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नई दिल्ली - चीन ने डोकाला के नजदीक दोबारा बड़ी संख्या में अपने सैनिकों की तैनाती की है। बता दें कि जून में इसी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच गतिरोध शुरू हुआ था, जो 73 दिनों के बाद कूटनीतिक माध्यम से हल हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि डोकाला में चीन अपने सैनिकों की संख्या धीरे धीरे बढ़ा रहा है। इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा, डोकालाम पठार में चुंबी घाटी में चीनी सैनिकों की मौजूदगी से पैदा हुए तनाव का संकेत वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस.धनोआ ने भी अपने बयान में दिया।
वायुसेना प्रमुख ने गुरुवार को कहा, दोनों पक्ष सीधे तौर पर आमने-सामने नहीं हैं। हालांकि चुंबी घाटी में अब भी उनके जवान तैनात हैं। मैं आशा करता हूं कि वे वापस चले जाएंगे, क्योंकि इलाके में उनका अभ्यास पूरा हो गया है। डोकाला को लेकर चीन और भूटान के बीच क्षेत्रीय विवाद रहा है तथा भारत इस मुद्दे पर भूटान का समर्थन कर रहा है।
भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकाला में 16 जून से 73 दिन तक गतिरोध की स्थिति बनी रही थी। इससे पहले भारत की सेना ने चीन की सेना द्वारा विवादित क्षेत्र में एक सड़क के निर्माण पर रोक लगा दी थी। गतिरोध के दौरान भूटान और भारत एक दूसरे से संपर्क में रहे जो गत 28 अगस्त को समाप्त हुआ।
इस तरह की भी खबरें हैं कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने यातुंग में अग्रिम चौकी पर सैनिकों की संख्या में वृद्धि की है। सूत्रों के मुताबिक डोकलाम पठार में चीन के सैनिकों को तैनात किया गया है। लेकिन सर्दियों में वे इलाका छोड़कर चले जाते हैं।
चीन ने नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया
रिश्तों में खटास के संकेत चीन ने भी अपने नागरिकों के लिए परामर्श जारी कर दिया है। भारत में चीनी दूतावास ने डोकाला विवाद समाप्त होने के बाद भी अपने नागरिकों को परामर्श जारी कर कहा है कि उन्हें कुछ इलाकों में जाने की इजाजत देने से इनकार किया जा सकता है। दूतावास की वेबसाइट पर मंगलवार को जारी परामर्श में कथित कई मामलों का उल्लेख किया गया है, जिनमें चीनी नागरिकों को किसी इलाके में जाने से रोका गया है या जांच की गई है। बता दें कि गत चार महीने में चीन का अपने नागरिकों के लिए जारी यह तीसरा परामर्श है।


नई दिल्ली - इलेक्ट्रिक कार और बाइक के बाद अब इलेक्ट्रिक हवाई जहाज भी बनने जा रही है। अमेरिका के सिएटल स्थित स्टार्टअप जुनुम एयरो ने विमान बनाने वाली मशहूर कंपनी बोईंग और जेटब्लू एयरवेज कार्पोरेशन के साथ मिलकर यह प्रोजेक्ट शुरू किया है और इसके साल 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। जुनम एयरो कंपनी ने छोटी श्रेणी के हवाई जहाज निर्माण के कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है और यह एयरक्रॉफ्ट उसका पहला प्रोजेक्ट होगा। कंपनी के मुताबिक इस इलेक्ट्रिक एयरक्रॉफ्ट में 12 लोगों के बैठने की जगह होगी। इसमें दो इलेक्ट्रिक मोटर्स लगे होंगे। इसके जरिए 1000 माइल (1,600 किमी) के अंदर की यात्रा आसानी से की जा सकेगी। इसमें पैसे और टाइम दोनों की बचत होगी।
बोइंग और जेटब्लू एयरवेज लगाएंगे पैसा
जुनम कंपनी इलेक्ट्रिक एयरक्रॉफ्ट, जो रैपिड इवॉल्विंग बैटरी टेक्नॉल्जी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम पर बेस्ड होगा, का निर्माण करेगी। इस प्रोजेक्ट में बोईंग और जेटब्लू एयरवेज कार्पोरेशन पैसा लगाएंगे और एयरक्रॉफ्त की डिजाईनिंग में मदद करेंगे। बोईंग ने अपने एक बयान में कहा, 'हम एक ऐसी कंपनी के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम करना चाह रहे थे, जिसे इेलेक्ट्रिक और आॅटोनॉमस फ्लाईट टेक्नॉल्जी में विशेषज्ञता हासिल हो।
क्या होगी एयरक्रॉफ्ट की खासियत
जुनम कंपनी ने इस बहुप्रतिक्षित इलेक्ट्रिक एयरक्रॉफ्ट के बारे में बताया, 'इसकी स्पीड 340 माइल्स प्रति घंटा होगी। यह एयरक्रॉफ्ट 25,000 फीट (7,600 मीटर) की अधिकतम ऊंचाई पर उड़ान भरेगा। यह पारंपरिक एयरक्रॉफ्ट्स से धीमा और कम ऊंचाई पर उड़ान भरेगा। अभी वर्तमान में जो बैटरी टेक्नॉल्जी विकसित है, उसमें सिर्फ 100 मील तक ही एयरक्रॉफ्ट को पॉवर देने की क्षमता है। इसलिए इस एयरक्रॉफ्ट में गैस-पॉवर्ड इंजन लगेगा, जिससे इलेक्ट्रिसिटी जनरेट कर इंजन को पॉवर सप्लाई की जाएगी।
उबर टेक्नॉल्जी इंक, यूरोपियन एयरक्रॉफ्ट मैन्युफैक्चरर एयरबस सहित कुछ अन्य कंपनिया सेल्फ-फ्लाइंग इलेक्ट्रिक कार बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। जुनम ऐसी पहली कंपनी है, जिसने इलेक्ट्रिक एयरक्रॉफ्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए संबंधित नियामक संस्था से सर्टिफिकेशन हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद एविएशन सेक्टर में रिजनल पैसेंजर्स को कम खर्चे में एयरक्रॉफ्ट सुविधा उपलब्ध कराना है। क्योंकि, ऐसे यात्रियों के लिए प्राइवेट जेट या का​मर्शियर जेटलाइनर्स से ट्रेवेल करना काफी महंगा पड़ता है।


लास वेगास - पिछले दिनों अमेरिका के लास वेगास में गोलीबारी की घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है। वहीं एक तस्वीर इस घटना की ऐसी पहचान बन चुकी है जो कई मायनों में मानवता को भी बयां करती है। एक युवा गोलीबारी के दौरान एक महिला को बचाते हुए नजर आ रहा है। इस युवा ने न सिर्फ उस महिला की जान बचाई बल्कि वहां पर मौजूद कुछ और लोगों की जान बचाने में भी कामयाब हुआ। यह युवा कोई और नहीं बल्कि अमेरिका सेना का सैनिक है।
दोस्त ने पहचाना मैथ्यू को
इस सैनिक का नाम मैथ्यू कॉब्स है और यह अमेरिका सेना में कार्यरत है। मैथ्यू की पहचान उनके एक दोस्त जैसन मैडी ने फोटोग्राफ देखकर की। जैसन ने बताया कि उन्हें जैसे ही यह तस्वीर दिखी उन्होंने मैथ्यू को पहचान लिया। जैसन भी मैथ्यू के साथ ही पोस्टेड थे। जैसन ने बताया कि मैथ्यू, हवाई से आने वाली घुड़सवार प्लाटून का हिस्सा थे और उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्होंने कई लोगों की जिंदगियां बचाई।
फिलहाल कैलिफोर्निया में मैथ्यू
डेली मेल की खबर के मुताबिक कॉब्स ने जमीन पर पड़ी महिला को इस तरह से ढंक लिया था कि वह हादसे को न तो देख पाईं और न ही उन्हें गोली लगी। इसके अलावा मैथ्यू ने वहां पर मौजूद बाकी लोगों की जान भागकर बचाई। मैथ्यू और वह महिला दोनों ही घटनास्थल से चले गए थे और लोगों को इस बात की फिक्र थी कि दोनों की जान बची या फिर नहीं। डेली मेल ने लिखा है कि उस महिला की जान बचाने के बाद मैथ्यू डेंजर जोन में गए और फिर दूसरे घायलों की मदद की। डेली मेल के मुताबिक मैथ्यू अब कैलिफार्निया में अपने परिवार के साथ हैं।


नई दिल्ली - ब्राजील के साउ पाउलो राज्य में एक गैंग ने बैंक से 21 हजार करोड़ रुपये लूटने की योजना बनाई और बैंक की तिजोरी तक पहुंचने के लिए आधा किलोमीटर लंबी एक सुरंग भी खोद डाली। इस सुरंग में बिजली और हवा की आवाजाही की व्यवस्था थी। पर वक्त रहते ब्राजील पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दावा है कि यह लूट अंजाम तक पहुंचती तो नगदी पैसों की दुनिया की सबसे बड़ी लूट होती है।
पुलिस के जांच अधिकारी फैबियो पिनहेरो लोप्स ने बताया कि चोर ब्राजील के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक 'बैंको डो' की शाखा को लूटना चाहते थे। बैंक में 250 मिलियन पाउंड यानी करीब 2125 करोड़ रुपये के बराबर मूल्य वाली ब्राजीलियन मुद्रा रखी थी। चोरों ने इसके लिए एक घर किराए पर लिया और वहां से बैंक तक के लिए भूमिगत सुरंग खोदनी शुरू कर दी।
सुरंग बनाने में लकड़ी और लोहे का इस्तेमाल किया गया था। अब पुलिस उस महिला की तलाश कर रही है, जिसने सुरंग बनाने के लिए फर्जी पहचान के जरिए इस गैंग को घर दिलाया था। पुलिस ने इस गैंग के मास्टर माइंड का नाम एलिसू सेऊ गोम्स नोगीरा बताया है, जो पहले भी ग्रेनेड और बम के जरिए कई बैंक लूट का अंजाम दे चुका है। बता दें कि सुरंग 500 मीटर लंबी थी और इसे खोदने में चार महीने का वक्त लगा था।
16 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने शहर के एक वेयरहाउस से सोमवार रात 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से सुरंग खोदने के उपकरण और पैसे निकलाने में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक इस साजिश में बीस सदस्यों का गैंग शामिल था। गैंग के हर सदस्य ने 2 लाख ब्राजीलियन मुद्रा देकर 40 लाख का एक फंड तैयार किया था। इस पैसे से ही सुरंग खोदी जा रही थी।
ब्राजील में हो चुकी है ऐसी चोरी
ब्राजील में पहले भी इसी तरकीब से बैंक में चोरी हो चुकी है। चोरों ने ब्राजील के सेंट्रल बैंक की फोर्टालेजा शाखा से 165 मिलियन ब्राजीलियन मुद्रा चोरी कर चुके हैं। उस बार भी सुरंग बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया था। ब्राजील में इन दिनों कई आपराधिक गैंग सक्रिय हैं जो बेहद खौफनाक तरीके से हत्या जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। इन गैंगों में शामिल अपराधियों की उम्र 35 साल से ज्यादा है।


लास वेगास - अधिकारियों का मानना है कि इस शख्स ने एक झटके में इस नरसंहार को अंजाम नहीं दिया है बल्कि उसने पूरी सावधानीपूर्वक हमले की योजना बनाकर जघन्य कांड को अंजाम दिया। जांचकर्ताओं की मानें तो हमले के बाद बच निकलने की फिराक में था। इसके लिए उसने पूरी योजना भी बनाई थी, लेकिन अंतिम समय में चारों तरफ से घिर जाने के बाद उसने खुद को गोली मार ली। जांचकर्ताओं को यह भी शक है कि हमले की योजना बनाने में उसे किसी बाहरी व्यक्ति ने भी मदद की है। इसके अलावा पैडॉक की प्रेमिका ने हमले की योजना की कोई जानकारी होने से इनकार किया है। साथ ही उसने पैडॉक को ‘एक शांत तथा परवाह करने वाला’ शख्स करार दिया।
हमलावर की गर्लफ्रेंड मारिलोउ डेनेली ने गोलीबारी पर अपने पहले सार्वजनिक बयान में कहा कि वह स्टीफन पैडॉक के साथ अपना भविष्य बिताना चाहती थी। उसने कहा, ‘उसने न तो मुझे कभी कुछ बताया या न ही ऐसा कोई कदम उठाया जिससे मैं अनुमान लगा पाती कि ऐसा कुछ भयानक होने वाला है।’पैडॉक की प्रेमिका ने बताया कि दो हफ्ते पहले उसने कहा था कि उसे उसके परिजनों से मिलने के लिए फिलिपींस जाने की खातिर एक किफायती हवाई टिकट मिली है। जब वह फिलिपींस में थी तब उसने वहां मकान खरीदने के लिए उसे कुछ धन राशि भी भेजी थी। उसने कहा कि उस समय उसे लगा कि पैडॉक उससे रिश्ता खत्म करना चाहता है।
पुलिस अब तक हमले के पीछे के उद्देश्य का पता लगाने में नाकाम रही है। गुत्थी सुलझाने को पिछले तीन दिन से 100 से ज्यादा लोगों की टीम जांच में जुटी है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने फिर से स्पष्ट किया है कि लास वेगास की घटना एक आतंकी हमला नहीं है। एजेंसी ने ऐसा कोई भी सबूत मिलने से इंकार किया है जिससे इस हमले को आतंकवादी हमला करार दिया जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में हुई अब तक की सबसे भयावह गोलीबारी से बचे लोगों से मुलाकात के लिए बुधवार को लास वेगास का दौरा किया। मगर इस दौरान वह मीडिया से अपने संबोधन में बंदूक नियंत्रण के मुद्दे पर बातचीत से कन्नी काट गए। ट्रंप ने कहा कि वह लास वेगास के अपने इस दौरे में इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करना चाहते।


नई दिल्ली - पाकिस्तान के कब्जे में मौजूद भारतीय नौसेना के पूर्व अफसर कूलभूषण जाधव की जान को खतरा माना जा रहा है। पाकिस्तानी संस्था ‘इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस’ (आईएसपीआर) के मेजर जनरल आसिफ गफूर का कहना है कि कूलभूषण जाधव की दया याचिका अपने अंतिम चरण में है। जल्द ही पाकिस्तान की जनता को ‘गुड न्यूज’ दी जाएगी।
गफूर ने कहा, ‘कुलभूषण जाधव की दया याचिका सेना प्रमुख के पास है। एक प्रक्रिया है, हर चीज प्रक्रिया से होकर गुजरती है लेकिन मैं आश्वस्त कर सकता कि यह अंतिम फैसले के करीब है।’ भारतीय नौसेना के 46 साल के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पाकिस्तान की सैन्य कोर्ट ने कथित रूप से जासूसी और विध्वंसकारी गतिविधियों में संलिप्तता के लिए अप्रैल में मौत की सजा सुनाई थी। कुलभूषण पर पाक के लिए अच्छी खबर की बात को उनको जल्द फांसी या फिर किसी और तरह से उनको नुकसान पहुंचाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में गफूर ने भारत पर कई बेबुनियाद आरोप लगाए। बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के बावजूद गफूर ने कहा, ‘हम भारत की तरह हम कभी भी फायरिंग नहीं कर सकते क्योंकि सीमा पार हमारे कश्मीरी भाई हैं। सीमा पार जब भी कुछ होगा तो सैनिकों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाएगा।’ गफूर ने यह भी कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है, इसलिए हम सभी स्तर उनसे बातचीत कर रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा रविवार को काबुल के दौरे पर थे। इसके बाद आसिफ गफूर ने मीडिया को संबोधित किया।
अंतरराष्ट्रीय अदालत ने सजा पर रोक लगाई थी :
अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत की 10 सदस्यीय पीठ ने 18 मई को मामले की सुनवाई करते हुए जाधव की फांसी की सजा के अमल पर रोक लगा दी थी। इसके जवाब में पाकिस्तान ने कहा था कि वियना समझौते में कंसुलर संपर्क से जुड़े प्रावधान आतंकी गतिविधियों में शामिल किसी जासूस के लिए नहीं है।
राजनयिक पहुंच के आग्रह को भी ठुकराया :
पाकिस्तान ने जाधव को राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए भारत के आग्रह को भी ठुकरा दिया। 46 वर्षीय पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पिछले साल तीन मार्च को पाकिस्तान ने गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था।

 

रोम - एक बड़े और अहम घटनाक्रम के तहत इटली में अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थानीय अथॉरिटीज ने कुछ दिनों पहले कार्लो गेरोसा को स्विट्जरलैंड से वापस आने पर गिरफ्तार किया है। गेरोसा की गिरफ्तारी रेड ईडी की ओर से भेजे गए रेड कॉर्नर नोटिस के अनुरोध के बाद की गई है। ईडी वीवीआईपी चॉपर घोटाले में 3,600 करोड़ रुपए से जुड़े…
प्योंगयांग - नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिका पर परमाणु हमले की धमकी दी है। तानाशाह उन ने धमकी देते हुए कहा है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया को भड़काना जारी रखा तो फिर अमेरिका पर परमाणु हथियारों का प्रयोग करना पड़ेगा। नॉर्थ कोरिया की ओर से यह धमकी उस समय आई है जब अमेरिका के बॉम्बर जेट्स इस देश की सीमा तक पहुंच…
नई दिल्ली - अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने रेक्स टिलरसन द्वारा एक निजी बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मंदबुद्धि कहने संबंधी खबरों का खंडन किया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नौअर्ट ने एक वक्तव्य जारी कर यह बात कही। नौअर्ट ने कहा कि विदेश मंत्री इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करते और उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के विषय में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं कहा।इससे पहले टिलरसन ने…
नई दिल्ली - गूगल ने गूगल पिक्सल 2 और गूगल पिक्सल 2 एक्सएल स्मार्टफोन लॉन्च कर दिए हैं। कैलिफोर्निया की दिग्गज सर्च कंपनी गूगल ने सैन फ्रांसिस्को में आयोजित एक इवेंट में इन स्मार्टफोन्स को लॉन्च किया। इन दोनों फोनों को सबसे पहले पाने वाले 7 देशों में भारत भी शामिल है। भारत में पिक्सल 2 की कीमत 42 से 44 हजार रुपये के बीच और पिक्सल 2 XL की…
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