दुनिया

दुनिया (2208)


इस्लामाबाद - पाकिस्तान ने सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय एवं चीनी बलों के बीच करीब दो महीने से जारी गतिरोध पर चिंता जताते हुए कहा है कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखना सभी देशों की जिम्मेदारी है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि पाकिस्तान ने सिक्किम सीमा में भारतीय उल्लंघन पर ध्यान दिया है और क्षेत्र में बढ़ते भारत की जिद और उसके कब्जे की कोशिशों को लेकर चिंतित है। जकारिया ने कहा कि भारत का यह बर्ताव क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को खतरे में डाल रहा है।
जकारिया ने कहा कि यह क्षेत्र के सभी देशों के हित में है कि वे क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए काम करें। जकारिया ने कहा कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखना सभी देशों की जिम्मेदारी है। पाकिस्तान हमेशा से ही क्षेत्र की शांति और समृद्धि चाहता है। जकारिया के मुताबिक ऐसा देखा गया है कि भारत में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंधों में गिरावट आई है। जकारिया ने कहा कि भारत को यह समझने की जरूरत है कि सहयोग के जरिए क्षेत्रों के लोगों की बेहतरी हो सकती है। ऐसा करने के लिए हमें सभी विवादपूर्ण मामलों, विशेष रूप से जम्मू कश्मीर के मामले को सुलझाने की जरूरत है। जकारिया ने कहा कि भारत इस संबंध में सकारात्मक नहीं रहा है।
जकारिया ने भारत पर यह भी आरोप लगाया कि सार्क के प्रति अपने देखरेख से भारत इस क्षेत्र की आर्थिक विकास को भी बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सार्क का एकमात्र मकसद इस क्षेत्र के लोगों का आर्थिक विकास करना है। जकारिया ने दावा किया कि सार्क सम्मेलन का आयोजन पाकिस्तान में ठीक समय पर होगा।


इस्लामाबाद - मुंबई हमलों का साजिशकर्ता और आतंकवाद का बादशाह मोस्ट वांटेंड आतंकी हाफिज सईद अब राजनीति में आगाज करने जा रहा है। हाफिज सईद ने अब अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला किया है। उसकी यह पार्टी उसके संगठन जमात उद दावा (जेयूडी) का ही नया अवतार होगा और हाफिज इसे मिल्ली मुस्लिम लीग पाकिस्तान के नाम से रिलॉन्च करेगा।
नवाज के जाते ही हाफिज का फैसला
हाफिज सईद ने तय किया है कि वह मिल्ली मुस्लिम लीग पाकिस्तान को पाकिस्तान के चुनाव आयोग में रजिस्टर कराएगा। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात है कि उसने यह फैसला ठीक उस समय लिया है जब नवाज शरीफ को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी है। हाफिज सईद पाकिस्तान की सेना और इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के काफी करीब है।
भारत में आतंकी वारदातों का दोषी
हाफिज को 31 जनवरी में पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने 90 दिनों तक नजरबंद रखने का फैसला किया था। यह समयसीमा 27 जुलाई को खत्म हो रही थी। इसके बाद इसी हफ्ते उसकी नजरबंदी को दो माह और बढ़ा दिया गया है। हाफिज सईद नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों के साथ ही भारत में कई हमलों की साजिश का गुनाहगार है। जम्मू कश्मीर में हिंसा फैलाने में भी उसकी सक्रिय भूमिका रही है।


नई दिल्ली - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक इमिग्रेशन पॉलिसी का ऐलान किया है जिसके जरिए कई लोगों को मेरिट के आधार पर अमेरिका में रहने का कार्ड मिल सकता है। अगर यह प्रस्ताव अमेरिका की कांग्रेस में पास होता है, तो इससे सीधे तौर पर भारत समेत कई देशों को फायदा हो सकता है। इस एक्ट को रिफॉर्मिंग अमेरिकन इमिग्रेशन फॉर स्ट्रॉन्ग इम्प्लोयमेंट ( Reforming American Immigration for Strong Employment) (RAISE) एक्ट कहा जा रहा है।
इस सिस्टम के आने के बाद अभी जो लॉटरी सिस्टम चल रहा है वह खत्म होगा और सीधे प्वाइंट् बेस्ड सिस्टम आएगा। जिसके जरिए अच्छी इंग्लिश बोलने की स्किल, पढ़ाई, अच्छी जॉब को ध्यान में रखा जाएगा। व्हाइट हाउस में इस एक्ट का ऐलान करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस एक्ट के आने से गरीबी कम होगी, वहीं टैक्स देने वाले लोगों का पैसा भी बचेगा। इसके जरिए दूसरे देश के लोगों को अमेरिका के लिए ग्रीन कार्ड मिलेगा। ट्रंप बोले कि इस एक्ट के जरिए पुराना सिस्टम खत्म होकर, नियम के अनुसार प्वाइंट बेस सिस्टम शुरू होगा।
इस एक्ट के आने के बाद उन लोगों को ग्रीन कार्ड हासिल करने में आसानी होगी, जिन्हें अच्छी इंग्लिश बोलनी आती है, जो लोग अपना खर्च उठाने के लिए सक्षम हैं और अपने कौशल के द्वारा अमेरिका की इकॉनोमी को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के साथ किसी अमेरिकी कर्मचारी के साथ भी भेदभाव नहीं हो पाएगा। ट्रंप ने कहा कि अब ऐसा नहीं हो पाएगा कि कोई भी अमेरिका में आएगा, और आसानी से पैसा कमाना शुरू कर देगा। अगर आपके पास स्किल है तभी आप लोग यहां पर काम कर सकते हैं।
H1B वीजा पर सख्त हुए थे ट्रंप
आपको बता दें कि ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद H1B वीजा पर कड़ा रुख अपनाया था। जिससे प्रवासी लोगों को काफी फर्क पड़ा था। एच1बी वीजा ऐसे देशी पेशेवरों के लिए जारी किया जाता है जो ऐसे 'खास' कामों के लिए स्किल्ड होते हैं। अमेरिकी सिटीजनशिप और इमिग्रेशन सर्विसेज के मुताबिक, इन 'खास' कामों में वैज्ञानिक, इंजीनियर और कंप्यूटर प्रोग्रामर शामिल हैं।
हर साल करीब 65000 को लॉटरी सिस्टम के जरिए ऐसे वीजा जारी किए जाते हैं। आईटी कंपनियां इन प्रोफेशनल पर ज्यादा निर्भर होती है। साल 2017- 2018 के लिए एच1बी वीजा जारी करने के लिए सोमवार को बिना किसी बदलाव के लॉटरी सिस्टम शुरू हो चुका है।


इस्लामाबाद - पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने देश के पूर्ववर्ती सैन्य शासकों का बचाव करते हुए कहा है कि वे हमेशा देश को फिर से पटरी पर ले आए जबकि नागरिक सरकारों ने देश को पटरी से उतारा। मुशर्रफ देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हैं। 1999 में नवाज शरीफ की नागरिक सरकार का सेना के जरिए तख्तापलट करने वाले मुशर्रफ ने दावा किया कि सत्ता से बेदखल किए गए प्रधानमंत्री की उनके तीसरे कार्यकाल में भारत के प्रति नीति बिल्कुल बिकी हुई थी यद्यपि उन्होंने यह नहीं समझाया कि उनका इससे क्या आशय है।
उन्होंने यह बातें एक साक्षात्कार के दौरान कहीं। यह साक्षात्कार दुबई में रिकार्ड किया गया। 73 वषीर्य मुशर्रफ मार्च 2016 में पाकिस्तान छोड़ने के बाद वहीं रह रहे हैं। मुशर्रफ कई आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिनमें संविधान का उल्लंन और 2007 में आपातकाल घोषित करने के लिए देशद्रोह का आरोप शामिल है। मुशर्फ पर दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रही बेनजीर भुट्टो की 2007 में हत्या में संलिप्तता का भी आरोप है।
उन्होंने साक्षात्कार में कहा, 'जो कोई भी पाकिस्तान के कल्याण के खिलाफ सक्रियता से काम करता है वह देश के खिलाफ है और उसे मार दिया जाना चाहिए। 2001 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे मुशर्रफ ने 1999 में अपने हस्तक्षेप का बचाव करते हुए कहा कि वो देश को बचाना चाहते थे। उन्होंने कहा, 'संविधान को नजरंदाज किया जा सकता है, यदि देश को बचाने की जरूरत है।' उन्होंने पाकिस्तान में सेना द्वारा नागरिक सरकारों से 'सत्ता अपने हाथ में लेने' का बचाव करते हुए कहा कि असली विकास केवल सैन्य शासनों के दौरान हुआ।
वह देश में अपनी वापसी पर इस बात को लेकर विश्वास में दिखे कि पाकिस्तानी सेना उनके पक्ष में खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, 'मैंने सेना प्रमुख के तौर पर काम किया है और सेना हमेशा ही मेरे हित की रक्षा करेगी।' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को 1971 में देश को तोड़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया। मुशर्रफ ने जनरल जियाउल हक की अफगानिस्तान नीति का बचाव किया लेकिन इससे सहमति जतायी कि हक की कुछ नीतियों के चलते अतिवाद उत्पन्न हुआ।


नई दिल्ली - क्या आपने कभी सोचा है कि एलियन हमारी पृथ्वी पर हमला कर दें। क्या ऐसा हो सकता है? हाल ही में नासा दूसरे ग्रहों से होने वाले किसी भी प्रकार के खतरों से बचने के लिए प्रोटेक्शन ऑफिसर की भर्ती कर रहा है। इस अधिकारी का काम चंद्रमा या फिर पृथ्वी से होने वाले प्रदूषण को रोकना है।
पद का नाम है प्रोटेक्शन ऑफिसर, ये फुल टाइम और स्थाई जॉब है। इसकी जानकारी यूएस सरकार ने अपनी रोजगार वेबसाइट पर दी है। इस जॉब के लिए सभी अमेरिकी नागरिक योग्य हैं और अपनी एप्लीकेशन 14 अगस्त तक भेज सकते हैं। आपको बता दें कि यूरोप स्पेस एजेंसी में भी प्रोटेक्शन ऑफिसर का पद है।
इस नौकरी के लिए सैलरी की बात करें तो ये छह फीगर में होगी यानी करीब 187,000 डॉलर। और काम की बात की जाए तो इस पोस्ट में नासा के मिशन प्लांटरी प्रोटेक्शन की जरूरतों के हिसाब से होने वाले अलग-अलग एक्टिविटी की प्लानिंग करना और उनमें सहयोग करना।
योग्यता की बात करें तो इस पद के लिए उम्मीदवार को सरकारी सिविल सेवा में काम करने का एक साल का अनुभव होना चाहिए। यही नहीं उम्मीदवार के पास फिजिकल साइंस, इंजिनियरिंग या गणित में एडवांस डिग्री होनी चाहिए।


नई दिल्ली - चीन ने एक बार फिर पठानकोट हमले के मास्टर माइंड आतंकी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी मानने से इनकार कर दिया है। चीन ने चालबाजी दिखाते हुए संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर अपने वीटो का अधिकार किया है। चीन ने इसबार मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर 3 महीने के लिए तकनीकी रोक लगा दी है। संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए अमेरिका की ओर से प्रस्ताव लाया गया था।
अब 2 नवंबर तक रोक
चीन द्वारा मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर तकनीकी बाधा की आखिरी तारीख 2 अगस्त थी। अगर चीन इस तारीख के बाद फिर से बाधित करने का फैसला नहीं लेता तो मसूद अजहर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से औपचारिक तौर पर आतंकी घोषित किया जा सकता था। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक डेडलाइन खत्म होने के ठीक पहले चीन ने फिर एक बार फिर प्रस्ताव पर 3 महीने के लिए तकनीकी बाधा पैदा कर दी है। अब रोक की तारीख 2 नवंबर तक की है।
चीन का तर्क
चीन यह कहकर भारत के कदम का विरोध कर रहा है कि यूएनएससी 1267 में कोई सहमति नहीं है। यूएनएससी 1267 आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं पर वैश्विक प्रतिबंध लगाती है। जेईएम पहले ही प्रतिबंधित सूची में है। भारत ने पिछले साल मार्च में संयुक्त राष्ट्र में अजहर पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा था। भारत ने उसे पठानकोट आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड बताया।
बढ़ सकते हैं भारत चीन के तनाव
पठाकोट हमले के मास्टरमाइंड का पक्ष लेने पर चीन के साथ भारत के तनाव की स्थिति और गहरा सकती है। अभी डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं भी आमने सामने हैं और राजनयिक तौर पर भी तनाव बरकरार है। उधर तोकलाम पर चीन ने दावा कि है कि भारत ने डोकलाम से अपनी सेना को कम कर लिया है, जबकि भारत ने इस बात से इनकार किया है।
इससे पहले चीन ने बुधवार को कहा था कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना, मसूद अजहर को यूएन टेररिस्ट घोषित कराने के अमेरिकी प्रस्ताव पर फैसले के लिए कुछ वक्त चाहिए।
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के कारण चीन के पास वीटो पावर है। चीन ने इससे पहले भी कई बार जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रयासों को बाधित किया। पिछले साल मार्च में 15 देशों में सिर्फ चीन ही अकेला देश था जिसने जैश के सरगना को वैश्विक आतंकी घोषित करने के भारत के प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया था। समिति के सभी 14 देशों ने भारत के प्रस्ताव का समर्थन किया था।
चीन संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने पर अभी फैसला लेने को तैयार नहीं है। इस संबंध में लंबित अर्जी पर चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि समय आने पर फैसला लिया जाएगा। इस साल की शुरुआत में चीन ने इस अर्जी पर तकनीकी रूप से छह महीने के लिए रोक लगाई थी। इसकी जल्द ही समीक्षा होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने पहले एक लिखित जवाब में कहा था, ‘हमने कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति को चीन के रुख से अवगत कराया है।’
चीन यह कहकर भारत के कदम का विरोध कर रहा है कि यूएनएससी 1267 में कोई सहमति नहीं है। यूएनएससी 1267 आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं पर वैश्विक प्रतिबंध लगाती है। जेईएम पहले ही प्रतिबंधित सूची में है। भारत ने पिछले साल मार्च में संयुक्त राष्ट्र में अजहर पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा था। भारत ने उसे पठानकोट आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड बताया।
आपको बता दें कि इसी साल फरवरी में चीन ने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के अमेरिका के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में बाधित किया था।

नई दिल्ली - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक इमिग्रेशन पॉलिसी का ऐलान किया है जिसके जरिए कई लोगों को मेरिट के आधार पर अमेरिका में रहने का कार्ड मिल सकता है। अगर यह प्रस्ताव अमेरिका की कांग्रेस में पास होता है, तो इससे सीधे तौर पर भारत समेत कई देशों को फायदा हो सकता है। इस एक्ट को रिफॉर्मिंग अमेरिकन इमिग्रेशन फॉर स्ट्रॉन्ग इम्प्लोयमेंट ( Reforming American…
वॉशिंगटन - विश्व बैंक ने कहा है कि किशनगंगा और रातले हाइड्रोइलेक्ट्रिक बिजली संयंत्रों को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चाएं जारी हैं और अब तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। भारत और पाकिस्तान द्वारा इस मुद्दे पर दो दिवसीय बैठक पूरी किए जाने के एक दिन बाद कल विश्व बैंक ने कहा, 'इस सप्ताह की शुरूआत में बैठकें सद्भावना एवं सहयोग की भावना से आयोजित की…
बीजिंग - चीन संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने पर अभी फैसला लेने को तैयार नहीं है। इस संबंध में लंबित अर्जी पर चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि समय आने पर फैसला लिया जाएगा। इस साल की शुरुआत में चीन ने इस अर्जी पर तकनीकी रूप से छह महीने के लिए रोक लगाई थी। इसकी जल्द ही…
बीजिंग - चीन ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत को अपने इस दृढ़ रूख की सूचना दे दी है कि मौजूदा गतिरोध खत्म करने के लिए उसे 'बिना किसी शर्त के' सिक्किम क्षेत्र के डोकलाम से अपनी सेना तत्काल हटानी चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय ने एजेंसी बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के स्टेट काउंसिलर यांग जेइची के बीच 28 जुलाई को हुई मुलाकात का पहली…
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