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मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) चीफ शरद पवार ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट के खिलाफ बीएमसी की कार्रवाई पर सवाल उठाये हैं। एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि बीएमसी ने ऐसा करके अनावश्‍यक रूप से कंगना को बोलने का अवसर दे दिया है। मुंबई शहर में तो बहुत से अवैध निर्माण हैं, ऐसे में बीएमसी ने कंगना के ऑफिस में ही क्‍यों तोड़फोड़ की। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को उनका नाम लिए बिना कहा कि लोग उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।गौरतलब है कि बीएमसी ने कंगना के ऑफिस के एक हिस्से को अवैध बताते हुए तोड़फोड़ की। कार्रवाई करने से कुछ देर पहले ही बीएमसी ने ऑफिस पर एक नोटिस चिपकाया और अवैध निर्माण तोड़ने की बात कही और थोड़ी ही देर में बीएमसी के अधिकारी हथौड़ा लेकर वहां पहुंच गए। अभिनेत्री ने बीएमसी की कार्रवाई को बॉम्बे हाइकोर्ट में चुनौती दी है।

 

BMC की कार्रवाई पर रोक;-बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर 10 (सितंबर) गुरुवार दोपहर 3 बजे तक लगा दी है। हालांकि, बीएमसी ने पहले ही अपनी कार्रवाई पूरी कर चुकी है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में 10 सितंबर को सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट ने कंगना रनोट के ऑफिस में अवैध निर्माण को गिराने में इतनी जल्दबाजी करने के लिए बीएमसी से जवाब मांगा है। कल अदालत में बीएमसी को इसका जवाब देना होगा।

 

महाराष्ट्र सरकार को रास नहीं आ रही कंगना को मिली वाई प्लस सुरक्षा;-अभिनेत्री कंगना रनौत को केंद्र सरकार से मिली वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार को पसंद नहीं आ रही है। सत्तारूढ़ दलों के नेताओं सहित सपा नेता अबू आसिम आजमी ने भी सोमवार को कंगना पर तीखी टिप्पणियां कर अपनी नाराजगी जाहिर की है। करीब एक सप्ताह से शिवसेना नेता संजय राउत के साथ चल रही कंगना रनोट की तकरार के बाद कंगना ने खुद को धमकी मिलने की शिकायत कर केंद्र सरकार से सुरक्षा की मांग की थी। कंगना की मांग पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा के तहत 11 सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाये हैं।

मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग ऐंगल सामने आने के बाद रिया चक्रवर्ती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। रिया चक्रवर्ती आज भायखला जेल पहुंच गई। मालूम हो, रिया को एनसीबी ने ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया है। अगर कोर्ट रिया की जमानत अर्जी खारिज करता है तो उन्हें 14 दिनों तक जेल में रहना होगा।नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ड्रग्स के मामले में रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है।कोर्ट के आदेश के बाद रिया चक्रवर्ती को मंगलवार की रात एनसीबी के लॉकअप में गुजारनी पड़ी। महाराष्ट्र जेल के मैनुअल के मुताबिक, रात में कैदी को जेल नहीं ले जाया जाता है। रिया को बुधवार सुबह 10 बजे के बाद भायखला जेल में शिफ्ट किया जाएगा।बता दें कि जैसे कैदी को रात के वक्त रिहा नहीं किया जाता, वैसे ही उसे जेल में भी नहीं शिफ्ट किया जाता है। इससे पहले कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती की जमानत अर्जी खारिज कर दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में एनसीबी ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद रिया के वकील सतीश मानश‍िंदे ने रिया के लिए जमानत की अर्जी दी थी, ज‍िसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। वहीं आज शोविक चक्रवर्ती, जैद और सैमुअल मिरांडा को एनसीबी दफ्तर से कोर्ट ले जाया जा रहा है। तीनों को कोर्ट में पेश करेगा एनसीबी. तीनों की रिमांड की अवधि आज खत्म हो रही है।

 रिया के वकील करेंगे जमानत की अर्जी दाखिल;-बताया जा रहा है कि आज रिया के वकील सेशंस कोर्ट में फिर से उनकी जमानत की अर्जी दाखिल करेंगे। अगर कोर्ट ने बेल नहीं दी तो फिर रिया को 14 दिनों तक जेल में ही रहना पड़ेगा। कल कोर्ट ने रिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। वहीं रिया के वकील सतीश मानशिंदे की टीम से एक वकील एनसीबी ऑफिस पहुंच गई है। अगर रिया को आज सेशंस कोर्ट से बेल नहीं मिलती तो वे जेल में ही रहेंगी।
एनसीबी के अधिकारी ने कहा- सुबह रिया को भेजेंगे जेल;-एनसीबी मुंबई के जोनल हेड समीर वानखेड़े रिया को जेल होने के बाद मीडिया से बात की। उन्‍होंने सिर्फ दो लाइन में जवाब दिया कि कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती को 22 सितंबर तक न्‍यायिक हिरासत में भेजा है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, मंगलवार की रात रिया चक्रवर्ती को एनीसबी दफ्तर में ही रखा जा रहा है। बुधवार की सुबह उन्‍हें जेल भेज दिया जाएगा।

जानें- रात में क्यों जेल नहीं गई रिया;-न्‍यायिक प्रक्रिया के तहत पहले रिया की ज्‍यूडिश‍ियल कस्‍टडी पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसमें रिया को 14 दिनों तक न्‍यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। जबकि रिया के वकील सतीश मानश‍िंदे की ओर से दाखिल जमानत की याचिका पर बाद में सुनवाई हुई। बाद में कोर्ट ने जमानत की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट के सामने एनसीबी ने रिया की जमानत का विरोध किया। मंगलवार की रात अब रिया को जेल भी नहीं भेजा गया क्‍योंकि सूर्यास्‍त के बाद कैदियों की गिनती और उन्‍हें बैरक में भेजे जाने के बाद जेल में एंट्री बंद हो जाती है। ऐसे में रिया को एनसीबी दफ्तर में ही रातभर रुकना पड़ा जहां से सुबह उन्‍हें जेल भेजा जाएगा।

जानें- अब आगे क्‍या करेंगे रिया के वकील:-रिया की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब रिया के वकील सतीश मानश‍िंदे बुधवार को सेशंस कोर्ट में अपील कर सकते हैं। यदि वहां से भी बेल नहीं मिलती तो हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील किया जा सकता है। रिया के मामले में सबसे बड़ा पेच धारा 27 (A) में फंसा। इस धारा में 10 साल कैद की सजा है। रिया के ख‍िलाफ यह धारा लगाई गई है। 27 (A) में अवैध ड्रग ट्रैफिकिंग में पैसे के लेन-देन का का मामला आता है। इसमें अपराधियों को दंडित करने के लिए 10 साल तक सजा का प्रावधान है। अब जिस धारा में 10 साल या उससे अध‍िक सजा का प्रावधान है, ऐसे मामलों में आम तौर पर कोर्ट बेल नहीं देती है।

श्रीनगर। कश्मीर घाटी में स्थानीय युवाओं में फौजी बनने के रुझान को देखते हुए सेना ने उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का फैसला किया है। इसमें स्थानीय युवाओं को भर्ती रैली में सफल होने के आवश्यक गुर सिखाए जाएंगे। इच्छुक युवा जाे भी सेना में भर्ती होने के पात्र हैं, इनमें शामिल हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि आतंकियों और अलगाववादियों द्वारा बार-बार स्थानीय लाेगों को सुरक्षाबलों और फौज से दूर रहने का फरमान सुनाए जाने के बावजूद बीते कुछ सालों के दौरान फौज में भर्ती होने वाले कश्मीरी युवकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है।जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के लागू होने के बाद कश्मीर में आयोजित पहली सैन्य भर्ती रैली के लिए करीब 29 हजार युवकों ने अपना पंजीकरण कराया था। रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, कोविड-19 के संक्रमण से पैदा हालात के मद्देनजर इस जम्मू-कश्मीर में विशेषकर कश्मीर घाटी में होने वाली सेना की भर्ती रैलियों को स्थगित करना पड़ा है। अलबत्ता, लॉकडाउन में राहत आैर कोरोना से पैदा हालात में कुछ सुधार को देखते हुए अगले दो-तीन माह में भर्ती रैलियां शुरु की जा सकती हैं। केंद्रीय गृहमंत्रालय और केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर प्रदेश प्रशासन ने इस संदर्भ में रक्षा मंत्रालय से संपर्क करते हुए, जम्मू-कश्मीर में विशेष भर्ती रैलियों के आयोजन का आग्रह किया है। सेना की तरह ही सीआरपीएफ, बीएसएफ व एसएसबी भी केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग भर्ती रैलियां निकट भविष्य में आयोजित करने की कार्ययाेजना पर काम कर रही हैं।रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वादी के युवाओं को सेना में उनकी योग्यता के मुताबिक पूरा मौका दिया जाएगा। वादी में बीते कुछ सालों के दौरान हुई भर्ती रैलियों का संज्ञान लेते हुए सेना ने एक कैप्सूल कोर्स तैयार किया है। यह उन युवाओं के लिए है जो फौजी बनना चाहते हैं। इस कैप्सूल कोर्स में फौजी बनने के युवाओं को करीब एक पखवाड़े तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें उन्हें लिखित परीक्षा की तैयारी करने, फिजिकल टेस्ट जिसमें अभ्यार्थियों के शारीरिक दम-खम का आंकलन होता है, स्वास्थ्य जांच में सफल रहने के तरीके बताए जाएंगे। इस कोर्स में शामिल होने वाले युवाओं के रहने खाने-पीने का खर्च कोर्स अवधि के दौरान तक सेना द्वारा ही वहन किया जाएगा। प्राय: देखा गया है कि भर्ती में शामिल होने आए अधिकांश युवक अपनी लापरवाहियाें के कारण सफल नहीं हो पाते। वह अपनी ऐसी लापरवाहियों से बचें और रैली में सफल रहें, इसलिए यह प्रशिक्षण शिविर लगाए जाने की योजना है।पहले चरण में यह प्रशिक्षण जिला गांदरबल में आयाेजित किया जाएगा। इसमें सिर्फ गांदरबल के ही युवक शामिल हाे सकेंगे। फौजी बनने के इच्छ़ुक युवक प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए अपने निकटवर्ती सैन्य शीविर, सरपंच, निकटवर्ती पुलिस चौकी के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। गांदरबल के बाद इस तरह के प्रशिक्षण शिविर वादी के हर जिले में क्रमानुसार आयोजित किए जाएंगे। इस संदर्भ में संबधित जिलाधिकारियों व अन्य संबधित लोगों को समयानुसार सूचित किया जाएगा।इस बीच, कश्मीर में तैनात एक वरिष्ठ सैन्याधिकारी ने कहा कि भर्ती रैलियों में शामिल होने के इच्छ़ुक युवाओं के लिए ही प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के अलावा सेना ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने और उनमें सफलता अर्जित करने का सपना बुन रहे युवकों के लिए भी विशेष कोचिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा वादी के विभिन्न हिस्सों में लड़कियों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर भी चलाए जा रहे हैं। वादी में बीते कुछ दिनों के दौरान कई जगह स्थानीय जन प्रतिनिधियों, विभिन्न युवा संगठनों के साथ संवाद के दौरान कई लोगाें ने फाैजी बनने के इच्छुक युवाओं के लिए कोचिंग का सुझाव दिया था। इसी सुझाव को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित प्रशिक्षण शिविरों का खाका तैयार किया गया है।

न्यूयॉर्क। ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्‍सीन (Oxford Corona Vaccine) को बड़ा झटका लगा है। ब्रिटेन की फार्मास्यूटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) ने तीसरे और अंतिम चरण के क्लीनिकल ट्रायल को रोक दिया है। जानकारी के मुताबिक वैक्‍सीन के ह्यूमन ट्रायल के दौरान एक वॉलंटियर के शरीर में गंभीर दुष्‍प्रभाव देखे जाने के बाद ट्रायल को रोकने का फैसला लिया गया है।फार्मास्यूटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर कोविड के लिए वैक्सीन बना रही है। एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन दुनिया भर में कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस में सबसे आगे चल रही है। एस्ट्राजेनेका ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह एक रूटीन रुकावट है क्योंकि परीक्षण में शामिल शख्स की बीमारी के बारे में अभी तक ज्यादा कुछ पता नहीं चला है। इसकी अच्छे समीक्षा की जाएगी और उसके बाद ही ट्रायल फिर से शुरू होगा।कंपनी की ओर से कहा गया है कि बड़े स्तर पर किए जाने वाले ट्रायल्स में कोई बीमारी उभरने की संभावना होती है, लेकिन इसकी समीक्षा स्वतंत्र रूप से होनी चाहिए। हालांकि, यह साफ नहीं है कि मरीज पर किस तरह का साइड इफेक्ट हुआ है।  एस्ट्राजेनेका उन 9 कंपनियों में से एक है, जिनकी वैक्सीन का ट्रायल बड़े स्तर पर हो रहा है और तीसरे चरण में चल रहा है। कंपनी ने अमेरिका में  31 अगस्त को 30,000 वॉलंटियर्स को ट्रायल के लिए भर्ती किया है।

ट्रायल रुकने पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बोला...:-सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एस्ट्राजेनेका के ट्रायल रोकने पर कहा कि हम यूके के परीक्षणों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, लेकिन उनके द्वारा आगे का कार्य रोक दिया गया है। हम जल्द ही फिर से शुरू होने की उम्मीद करते हैं। जहां तक भारतीय परीक्षणों का सवाल है, यह जारी है और हमें किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है।बता दें कि भारत में इस वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल किया जाना है। चंडीगढ़ पीजीआइ में होने वाले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोविड-19 वैक्सीन के ट्रायल में अब देरी हो सकती है। ट्रायल के लिए 100 लोगों का चयन हो चुका है। वैक्सीन बनने के बाद इसकी प्रोडक्शन और मार्केटिंग सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देखेगा। यह देश के बड़े वैक्सीन प्रोड्यूसर में से एक है। दावा किया जा रहा है कि 2020 के आखिर तक वैक्सीन तैयार कर ली जाएगी।

वेटिकन सिटी। दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के बीच सभी लोग सावधानी बरत रहे हैं। इसी के साथ पोप फ्रांसिस ने बुधवार को फेस मास्क पहना और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया।  क्योंकि, उन्होंने करीब ठह महीने बाद अपने साप्ताहिक कार्य शुरु किए है। ऐसे में अपने वफादार लोगों और दूसरों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सचेत रहने के लिए ऐसा किया। पहली बार उन्हे सार्वजनिक तौर पर फेस मास्क का इस्तेमाल करते देखा गया है।फ्रांसिस ने अपोस्टोलिक पैलेस के अंदर सैन डमासो प्रांगण में अपनी कार से उतरे तो उन्होने मास्क पहना हुआ था। बता दें कि पिछले सप्ताह उन्होंने लगभग छह महीने के कोरोना वायरस (सीओवीआईडी ​​-19) लॉकडाउन के बाद अपने साप्ताहिक सार्वजनिक दर्शकों को फिर से शुरू किया।चर्च के आंगन में कुर्सियां ​ रखी गई थीं, तो सीमित भीड़ ने बाधाओं के साथ-साथ फ्रांसिस को पारित किया और कुछ ने उनके मुखौटे को अपने पास बुला लिया। 83 वर्षीय पोप, जिन्होंने अपनी युवा अवस्था में फेफड़े की बीमारी के चलते उसका एक हिस्सा खो दिया था। उन्हें भीड़ में आना पसंह है, लेकिन उन्होंने कोरोना के चलते लोगों से दूरी बनाए रखने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने भीड़ से अपनी सीट पर ही बैठे रहने का आग्रह किया।यह पहला मौका है जब पोप को सार्वजनिक रूप से मास्क पहने और हाथ के सैनिटाइजर का उपयोग करते हुए देखा गया है।  उन्होंने कहा कि अपनी टिप्पणी के दौरान, फ्रांसिस ने कहा कि "पक्षपातपूर्ण हित" उभर रहे हैं जिसमें कुछ राष्ट्र और समूह अपने लिए या अपने स्वयं के राजनीतिक या आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए टीके रखने की मांग कर रहे हैं। पोप ने आगे अपने संबोधन में कहा कि एक स्वस्थ समाज वह है जो सभी के स्वास्थ्य का ख्याल रखता है। 

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे पॉपुलर टीमों में विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का नाम लिया जाता है। यह एक ऐसी टीम है जिसमें शुरुआत से ही बड़े खिलाड़ियों की भरमार रही है लेकिन फिर भी आज तक इसके हाथ एक भी ट्रॉफी नहीं लगी है। विराट इस बार पहले से ज्यादा आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं उनका लक्ष्य फैंस और टीम के लिए ट्रॉफी जीतना है।चैलेंजर्स की टीम ने अब तक तीन बार फाइनल में जगह बनाई है लेकिन कभी भी खिताब नहीं जीत पाई। साल 2009, 2011, और 2016 में टीम को उप विजेता बनकर संतोष करना पड़ा। इस साल विराट ने कहा है कि उनकी टीम संतुलित है और उनके 2016 जैसा ही महसूस हो रहा है। चलिए आपको बताते हैं कि टीम अपने लीग मुकाबलों में कब और किस टीम से साथ खेलने उतरेगी।

IPL 2020 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लीग मुकाबले का कार्यक्रम

21 सितंबर - सोमवार - तीसरा मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम सनराइजर्स हैदराबाद

24 सितंबर - गुरुवार - छठा मैच - किंग्स इलेवन पंजाब बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर

28 सितंबर - सोमवार - 10वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम मुंबई इंडियंस

3 अक्टूबर - शनिवार - 15वां मैच - राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर

5 अक्टूबर - सोमवार - 19वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम दिल्ली कैपिटल्स

10 अक्टूबर - शनिवार- 25वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम चेन्नई सुपर किंग्स

12 अक्टूबर - सोमवार - 28वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स

15 अक्टूबर - गुरुवार - 31वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम किंग्स इलेवन पंजाब

17 अक्टूबर - शनिवार - 33वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम राजस्थान रॉयल्स

21 अक्टूबर - बुधवार - 39वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स

 25 अक्टूबर - रविवार - 44वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम चेन्नई सुपर किंग्स

28 अक्टूबर - बुधवार - 48वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम मुंबई इंडियंस

31 अक्टूबर - शनिवार - 52वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम सनराइजर्स हैदराबाद

2 नवंबर - सोमवार - 55वां मैच - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम दिल्ली कैपिटल्स 

नई दिल्ली। IPL की सभी फ्रेंचाइजियां और उनके खिलाड़ी टूर्नामेंट के लिए जमकर प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस दौरान सीनियर खिलाड़ी अपने जूनियर साथी खिलाड़ियों को ऐसी सलाह दे रहे हैं, जो उनके काम आने वाली हैं। ऐसा ही उदाहरण भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज और मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा ने पेश किया है, जिसमें वे अपने एक युवा गेंदबाज को सलाह देते हैं और गेंदबाज अगली ही गेंद से सही गेंदबाजी कराने लगता है।दरअसल, मुंबई इंडियंस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कप्तान रोहित शर्मा का प्रैक्टिस करते हुए का एक वीडियो शेयर किया गया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि रोहित शर्मा बल्लेबाजी कर रहे हैं और दिग्विजय देशमुख उनको गेंदबाजी करा रहे हैं। दिग्विजय देशमुख की लगातार तीन-चार गेंद लेग स्टंप पर जाती हैं तो रोहित शर्मा बड़े सादगी वाले अंदाज में इस युवा गेंदबाज को अपने पास बुलाते हैं और उनसे बात करते हैं।डियो के सब टाइटल्स में भी इस बात को पढ़ा जा सकता है कि रोहित शर्मा दिग्विजय देशमुख से पूछ रहे हैं कि लेग स्टंप के बाहर क्यों गेंदबाजी करा रहे हो, क्या कोई परेशानी है, तो दिग्विजय कहतै हैं कि उन्होंने रनअप चेंज कर लिया है, मैं कुछ नया ट्राई कर रहा हूं। इसके बाद रोहित शर्मा उनको बताते हैं कि तुम रुक-रुककर गेंदबाजी करा रहे हो। सिर्फ गुड लेंथ पर गेंद डालने की कोशिश करो। इसके बाद ये युवा खिलाड़ी ऐसा करता है तो रोहित उसकी तारीफ करते हैं।आपकी जानकारी के लिए बता दें, मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियंस को आइपीएल 2020 के पहले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स से 19 सितंबर को भिड़ना है। ये मुकाबला अबू धाबी में खेला जाएगा। ऐसे में मुंबई इंडियंस को अच्छी शुरुआत करने होगी। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि मुंबई इंडियंस मौजूदा चैंपियन है और यूएई में मुंबई इंडियंस ने अभी तक एक भी मुकाबला नहीं जीता है। ऐसे में रोहित शर्मा टीम का रिकॉर्ड सुधारना चाहेंगे।

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) रीइन्वेस्टमेंट प्लान (reinvestment plan) नाम से एक प्रकार के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की पेशकश करता है, जहां ब्याज का भुगतान केवल मैच्योरिटी के समय ही किया जाता है। इसमें नियमित ब्याज को मूलधन में जोड़ा जाता है व चक्रवृद्धि ब्याज की गणना की जाती है और उसका भुगतान किया जाता है। यह सामान्य एफडी की तरह नहीं है, जहां ब्याज का भुगतान जमा की अवधि के दौरान नियमित आधार पर होता है। आइए जानते हैं कि एसबीआई की इस यूनीक एफडी की क्या-क्या विशेषताएं हैं।

योग्यता:-इस एफडी में नागरिक अकेले या संयुक्त रूप से, नाबालिग (स्वयं या अपने अभिभावक के माध्यम से), एचयूएफ, फर्म, कंपनी, स्थानीय निकाय और कोई भी सरकारी विभाग खाता खुलवा सकता है।

 

अवधि;-एसबीआई रीइन्वेस्टमेंट प्लान में न्यूनतम छह महीने और अधिकतम 10 साल की अवधि के लिए निवेश किया जा सकता है।

निवेश की सीमा:-एसबीआई रीइन्वेस्टमेंट प्लान में कोई व्यक्ति न्यूनतम 1,000 रुपये जमा करा सकता है। वहीं, खास बात यह है कि इसमें कोई अधिकतम सीमा नहीं है।

 आयकर:-इस प्लान में आयकर नियमों के अनुसार, टीडीएस लागू होता है। आयकर नियमों के अनुसार, जमाकर्ता को कर छूट चाहने के लिए फॉर्म 15जी/एच सबमिट करना होता है।

ब्याज दर:-एसबीआई रीइन्वेस्टमेंट प्लान में ब्याज दरें फिक्स डिपॉजिट्स के समान ही हैं। इस प्लान में एसबीआई स्टाफ और एसबीआई पेंशनर्स को निर्धारित ब्याज दर से एक फीसद अधिक ब्याज दर प्रदान किया जाता है। इस प्लान में 60 साल या इससे अधिक आयु के सीनियर सिटीजंस को निर्धारित दर से 0.50 फीसद अधिक ब्याज दर प्रदान की जाती है।

 

मैच्योर निकासी;-एसबीआई रीइन्वेस्टमेंट प्लान में प्रीमैच्योर निकासी की सुविधा उपलब्ध है। पांच लाख रुपये तक की रिटेल फिक्स डिपॉजिट पर प्रीमैच्योर निकासी के लिए जुर्माना 0.50 फीसद है। वहीं, पांच लाख से अधिक और एक करोड़ से कम की रिटेल एफडी के लिए  प्रीमैच्योर निकासी पर जुर्माना एक फीसद है।

नई दिल्‍ली। हम सभी लोग अपने और अपने परिवार के लिए कई सपने देखते हैं। इन सपनों को सच बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं ताकि अपने परिवार को एक बेहतर भविष्य दे सकें। अपने सपने पूरे करने के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है कि पहले से इसके लिए तैयार करना। लेकिन लोगों के लिए, खासकर वेतनभोगी वर्ग को रिटायरमेंट के बाद पेंशन की गारंटी देने और अधिकतम रिटर्न देने वाला कोई अच्छा प्रोडक्ट नज़र नहीं आता। यही उनकी सबसे बड़ी चिंता होती है।हमारे देश में नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवर अधिक मजबूत नहीं है, इसलिए विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि करियर शुरु होने के कुछ ही वर्षों बाद रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरु कर देनी चाहिए। लेकिन अक्सर ऐसा ही होता है कि जब तक लोगों को रिटायरमेंट प्लानिंग का महत्व समझ में आता है, तब तक उनका करियर अंतिम पड़ाव में पहुंच चुका होता है। इसलिए, आपको चाहिए एक ऐसा व्यापक समाधान जो आपके सपनों को पूरा करने में मदद करे और आपकी ज़रूरतों के अनुकूल रहकर आपको मन की शांति प्रदान कर सके। 

सही निवेश विकल्प की तलाश:-निवेश की शुरुआत करने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। लेकिन यह विकल्प ज़रूरतमंद लोगों तक उपलब्ध कराना एक चुनौती बनी हुई है, खासकर समाज के पिछड़े तबके के लोगों तक यह विकल्प नहीं पहुंचज पाते। चूंकि प्रत्येक निवेशक की आर्थिक स्थित अलग होती है, इसलिए उनके जीवन लक्ष्य भी अलग होते हैं। कम उम्र में निवेश शुरु करने वाले लोगों के लिए एक समान रणनीति उपयुक्त नहीं हो सकती। विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि पहले अपने निजी लक्ष्यों को समझें और उसके बाद पूरी जानकारी जुटाकर अपना निवेश मार्ग चुनें। छोटी अवधि में बड़े रिटर्न के पीछे भागने से अच्छा यही होगा कि अपने निवेश के लिए लंबी अवधि का नज़रिया चुनें। जीवन के अंतिम पड़ाव में अच्छी नियमित आमदनी सुनिश्चित करने के लिए आपको एक बड़ी रिटायरमेंट पूंजी की ज़रूरत होगी। लेकिन यह पूंजी नौकरी के अंतिम कुछ वर्षों में जुटा पाना मुश्किल काम हो सकता है। ऐसे में बुढापे के दिनों में निराशा से बचने के लिए आपको लंबी अवधि के लिए छोटी राशि के नियमित निवेश का महत्व समझना जरूरी है। 

 ऐसे प्रोडक्ट्स में निवेश करें जो पूंजी की गारंटी दें:-एक आम आदमी ना केवल सुकून भरा रिटायरमेंट जीवन का आनंद लेना चाहता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहेगा कि उनकी गैर-मौजूदगी में उनका परिवार सुरक्षित रहे। आम लोगों की इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रमुख प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों ने हाल ही में ऐसे इंश्योरेंस प्लान लॉन्च किये हैं जो आर्थिक सुरक्षा देने के साथ ही कई सारे निवेश विकल्प भी पेश करते हैं। बाजार में कैपिटल गारंटी सॉल्यूशन प्रोडक्ट्स के नए रिटायरमेंट वेरिएंट पेश किये गये हैं। यह प्रोडक्ट्स ऐसे ग्राहकों पर ध्यान देते हैं जिन्हें बाज़ार में गिरावट होने पर अपनी पूंजी की चिंता होती है। इंश्योरेंस कंपनियों के यह प्रोडक्ट्स सुविधाजनक, पारदर्शी और ऑनलाइन खरीदने पर बेहद किफायती भी होते हैं। यह नए प्रोडक्ट्स भारत में लाइफ इंश्योरेंस एवं सेविंग्स प्लान खरीदने की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल देंगे।  

 यह प्लान कैसे काम करता है?;-बाजार में गिरावट के वक्त निवेश करना समझदारी वाला कदम हो सकता है क्योंकि इसके बाद जब बाजार में तेजी आएगी तो आपको अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। मौजूदा बाजार परिस्थितियों में निवेश के लिए उपलब्ध सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है रिटायरमेंट आधारित कैपिटल गारंटी सॉल्यूशन प्लान – जो यूलिप और गारंटीड रिटर्न प्रोडक्ट्स का मिश्रण है। ऐसे प्लान के अंतर्गत, पॉलिसी नियम एवं शर्तों के अनुसार, पॉलिसी अवधि के दौरान आप जो भी प्रीमियम चुकाते हैं उनकी 100 प्रतिशत गारंटी होती है। इसका मतलब यह हुआ कि बाजार में कितनी भी गिरावट क्यों ना हो जाए, लेकिन आपके द्वारा चुकाया गया प्रीमियम 100 प्रतिशत सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा, आपको बाजार में तेजी के दौरान रिटर्न भी मिलते हैं जबकि आपकी पूंजी भी पूरी तरह से सुरक्षित रहती है। बाजार में इस वक्त मौजूद प्लान्स में आपके द्वारा निवेश की गई 30 प्रतिशत राशि गारंटीड रिटर्न प्रोडक्ट्स में लगाई जाती है और 70 प्रतिशत यूलिप में जाती है। ऐसे प्लान से होने वाला लाभ आपकी रिटायरमेंट उम्र के लिए शेष बचे वर्षों पर निर्भर करता है। रिटायरमेंट के लिए जितने अधिक वर्ष बचे होंगे, आपकी आमदनी भी उतनी अधिक होगी क्योंकि यूलिप में अधिक राशि का निवेश होगा। लेकिन अगर मान लें कि आप जल्दी रिटायर होना चाहते हैं, जैसे कि 40-45 वर्ष की उम्र में, तो आपके निवेश का अधिकांश हिस्सा गारंटीड रिटर्न प्रोडक्ट्स में जाएगा और आमदनी भी कम होगी। सरल शब्दों में कहें तो रिटायरमेंट उम्र जितनी देर से शुरु होगी, आपकी पेंशन राशि उतनी ही बड़ी होगी। यही कारण है कि आपकी निवेश राशि पर मिलने वाला ब्याज इस वक्त बाजार में उपलब्ध न्य रिटायरमेंट प्रोडक्ट्स की तुलना में अधिक होगा। आपको बता दें कि रिटायरमेंट कैपिटल गारंटी प्रोडक्ट्स में निवेश करते वक्त रिटायरमेंट की उम्र 60 वर्ष चुनना उचित होगा। उदाहरण के लिए, एचडीएफसी लाइफ के रिटायरमेंट कैपिटल गारंटी सॉल्यूशन प्लान में अगर एक 32 वर्षीय व्यक्ति, 25 वर्षों की पॉलिसी में 10 वर्षों की भुगतान अवधि के लिए 6000 रुपये हर महीने निवेश करता है, तो उसे पॉलिसी की मैच्योरिटी यानि 60 वर्ष की उम्र में 7.2 रुपये लाख की एकमुश्त राशि के साथ 70,600 रुपये की मासिक पेंशन प्राप्त होगी। इसके लिए यूलिप में किये गये निवेश में 7 वर्षों तक 13.7% की दर से वृद्धि होनी चाहिए। 

 प्रमुख फीचर:-इस प्रोडक्ट में निवेश की न्यूनतम राशि 2500 रुपये प्रति माह है, यानि 30,000 रुपये प्रति वर्ष। इसकी भुगतान अवधि 10 वर्ष है। ऐसे प्लान में निवेश करने पर पॉलिसी के लिए चुकाए गए प्रीमियम पर आपको सेक्शन 80(सी) के अंतर्गत टैक्स लाभ तथा सेक्शन 10(10डी) के तहत निवेश के परिपक्‍वता पर निकाली गई गई राशि पर टैक्स लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, इस प्लान में आपको वार्षिक प्रीमियम राशि के 10 गुना बराबर का लाइफ कवर भी दिया जाएगा। 

एनसीबी ने ड्रग्स खरीदने के आरोपों के आधार पर  को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्ट्रेस की जमानत याचिका भी कथित रूप से खारिज कर दी गई है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी होने के बाद जनता से मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के साथ-साथ फिल्म बिरादरी के सदस्यों ने भी अपना रिएक्शन दिया। उनमें से कई ने एक्ट्रेस के लिए न्याय मांगने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट भी किए। उन सभी सेलेब्स ने रिया के टी-शर्ट पर लिखी एक मैसेज का इस्तेमाल किया जो एक्ट्रेस ने कल पहनी थी।रिया चक्रवर्ती की टी-शर्ट पर लिखा था, 'रोजे लाल हैं, वायलेट नीले हैं। आइए हम और आप मिलकर पितृसत्ता को नष्ट करें।' सोशल मीडिया पर अभिनेत्री का समर्थन करते हुए कई सेलेब्स ने इस उद्धरण के साथ #JusticeForRhea का इस्तेमाल किया। अब, की बहन  ने अपने दिवंगत भाई के लिए न्याय मांगते हुए पूरे उद्धरण का एक पोस्ट साझा किया है। इसमें लिखा है, 'रोजे लाल हैं, वायलेट नीले हैं। चलो, मेरे और तुम्हारे हक की लड़ाई लड़ें। उन्होंने इसके साथ सुशांत की एक तस्वीर भी साझा की है।'इस बीच एनसीबी ने पहले ही रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक, सुशांत के घर के मैनेजर सैमुअल मिरांडा और हाउस स्टाफ दीपेश सावंत को ड्रग्स की खरीद के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। रिया के वकील सतीश मानेशिंदे ने उसकी गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वह एक नशेड़ी के साथ प्यार में पड़ने का खामियाजा भुगत रही है, जिसे मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई मुद्दे थे। सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने इस मामले पर कमेंट करने से इनकार कर दिया है।

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