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नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष सामान्य मानसून रहने की भविष्यवाणी की है, लेकिन जलवायु परिवर्तन और कम जल भंडारण के प्रभाव के चलते बारिश में अलग-अलग जगहों पर स्थिति बदल सकती है।आईएमडी ने पिछले महीने भविष्यवाणी की थी कि इस वर्ष 96 फीसद बारिश के साथ मानसून सामान्य रहेगा। हालांकि, स्काईमेट वेदर के मुताबिक, मानसून 93 फीसद तक सामान्य से नीचे रहने की संभावना थी।स्काईमेट वेदर के अनुसार, अल नीनो का प्रभाव जून और जुलाई में अधिक होगा, लेकिन अगस्त और सितंबर तक इसमें गिरावट आएगी। आईएमडी ने 'अधिक' बारिश की दो फीसद संभावना और 'सामान्य से ऊपर' बारिश की 10 फीसद की भविष्यवाणी की है, स्काईमेट ने दोनों के शून्य फीसद संभावना की भविष्यवाणी की है।अल नीनो क्लाइमेट पैटर्न का एक हिस्सा है यह तब होता है जब प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान आगे की अवधि के लिए सामान्य स्तर से अधिक हो जाता है। यह पूरे विश्व में तापमान और वर्षा को प्रभावित करता है।जल संसाधन मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश भर के 91 प्रमुख जलाशयों में स्टोरेज लेवल में एक फीसद की गिरावट आई है। 2 मई को सप्ताह के खत्म होने के पर इन जलाशयों में उपलब्ध पानी 40.592 बीसीएम (अरब घन मीटर) था, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 25 फीसद है।स्‍काईमेट के अनुमान के अनुसार, प्रशांत महासगर में गर्माहट सामान्‍य से ज्‍यादा है। इसके चलते मार्च से मई के बीच अल-नीनो का असर 80 फीसद तक रह सकता है। वहीं, जून से अगस्‍त के बीच इसमें गिरावट आने और इसके 60 फीसद तक पहुंचने की थोड़ी संभावना है। इसका मतलब यह हुआ कि इस साल पूरे मानसून सीजन में अल नीनो का असर बरकरार रहेगा, जिसके चलते कम बारिश होगी।मौसम विभाग के मुताबिक देश भर में एक मार्च से 24 अप्रैल के बीच 59.6 मिलीमीटर की सामान्य वर्षा के मुकाबले सिर्फ 43.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। यह दीर्घकालीन औसत (एलपीए) का 27 फीसदी कम है।

 

भोपाल। अवधपुरी में घर में घुसकर सीआईडी के डीएसपी जीएल अहिरवाल की गोली मारकर हत्या करने के मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस ने इस हत्‍याकांड के मुख्य आरोपी हिमांशु प्रताप सिंह (26) को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में हिमांशु के तीन दोस्तों भी गिरफ्तार किए गए हैं। उन्‍हें साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा बरामद किया गया है।पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में खुलासा हुआ है कि ए-196,अवधपुरी निवासी डीएसपी अहिरवाल और हिमांशु की मां के बीच मधुर संबंध थे। दोनों मोबाइल पर बात करते थे और आपस में मैसेज भी शेयर करते थे। हिमांशु ने बुधवार को मां के मोबाइल फोन में कुछ आपत्तिजनक मैसेज देखे जिसके बाद उसका गुस्‍सा सातवें आसमान पर था। पहले तो उसने अपनी मां की पिटाई की और इसके बाद बाद अवधपुरी पहुंचकर अवैध संबंधों के शक में डीएसपी मौत के घाट उतार दिया।एसपी साउथ संपत उपाध्याय के मुताबिक, डीएसपी जीएल अहिरवाल बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे हत्‍या करने के बाद नेहरू नगर पुलिस लाइन का रहने वाला हिमांशु अपनी बिना नंबर की सफेद कलर की कार से फरार हो गया था। पुलिस उसे शिद्दत के साथ तलाश रही थी। उसकी तलाश के लिए तीन टीमें गठित की गई थीं। बचने की लाख कोशिशों के बावजूद बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात हिमांशु को विदिशा पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया।एएसपी संजय साहू ने बताया कि हिमांशु की 20 दिन पहले खरीदी गई कार भी जब्‍त कर ली गई है। इस कार का रजिस्ट्रेशन नंबर अभी जारी नहीं हुआ है। हिमांशु ने हत्‍या करने के बाद अपने तीन दोस्तों को मिनाल रेसीडेंसी कॉलोनी के पास फोन करके बुलाया था। उसने अपने दोस्‍तों को हत्‍या के बारे में जानकारी दी और हत्या में इस्मेमाल 315 बोर का कट्टा ठिकाने लगाने के लिए दे दिया था। पुलिस ने डिपो चौराहा के पास रहने वाले हिमांशु के तीनों दोस्‍तों चैतन्य शर्मा (28), शक्तिनगर निवासी अनिल राजपूत (25) और सुभाष कॉलोनी निवासी सूरज यादव (20) को गिरफ्तार कर लिया है।हिमांशु ने खुलासा किया है कि उसने जबलपुर में रहने वाली अपनी गर्ल फ्रेंड को फोन पर इस वारदात के बारे में बताया था। वह विदिशा से होते हुए जबलपुर फ‍िर रीवा भागना चाहता था। उसके खिलाफ गोविंदपुरा थाने में एक चाकूबाजी की घटना को लेकर भी केस दर्ज है। यही नहीं पांच साल पहले सीआईडी अधिकारी बनकर ट्रक चालकों से वसूली के मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है।

नई दिल्ली। समुद्र से उठने वाला तूफान जब विकराल रूप धारण कर लेता है तो वह इंसानों के लिए भी खतरनाक हो जाता है। समुद्र से उठने के कारण इन तूफानी हवाओं में भरपूर नमी होती है, जो जमीन पर आते ही मूसलाधार बारिश करता है। सैकड़ों किमी की रफ्तार से चलने वाली हवाएं अपने रास्ते में पड़ने वाली हर चीज को उखाड़ फेंकने को आतुर रहती हैं। फानी भी ऐसा ही समुद्री तूफान है, जिसने भारत के पूर्वी तट पर दस्तक दी है।Fani के ओडिशा तट पर टकराने के साथ ही यहां मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हवाओं की रफ्तार ढाई सौ किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। हालांकि आंध्र प्रदेश से अब फानी का खतरा टल गया है, लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड में अब भी इसका खतरा बना हुआ है।Fani तूफान के चलते हजारों-लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है और एनडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव कार्य के लिए कमर कसे हुई हैं। अगर आपने आज तक किसी चक्रवाती तूफान का सामना नहीं किया है तो समझ लीजिए कि आप भाग्यशाली हैं।

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने 17वीं लोकसभा की तैयारियों को लेकर संसद के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोअर हाउस(Loksabha) अब उनके जीवन का हिस्सा बन गया है। बता दें कि आठ बार की लोकसभा सांसद महाजन ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह अब निचले सदन का चुनाव नहीं लड़ना चाहतीं। फिलहाल 17वीं लोकसभा की समीक्षा बैठक करने के बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 17 वीं लोकसभा के लिए तैयारी शुरू हो गई है।मीडिया से बात करते हुए महाजन ने कहा कि पहली बार चुने गए सांसदों को रूल बुक और संविधान की किताबें दी जाएंगी। उन्होंने कहा, 'सांसदों के लिए रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर अलग से रिसेप्शन स्थापित किया जाएगा'। संसद भवन में 24 घंटे का सुविधा केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। वहीं उन्होंने बताया कि अस्थायी व्यवस्था के समय में, लगभग 100 कमरे पश्चिमी न्यायालय में उपलब्ध कराए जाएंगे और कोई भी होटल में नहीं रहेगा।उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में सांसदों के लिए स्थायी आवास की व्यवस्था होने तक 200 कमरे राजकीय घरों में बुक किए जाएंगे। गौरतलब है कि जब महाजन से अब उनके लोकसभा का हिस्सा ना रहने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन दशकों से लोकसभा की सदस्य हैं, यह अब उनके जीवन का हिस्सा बन गया है।अभी फिलहाल देश में 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव हो रहे हैं। यह चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं, जिसमें पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को हो चुकी है और 19 मई को आखिरी चरण की वोटिंग होनी है। इसके बाद 23 मई को चुनावी नतीजों का एलान होगा। 16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को खत्म हो रहा है और इससे पहले ही देश अपना नया प्रधानमंत्री चुन लेगा।गौरतलब है कि इस बार लोकसभा स्पीकर और सांसद सुमित्रा महाजन ने लोकसभा चुनाव लड़ने से साफ इनकार कर दिया था। कहा जा रहा था कि वो इंदौर सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगी लेकिन भाजपा की इंदौर सीट पर संशय की स्थिति को देखते हुए उन्होनें चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। उन्होंने पार्टी को एक पत्र लिख कहा था कि मैं खुद ये घोषणा करती हूं कि मुझे अब लोकसभा का चुनाव लड़ना ही नहीं है।उन्होने अपने पत्र में लिखा, 'हो सकता है कि पार्टी को निर्णय लेने में कुछ संकोच हो। मैंने इस बारे में बहुत पहले ही पार्टी के वरिष्ठों से चर्चा कर उन्हीं पर निर्णय छोड़ दिया था। लगता है कि अभी उन लोगों के मन में कुछ असमंजस है। इसलिए मैं खुद ये घोषणा करती हूं कि मुझे अब लोकसभा का चुनाव लड़ना ही नहीं है। पार्टी अब अपना निर्णय खुलकर ले सकती है। सुमित्रा महाजन की इस घोषणा के बाद अभी असमंजस है कि भाजपा इंदौर सीट से किसे चुनावी मैदान में उतारेगी'।

 

नई दिल्ली। सोने के प्रति भारतीयों का अनुराग किसी से छिपा नहीं है। इस कीमती धातु को खरीदने के लिए साल भर जिस पवित्र मौके की हम सब बाट जोहते हैं, वह आ चुका है। इस खास तिथि पर रिकॉर्ड बिक्री के लिए कई स्कीमों के साथ सोना कारोबारी भी तैयार हैं।सात मई को अक्षय तृतीया है। सनातन धर्म में वैशाख शुक्ल तृतीया का मान अक्षय तृतीया के रूप में है। तृतीया तिथि छह-सात मई की भोर 3.22 बजे लग रही है जो सात -आठ मई की भोर 2.20 बजे तक रहेगी। इस बार यह तिथि बेहद शुभ संयोग संजोए है। स्थिर योग इसे बेहद खास बना रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार अक्षय तृतीया व स्थिर योग के संयोग से तिथि विशेष में व्रत-पर्व-दान और भी पुण्य फलदायी होगा।
मिलता है अक्षय पुण्य:-मान्यता है कि इस तिथि में दान,स्नान होम-जप आदि कर्मों का फल अक्षय होता है। अक्षय पुण्य की दृष्टि से ही इस तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन स्वर्ण खरीदने पर वह भी अक्षय हो जाता है। स्वर्ण खरीदारी का शुभ समय दोपहर 12.20 बजे से 2.24 बजे तक है। वैसे इस दिन कभी भी खरीदारी की जा सकती है।
सोना खरीदने का है विधान;-अक्षय तृतीया के दिन सोना अथवा चांदी के आभूषण खरीदने का विधान है। कई लोग घर में बरकत के लिए इस दिन सोने या चांदी की लक्ष्मी की चरण पादुका लाकर घर में रखते और उसकी नियमित पूजा करते हैं। साथ ही इस दिन पितरों की प्रसन्नता और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए किसी ब्राह्मण को जल कलश, पंखा, खड़ाऊं, छाता, सत्तू, ककड़ी, खरबूजा, फल, शक्कर, घी आदि दान करने चाहिए। चूंकि कन्या दान सभी दानों में महत्वपूर्ण बताया गया है, इसलिए इस दिन लोग शादी-विवाह का विशेष आयोजन करते हैं।
होती है अक्षय समृद्धि;-उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद शंकर व्यास बताते हैं कि अक्षय तृतीया खरीदी के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त है। इस दिन सोना, चांदी, वस्त्र और बर्तन खरीदने का विशेष महत्व है। इस बार रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि का चंद्रमा मुहूर्त को और विशेषता प्रदान कर रहा है। इस दिन दान का भी बहुत महत्व है इसलिए कई लोगकन्यादान के लिए भी अक्षय तृतीया का दिन चुनते हैं। दान के लिए भी इस दिन खरीदी करना श्रेष्ठ माना गया है। अखंड समृद्धि मिलती है। ज्योतिषाचार्य अमर डब्बावाला के अनुसार अक्षय तृतीया पर खरीदी को लेकर किसी शास्त्र में कोई विशेष बात नहीं की गई है। मगर यह मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदी अखंड समृद्धि प्रदान करती है।
भाग्य वृद्धि का सूचक;-हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य पंडित शक्तिधर शर्मा शास्त्री के अनुसार अक्षय तृतीया को अक्षय तीज नाम से भी जाना जाता है। इसे भगवान विष्णु का दिन माना गया है। वैदिक ग्रंथ एवं पुराणों के अनुसार त्रेता युग का आरंभ अक्षय तृतीया के दिन से ही हुआ था। ज्योतिषाचार्य शर्मा बताते हैं कि अक्षय तृतीया को भाग्य में वृद्धि का सूचक भी माना गया है। इसीलिए इस दिन लोग सोना, स्वर्ण आभूषण और स्वर्ण मुद्राएं खरीदते हैं, ताकि उनकी समृद्धि आने वाले सालों में भी बनी रहे। लोगों का विश्वास है कि इस दिन खरीदे गए सोने पर पाप ग्रह की दृष्टि नहीं पड़ती।
16 साल बाद अदभुत संयोग:-जालंधर के ज्योतिषाचार्य पंडित आदित्य प्रसाद शुक्ला के मुताबिक माह भर तिथियों का घटना-बढना लगा रहता है जबकि, अक्षय तृतीया पर सूर्य व चंद्र दोनों एक ही राशि में अपने चरम बिंदु पर होते हैं, जिससे इस दिन किए गए शुभ कार्य, खरीदारी, दान व पूजा का महत्व बढ़ जाता है। श्री हरि दर्शन मंदिर अशोक नगर के प्रमुख पुजारी पंडित प्रमोद शास्त्री बताते हैं कि अक्षय तृतीया पर इस बार 16 वर्ष बाद सूर्य, शुक्र, राहु व चंद्र उच्च राशि वृष में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही इसी दिन भगवान परशुराम का अवतार दिवस तथा त्रेता युग की शुरुआत का संयोग भी बन रहा है। ऐसा वर्ष संयोग वर्ष 2003 में बना था।

भुवनेश्वर। ओडिशा में फानी तूफान ने दस्तक दे दी है। इसके साथ आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी इस तूफान का बड़ा असर पड़ा है। तूफान की गंभीरता को देखते हुए पहले ही 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा चुका है। इस कारण कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है और बड़े पैमाने पर संचार सेवाएं बाधित हुई हैं। इस तूफान की रफ्तार औसतन 180-200 किलोमीटर प्रति घंटा है। ओडिशा के पुरी में फेनी की अधिकतम रफ्तार 245 किमी प्रति घंटा है। पुरी के तटों से भूस्खलन शुरू हो गया है। इस कारण ओडिशा में भारी बारिश हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 10 हजार गांव और 52 शहर इस भयानक तूफान के रास्ते में आएंगे। 20 साल में पहली बार इतना भयानक तूफान आया है।इधर, वायुसेना, थलसेना और NDRF की टीमें अलर्ट पर हैं। एनडीआरएफ की 54, ओडिशा डिजास्टर मैनेजमेंट रैपिड ऐक्शन फोर्स की 20 यूनिट और फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट के 525 लोग रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है। कोस्‍ट गार्ड के 8 दस्‍ते तैनात किए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की 302 रैपिड रिस्‍पांस फोर्स टीम तैनात की गई हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुटि्टयां रद्द कर दी गई हैं। स्‍कूलों और इसके अलावा नौसेना के 2 जहाज और 4 चीता हेलीकॉप्‍टर तैनात किए गए हैं। फानी से निपटने के लिए 13 नेवी एयरक्राफ्ट विशाखापत्तनम में तैयार खड़े हैं, जिससे समय रहते क्षति का आकलन और राहत कार्य पूरा हो सके। ओडिशा की तरफ जाने वाली करीब 223 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। शनिवार को यह तूफान पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर सकता है। पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने दो दिन के लिए चुनाव प्रचार स्‍थगित कर दिया है। वह दो दिन खड़गपुर में ही रहेंगी। मौसम विभाग ने ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। प्रदेश में तट पर और उसके पास समुद्र में स्थिति बेहद खराब हो सकती है।
कच्चे मकान और कमजार इमारत हो सकती हैं तबाह:-मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस तूफान से झोपड़ियां और कच्चे मकान बर्बाद हो सकती हैं। सड़कें और फसलों को नुकसान हो सकता है। बिजली के खंभे गिरने और तूफान की वजह से उड़ने वाली वस्तुओं से भी खतरा बना हुआ है। खुर्दा, कटक, जाजपुर, भद्रक और बालासोर जिलों से होते हुए तूफान उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके बाद पश्‍चिम बंगाल और फिर बांग्लादेश की ओर मुड़ जाएगा।
पीएम मोदी ने अफसरों के साथ बैठक:-गृह मंत्रालय ने बताया कि पीएम मोदी ने फेनी तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक की। इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के आधिकारी ने बताया कि 1999 के सुपर साइक्लोन के बाद यह पहली बार होगा, जब राज्य इतने भीषण तूफान का सामना करेगा।
सुपर साइक्लोन में हुई थी 10 हजार लोगों की मौत:-1999 में आए सुपर साइक्लोन में 10 हजार लोगों की जान चली गई थी। उस तूफान की रफ्तार 270-300 किलोमीटर प्रति घंटा थी। वहीं, फानी तूफान करीब 4-6 घंटे तक बेहद भीषण बना रहेगा। इसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर होगा। इस दौरान समुद्र में 1.5 से 2 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिसकी वजह से गंजम, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्‍पन्‍न हो सकती है।
कोलकाता हवाईअड्डे को किया गया बंद:-तूफान को देखते हुए बड़े पैमाने पर हुए ऑपरेशन में गुरुवार शाम सात बजे तक लगभग 8 लाख लोगों को निचले इलाकों से निकाला गया। तटीय जिलों में रेल, सड़क और हवाई यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। गुरुवार मध्यरात्रि से बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें 24 घंटे के लिए रोक दी गई हैं। कोलकाता एयरपोर्ट भी शुक्रवार रात से शनिवार शाम 6 बजे तक बंद रहेगा।
चुनाव आयोग ने हटाई आचार संहिता:-उधर, चुनाव आयोग ने बचाव और राहत कार्यों की सुविधा के लिए 11 जिलों से आदर्श आचार संहिता हटा ली है। इसके अलावा आयोग ने गजपति और जगतसिंहपुर जिलों के चार विधानसभा क्षेत्रों के इवीएम को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने को भी मंजूरी दे दी है।
घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील:-राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि घरों में रहें और तूफान गुजरने तक बाहर न निकलें। सभी शैक्षणिक संस्थान, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, दुकानें और कार्यालय शुक्रवार सुबह बंद रहेंगे। गाड़ियों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से न घबराने की अपील करते हुए कहा है कि राज्य सरकार तूफान से निपटने के लिए तैयार है। प्रत्येक जीवन हमारे लिए अनमोल है।'
मुख्यमंत्री ने की अधिकारियों के साथ कई बैठकें:-मुख्यमंत्री पटनायक ने डीएमों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और राज्य की तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने टेलिकॉम ऑपरेटर्स शीर्ष अधिकारियों से आपदा के बाद टेलिकम्युनिकेशन लाइनों की तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है।
तूफान में फंसे पर्यटकों के लिए बसों का संचालन:-दक्षिण बंगाल में भी तूफान का असर देखा जा सकता है। तूफान में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम (SBSTC) ने दीघा से 50 बसों का संचालन शुरू किया है। सुबह पांच बजे से ही पर्यटकों को निकालने के लिए बसों का संचालन शुरू कर दिया था। रेल सेवाओं भी बाधित हो गई है। ईस्ट कोस्ट रेलवे ने आज 10 ट्रेनों को और रद कर दिया है। बता दें कि रेलवे ने इसके पहले 1 से 3 मई तक कुल 147 ट्रेनों को रद किया था।
कैसे पड़ा फानी नाम?:-यह नाम बांग्लादेश की ओर से दिया गया है। बता दें कि पहले विश्‍व मौसम विज्ञान संगठन की ओर से नाम तय किए जाते थे, लेकिन साल 2004 से भारत में भी तूफान का नाम देने का चलन शुरू हुआ। हालांकि भारत अकेला किसी तूफान का नाम नहीं देता है। भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, ओमान और थाइलैंड आठ देश मिलकर तूफान का नाम रखते हैं। अब इन देशों में आने वाले तूफान का अलग-अलग देश नाम रखते हैं।इन आठ देशों ने 64 नाम तय कर लिए हैं, जिसमें से क्रमवार एक तूफान का नाम तय कर लिया जाता है। पिछली बार 'तितली' तूफान का नाम पाकिस्तान ने रखा था। बताया जाता है कि भारत ने 'अग्नि', 'बिजली', 'मेघ', 'सागर' और 'आकाश' जैसे नाम दिए हैं जबकि पाकिस्तान ने 'निलोफर', 'बुलबुल' और 'तितली' जैसे नाम सुझाए हैं। अब इन नामों में से ही तूफान का नाम रखा जाता है और इस बार बांग्लादेश का क्रम था तो इस तूफान का नाम फानी रखा गया।
फानी का मतलब?:-फानी एक बांग्ला शब्द है और यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। फानी शब्द का इस्तेमाल विध्वंस या नाशवान के रूप में किया जाता है। वैसे इसका शाब्दिक अर्थ 'सांप का फन' है। कई लोगों इसे 'फोनी' के रूप में भी इसका उच्चारण करते हैं।

नई दिल्ली। फानी (Cyclone Fani) के खतरे के देखते हुए एयरपोर्ट ऑथिरटी ऑफ इंडिया ने कोलकाता हवाई अड्डे से सभी उड़ानों को रद कर दिया है। इस दौरान कोलकाता एयरपोर्ट से शुक्रवार 3 बजे शनिवार सुबह 8 बजे तक किसी उड़ान का संचालन नहीं किया जाएगा। बता दें कि चक्रवाती तूफान फानी ओडिशा के तटीय इलाकों से टकराने के साथ ही शुक्रवार सुबह से काफी तबाही मचा रहा है। भुवनेश्वर में अभी तक 160 मिली लीटर बारिश हो चुकी है।जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय नेवी के पी-8I और डॉर्नियर को दोपहर में फोनी के असर और उसके कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए भेजा जाएगा। भुवनेश्वर में अभी तक 160 मिली लीटर बारिश हो चुकी है। कहा जा रहा है कि दक्षिण बंगाल में भी तूफान का असर देखा जा सकता है। यहां कई पर्यटक बुरी तरह फंस गए है। तूफान में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम (SBSTC) ने दीघा से 50 बसों का संचालन शुरू किया है। सुबह पांच बजे से ही पर्यटकों को निकालने के लिए बसों का संचालन शुरू कर दिया था। आपदा प्रबंधन की टीम तूफान से निपटने के लिए तैयार है। फानी की वजह से रेल, सड़क और हवाई यातायात पर प्रभाव पड़ा है। जानकारी के लिए बता दें कि 100 से ज्यादा ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है।
जानें कैसे पड़ा इस तूफान का नाम फानी:-चक्रवाती तूफान का नाम फानी बंग्लादेश की ओर से दिया गया है। इससे पहले तक विश्‍व मौसम विज्ञान संगठन की ओर से नाम तय किए जाते थे, लेकिन साल 2004 से भारत में भी तूफान का नाम देने का चलन शुरू हुआ।फानी एक बांग्ला शब्द है और यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। फानी शब्द का इस्तेमाल विध्वंस या नाशवान के रुप में किया जाता है। हालांकि, इसका शाब्दिक अर्थ 'सांप का फन' है

 

 

 

 

नई दिल्‍ली। जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने में 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले ने 'ताबूत में कील का काम' किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि पुलवामा हमले के बाद ही संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर (Masood Azhar) को सूचीबद्ध करने की पूरी प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस बारे में UNSC ने कड़ा बयान जारी किया है जिससे यह पुष्टि हुई है। बयान में कहा गया है कि इस मामले में पुलवामा लिंक बहुत साफ है। पूरी प्रक्रिया तथ्‍यों और सबूतों पर आधारित रही। पुलवामा हमले की स्थिति मसूद अजहर के खिलाफ पर्याप्‍त सबूत उपलब्‍ध कराने वाली रही।भारत में फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंड्रे जिग्लर ने कहा कि हमने साल 2011, 2016 और 2017 में मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्‍ताव का समर्थन किया था। पुलवामा हमले के बाद हमने पहल की। यहां तक कि संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के अध्‍यक्ष ने बयान जारी किया था कि हमले के गुनहगार को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर मंजूरी दी जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद सभी सदस्‍य देश सर्वसम्‍मति पर पहुंचे हैं। बता दें कि संसद, पठानकोट और पुलवामा जैसे हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित हुआ था। भारत पिछले एक दशक से अजहर के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रतिबंध घोषित कराने में जुटा था। मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के प्रस्‍ताव पर इस बार चीन अपने वीटो पावर का इस्‍तेमाल नहीं करते हुए इसका समर्थन किया था। संयुक्त राष्ट्र की तरफ से अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के लिए एक विशेष समिति बना रखी है जिसे 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के नाम से जाना जाता है। इस समिति के तहत घोषित आतंकियों को किसी भी देश में शरण पाना और फंड जुटाना मुश्किल होता है। इस कदम के साथ ही अब मसूद अजहर के नाम से जुड़े हर बैंक खाते और संपत्तियों को जब्त कर लिया जाएगा।

 

 

 

नई दिल्ली। निजी उपभोग, फिक्स्ड इनवेस्टमेंट की सुस्त रफ्तार और निर्यात के कमजोर आंकड़ों के कारण वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती रह सकती है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट में कही गई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ), जिसने तीसरी तिमाही के लिए राष्ट्रीय खाता डेटा जारी किया है ने फरवरी महीने में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए विकास अनुमान को संशोधित कर 7.2 फीसद से 7 फीसद कर दिया था। 7 फीसद की यह ग्रोथ बीते 5 वर्षों में सबसे कम है।वित्त मंत्रालय ने मार्च महीने की अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा कि रेपो दर में कटौती और बैंकों की लिक्विडिटी में ढील देकर मौद्रिक नीति ने ग्रोथ को बढ़ावा देन की कोशिश की जा रही है। इसमें कहा गया, "भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2018-19 में थोड़ी धीमी हुई है। इस मंदी के लिए जिम्मेदार अनुमानित कारकों में निजी खपत में गिरावट, फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट में इजाफा और सुस्त निर्यात शामिल हैं।"मंत्रालय ने हालांकि यह भी कहा कि भारत अभी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है और आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ेगा। चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मंत्रालय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ग्रोथ की स्थितियों को उलटने की जरूरत है। इसमें आगे कहा गया किवास्तविक प्रभावी विनिमय दर की सराहना की गई है और निकट भविष्य में निर्यात के पुनरुद्धार के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं एक्सटर्नल फ्रंट पर वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में चालू खाता घाटा यानी करेंट अकाउंट डेफेसिट में कमी आ सकती है।

नई दिल्ली। करीब दो वर्ष पहले पेटीएम के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने अलीबाबा के मॉडल से प्रेरित होकर उस ई-कॉमर्स स्पेस में तेजी से कदम बढ़ाए थे, जहां अमेजन और फ्लिपकार्ट (अब वॉलमार्ट) दो प्रमुख ताकतों का वर्चस्व था।विजय शेखर शर्मा के मन में इस बात का मलाल जरूर रहा होगा कि उनको हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने का मौका नहीं मिला। उन्होंने ई-कॉमर्स कारोबार को पेटीएम मॉल के नाम से एक अलग एंटिटी के रुप में शुरु किया। पेटीएम मॉल ने कैशबैक के साथ भारत के बड़े खुदरा अवसरों को लुभाने की कोशिश की। शर्मा इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वालों की बढ़ती आबादी का उनको फायदा मिलेगा। नई कंपनी की शुरुआत मूल कंपनी पेटीएम-वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड की ही हिस्सेदारी से हुई और कंपनी ने सैफ पार्टनर्स व जैक मा की कंपनी अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड से 20 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई।पेटीएम मॉल ने अलीबाबा, सॉफ्टबैंक और सैफ पार्टनर्स से 65 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई। ऑनलाइन-टू-ऑफलाइन बाजार की पुरोधा कंपनी अलीबाबा को जल्द ही मालूम हो गया कि ग्राहकों को लुभाने के लिए कैशबैक एक अल्पकालीन रणनीति है और इससे शर्मा को पेटीएम मॉल को भारत के उभरते ई-कॉमर्स बाजार में तीसरी बड़ी ताकत बनने में मदद नहीं मिलने वाली है। भारत का ई-कॉमर्स बाजार जो 2017 में 24 अरब डॉलर का था वह 2021 में 84 अरब डॉलर का बनने वाला है।वित्त वर्ष 2018 में पेटीएम मॉल का घाटा बढ़ गया और कंपनी को करीब 1,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। फोरेस्टर रिसर्च के अनुसार, पेटीएम की बाजार हिस्सेदारी 2018 में पिछले साल से घटकर करीब आधी रह गई। मतलब 2017 में जहां कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 5.6 फीसद थी वह 2018 में घटकर तीन फीसदी रह गई।शर्मा हालांकि आशावादी हैं और वो भारी प्रतिस्पर्धा के बावजूद पेटीएम मॉल को चलाना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ विश्लेषक इसे आखिरी दौर में देख रहे हैं और उनका मानना है कि शर्मा को अब डिजिटल पेमेंट मार्केट पर ध्यान लगाना चाहिए जिस पर अलीबाबा का हमेशा जोर रहा है।

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