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लाहौर - मोस्ट वांटेंड आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा का सरगना हाफिज सईद अब फिर से पाकिस्तान में आजाद है। बुधवार को पंजाब न्यायिक बोर्ड के आदेश के बाद उसे रिहा कर दिया गया। हाफिज ने केक काटकर अपनी आजादी का जश्न मनाया और एक बार फिर से कश्मीर का नाम लेकर भारत को धमकाया है। मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज, इन हमलों की नौंवी बरसी से ठीक पहले रिहा हुआ है। पाकिस्तान सरकार ने भी उसे किसी और मामले में हिरासत में नहीं रखने का फैसला किया है। पाक अधिकारियों की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है।
बड़ी तादाद में इकट्ठा हुए समर्थक
अपनी रिहाई के लिए हाफिज ने अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। हाफिज ने इसके साथ ही भारत को धमकी दी कि अल्लाह ने उसे कश्मीर को आजाद कराने के लिए रिहा कराया है। वह कश्मीर को आजाद कराकर रहेगा और भारत उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं पाएगा। पंजाब प्रांत के न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने सईद की 30 दिन की नजरबंदी पूरी होने पर उसकी रिहाई का आदेश बुधवार को सर्वसम्मति से दिया था। सईद की 30 दिन की नजरबंदी की अवधि गुरुवार आधी रात को पूरी हो गई। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सईद आधे घंटे से भी कम समय में आजाद हो गया क्योंकि पंजाब सरकार ने उन्हें अन्य किसी मामले में और हिरासत में नहीं रखने का फैसला किया है। उसे रिहा करने के लाहौर हाई कोर्ट के बोर्ड के फैसले का पालन किया जाएगा। लाहौर के जौहर कस्बे में सईद के आवास के बाहर जमात—उद—दावा के कार्यकर्ता आधी रात को होने वाली उसकी रिहाई का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। यहां पर जोर-शोर से उसका स्वागत किया गया।
26 नवंबर को मुंबई हमलों की बरसी
सईद की रिहाई ऐसे समय में संभावित है जब 26 नवंबर को 2017 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों की नौवीं बरसी है। मुंबई हमलों में 166 लोग मारे गए थे। 31 जनवरी को सईद और उसके चार सहयोगियों—अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन—को पंजाब सरकार ने आतंकवाद निरोधक कानून 1997 और आतंकवाद निरोधक कानून 1997 की चौथी अनुसूची के तहत 90 दिनों के लिए हिरासत में लिया था। आतंकवादी गतिविधियों में भूमिका निभाने को लेकर अमेरिका ने जमात—उद—दावा प्रमुख सईद पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। हाफिज इस साल जनवरी से ही न्यायिक हिरासत में था।

नई दिल्ली - जो लोग अपने आसपास की चीजों के बारे में जानने की रुचि रखते हैं उनके लिए गूगल मैप टूल काफी उपयोगी है। गूगल मैप से किसी भयानक क्राइम का भी खुलासा हो सकता है ऐसा कम लोगों को ही भरोसा है। लेकिन गूगल मैप स्ट्रीट व्यू में जो तस्वीरें सामने आई हैं उसे देखकर लोग हैरान हैं।
इथियोपिया के एक राज्य अफर से किसी शख्स ने अपने पड़ोस का गूगल मैप स्ट्रीट व्यू से जायजा ले रहा तभी उसे कुछ ऐसा दिखाई दिया जिसे देखकर उसकी आंखे फटी की फटी रह गईं। पहले उसे दिखाई दिया कि कई डस्टविन रखें हैं और उनके आसपास कूड़ा बिखरा पड़ा है। लेकिन उसने मैप को जब और जूम इन किया तो पाया कि कूड़ेदान में इंसान के शरीर फेंके गए हैं।
कूड़े के साथ फेंके गए कुछ शरीर डस्टविन में पड़े थे और कुछ डस्टविन के बाहर पड़े थे। एक शरीर तो औंधेमुह उल्टा पड़ा दिखाई दिया। घटना का दृश्य देखकर शख्स को लगा कि यह कोई बड़े पैमाने हुआ हत्याकांड है और लोगों का कत्ल कर उन्हें डस्टविन में फेंक दिया गया है।
इंसानी शरीर को और पास से देखा गया तो पता चला कि ये तो इंसान के शरीर जैसे दिखने वाली कोई चीज है। डस्टविन के आसपास हाथ पांव और सिर तो पड़े दिखाई दिए लेकिन यहां खून के निशान नही थे जिससे कहा जा सके कि यहां कोई मर्डर हुआ है।
मामले में पुलिस को सूचित किया गया तो जांच में पता चला कि यह कोई हत्याकांड का सीन नहीं है बल्कि इंसानी पुतले हैं। यह पुतले अलवेर्निया स्टूडियो के थे जिन्हें टूट जाने या पुराने होने पर बाहर निकाला गया था। इन इंसानी पुतलों का इस्तेमाल फिल्म और म्यूजिक बनाने के लिए किया जाता था

अंकारा - तुर्की के सबसे बड़ी झील वान के अंदर से एक प्राचीन महल की खोज हुई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पुरातत्वविदों की एक टीम ने बताया कि वान यूनिवर्सिटी की टीम ने गुरुवार को इस खोज की घोषणा की। तुर्की की सबसे बड़ी और मध्य पूर्व की दूसरी सबसे बड़ी झील की गहराई में मिला यह प्राचीन महल काफी हद तक अच्छी हालत में है।
टीम के प्रमुख तहसीन सीलान ने कहा, 'स्थानीय लोगों के बीच यह बात कही जाती रही है कि पानी के नीचे कुछ हो सकता है लेकिन अधिकांश पुरातत्वविदों और संग्रहालय के अधिकारियों ने कहा था कि हमें वहां कुछ नहीं मिलेगा।' उन्होंने कहा, 'हम वान झील में 10 साल से शोध कर रहे हैं और यह खोज हमारे लिए भी अप्रत्याशित है।'
महल एक किलोमीटर में फैला हुआ है। दीवारों की ऊंचाई तीन से चार मीटर के बराबर है, झील के क्षारीय जल ने इसे अच्छी स्थिति में रखा है। किले की शेष संरचनाएं पत्थरों से बनी हैं।
महल के बारे में जानने के लिए अभी भी बहुत कुछ है उदाहरण के लिए, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि महल की दीवारे झील के तलछट में कितनी गहराई तक गईं हैं। इसके अतिरिक्त आगे के पुरातात्विक अनुसंधान से इस महल के निमार्ताओं के बारे में अधिक जानने में मदद मिलेगी।
शोधकतार्ओं ने पहली बार घोषणा करते हुए कहा कि उनका मानना है कि यह लुप्त हो चुकी उरारतु सभ्यता के लौह युग का अवशेष है, जिसे वान साम्राज्य भी कहा जाता है, जो नौवीं से लेकर छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक आधुनिक ईरान के पास स्थित क्षेत्र में शुरू हुआ था।
पिछले साल टीम ने झील के अंदर चार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक फैले स्टैलगमाइट्स (पत्थर की चट्टानें) की भी खोज की थी। इससे पहले इस साल शोधार्थियों ने झील में एक रूसी जहाज की खोज की घोषणा की थी जो 1948 में डूब गया था।

ऑस्ट्रेलिया में एक महिला 14 साल के लड़के का यौन शोषण करने के आरोप में 4 साल की जेल हुई है। आरोप है कि महिला ने 14 साल की अपनी बेटी के दोस्त के साथ संबंध बनाए और फिर गर्भवती हो गई। महिला ने 2014 में पहली बार लड़के से संबंध बनाया था।पुलिस को जब घटना के बारे में पता चला तो महिला से पूछताछ की। लेकिन महिला ने कहा कि उसके पेट में पल रहा बच्चा उसके पति का है। इस पुलिस ने महिला के बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया तो महिला के बारे में सनसनीखेज खुलासा हुआ। इसके बाद महिला को 14 साल के लड़के के यौन शोषण का दोषी पाया गया।
33 साल की उम्र में हुआ किशोर से प्यार
बताया जा रहा है कि महिला जब पहली बार अपनी बेटी के दोस्त के संपर्क में आई तो वह 33 साल की थी। इस दौरान उसका पति के बीच विवाद चल रहा था और दोनों के बीच तलाक होने वाला था। अलादत ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि महिला ने लड़के को अपने घर में बुलाकर शराब पिलाई और नशे की गोलियां दी। इसके बाद उसके साथ संबंध बनाए। महिला इतने पर ही नहीं रुकी बल्कि उसने लड़के साथ तीन बार संबंध बनाए। अदालत ने पाया कि महिला लड़के को अपनी अश्लील तस्वीरें भी भेजती थी जो कि किसी किशोर के साथ ज्यादती के अंतरगत आता है। अदालत ने कहा महिला ने बच्चे का छात्र जीवन तबाह किया है इसलिए वह कड़ी मिलेगी।अदालत ने महिला को चार साल की सजा सुनाई जिसमें दो साल की जेल काटने के बाद ही उसे जमानत मिल सकेगी।

पेरिस शहर दुनियाभर में अपनी स्टाइलिश और बोल्ड लाइफस्टाइल के लिए मशहूर है।हाल ही में पेरिस में खुला एक 'न्यूड रेस्टोरेंट' इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। न सिर्फ टूरिस्ट बल्कि शहर के नामचीन लोग इसमें जाने को लेकर काफी उत्साहित हैं।इस महीने के शुरुआत में खुले रेस्टोरेंट का नाम है 'O'naturel'है। इसकी खास बात ये है कि इसमें घुसने से पहले आपको अपने कपड़े बाहर उतारने पड़ते हैं। हालांकि न्यूड रेस्टोरेंट का कॉन्सेप्ट पुराना है और लंदन, टोक्यो जैसे शहरों में भी इस तरह रेस्टोरेंट हैं। लेकिन यह पेरिस शहर का इस तरह का पहला ऐसा रेस्टोरेंट है।
ये है इस रेस्टोरेंट का खासियत:
- यह रेस्टोरेंट माइक और स्टीफेन साडा नाम के जुड़वा भाइयों के दिमाग की उपज है।
- सर्दियों के मौसम में भी आप बिना कपड़ों के बैठ सकते हैं क्योंकि रेस्टोरेंट के भीतर का वातावरण गर्म रहता है।
- यह लग्जरी गेस्ट के हिसाब से बनाया गया है इसलिए इसके मेन्यू में फ्रांस के खास और महंगे खान-पान शामिल हैं।
- इसमें थ्री कोर्स (तीन बार) मील की कीमत 49 यूरोज यानि करीब 3,750 रुपये है।
- रेस्टोरेंट में घुसने के बाद आपको एक क्लॉकरूम में अपने कपड़ों के साथ मोबाइल फोन भी छोड़ना होता है ताकि कोई मोबाइल ले दूसरों की फोटो न खींच सके।
- इसके बाद आपको चप्पल दी जाती है और खाने की टेबल पर बिठाया जाता है।
- हालांकि रेस्टोरेंट में काम करने वाली महिसा वेटरों को सैंडल पहनने की अनुमति है।
- पूरे रेस्टोरेंट में टेबल पर बिछे कपड़ों, नैपकिन और वेटर की ड्रेस के अलावा कोई और कपड़े नहीं देखते हैं।
रेस्टोरेंट के मालिक स्टीफेन साडा का कहना है, 'पेरिस में लोग सिर्फ गर्मियों के मौसम में ही बिना कपड़ों के रहने का लुत्फ उठा सकते थे। लेकिन ये रेस्टोरेंट उन्हें सर्दियों में भी ऐसा करने का मौका देगा।' आपको बता दें कि पेरिस अपने न्यूड समुद्री तटों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। ये यहां पर एक परंपरा की तरह है और यहां आने वाले सैलानी भी चीज का काफी लुत्फ उठाते हैं।

दिन और रात, पृथ्वी की दो सबसे खूबसूरत गतिविधियों में से एक है। दोनों ही घटनाएं पृथ्वी के प्राणियों के लिए अलग-अलग महत्व रखती हैं। लेकिन मौजूदा समय में धरती पर धीरे-धीरे दिन और रात का अंतर कम होता जा रहा है।एक ताजा शोध में पता चला है कि धरती के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाकों में रातें खत्म होती जा रही हैं। इसका कारण है आर्टिफिशल रौशनी में भारी मात्रा में हो रही बढ़ोतरी। शोध के मुताबिक इसके कारण इंसानों की सेहत और पर्यावरण पर खतरनाक असर पड़ सकता है।
इस कारण घट रहा है दिन-रात का अंतर
'Science Advances'नाम की पत्रिका में छपे इस शोध के अनुसार पिछले कुछ सालों में धरती पर आर्टिफिशल रौशनी काफी ज्यादा बढ़ गई है। रिपोर्ट की मानें तो साल 2012 से 2016 के बीच हर साल धरती पर आर्टिफिशल लाइटों से जगमग होने वाले इलाकों में 2.2 प्रतिशत का इजाफा हो रहा है। क्रिस्टोफर काएबा नाम के वैज्ञानिक की टीम द्वारा किए गए इस शोध में टीम ने सैटेलाइट की मदद से रात के वक्त धरती पर बल्ब, ट्यूबलाइट जैसे चीजों से विभिन्न इलाकों में होने वाली रौशनी को मापा। इसके बाद उन्होंने पाया कि चार सालों से भीतर (2012-2016) धरती के ज्यादातर इलाके रात के समय अधिक जगमगाते हैं और ये हर साल 2.2 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
रातों के खत्म होने से पृथ्वी को ये खतरा
इस शोध के नतीजों में ऐसा देखा गया है कि रात के समय रौशनी में हो रहा इजाफा मध्य पूर्वी देशों और एशिया में ज्यादा है। शोध के अनुसार ये प्रक्रिया हर साल और बढ़ती जाएगी जिसके चलते धरती के उन इलाकों पर बुरा असर पड़ेगा जहां प्राकृतिक रूप से दिन और रात की रौशनी देखने को मिलती है। शोध से जुड़े वैज्ञानिक किप हॉजिस का कहना है कि इस प्रक्रिया से हम धीरे-धीरे इस नीले ग्रह पर होने वाली रात जैसी गतिविधि को ही खोते जा रहे हैं।
LED लाइटें भी हैं इसका बड़ा कारणे
इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने ऐसा पाया है कि पिछले कुछ सालों में भारत समेत दुनिया बाकी देशों में एलईडी लाइच की बिक्री में बंपर इजाफा हुआ है। हालांकि LED लाइटें आम बल्ब, सीएफएल और ट्यूबलाइट के मुकाबले कम बिजली खपत में ज्यादा रौशनी देती हैं। यानि एक 20 वॉट का एलईडी बल्ब 100 वॉट की दूसरे लाइटों के बराबर होता है और उनके मुकाबले उसकी 10 से 20 गुना ज्यादा लाइफ भी होती है।लेकिन वैज्ञानिकों ने कहा कि सस्ती होने के कारण लोग ज्यादा मात्रा में LED लाइटें खरीद रहे हैं। रिसर्चरों की मानें तो जहां एलईडी से लाइट की बचत होने का अनुमान था वहीं ज्यादा तादाद में नई लाइटें खरीदे जाने से लाइटों की रौशनी और बढ़ गई है।

अमेरिका के आतंकवाद विरोधी शीर्ष जानकार एवं दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञों ने मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को रिहा किए जाने की आलोचना की और कहा कि पाकिस्तान का प्रमुख गैर नाटो सहयोगी का दर्जा रद्द करने का वक्त आ गया है। एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ब्रूस रीडल ने पीटीआई से बातचीत में कहा, मुंबई में 26/11 के हमले के नौ वर्ष बीत गए, लेकिन अब तक इसका…
हरारे - जिम्बाब्वे में राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के इस्तीफे से 37 साल लंबे उनके शासन के समाप्त होने के बाद अब जनता को नए नेता का इंतजार है। संसद के विशेष संयुक्त सत्र में मुगाबे की सत्ता के खत्म होने की घोषणा की गई। 93 वर्षीय मुगाबे ने कई दशकों तक जिम्बाब्वे के सार्वजनिक जीवन के हर आयाम पर अपना दबदबा बनाए रखा। मुगाबे के इस्तीफे के बाद मंगलवार शाम…
वाशिंगटन - अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आवाज की गति से तेज चलने वाले (सुपरसॉनिक) लैंडिंग पैराशूट का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इस पैराशूट का इस्तेमाल नासा वर्ष 2020 के मंगल ग्रह मिशन के दौरान करेगा।दरअसल, यह मिशन एक विशेष पैराशूट पर निर्भर है। चूंकि मिशन के दौरान अंतरिक्षयान 5.4 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से मंगल के वातावरण में प्रवेश करेगा, इसलिए उसकी रफ्तार को कम करने के लिए…
वॉशिंगटन - 28 से 30 नवंबर तक हैदराबाद में ग्लोबल इकोनॉमिक समिट (जीईसी) 2017 का आगाज होगा। इस समिट में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप खासतौर पर भारत आ रही हैं। इवांका की मानें तो यह समिट भारत और अमेरिका के बीच मजबूत दोस्ती का सुबूत है। पीएम मोदी का शुक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब जून में अपनी अमेरिका यात्रा पर गए थे…
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