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वॉशिंगटन - याहू ने मंगलवार को ऐलान किया है कि वर्ष 2013 में उसके सभी तीन अरब अकाउंट्स हैक हो गए थे। याहू की मानें तो यह आंकड़ा उसके अनुमान से तीन गुना ज्यादा है और इसे इंटरनेट के इतिहास में सुरक्षा में अब तक की सबसे बड़ी सेंधमारी करार दिया जा रहा है। हैकिंग के बाद भी याहू पर नए अकाउंट्स का बनना जारी था।
केस में मिलेगी मदद
कंपनी के इस खुलासे ने शेयरधारकों और याहू के यूजर्स के द्वारा दायर मुकदमों के दावों का विस्तार करने में मदद की है।कुछ प्रभावित याहू उपयोगकर्ताओं के वकील प्रतिनिधि जॉन यांचुनीस ने कहा कि मामले को आगे बढ़ाने के लिए अधिक जानकारी की तलाश थी, अब हमारे पास वो सारे तथ्य हैं। याहू ने बताया कि खुफिया एंजेसी की जांच में यह सामने आया है कि चोरी किये गए डेटा में बैंक संबंधित जानकारी और दूसरे व्यक्तिगत जानाकरी शामिल नहीं है। लेकिन इसमें पुरानी जानकारी, बैकअप ईमेल पते शामिल थे जिससे उपयोगकर्ता के दूसरे खातों में आराम से सेंध मारी जा सकती थी।
नई जानकारी जुटाने की योजना
यूजर्स के वकील यांचुनिस ने कहा कि उनकी टीम ने अपने आरोपों के विस्तार के लिए इस महीने के अंत तक नई जानकारी हासिल करने की योजना बनाई है। इसके अलावा मंगलवार को, यू.एस. सीनेट कॉमर्स कमेटी के अध्यक्ष सीनेटर जॉन थ्यून ने कहा कि वे डेटा चोरी के इस मामले की सुनवाई इसी महीने करने की योजना बना रहे हैं। जबकि यू.एस. सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन पहले से ही इसकी जांच कर रहा है।

 


वाशिंगटन - अमेरिका के एक शीर्ष जनरल ने आज कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संबंध आतंकवादी समूहों के साथ हैं और उसकी अपनी विदेश नीति है। पाकिस्तान ने हालांकि अमेरिका के इन आरोपों से इनकार किया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी द्वारा आतंकवादी समूहों को समर्थन देने का यह अब तक संभवत: सबसे कड़ा आरोप है। भारत और अफगानिस्तान भी समय-समय पर अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर ऐसे आरोप लगाते रहे हैं।
संसदीय सुनवायी के दौरान सीनेट की विदेश संबंधों की समिति को अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल जोसेफ डनफोर्ड ने बताया, मुझे लगता है, मेरे लिए यह स्पष्ट है कि आईएसआई से संबंध आतंकवादी संगठनों के साथ हैं। डनफोर्ड सीनेटर जो डोन्नेली के सवाल का जवाब दे रहे थे।
डोन्नेली ने पूछा था कि क्या डनफोर्ड को लगता है कि आईएसआई अभी भी तालिबान की मदद कर रहा है्। डनफोर्ड ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के व्यवहार में बदलाव लाने के प्रयासों के तहत अमेरिका द्विपक्षीय रूख अपना रहा है। उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि पाकिस्तान के व्यवहार में एक बात है जो बदलेगी। डनफोर्ड ने आशा जतायी है कि शायद बहुपक्षीय रूख से पाकिस्तान के व्यवहार में कुछ बदलाव आये। शीर्ष अमेरिकी जनरल के साथ वहां मौजूद रक्षा मंत्री जिम मैटिटस ने आईएसआई की आलोचना की।
सार्वजनिक रूप से पहली बार मैटिटस ने यह स्वीकार किया कि आईएसआई की अपनी विदेश नीति है और ऐसा नहीं लगता कि वह संघीय सरकार के अधीन है। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के यह बयान ऐसे समय पर आए हैं जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ तीन दिवसीय दौरे पर वाशिंगटन पहुंच चुके हैं।


वॉशिंगटन - अमेरिका ने वन रोड वन बेल्ट (ओबीओआर) के मुद्दे पर भारत के रुख का समर्थन किया है। अमेरिका ने इसके साथ ही चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का भी विरोध किया है। भारत को अमेरिका के विरोध के साथ ही अब एक नया साथी भी मिल गया है। चीन ने मई में ओबीओर के लिए बेल्ट एंड रोड फोरम का आयोजन किया था और भारत ने इसका बायकॉट किया था। ओबीओआर, सीपीईसी का ही हिस्सा है। सीपीईसी चीन की 60 बिलियन डॉलर वाला प्रोजेक्ट है।
चीन को दी चेतावनी
अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिज ने कहा है कि सीपीईसी विवादित क्षेत्र से होकर गुजरता है। मैटिस ने चीन को चेतावनी भी दी है और कहा है कि किसी देश को सड़क या फिर इस तरह के निर्माण कार्यों के जरिए खुद को तानाशाह साबित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ओबीओआर, सीपीईसी का ही हिस्सा है और पीओके से होकर गुजरता है। जिम मैटिज पिछले हफ्ते ही भारत आए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और साथ ही रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भर खास मीटिंग की थी। सीनेटर चार्ल्स पीटर ने मैटिस से चीन से संबंधित सवाल पूछा था। पीटर का सवाल था कि अपने वन बेल्ट-वन रोड प्रोजेक्ट की मदद से चीन अफगानिस्तान में क्या रोल अदा करेगा?


वाशिंगटन - अमेरिका के रक्षा सचिव जिम मैटिस की मानें तो पाकिस्तान अगर चाहे तो भारत से आर्थिक लाभ उठा सकता है। उनका कहना है कि पाक अगर अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाने का तरीका ढूंढे और अपनी सरजमीं को आतंकवादियों के लिए पनाहगाह न बनने दे तो उसे भारत की ओर से काफी आर्थिक लाभ मिल सकते हैं।
रक्षा मंत्री का अहम बयान
अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने सीनेट की प्रभावशाली सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार का रूख बहुत स्पष्ट है और पाकिस्तान से उसकी जो अपेक्षा है उसे लेकर वह दढ़ है तथा उनका प्रशासन बदलाव लाने के लिए सरकार के सभी आयामों का प्रयोग कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण एशिया नीति घोषित करने के कुछ सप्ताह बाद यह बयान आया है। दक्षिण एशिया नीति में ट्रंप ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी नीति अपनाई है। मैटिस ने कहा कि निश्चित तौर पर एक पड़ोसी के तौर पर भारत की अहम भूमिका है और अगर पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाने का तरीका ढूंढ लेता है और देश के भीतर किसी भी तरह की पनाहगाह का खात्मा करता है तो उसे ठोस आर्थिक लाभ हो सकते हैं।
आतंकवाद काबू किए बिना स्थिरता मुश्किल
रक्षा मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जब तक पनाहगाह खत्म नहीं किए जाते तब तक ना केवल अफगानिस्तान बल्कि पाकिस्तान और भारत के आसपास कहीं भी स्थिरता कायम करना काफी मुश्किल होगा। मैटिस सांसदों के इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि प्रशासन क्यों मानता है कि पाकिस्तान इस समय अपना रवैया बदलेगा। समिति के चेयरमैन सीनेटर जॉन मैक्केन ने कहा कि ट्रंप ने कहा है कि वह आतंकवादियों को प्रश्रय देने वाले पाकिस्तान के प्रति अमेरिका का रूख बदलेंगे। ये आतंकवादी अमेरिकी सेवा के सदस्यों और अधिकारियों को निशाना बनाते हैं।


मनीला - अमेरिका के लास वेगास में गोलीबारी करने वाले स्टीफन पैडॉक की प्रेमिका फिलीपीन से आज अमेरिका लौट आई। पैडॉक ने 59 लोगों की गोली मारकर हत्या करने से पहले अपनी प्रेमिका को 100,000 डॉलर दिए थे।
एफबीआई कर रही थी तलाश
आव्रजन ब्यूरो की प्रवक्ता मारिया एंटोइनेटे मैंग्रोबांग ने बताया कि मारिलोउ डेनली ने लॉस एंजिलिस के लिए मंगलवार रात को मनीला के अंतरराष्ट्रीय हवाईअडडे से उड़ान भरी। विमानन वेबसाइटों के अनुसार डेनली ने जिस विमान से उड़ान भरी थी वह फिलिपीन के समयानुसार बुधवार की सुबह अमेरिका पहुंच गया। फिलिपीन के राष्ट्रीय जांच ब्यूरो (एनबीआई) ने बताया कि एफबीआई ने 62 वर्ष के डेनली को खोजने में मदद मांगी थी।
20 वर्ष पहले गई थी ऑस्ट्रेलिया
एनबीआई प्रवक्ता निक सुआरेज ने कहा, डेनली गत महीने फिलीपीन पहुंची और स्टीफन ने उनके खाते में 100,000 डॉलर भेजे। सुआरेज ने कहा कि एफबीआई डेनली से पूछताछ करना चाहती है लेकिन वह संदिग्ध नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मंगलवार को पुष्टि की कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक डेनली कैसिनो में काम करने के लिए 20 साल पहले अमेरिका गई थीं। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूलिया बिशप ने कहा, ऐसी खबरें हैं कि उसकी आईडी का होटल बुक करने या कुछ ऐसी जानकारी के लिए इस्तेमाल किया गया।
होटल में लगाए थे कैमरे
वहीं अथॉरिटीज का कहना है कि लास वेगास में हमला करने से पहले स्टीफन ने होटल के अंदर कई कैमरा सेट किए थे। इन कैमरों के जरिए म्यूजिक कांसर्ट से पहले वह लोगों पर नजर रखे हुए था। लास वेगास के शेरिफ जो लोम्बारडो ने कहा है कि उनका मानना है कि स्टीफन ने कैमरे सेट किए थे जिनके जरिए वह लोगों पर नजर रखे था। उसका मकसद किसी व्यक्ति को अपनी हिरासत में लेना था। हालांकि उन्होंने और ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। स्टीफन ने लास वेगास के म्यूजिक कांसर्ट में गोलीबारी की और इसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी। स्टीफन ने रविवार को होटल की 32वीं मंजिल से लोगों पर गोलियां बरसाई थीं।


ऑस्टिन - टेक्सास के बेलविल्ले शहर में रहने वाले एक शख्स ने कबाड़ी से एक ड्रॉअर खरीदा। लेकिन जब घर जाकर उसे खोलकर देखा तो होश उड़ गए। दरअसल, शख्स को अंदर से कई सोने के सिक्के और कई महत्वपूर्ण चीजें मिली।
एमिल कनोडेल नामक शख्स ने केवल 100 डॉलर में मार्बल टॉप वाला एक ड्रॉअर खरीदा। जब वह ड्रॉअर को घर ले जाने के लिए गाड़ी में चढ़ा रहा था, उसी दौरान उसे अंदर से कुछ आवाजें आईं।
कनोडेल ने बताया कि आवाज से ऐसा लग रहा था कि अंदर कुछ महत्वपूर्ण सामान रखा हुआ है। मैंने जब उसे घर जाकर खोला तो उसमें सोने के सिक्के, डायमेंड्स, चांदी के सिक्के, विश्व युद्द के मेडल्स आदि निकले।
उन्होंने बताया, 'ड्रॉअर में तीन खांचे थे लेकिन यह सभी बेशकीमती सामान सबसे नीचे वाली ड्रॉअर से निकला।' हालांकि, उनका कनोडेल का कहना है कि वे इसे पुराने मालिक को वापस कर देंगे।
कनोडेल ने आगे बताया कि मैंने ड्रॉअर खरीदा था, सोने, चांदी जैसी चीजें नहीं। अगर मैंने ये अपने पास रख लिया तो मुझे कभी भी अच्छा नहीं लगेगा। उन्होंने ड्रॉअर खरीदने के कुछ दिनों बाद उसे पुराने मालिक को वापस भी कर दिया।
कनोडेल को इसमें कई देशों की महंगी करेंसी भी मिली थी। बता दें कि कनोडेल ने बेशकीमती चीजों तकरीबन कितने रुपये की हैं, यह नहीं बताया है।

लंदन - अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के बाद उसका बेटा हमजा ब्रिटिश और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है। ब्रिटिश सरकार ने उसे जिंदा या मुर्दा सामने लाने का आदेश दिया है। ब्रिटिश और अमेरिकी कमांडो सीरिया में हेलीकॉप्टरों, ड्रोनों की मदद से हमजा की तलाश में जुटे हैं। वह अमेरिकी और ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में है। माना जा रहा है कि…
लास वेगास - फेसबुक्र, ट्विटर और इंस्टाग्राम, सोशल मीडिया के कुछ ऐसे मीडियम जिन्हें इस मकसद से ईजाद किया गया था कि पलभर में कोई अपनों से कनेक्ट हो सके। आपस में लोग एक दूसरे से अपने विचार साझा कर सकें और अपने दोस्तों से टच में रह सकें। लेकिन आज यह मीडियम पूरी दुनिया में आतंकियों के लिए एक ऐसे हथियार में तब्दील हो गया है जिसके जरिए कई…
लास वेगास - सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक से ऐसी गलती हो गई है कि लोग साइट और को-फाउंडर मार्क जुकरबर्ग को देश विरोधी करार देने लगे हैं। सोमवार को लास वेगास में एक कांसर्ट के दौरान स्टीफान पैड्डॉक मेस्क्वाइट नामक व्यक्ति ने फायरिंग की और 59 से ज्यादा लोगों की जान ले ली। इस हमले में सैकड़ों लोग भी घायल हो गए। एक तरफ जहां लोग हमले में अपनों को…
न्यूयॉर्क - आईएसआईएस सरगना बगदादी अपने नए रंगरूटों को अमेरिका के लचर गन कानूनों का फायदा उठाने की सीख देता है। तमाम आतंकी ग्रुप इस बात से वाकिफ हैं कि अमेरिका में गन की बिक्री पर किसी तरह की रोकटोक नहीं है। इस बात का खुलासा वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के हवाले से हुआ है। उसके मुताबिक मई में आईएसआईएस के प्रचार पत्रिका रुमिया में इस संबंध में एक…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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