वैज्ञानिकों की मदद से ऐसी इमारत का निर्माण किया गया है जो देखने में पूरी तरह अंतरिक्ष जैसी है। इसे दुनिया की सबसे अंधकार वाली इमारत माना जा रहा है। खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए दुनिया के सबसे काले मानव निर्मित पदार्थ का इस्तेमाल किया गया है।
विंटर ओलंपिक की शोभा बढ़ा रही बिल्डिंग:-जहां एक ओर दक्षिण कोरिया का प्योंगयांग शहर विंटर ओलंपिक खेलों के कारण चर्चा का केंद्र बना हुआ है, वहीं एक कारण और है जो लोगों को विंटर ओलंपिक गांव की ओर आकर्षित कर रहा है। ये है वहां बनाई गई दुनिया की सबसे अंधकार भरी इमारत। बाहर से अनंत अंतरिक्ष जैसी दिखने वाली इस इमारत का निर्माण ब्रिटेन के आर्किटेक्ट आसिफ खान ने किया है। इस बिल्डिंग को बनाने के लिए उन्होंने ऐसे पदार्थ का इस्तेमाल किया है जो 99 प्रतिशत रोशनी को अपने अंदर सोक सकता है।
इस पदार्थ से बनी अद्भुत इमारत:-विंटर ओलंपिक विलेज के ह्युंडई पवेलियन में बनी बिल्डिंग में चार दीवारों को आपस में जोड़ा गया है। इन काली दीवारों की भीतर छोटी-छोटी लाइटें लगाई गई हैं जो दूर से देखने पर ऐसा महसूस कराती हैं मानो आप रात में आसमान की ओर देख रहे हों, जहां घने अंधकार के बीच हजारों तारे दिखाई देते हैं। इस बिल्डिंग की दीवारों को 'वेंटाब्लैक VBx2' नाम के पदार्थ से ढंका गया है। ये वेंटाब्लैक का नैनो रूप है, जिसे दुनिया का सबसे काला मानव निर्मित पदार्थ कहते हैं। असली वेंटाब्लैक इतना काला होता है कि उससे बनी कोई चीज आंखों को दिख ही नहीं पाएगी।
क्या है वेंटाब्लैक की खासियत:-वेंटाब्लैक का खास बात ये है कि जब इस पर रोशनी गिरती है तो ये 99 प्रतिशत रोशनी को अपने अंदर समा लेता है यानि सोक लेता है। एक वैज्ञानिक बेन जेनसन ने बताया कि इंसान कोई चीज इसलिए देख पाते हैं क्योंकि उस पर लाइट गिरती है और रिफ्लेक्ट होकर हमारी आंखों में पड़ती है। लेकिन इस पदार्थ पर रोशनी पड़ती तो है लेकिन रेफ्लेक्ट ही नहीं होती इसलिए लोग कुछ देख नहीं पाते।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें