने तथा राशन व आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। भारतीय वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार हैं, ताकि आवश्यकतानुसार शीघ्रतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। हमारी सरकार राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक पीड़ित तक सहायता पहुंचाने हेतु प्रतिबद्ध है।”
वहीं, इस बैठक के संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं ताकि आपदाग्रस्त क्षेत्र से लाए गए घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
उन्होंने बताया कि आपदा से प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष तौर पर तीन मनोचिकित्सकों को धराली क्षेत्र में तैनात किया है ताकि जरूरतमंदों को तत्काल काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सके। उन्होंने बताया कि इन डॉक्टरों की टीम स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय से काम करेगी और राहत शिविरों में जाकर लोगों से संवाद भी करेगी।
स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) और आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा को भी चौबीसों घंटे एक्टिव मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, यह एक संवेदनशील समय है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति इलाज से वंचित न रह जाए। स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
सीएम धामी ने इसकी जानकारी देते हुए एक्स हैंडल पर कहा कि उत्तरकाशी स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की एवं उन्हें राहत कार्यों को तीव्र गति से संचालित करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में रेस्क्यू एवं मेडिकल कैंप्स की स्थापना कर दी गई है एवं प्रभावितों के लिए भोजन एवं आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
आपको बता दें, इससे पहले, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदाग्रस्त इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया। इसका वीडियो भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर साझा किया। इसमें वो अपने हेलीकॉप्टर से आपदाग्रस्त इलाके का सर्वेक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, बादल फटने की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज सुबह मुख्यमंत्री धामी से फोन पर बात की थी और वहां की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई थी। इस बारे में मुख्यमंत्री ने खुद अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी।
