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पटना।सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। मामले की मुख्‍य आरोपित रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakravorty) प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बुलावे पर पूछताछ के लिए मुंबई ऑफिस पहुंचीं हैं। ईडी दफ्तर में रिया से पूछताछ जारी है। ईडी ऑफिस में रिया चक्रवर्ती के साथ उनके भाई शोविक चक्रवर्ती और वकील भी मौजूद रहे। अब शोविक ईडी ऑफिस से निकल चुके हैं। जबकि, रिया के बयान को रिकाॅर्ड किया जा रहा है। सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व बिजनेस मैनेजर श्रुति मोदी भी पूछताछ में शामिल होने के लिए ईडी के दफ्तर में है।इसके पहले रिया चक्रवर्ती ने ईडी से आग्रह किया था कि वह सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर उनकी याचिका पर फैसले तक पूछताछ रोक दे। लेकिन ईडी ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया। विदित हो कि इस मामले में ईडी ने रिया के खिलाफ मनी लॅन्ड्रिंग (Money Loundring) का मामला दर्ज किया है। ईडी ने रिया को समन भेजकर शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके अलावा ईडी ने शनिवार को सुशांत सिंह राजपूत के दोस्‍त सिद्धार्थ पिठानी को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी इसके पहले सुशांत सिंह राजपूत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा (Samuel Miranda), सुशांत के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) रहे संदीप श्रीधर और रिया चक्रवर्ती के सीए रितेश शाह से पूछताछ कर चुका है।
करोड़ों के लेनदेन की ईडी कर रहा जांच, पूछताछ;-सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ईडी ने 15 करोड़ रुपये के लेनदेन को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ये रुपये सुशांत के खाते से निकाले गए हैं। ये रुपये कहां गए, ईडी इसका पता लगा रहा है। इस सिलसिले में सोमवार को संदीप श्रीधर, मंगलवार को रितेश शाह से पूछताछ के बाद सैमुअल मिरांडा से पूछताछ हो चुका है। अब आज रिया कर बारी है। लेकिन रिया ने पूछताछ से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में लंबित अपने मुकदमे का हवाला दिया। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार रिया चक्रवर्ती के वकील सतरश मनशिंदे ने ईडी से आग्रह किया है कि वह फिलहाल रिया से पूछताछ नहीं करे।
ईडी के मुंबई ऑफिस पहुंचीं रिया चक्रवर्ती;-लेकिन ईडी ने रिया चक्रवर्ती के आग्रह को मानने से इनकार कर दिया। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार इसके बाद वे ईडी के मुंबई कार्यालय में पूछताछ के लिए पहुंच चुकी हैं।
श्रुति मोदी और सिद्धार्थ पिठानी से भी पूछताछ:-बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने रिया के खिलाफ FIR में पैसों के हेरफेर का जिक्र भी किया था। प्रवर्तन निदेशालय इसी को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के ऐंगल से भी जांच कर रहा है। ED को 7 अगस्त को रिया से पूछताछ करनी थी। वहीं इस बीच ईडी ने सुशांत की पूर्व बिजनस मैनेजर श्रुति मोदी को भी शुक्रवार को हाजिर होने के लिए कहा है। इसके अलावा सुशांत के फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी को भी 8 अगस्त को बुलाया गया है।
सुशांत के भाई ने कहा: बेगुनाही साबित करें रिया;-इस बीच रिया चक्रवर्ती को लेकर सुशांत के भाई व बिहार में भारतीय जनता पाटी विधायक नीरज सिंह बबलू ने बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि अगर रिया निर्दोष हैं तो उन्‍हें जांच से भागने बे बदले अपनी बेगुनाही का सबूत देना चाहिए। इस मामले में निष्‍पक्ष जांच होनी चाहिए तथा किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित रिया की याचिका:-विदित हो कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून को मुंबई स्थित उनके फ्लैट में हो गई थी। इस मामले में मुंबई पुलिस के अनुसंधान से असंतुष्‍ट सुशांत के पिता ने पटना में बेटे की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के खिलाफ धन उगाही, ब्‍लैकमेल, प्रताड़ना व सुसाइड के लिए उकसाने आदि के आरोपों में एफआइआर दर्ज करा दी। इसके बाद मामले की जांच के लिए पटना पुलिस मुंबई पहुंची, जिसके साथ वहां की पुलिस ने असहयोग किया। रिया चक्रवर्ती भी पटना में दर्ज एफआइआर को मुंबई ट्रांसफर कराने व अन्‍य मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गईं। वे सीबीआइ जांच का भी विरोध कर रहीं हैं। उनके खिलाफ सुशांत के पिता के साथ-साथ बिहार सरकार भी कोर्ट में है तो रिया के समर्थन में महाराष्‍ट्र सरकार खड़ी है। पांच अगस्‍त को हुई पहली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों से तीन दिनाें में जवाब मांगा है। फिर अगली सुनवाई एक सप्‍ताह बाद होगी। रिया तब तक ईडी की पूछताछ को रोकना चाहती थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सबसे कारगर उपाय वैक्‍सीन है, जिसे बनाने में सैंकड़ों वैज्ञाानिक रात-दिन जुटे हुए हैं। ऐसे में इस महामारी से जूझ रहे भारत और निम्न आय वाले देशों के लिए अच्‍छी खबर सामने आई है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने शुक्रवार को कहा कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी(Gavi) के साथ बड़ी साझेदारी हुई है। इस साझेदारी की वजह से भारत और निम्न आय वाले देशों को सिर्फ 3 डॉलर यानि 225 रुपये में वैक्‍सीन मिलेगी। अब इंतजार बस कोरोना वैक्‍सीन के ह्यूमन ट्रायल के पूरा होने का है।बता दें कि कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने के लिए इस समय दुनियाभर में 200 से ज्यादा प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। इनमें से 21 से ज्यादा वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल में है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च पर तैयार हुआ वैक्सीन भी इन्हीं में से एक है। यह वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के आखिरी दौर में है। भारत में इसे 'कोविशील्ड' नाम से वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया लॉन्‍च करेगी। कंपनी का दावा है कि जल्द ही यह लोगों के लिए उपलब्ध होगी। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अलावा कंपनी नोवावैक्स की वैक्सीन का भी उत्पादन करेगी।सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भारत और निम्न आय वाले देशों के लिए कोविशील्ड और नोवावैक्‍स वैक्सीन के 100 मिलियन यानी 10 करोड़ खुराक के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शुक्रवार को बहुत बड़ी साझेदारी हुई है। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी के साथ बड़ी साझेदारी हुई है। इस साझेदारी का सीधा फायदा भारत जैसे देशों को होगा।बता दें कि गावी का लक्ष्‍य पब्लिक प्राइवेट ग्लोबल हेल्थ पार्टनरशिप के तहत गरीब देशों में टीकाकरण अभियान को समर्थन और सहयोग करना है। यह बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन का हिस्सा है। खबरों के मुताबिक, साल 2021 की पहली छमाही में भारत और अन्य देशों में वितरण के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को दो वैक्सीन के उत्पादन में साझेदारी के तहत करीब 150 मिलियन डॉलर की मदद करेगी।गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्‍या 20 लाख के पार पहुंच गई हैं। वहीं, दुनियाभर में करोड़ों लोग इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ चुके हैं और लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में जल्‍द से जल्‍द वैक्‍सीन आना बेहद जरूरी है, तभी इस वायरस पर काबू पाया जा सकता है।

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने लोगों के स्वास्थ्य कि चिंता को लेकर कहा कि यदि पालमपुर, मैसूर, लखनऊ और मोहाली प्रयोगशालाओं में उत्पादित खाद्य पदार्थ जनता तक पहुँचते हैं तो यह आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर हम सभी के लिए अच्छा स्वास्थ्य चाहते हैं, तो हमें लोगों को शारीरिक गतिविधियों (फिजिकल एक्टिविटी) और 'सात्विक' भोजन का सेवन करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विजन 2050 को पूरा करने के लिए सीएसआईआर के डोमेन के भीतर एफएसएसएआई और खाद्य प्रौद्योगिकी संबंधित प्रयोगशालाओं को एक साथ काम करना चाहिए।कोरोना संकट के बीच लोग अपने खानपान का विशेष खयाल रख रहे हैं। क्योंकि देश में कोरोना वायरस की रफ्तार अभी थमी नहीं है। कुल मामलों की संख्या 20 लाख से ज्यादा हो चुकी है। फिलहाल 6 लाख से ज्यादा कोरोना केस ऐक्टिव हैं, वहीं 13.78 लाख लोग इससे ठीक हो चुके हैं। अब तक 41,585 लोगों को इस वायरस की वजह से जान गंवानी पड़ी है।बता दें कि दिल्ली में अब तक कोरोना के एक लाख 41 हजार 531 मामले सामने आ गए हैं। इनमें से 10 हजार 348 एक्टिव केस है। वहीं एक लाख 27 हजार 124 मरीज ठीक हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में एक लाख आठ हजार 974 मामले सामने आ गए हैं। इनमें से 43 हजार 654 एक्टिव केस है। इनमें से 63 हजार 402 मरीज ठीक हो गए हैं और 1918 लोगों की मौत हो गई है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक 62 हजार 538 मामले सामने आ गए हैं और 886 मरीजों की मौत हो गई है। इस दौरान पांच लाख 74 हजार 783 सैंपल टेस्ट हुए। पिछले आठ दिन से लगातार 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे। गुरुवार को 62 हजार से ज्यादा मामले सामने आ गए।

तिरुवन्तमपुरम। केरल में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गई हैं। भारी बारिश के चलते राज्य में भूस्खलन के कारण अब तक नौ लोगों के शव बरामद किए गए हैं। अभी 57 लोगों के और दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, अभी तक 10 लोगों को बचा लिया गया है। केरल के सीएम पिनराई विजयन ने कहा कि इडुक्की के राजमाला में भूस्खलन पीड़ितों को बचाने के लिए NDRF की टीमों को तैनात किया गया है। पुलिस, फायर, वन और राजस्व अधिकारियों को भी बचाव अभियान करने का निर्देश दिया गया है। बारिश के कारण राज्य के पनामार और वायनाड में बाढ़ जैसी स्थिति है।केरल के इडुक्की में भूस्खलन में लोगों की मौत पर पीएम मोदी ने शोक जताया है। पीएम मोदी ने कहा- मृतकों के परिवार के प्रति मेंरी संवदनाएं हैं। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। एनडीआरएफ और प्रशासन जमीनी स्तर पर पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। भूस्खलन से मरने वालों के परिजनों को पीएम नेशनल रिलीफ फंड से 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।एमओएस वी मुरलीधरण ने कहा कि शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। मैंने केरल के चीफ सेक्रेटरी से बात की है और एडीआरएफ की टीमों और वायुसेना की सहायता भेजने के लिए एमओएस होम एंड एमओएस डिफेंस को मदद देने का अनुरोध किया है, जिसका केरल सरकार ने अनुरोध किया है। भारत सरकार सभी मदद देने के लिए तैयार है। पिनारयी विजयन, केरल के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बचाव और राहत कार्य के लिए इडुक्की में राजामलाई के लिए अग्निशमन बल के 50 सदस्यीय विशेष बल दल को भेजा गया है। वे रात के समय बचाव गतिविधियों के लिए सुसज्जित हैं।राज्य में मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक इडुक्की, मलप्पुरम और वायनाड के लिए अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।यहां सड़कों पर ऊपर तक पानी भर गया है। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लिए  केरल के सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने बचाव कार्यों के लिए राजमाला को हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रदान करने के लिए भारतीय वायु सेना से संपर्क किया है। यह जल्द ही उपलब्ध होने की उम्मीद है।केरल में लगातार बारिश के कारण मलप्पुरम के नीलाम्बुर क्षेत्र में सड़कों पर जलभराव हो गया। केरल के सीएम पिनराई विजयन ने कहा कि इडुक्की के राजमाला में भूस्खलन पीड़ितों को बचाने के लिए NDRF की टीमों को तैनात किया गया है। पुलिस, फायर, वन और राजस्व अधिकारियों को भी बचाव अभियान करने का निर्देश दिया गया है।राज्य में लगातार बारिश के बाद पेरियार नदी में जल स्तर बढ़ने से अलुवा में शिव मंदिर जलमग्न हो गया। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र भुवनेश्वर के निदेशक एचआर विश्वास ने कहा कि 9 और 10 अगस्त को दक्षिणी ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश की उम्मीद।

हैदराबाद। तेलंगाना में एक उप चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी की शुक्रवार को कोरोना वायरस (COVID -19) से मृत्यु हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, वह भद्राद्री-कोठागुडेम जिले में काम कर रहा था और यहां एक निजी अस्पताल में वायरस का इलाज चल रहा था। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि एक संगरोध केंद्र के प्रभारी नरेश कुमार (35) ने 30 जुलाई को COVID-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया।चिकित्सा अधिकारी की मौत पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एटाला राजेंदर ने मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डॉक्टर ने एक सप्ताह पहले संक्रमण का अनुबंध किया। उन्होंने कहा कि सरकार शोक संतप्त परिवार को मदद और समर्थन देगी।गौरतलब है कि तेलंगाना में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या 85851 हो गई है। राज्य में फिलहाल, कोरोना के 22476 एक्टिव केस है। कुल दर्ज किए गए मामलों में से अब तक 53239  संक्रमित लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, राज्य में त करें देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की तो देश में फिलहाल, कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख के पार पहुंच चुकी है। दैनिक स्तर पर शुक्रवार को पिछले 24 घंटे में 62 हजार से अधिक कोरोना वायरस के मामले दर्ज किए गए है। ये आंकड़ा अब तक का सबसे  अधिक हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, देश में फिलहाल, कोरोना वायरस के 607384 एक्टिव केस हैं। वहीं देश में कोरोना वायरस के एक्टिव केस से ज्यादा कोरोना वायरस की चपेट में आकर ठीक हुए लोगों की संख्या है।  कुल मामलों में से अब तक  1378105  संक्रमित लोग ठाक हो चुके हैं। वहीं, कोरोना वायरस के कारण  41585  लोगो की मौत हो चुकी है।

न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क की एक जज ने राष्ट्रपति ट्रंप (US President Donald Trump) पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाने वाली एक महिला के मुकदमे में कथित रूप से देरी की कोशिश को नाकाम करते हुए तल्‍ख टिप्‍पणी की है। जज ने कहा कि ट्रंप का राष्ट्रपति पद पर होना उनको इस केस से नहीं बचा सकता है। यही नहीं न्‍यायाधीश ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हाल की एक व्यवस्था का भी हवाला दिया। उन्‍होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप न्यूयॉर्क के अभियोजक की आपराधिक जांच से बच नहीं सकते हैं।मैनहैट्टन की जज वर्ना सॉन्डर्स (Manhattan judge Verna Saunders) ने कहा कि यही सिद्धांत ई जीन कैरोल के मानहानि संबंधी मुकदमे (E Jean Carroll's defamation suit) पर भी लागू होता है। इसमें ट्रंप के वकील ने दलील दी थी कि संविधान राष्ट्रपति को राज्य की अदालतों में दायर मुकदमे में घसीटे जाने से रोकता है। इस पर जज वर्ना सॉन्डर्स ने कहा कि नहीं... ऐसा नहीं है। न्‍यायाधीश के इस ताजा फैसले के बाद कैरोल को अपना जारी रखने की इजाजत मिल गई है।बता दें कि ई जीन कैरोल (E Jean Carroll) संभावित साक्ष्य के तौर पर ट्रंप के डीएनए जांच की अपील कर रही हैं। कैरोल का आरोप है कि साल 1990 के दशक में ट्रंप ने उनसे दुष्‍कर्म किया था। यही नहीं इस केस को वापस लेने पर मजबूर करने के लिए उन्‍हें अपमानित भी किया गया था। कैरोल की वकील रोबर्टा कपलान (Roberta Kaplan) ने कहा कि हम इस तथ्य पर आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हैं।कपलान ने कहा कि यह इसलिए जरूरी है क्‍योंकि सच्‍चाई सामने आए कि ट्रंप ने ई जीन कैरोल को तब बदनाम किया था जब उन्होंने कैरोल के फैसले के संबंध में झूठ बोला था। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, मैनहैट्टन की जज वर्ना सॉन्डर्स (Manhattan judge Verna Saunders) के इस ताजा फैसले के बारे में राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के वकीलों को ई-मेल और फोन कॉल के जरिए जानकारी दे दी गई है। 

जेनेवा। बेरूत में विस्‍फोट पीडि़तों को मदद करने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र की टीम को संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। लेबनान अधिकारियों ने कहा कि विस्‍फोट में 500 विस्‍तरों वाला एक अस्‍पताल ध्‍वस्‍त हो जाने के कारण घायलों को उपचार में बड़ी दिक्‍कत का सामना करना पड़ रहा है। लेबनान के कमजोर स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली के मद्देनजर यह कार्य और कठिन हो गया है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने अपनी नियमित बीफ्र‍िंग के दौरान कहा कि कोरोना महामारी के कारण विस्‍फोट में घायलों के उपचार में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिका ने भी बड़े पैमाने पर राहत कार्य शुरू किया:-इस बीच लेबनान की राजधानी बेरूत में भीषण विस्‍फोट के बाद अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सहायता पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि उसकी मदद ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के लिए नहीं है। अमेरिका ने कहा कि यह अधिकारी सुनिश्चित करें कि यह आपूर्ति जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रही है। अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता नेवी कैप्टन बिल अर्बन ने कहा कि अमेरिकी सहायता लेबनानी सशस्त्र बल प्राप्त करेंगे और इसे पीडि़त लोगों को वितरित करेंगे। उन्‍होंने कहा कि यह प्रयास बेरूत और यूएसएआईडी में अमेरिकी दूतावास के साथ समन्वित किया जा रहा है।

बेरूत में भीषण विस्‍फोट, 135 लोगों की गई जान:-लेबनान की राजधानी बेरूत में एक भीषण विस्‍फोट में  135 लोगों की जान चली गई और करीब पांच हजार घायल हो गए। बेरूत में धमाका इतना तीव्र था कि उसकी गूंज 160 किलोमीटर दूर साइप्रस तक सुनाई दी थी। बेरूत के गवर्नर मारवन अबोद ने बताया कि धमाके से करीब आधे शहर को नुकसान पहुंचा है। इस भीषण विस्फोट के चलते शहर को 15 अरब डॉलर (करीब एक लाख दस हजार करोड़ रुपये) तक की क्षति पहुंचने का अनुमान है। तीन लाख लोग बेघर हो गए हैं। 

येरूशलम।। इजरायल के रक्षा मंत्री नफताली बेनेट का कहना है कि वैज्ञानिकों ने देश की प्रमुख बायालॉजिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट (Israel's Institute for Biological Research) में नोवेल कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित करने का एक नायाब तरीका विकसित कर लिया है। इस लैब का दौरा करने के बाद बेनेट ने इसकी जानकारी दी है। रक्षा मंत्री के मुताबिक यह एंटीबॉडी मोनोक्‍लोनल तरीके से कोरोना वायरस पर हमला करती है और बीमार लोगों के शरीर के अंदर ही कोरोना वायरस का खात्‍मा कर देती है।आपको यहां पर ये भी बता दें कि ये इजरायल की सबसे प्रतिष्ठित लैब है जो सीधेतौर पर प्रधानमंत्री के दिशा निर्देशों के तहत काम करती है। सरकार की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया है कि लैब में बनाई गई एंटीबॉडी वैक्‍सीन वायरस को निष्‍क्रय कर देने में सहायक है। रक्षा मंत्री के कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक इस एंटीबॉडी वैक्‍सीन को विकसित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब इसको पेटेंट कराने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके बाद इंस्टिट्यूट इसकी खुराक तैयार करने के लिए अंतरराष्‍ट्रीय कंपनियों से संपर्क साधेगा।रक्षा मंत्री का कहना है कि उन्‍हें अपने देश के वैज्ञानिकों और उनके स्‍टाफ पर गर्व है कि उन्‍होंने इतने कम समय में ये कर दिखाया है। उनके मुताबिक ये एक बड़ी उपलब्धि है। पीटीआई के मुताबिक मार्च में इजरायल के एक अखबर ने अपने स्रोतों के हवाले से खबर दी थी कि इस इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की काट करने वाली वैक्‍सीन को तैयार कर लिया है। इसमें कहा गया था कि एक अन्‍य वायरस के जरिए शरीर में बनी एंटीबॉडी से इसका इलाज किया जा सकता है। इसी आधार पर इस वैक्‍सीन को विकसित किया गया है। हालांकि उस वक्‍त सरकार की तरफ से इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा गया था कि फिलहाल ऐसा कुछ नहीं हुआ है लेकिन ऐसा जब भी होगा तो इसकी जानकारी को साझा भी किया जाएगा। आपको यहां पर ये भी बता दें कि ये संस्‍थान यूं तो सीधेतौर पीएम को रिपोर्ट करता है लेकिन रक्षा मंत्रालय के भी करीबी संपर्क में रहता है।पीटीआई ने अपनी खबर में कहा हे कि इजरायल को फरवरी में जापान और इटली समेत कुछ अन्‍य देशों से वायरस के पांच शिपमेंट हासिल हुए थे। इनको माइनस 80 डिग्री तापमान पर रखा गया था और बेहद गोपनीय तरीके से इन्‍हें इजरायल भेजा गया था। वैक्‍सीन को विकसित करने के लिए इजरायल के वैज्ञानिकों ने लगातार कई घंटों तक काम किया है। खबर के मुताबिक किसी भी वैक्‍सीन के लिए जो सामान्‍य प्रक्रिया अपनाई जाती है उसमें इसका क्‍लीनिकल टेस्टिंग काफी मायने रखती है। हालांकि ये पूरी प्रक्रिया ही काफी जटिल है और ये काफी लंबा समय लेती है। इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी दवा के साइड इफेक्‍ट को भी देखा जाता है। इस प्रक्रिया से ये समझने में मदद मिलती है कि वैक्‍सीन किस तरह के मरीजों पर क्‍या असर दिखाती है।आपको यहां पर ये भी बता दें कि इस डिफेंस इंस्‍टीट्यूट की स्‍थापना वर्ष 1952 में प्रफेसर और तत्‍कालीन पीएम के वैज्ञानिक सलाहकार अर्नेस्‍ट डेविड बेर्गमान ने की थी। यह संस्‍थान चिकित्‍सा विज्ञान की तकनीकों और संक्रामक बीमारियों से बचाव पर काम करता है। इजरायल में वैक्‍सीन और दवा बनाने का काम भी इस इंस्‍टीट्यूट के जिम्‍मे है। यह डिफेंस बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट दक्षिणी तेलअवीव से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नेस जिओना में स्थित है। इस इंस्‍टीट्यूट में 350 से ज्‍यादा लोग काम करते हैं जिनमें 150 वैज्ञानिक हैं। किसी भी संकट में यह सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करता है।

मॉस्को। दुनियाभर में जहां कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच रुस से अच्छी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से जिस कोरोना वैक्सीन (टीका) का सभी लोग इंतजार कर रहे थे अब उसका इंतजार खत्म हो गया है। दरअसल, रूस 12 अगस्त को कोरोना वायरस वैक्सीन रजिस्टर करवाने जा रहा है। उप-स्वास्थ्य मंत्री ओलेग ग्रिडनेव ने शुक्रवार को कहा कि रूस 12 अगस्त को कोरोना वायरस के खिलाफ अपना पहला टीका रजिस्टर कराएंगे। बता दें कि गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट और रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से टीका विकसित किया गया है।गेमालेया केंद्र द्वारा विकसित टीका 12 अगस्त को रजिस्टर  किया जाएगा। फिलहाल,  कोरोना वायरस टीके का अंतिम तीसरा चरण चल रहा है। परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण हैं। हमें यह समझना होगा कि टीका सुरक्षित होना चाहिए। चिकित्सा पेशेवर और वरिष्ठ नागरिक टीकाकरण करने वाला पहला व्यक्ति होगा। ग्रिडनेव ने उफा शहर में एक कैंसर केंद्र भवन के उद्घाटन के मौके पर संवाददाताओं के साथ ये जानकारी साझा की है। मंत्री के अनुसार, टीका की प्रभावशीलता का आकलन तब किया जाएगा जब जनसंख्या प्रतिरक्षा का गठन किया गया हो। बता दें कि वैक्सीन के नैदानिक ​​परीक्षणों की शुरुआत 18 जून को हुई और इसमें 38 वॉलंटियर शामिल थे। सभी प्रतिभागियों ने इम्युनिटी विकसित की। पहले समूह को 15 जुलाई को और दूसरे समूह को 20 जुलाई को छुट्टी दे दी गई।

नई दिल्ली। युवराज सिंह की उपलब्धियां क्रिकेट फैंस के लिए भुला पाना आसान नहीं है। वो जब भारत के लिए क्रिकेट खेल रहे थे तब भी और आज भी सबसे चहेते क्रिकेटर हैं। एम एस धौनी की कप्तानी में टीम इंडिया को दो-दो वर्ल्ड कप में जीत मिली और भारत की इस दो बड़ी कामयाबी में युवराज सिंह का जो रोल रहा वो सबके जहन में ताजा है। भारत के लिए युवराज सिंह ने कई मैच जिताऊ पारियां खेली थी और इसकी शुरुआत साल 2000 में आइसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 84 रनों की तूफानी पारी खेलकर की थी। इस पारी से ही इंटरनेशनल लेवल पर उन्होंने अपना नाम बनाना शुरू किया था।इसके बाद युवी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और उन्होंने 2002 नेटवेस्ट सीरीज में भी भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद 2007 वर्ल्ड कप में भी युवी ने अपना जलवा बिखेरा। 2011 वर्ल्ड कप में भारत चैंपियन बना और वो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। इसमें कोई शक नहीं कि युवी का क्रिकेट करियर काफी शानदार रहा, लेकिन इसके बावजूद उन्हें एक बात का बेहद अफसोस है।टाइम्स नाउ से बात करते हुए युवराज सिंह ने कहा कि अनुभव चाहें अच्छे हों या फिर बुरे वो आपको आगे बढ़ने और सीखने में मदद करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में काफी कुछ देखा और सहा साथ ही इन अनुभवों के दम पर ही मैं जो आज हूं वैसा बना। मैं अपने परिवार, दोस्तों, साथी खिलाड़ियों और फैन्स का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया और हर कदम पर मेरा हौसला बढ़ाया।युवराज सिंह ने कहा कि कहा कि उन्हें एक बात का पछतावा है कि वो भारत के लिए ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेल सके। उन्होंने कहा कि जब मैं पीछे देखता हूं तो मुझे लगता है कि मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलने का और मौका मिलना चाहिए था। उस समय सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण, सौरव गांगुली जैसे स्टार क्रिकेटर थे ऐसे में टेस्ट टीम में जगह बनाना मुश्किल था। मुझे मौका तब मिला जब सौरव गांगुली रिटायर हुए, लेकिन इसके बाद मुझे कैंसर का पता चला और मेरी जिंदगी की दिशा ही बदल गई।हालांकि उन्होंने कहा कि मुझे जो कुछ भी मिला उससे में खुश हूं। मैं अपने क्रिकेट के सफर से संतुष्ट हूं और इस बात का मुझे गर्व है कि मैं भारत के लिए खेल सका और अपने देश का प्रतिनिधित्व कर पाया। उन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट मैच खेले थे जिसमें तीन शतक और 11 अर्धशतक शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने इन मैचों में 33.92 की औसत से 1900 रन भी बनाए थे।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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