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बॉलीवुड अदाकारा कंगना रनौत के लिए मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार से पंगा लेना भारी पड़ता दिख रहा है। कंगना रनौत को जैसा डर था ठीक वैसा ही हुआ। कंगना रनौत के मुंबई स्थित दफ्तर पर आखिरकार बीएमसी ने बुलडोजर चलवा दिया है। मौके से सामने आ रही तस्वीरें और फोटोज इस वक्त सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि ये कार्रवाई उस वक्त हुई है जब अदाकारा मुंबई में मौजूद नहीं है। वो बीते दिन ही अपने होमटाउन मनाली से मुंबई के लिए निकली हैं। इस वक्त वो चंडीगढ़ तक पहुंची है और मुंबई पहुंचने में उन्हें अभी वक्त लगेगा। लेकिन इससे पहले ही कंगना रनौत के मुंबई स्थित दफ्तर पर बीएमसी ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पढ़िए अब तक क्या-क्या हुआ।

आखिरकार वो वक्त आ ही गया जिसका इंतजार देश के करोड़ों लोगों का था। सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में मुख्य आरोपी बनी रिया चक्रवर्ती को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने करीब ढाई दिन की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इसी के साथ ड्रग मामले में हुई अब तक की ये 9वीं गिरफ्तारी है। रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी को लेकर बीते कई दिनों से कयास लगाए जा रहे थे। इस मामले में पहले ही रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक को एनसीबी गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तारी के बाद शौविक चक्रवर्ती को 4 दिन की रिमांड पर भी भेज दिया गया था। इसके बाद से ही रिया चक्रवर्ती के सिर पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। अब एनसीबी ने तीसरे दिन की पूछताछ के दौरान सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार कर लिया है।रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक दोनों ही ड्रग्स मामले में आरोपी बने हैं। सामने आ रही रिपोर्ट्स की मानें तो अब रिया चक्रवर्ती को पहले मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाएगा। इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर सुशांत केस पर नजरें गड़ाए लोगों ने ट्विटर पर अपनी ओर से कमेंट करने शुरू कर दिए हैं। सुशांत की करीबी दोस्त स्मिता पारेख ने ट्वीट कर लिखा है, 'सत्यमेव जयते'। जबकि सुशांत सिंह राजपूत के फैंस भी एनसीबी की ओर से हुई इस कार्रवाई को लेकर केस की दिशा में एक अहम कदम मान रहे हैं। ये कमेंट्स आप नीचे देख सकते हैं

रिया चक्रवर्ती ने कबूला गुनाह:-सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अदाकारा रिया चक्रवर्ती ने एनसीबी के सामने पूछताछ में आखिरकार ये कबूल कर लिया है कि वो न सिर्फ ड्रग्स की खरीद-फरोख्त करती थी बल्कि उन्होंने खुद ड्रग्स का सेवन किया है। रिपोर्ट्स की मानें तो इसके बाद ही एनसीबी ने बड़ा कदम उठाते हुए अदाकारा को गिरफ्तार कर लिया है।

कई बॉलीवुड स्टार्स पर कसेगा शिकंजा;-सामने आ रही खबरों के मुताबिक एनसीबी के साथ शौविक चक्रवर्ती, रिया चक्रवर्ती और दीपेश सावंत समेत गिरफ्तार अन्य लोगों से हुई पूछताछ में बॉलीवुड के भी कई बड़े स्टार्स के नामों का खुलासा हुआ है। हालांकि अभी ये साफ नहीं हैं कि ये सितारे कौन से हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि एनसीबी अब इन सितारों से भी पूछताछ कर सकती है।

तेलुगु इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता जया प्रकाश रेड्डी का मंगलवार 8 सितंबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। उनका निधन आंध्र प्रदेश के गुंटूर में उनके घर पर हुआ। कई मशहूर हस्तियों, राजनेताओं और फैंस ने ट्विटर पर लोकप्रिय अभिनेता के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई फिल्मों में जया प्रकाश रेड्डी के साथ काम कर चुकीं अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने भी दिवंगत अभिनेता को सोशल मीडिया पर सम्मान दिया। उन्होंने लिखा, 'यह बहुत दुख की बात है! उनके साथ कई फिल्मों में काम किया है। चेहरे पर ठंडे पसीने के साथ परिवार के प्रति संवेदना। आरआईपी जय प्रकाश रेड्डी गारू।'साउथ इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता जूनियर एनटीआर ने भी ट्विटर पर जया प्रकाश रेड्डी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सुधीर बाबू ने ट्वीट किया, 'एक भयानक खबर के साथ उठा। शांति में आराम करो। #जयप्रकाशरेड्डी।' नारा चंद्रबाबू नायडू ने भी ट्वीट किया, उन्होंने बताया की कैसे तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने लिखा, 'तेलुगु सिनेमा और थिएटर ने जयप्रकाश रेड्डी गारू के निधन के साथ आज एक रत्न खो दिया है। कई दशकों में उनके बहुमुखी प्रदर्शन ने हमें कई यादगार सिनेमाई क्षण दिए हैं। दुःख की इस घड़ी में मेरा दिल उनके परिवार और दोस्तों के लिए निकाला जा रहा है।'जया प्रकाश रेड्डी को नुव्वोस्तानंते नेनोद्दंतना, जुलायी, रेडी, किक, जयम मनडेरा, जांबा लक्की पम्बा, अवनु वल्लिदारु इस्तगाडारु, कबड्डी कबड्डी जैसी फिल्मों में उनके काम के लिए जाना जाता है। इस दिग्गज अभिनेता को आखिरी बार महेश बाबू की फिल्म 'सरयारू नीकेवरु' में देखा गया था, जो इस साल जनवरी में रिलीज हुई थी। फिल्म हिट होने के साथ साथ दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रही थी।

तेलुगु इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता जया प्रकाश रेड्डी का मंगलवार 8 सितंबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। उनका निधन आंध्र प्रदेश के गुंटूर में उनके घर पर हुआ। कई मशहूर हस्तियों, राजनेताओं और फैंस ने ट्विटर पर लोकप्रिय अभिनेता के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई फिल्मों में जया प्रकाश रेड्डी के साथ काम कर चुकीं अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने भी दिवंगत अभिनेता को सोशल मीडिया पर सम्मान दिया। उन्होंने लिखा, 'यह बहुत दुख की बात है! उनके साथ कई फिल्मों में काम किया है। चेहरे पर ठंडे पसीने के साथ परिवार के प्रति संवेदना। आरआईपी जय प्रकाश रेड्डी गारू।'साउथ इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता जूनियर एनटीआर ने भी ट्विटर पर जया प्रकाश रेड्डी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सुधीर बाबू ने ट्वीट किया, 'एक भयानक खबर के साथ उठा। शांति में आराम करो। #जयप्रकाशरेड्डी।' नारा चंद्रबाबू नायडू ने भी ट्वीट किया, उन्होंने बताया की कैसे तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने लिखा, 'तेलुगु सिनेमा और थिएटर ने जयप्रकाश रेड्डी गारू के निधन के साथ आज एक रत्न खो दिया है। कई दशकों में उनके बहुमुखी प्रदर्शन ने हमें कई यादगार सिनेमाई क्षण दिए हैं। दुःख की इस घड़ी में मेरा दिल उनके परिवार और दोस्तों के लिए निकाला जा रहा है।'जया प्रकाश रेड्डी को नुव्वोस्तानंते नेनोद्दंतना, जुलायी, रेडी, किक, जयम मनडेरा, जांबा लक्की पम्बा, अवनु वल्लिदारु इस्तगाडारु, कबड्डी कबड्डी जैसी फिल्मों में उनके काम के लिए जाना जाता है। इस दिग्गज अभिनेता को आखिरी बार महेश बाबू की फिल्म 'सरयारू नीकेवरु' में देखा गया था, जो इस साल जनवरी में रिलीज हुई थी। फिल्म हिट होने के साथ साथ दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रही थी।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) पर राज्यपालों के सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने कहा कि नई शिक्षा नीति देश के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के मुताबिक, शिक्षा और स्किल्स दोनों मोर्चों पर तैयार करेगी। वहीं, राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बुनियादी बदलावों में शिक्षकों की केन्द्रीय भूमिका रहेगी। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का विषय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बदलावों में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका' रखा गया है। इसमें सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री, विश्वविद्यालयों के कुलपति भाग ले रहे हैं।

ये सरकार की नहीं, देश की शिक्षा नीति;-सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये शिक्षा नीति, सरकार की शिक्षा नीति नहीं है। ये देश की शिक्षा नीति है। जैसे विदेश नीति देश की नीति होती है, रक्षा नीति देश की नीति होती है, वैसे ही शिक्षा नीति भी देश की ही नीति है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रावधान किए गए है। जैसे-जैसे तकनीक का विस्तार गांवों तक हो रहा है। वैसे-वैसे सूचना और शिक्षा का एक्सेस भी बढ़ रहा है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर कॉलेज में तकनीकी सॉल्यूशंस को ज्यादा प्रमोट करें। 

21वीं सदी के भारत को नई दिशा मिलेगी;-पीएम मोदी ने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति सिर्फ पढ़ाई के तौर तरीकों में बदलाव के लिए ही नहीं है। ये 21वीं सदी के भारत के सामाजिक और आर्थिक पक्ष को नई दिशा देने वाली है। ये आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और सामर्थ्य को आकार देने वाली है। गांव में कोई शिक्षक हो या फिर बड़े-बड़े शिक्षाविद, सबको राष्ट्रीय शिक्षा नीति, अपनी शिक्षा शिक्षा नीति लग रही है। सभी के मन में एक भावना है कि पहले की शिक्षा नीति में यही सुधार मैं होते हुए देखना चाहता था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की स्वीकारता की बड़ी वजह यही है: पीएम मोदी

कम होना चाहिए सरकार का दखल:-पीएम मोदी ने आगे कहा कि देश की आकांक्षाओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था होती है। शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से केंद्र, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, सभी जुड़े होते हैं। लेकिन ये भी सही है कि शिक्षा नीति में सरकार, उसका दखल, उसका प्रभाव, कम से कम होना चाहिए। शिक्षा नीति से जितना शिक्षक, अभिभावक जुड़े होंगे, छात्र जुड़े होंगे, उतना ही उसकी प्रासंगिकता और व्यापकता, दोनों ही बढ़ती है।

शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण;-वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यपालों के सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 21वीं सदी की आवश्यकताओं व आकांक्षाओं के अनुरूप देशवासियों को, विशेषकर युवाओं को आगे ले जाने में सक्षम होगी। यह केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं है, बल्कि भारत के शिक्षार्थियों एवं नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बुनियादी बदलावों में शिक्षकों की केन्द्रीय भूमिका रहेगी। इस शिक्षा नीति में यह स्पष्ट किया गया है कि शिक्षण के पेशे में सबसे होनहार लोगों का चयन होना चाहिए तथा उनकी आजीविका, मान-मर्यादा और स्वायत्तता को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

केंद्र और राज्यों का तालमेल जरूरी;-राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सफलता केंद्र तथा राज्य दोनों के प्रभावी योगदान पर निर्भर करेगी। भारतीय संविधान के अंतर्गत शिक्षा कन्करंट लिस्ट का विषय है। अतः इसमें केंद्र और राज्यों द्वारा संयुक्त और समन्वयपूर्ण कार्रवाई की आवश्यकता है। शिक्षा के माध्यम से हमें ऐसे विद्यार्थियों को गढ़ना है, जो राष्ट्र-गौरव के साथ-साथ विश्व-कल्याण की भावना से ओत-प्रोत हों और सही अर्थों में ग्लोबल सिटिजन बन सकें।

देश भर में सम्मेलनों का आयोजन;-गौरतलब है कि देशभर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर कई वेबिनार, वर्चुअल कॉन्फ्रेंस और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पिछले दिनों राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधारों पर सम्मेलन आयोजित किया था, जिसे खुद प्रधानमंत्री ने संबोधित किया था।

29 जुलाई को नई शिक्षा नीति को मिली मंजूरी:-प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी थी। यह 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है और यह 34 साल पुरानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनपीई), 1986 की जगह लेगी। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य 21वीं सदी की जरूरतों के अनुकूल स्कूल और कॉलेज की शिक्षा को अधिक समग्र, लचीला बनाते हुए भारत को ज्ञान आधारित जीवंत समाज और ज्ञान की वैश्विक महाशक्ति में बदलना तथा प्रत्येक छात्र में निहित अद्वितीय क्षमताओं को सामने लाना है।

सुशांत सिंह राजपूत निधन मामले में एक के बाद एक खुलासे होते जा रहे है। सीबीआई के साथ-साथ एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) इस मामले में छानबीन कर रही है। आज एनसीबी के सामने रिया चक्रवर्ती ने ड्रग्स पेडलिंग में कई ए-लिस्टर्स का नाम लिया है। वहीं रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती ने हाल ही में एनसीबी के सामने अपना जुर्म कुबूल करते हुए 14 सेलेब्स का नाम लिया था। कई लोग ये सोच रहे है कि आखिर शौविक चक्रवर्ती द्वारा बताई गई लिस्ट में आखिर कौन-कौन से सेलेब्स है?पेशे से वकील एक शख्स ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस बात का दावा किया है कि शौविक चक्रवर्ती ने एनसीबी की टीम के सामने जिन सेलेब्स का नाम लिया है, उनकी इमेज लोगों के बीच काफी अच्छी है। इस शख्स ने दावा किया है कि शौविक चक्रवर्ती ने एनसीबी के सामने एकता कपूर, माधवन, अर्जुन रामपाल, राज कुंद्रा, सुजैन खान, मनीष मल्होत्रा, रुमी जाफरी, साजिद नाडियाडवाला, जैकी श्रॉफ, डिनो मोरिया, जॉन अब्राहम, अनुराग कश्यप, स्वरा भास्कर और करण अरोड़ा का नाम शामिल है। अब इस शख्स द्वारा किए गए दावों में कितनी सच्चाई है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन जिस तरह से इन सेलेब्स की ओर से कोई भी बयान नहीं आया है, उससे साफ जाहिर है कि दाल में कुछ ना कुछ काला तो जरुर है।

अब तक हो चुकी है कई लोगों की गिरफ्तारी;-एनसीबी ने ड्रग पेडलिंग के लिए शौविक चक्रवर्ती, दीपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं खबरें है कि बहुत जल्द ही रिया चक्रवर्ती की भी गिरफ्तारी होनी है।

संदीप सिंह ने खुद को बताया बेगुनाह:-सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) को खुद का दोस्त कहने वाले संदीप सिंह पर हर किसी को शक था, वहीं अब संदीप सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुद को बेकसूर बताने की कोशिश की है।

कुशीनगर। तरयासुजान थाने के गांव रामपुर बंगरा में सोमवार को सुबह बाइक सवार बदमाश ने दरवाजे पर बैठे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। भागते समय गांव के समीप अनियंत्रित होकर बाइक पलट गई जिससे बदमाश बाइक से गिर गया। लोगों ने उसकी घेराबंदी कर पुलिस को सूचना दी। खुद को घिरा देख बदमाश हवाई फायरिंग कर भागना चाहा, तब तक पुलिस पहुंच गई। गांव के लोग बदमाश पर ईंट-पत्थर चलाने लगे, जिससे उसकी मौत हो गई।

पता पूछा और मार दी गोली;-गांव निवासी सुधीर उर्फ गुड्डू सिंह (L30) सुबह दरवाजे पर बैठकर मोबाइल पर बात कर रहे थे। इसी बीच आए बाइक सवार बदमाश ने उनसे गांव के ही किसी व्यक्ति का पता पूछा। अभी-अभी कुछ समझ पाते कि उसने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो सुधीर का शव देख अवाक रह गए। लोग भाग रहे बदमाश का पीछा करने लगे। 

बाइक से गिरा बदमाश, लोगों ने ईंट-पत्‍थर से कूचकर मार डाला:-कुछ ही दूरी के बाद बाइक अनियंत्रित हो गई और बदमाश गिर पड़ा। लोगों ने उसे घेर लिया, पुलिस भी पहुंच गई। घिरा देखकर बदमाश हवा में फायरिंग करने लगा। आक्रोशित लोग भी ईंट-पत्थर चलाने लगे। थोड़ी देर बाद ईंट-पत्थर से घायल बदमाश की भी मौत हो गई। एसपी विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि बदमाश की पहचान नहीं हो पाई है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। हत्या के कारणों का पता किया जा रहा है।

चंडीगढ़। कांग्रेस की कार्यवाहक अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं के सियासी भविष्‍य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जाता है कि पूर्णकालिक अध्यक्ष दिए जाने की मांग करने वाले कांग्रेस के 23 नेताओं को किनारे किए जाने की रणनीति पर काम चल रहा है। लेकिन, हरियाणा के दस साल तक मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को किनारे करना हाईकमान के लिए आसान दिखाई नहीं दे रहा है।

सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वाले 23 नेताओं को किनारे लगाने का मामला:-हरियाणा के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं कि कोई नेता पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता, लेकिन हुड्डा के मामले में यह अपवाद कहा जा सकता है। इसके पीछे कई ऐसे ठोस आधार हैं, जो गांधी परिवार में हुड्डा का राजनीतिक कद बढ़ाने में सहायक हैं। हरियाणा में 30 विधायकों वाली कांग्रेस में 23 विधायक हुड्डा के समर्थक हैं, जो उनके एक इशारे पर कोई भी राजनीतिक खेल बना और बिगाड़ सकते हैं।हुड्डा उन 23 पार्टी नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष दिए जाने की मांग संबंधी उस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जो सोनिया गांधी को लिखा गया था। हरियाणा से कांग्रेस के एक और नेता का नाम लिया जा रहा है, जिसके इस पत्र पर हस्ताक्षर हैं, लेकिन हुड्डा का राजनीतिक कद और वजूद न केवल संगठन बल्कि पब्लिक में काफी बड़ा है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर उनके नाम की चर्चा अधिक है।

10 साल तक सीएम रहे हुड्डा के साथ 30 में से 24 विधायक एक आवाज पर खेल बनाने और बिगाड़ने को तैयार:-गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, पृथ्वीराज चौहान, राजेंद्र कौर भट्ठल और रेणुका चौधरी समेत कई ऐसे बड़े नेता हैं, जिनकी हुड्डा से दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। इन 23 नेताओं पर जब कोई राजनीतिक आफत आती है तो वह एक दूसरे की ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत भी है। 23 नेताओं की चिट्ठी के बावजूद जब सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला लिया गया, तब हुड्डा ने साफतौर पर कह दिया था कि वह उन्हें नहीं मालूम कि कौन की चिट्ठी की बात हो रही है और सोनिया गांधी, राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी हमारे नेता हैं।

हरियाणा में मजबूत विपक्ष की भूमिका में हुड्डा और उनके राज्यसभा सदस्य बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा;-उत्तर प्रदेश के नौ नेताओं ने जब सोनिया गांधी को अपनी उपेक्षा संबंधी दूसरा पत्र लिखा और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक कमेटियों में जितिन प्रसाद को नजर अंदाज किया गया। इसके बाद चर्चा चली कि ऐसे तमाम नेताओं को अब किनारे लगाया जा सकता है, जिन्होंने पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए जाने की मांग करते हुए सोनिया के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। दूसरी ओर, हुड्डा समर्थकों का कहना है कि हमारे नेता ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी के नाम का कभी विरोध नहीं किया, लेकिन यदि पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने का कोई सुझाव देता है तो वह पार्टी विरोधी कृत्य कैसे हो सकता है। हुड्डा हरियाणा में फिलहाल सबसे मजबूत विपक्ष की भूमिका में हैं, क्योंकि इनेलो के एकमात्र विधायक अभय चौटाला सदन में हैं। ऐसे में हुड्डा के बिना हरियाणा में हाल-फिलहाल मजबूत विपक्ष की परिकल्पना नहीं की जा सकती।

हरियाणा में क्या है हुड्डा की ताकत:-हरियाणा में अधिकतर विधायक, चुनाव प्रबंधन, कांग्रेस हाईकमान की रैलियों में भीड़ जुटाना और दूसरे दलों के नेताओं के साथ गजब का तालमेल हुड्डा की बड़ी राजनीतिक ताकत हैं। दस साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद 2019 के चुनाव में आशंका जताई जा रही थी कि कांग्रेस आधा दर्जन से ज्यादा सीटें पार नहीं कर पाएगी। भाजपा ने तब 75 पार सीटों का नारा दिया था।इस विपरीत परिस्थिति में हुड्डा और सैलजा की जोड़ी ने ऐसा कमाल कर दिखाया था कि कांग्रेस को 31 सीटें हासिल हो गई। इसकी उम्मीद खुद हुड्डा या सैलजा को भी नहीं थी। ऐसा रिजल्ट आने के बाद हुड्डा व सैलजा दबी जुबान में यह तक कहते रहे कि यदि और गंभीरता से चुनाव लड़ लिया जाता तथा कुछ टिकटों पर सैलजा या हुड्डा के बीच विवाद को समय रहते निपटा लिया जाता तो सरकार बनाने के हालात भी पैदा हो सकते थे।हुड्डा के मित्र विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा का देेहावसान हो चुका है। वह बरोदा से विधायक थे। अब यहां उपचुनाव होना है। हुड्डा के पास अब 30 विधायक हैं, जिसमें कुलदीप बिश्नोई, चिरंजीव राव, शैली चौधरी, शमशेर सिंह गोगी और किरण चौधरी को छोड़ दिया जाए तो बाकी 24 विधायक हुड्डा की एक आवाज पर चलने वाले माने जाते हैं। हालांकि कुलदीप, शैली और किरण को छोड़कर बाकी विधायक भी समय के हिसाब से सिस्टम बैठा सकते हैं।ऐसे में कांग्रेस हाईकमान के सामने हुड्डा को नजर अंदाज करना आसान नहीं होगा। दिल्ली में आज तक जितनी भी रैलियां होती रही हैं, उनमें हुड्डा और उनके राज्यसभा सदस्य बेटे दीपेंद्र भीड़ जुटाते रहे हैं। एजेएल प्लाट आवंटन मामला हो या फिर राबर्ड वा़ड्रा को गुरुग्राम में जमीनों के लाइसेंस देने का मुद्दा, इसके अलावा हुड्डा की हाईकमान में लोकप्रियता काफी है।

हरियाणा में हुड्डा का विरोध करने वाले भी कम नहीं:-हरियाणा में हुड्डा का विरोध करने वाले कांग्रेस नेताओं की सूची भी लंबी है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला हालांकि हुड्डा की सरकार में पावरफुल मंत्री रह चुके हैं, लेकिन सुरजेवाला की राहुल गांधी के दरबार में मजबूत पकड़ है। वह जींद उपचुनाव हार गए थे, जिसके बाद हुड्डा व सुरजेवाला की दूरियां बढ़ी हैं। हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा शुरुआती राजनीति में हुड्डा को पसंद करती थीं। बाद में दोनों का मनमुटाव हाे गया। अब फिर दोनों के राजनीतिक रिश्तों में जमी बर्फ पिघली है, लेकिन राज्यसभा का टिकट दीपेंद्र को मिलने के बाद हुड्डा व सैलजा के बीच तनातनी बढ़ती नजर आ रही है।कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं आदमपुर के विधायक कुलदीप बिश्नोई गैर जाट नेता हैंं और हुड्डा को अपना नेता स्वीकार करने को तैयार नहीं है। इसी तरह कांग्रेस विधायक दल की पूर्व नेता किरण चौधरी और पूर्व सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के नाम भी हुड्डा विरोधियों की सूची में शामिल किए जा सकते हैं।

सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी की पांच बड़ी बातें

- कांग्रेस के 23 नेताओं की इस चिट्ठी में जो पांच बड़ी बातें कही गई थीं, उनमें पहली यह थी कि कांग्रेस पार्टी में नीचे से ऊपर तक बदलाव होने चाहिए।

- दूसरी बात, कांग्रेस पूर्णकालिक अध्यक्ष का चुनाव करे और पार्टी की लीडरशिप प्रभावी तरीके से काम करे।

- तीसरी बात, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव कराए जाएं।

- चौथी बात, ब्लॉक स्तर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्तर पर और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के स्तर पर चुनाव कराए जाएं।

- पांचवी बात थी कि भाजपा के खिलाफ एक नए मोर्चे का गठन किया जाए, जिसमें पूर्व कांग्रेस नेता और ऐसी पार्टियां हों जो भाजपा का विरोध करती हैं।

दुबई। ईरान के साथ तनाव के बीच उत्तरी अरब सागर में पेट्रोलिंग कर रहे विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज से एक नौसैनिक के लापता होने का पता चला है। रविवार रात से सोमवार सुबह तक इसकी तलाश की गई, लेकिन लापता नौसैनिक का कोई पता नहीं चला।अमेरिकी नौसेना की बहरीन स्थित पांचवीं फ्लीट की प्रवक्ता और कमांडर रीबेका रेब्रीच ने कहा कि निमित्ज पर सवार चालक दल ने रविवार शाम 6:47 बजे 'मैन ओवरबोर्ड' का सिग्नल तब जारी किया जब वह नौसैनिक को खोजने में असमर्थ रहे।सक्रिय सेवा में तैनात रहने वाला निमित्ज अमेरिका का सबसे पुराना विमानवाहक पोत है। कमांडर रीबेका रेब्रीच ने नौसेना नीति का हवाला देते हुए नौसैनिक की पहचान बताने से इन्कार किया है। वैसे तो निमित्ज वाशिंगटन के ब्रेमरटन बंदरगाह पर तैनात रहता है, लेकिन पिछले साल जुलाई से यह अरब सागर में पेट्रोलिंग कर रहा है। इसने यूएसए डीवाइट डी आइजनहावर की जगह ली है।

बीजिंग। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच चीन देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी तट से लगे समुद्री इलाकों में सोमवार से सैन्य अभ्यास करेगा। मेरीटाइम सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक पहले चरण का अभ्यास सोमवार को क्विन्हुआंगडो के उत्तरपूर्वी बंदरगाह से दूर बोहाई सागर में किया जाएगा। दूसरे चरण के अभ्यास के दौरान लाइव फायर एक्सरसाइज भी शामिल होगी। 

चार अलग-अलग सैन्य अभ्यास का एलान;-पहले इसका अभ्यास मंगलवार को पीले सागर के दक्षिणी भाग में और उसके बाद बुधवार को लियानयुगंग शहर से लगे समुद्री इलाकों में किया जाएगा। अभ्यास के दौरान दूसरे जहाज इस क्षेत्र में नहीं आ सकेंगे। बता दें कि पिछले महीने चीन ने चार अलग-अलग सैन्य अभ्यास का एलान किया था। ये अभ्यास बोहाई सागर से पूर्व और पीले सागर से विवादित दक्षिण चीन सागर में होने थे।इसके अलावा चीन ताइवान के नजदीक भी सैन्य अभ्यास करता रहता है और दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के बढ़ते दखल की लगातार शिकायत करता है। व्यापार, मानवाधिकार उल्लंघन और कोरोना महामारी को लेकर चीन और अमेरिका एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।

चीन ने पैंगोंग झील के पास बढ़ाए सैनिक, तैनात किए टैंक:-उधर, पूर्वी लद्दाख में 29 से 31 अगस्‍त के बीच पैंगोंग सो झील के दक्षिणी किनारे पर भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से बौखालाए चीन ने इस इलाके में कई जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक तथा टैंक भेजे हैं। सैटलाइट से मिली तस्‍वीरों से पता चला है कि चीन के गतिरोध वाले प्‍वाइंट्स पर अपनी स्थिति को और ज्‍यादा मजबूत कर रहा है। इसके अलावा चीन इन इलाकों में नए सैन्‍य ठिकाने बनाने में जुट गया है।टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अब सभी गतिरोध वाली जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक तथा टैंक तैनात कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक दोनों ही पक्षों के करीब एक लाख सैनिक पूर्वी लद्दाख में तैनात हैं। चीन वार्ता की टेबल पर तनाव घटाने की बात तो कर रहा है लेकिन जमीन पर वह लगातार अपनी सैन्‍य तैयारी को और ज्‍यादा मजबूत करने में जुटा हुआ है।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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