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वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को पकड़ने और रिहा करने की परंपरा खत्म करने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस परंपरा के तहत अमेरिका में आए अवैध प्रवासियों को उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद रिहा कर दिया जाता है। ट्रंप ने इस दस्तावेज में रक्षामंत्री से उन सैन्य प्रतिष्ठानों की एक सूची मांगी है जिनका इस्तेमाल करने से अवैध प्रवासियों को हिरासत में रखा जा सकता है।व्हाइट हाउस ने अपने एक बयान में 'पकड़ने और रिहा करने' की नीति को एक 'खतरनाक परंपरा' बताया। आपको बता दें कि इसके तहत देश में अमेरिकी आव्रजन कानूनों का उल्लंघन करने वाले प्रवासियों को रिहा कर दिया जाता है। व्हाइट हाउस ने कहा, अमेरिकी नागरिकों की रक्षा और सुरक्षा राष्ट्रपति की प्राथमिकता है। इसलिए वे देश की रक्षा के अपने वादे को पूरा करेंगे तथा अमेरिकी कानूनों का सम्मान सुनिश्चित करेंगे।अमेरिकी राष्ट्रपति ने कांग्रेस के डेमोक्रेट सदस्यों से आह्वान किया कि वे सीमा सुरक्षा का विरोध खत्म करें और अमेरिका की रक्षा एवं सुरक्षा के लिए अहम उपायों में अड़चन डालना बंद करें। ट्रंप ने कहा कि मानव तस्करी, मादक पदार्थों एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी और गिरोहों के सदस्यों तथा अन्य अपराधियों का अमेरिका की सीमा में घुसना देश की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अमेरिकी नागरिकों की रक्षा के लिए खतरा है

पाकिस्तान के सबसे बड़े टेलीविजन नेटवर्क जियो न्यूज का देश के बहुत से हिस्सों में प्रसारण पर रोक लगा दी गयी है।न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक केबल आपरेटरों के जरिये जियो न्यूज के प्रसारण पर रोक लगाये जाने की कार्रवाई को सेना द्वारा सामान्य संस्थानों को झुकाने की मंशा के रूप में देखा जा रहा है।जियो न्यूज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीर इब्राहीम रहमान ने कहा , ' देश में 8० प्रतिशत स्थानों पर जियो का प्रसारण रोक दिया गया है। 'इस बीच पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण ने जोर देते हुए कहा कि जियो न्यूज के प्रसारण पर रोक लगाने में उसका कोई हाथ नहीं है और केबल आपरेटरों को जियो का प्रसारण अवरद्ध नहीं किये जाने जा निदेर्श जारी करते हुए नोटिस भी दी गयी है।द कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने जियो नेटवर्क पर सेंसरशिप को लेकर चिंता जतायी है।

5 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वक्तव्य जारी कर कहा कि उन्होंने अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधि दफ्तर को 301 रिपोर्ट के मुताबिक चीन के और 1 खरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाले उत्पादों पर सीमा शुल्क बढ़ाने पर सोच विचार करने की आज्ञा दी। यह इस बात का द्योतक है कि चीन और अमेरिका का व्यापारिक विवाद और तीव्र होकर मुठभेड़ बन चुका है। चीन-अमेरिका व्यापारिक लड़ाई लड़ने होने वाली है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप के वक्तव्य के बाद अमेरिकी ह्वाइट हाउस के अधिकारी ने तुरंत कहा कि ट्रंप के वक्तव्य में 1 खरब अमेरिकी डॉलर आयातित उत्पादों की कीमत है, जबकि सीमा शुल्क की कुल राशि नहीं है। अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधि ने भी खुद वक्तव्य जारी कर कहा कि सीमा शुल्क को बढ़ाने का किसी भी कदम तुरंत कारगर नहीं होगा। यह इस बात का द्योतक है कि ट्रंप की सत्तारुढ़ टीम के सदस्य इस समस्या पर भिन्न भिन्न रवैया अपनाते हैं।हालिया दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बहुत जरूरी है, जो विभिन्न देश अपनी श्रेष्ठताओं का प्रसार कर एक दूसरों के उत्पादों की अदला-बदली कर सकते हैं। प्रतिबंध लगाने से अन्य देश की विकास रणनीति को नहीं बदल सकती है। अमेरिका द्वारा जारी की गयी लिस्ट से हम देख सकते हैं कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य है व्यापारिक असंतोलन की समस्या का हल नहीं करना है, बल्कि चीन के उच्च व नवीन तकनीक उद्योग के मकसद में चीनी निर्माण 2025 योजना पर प्रहार करना है। इतिहास में विश्व युद्ध के बाद जापान के तेज आर्थिक विकास की प्रक्रिया में जापान-अमेरिका व्यापारिक विवाद हमेशा रहता था और व्यापारिक लड़ाई पिछली शताब्दी के 60 दशक से 90 दशक तक जारी रही। लेकिन अमेरिका सरकार की कल्पना नहीं है कि जापान व्यापारिक लड़ाई में नहीं हारा, इस के विपरीत जापान ने कुछ उद्योगों का ढांचागत बंदोबस्त कर तेज़ आर्थिक विकास किया। चीन जापान की तरह सिर्फ निर्यात उन्मुख देश नहीं है। चीन में अंदरुनी मांग आर्थिक विकास की प्रमुख प्रेरणा शक्ति बन रही है। चीनी निर्माण 2025 का विकास लक्ष्य व्यापारिक लड़ाई से समाप्त नहीं होगा। इस के विपरीत चीन सरकार और चीनी जनता बाहरी दबाव में और एकजुट कर आगे चलेगा। अमेरिका के वक्तव्य को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय और चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चीन किसी भी कीमत पर जबरदस्त जवाबी प्रहार करेगा। चीन किसी भी धमकी से नहीं डरता है।

 

 

 

4 अप्रैल को अमेरिका ने चीन से आयातित 1333 तरह के उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ़ बढ़ाने की घोषणा की। खुद के कानूनी हितों की रक्षा करने के लिए चीन के संबंधित विभागों ने उसी दिन के तीसरे पहर अमेरिका से आयातित कृषि उत्पादों, मोटर गाड़ियों, रासायनिक उत्पादों और विमान सहित 14 किस्मों के 106 उत्पादों पर टैरिफ़ बढ़ाने का निर्णय भी लिया। चीनी वित्त मंत्रालय और चीनी वाणिज्य मंत्रालय के संबंधित अधिकारी ने उसी दिन पेइचिंग में कहा कि चीन ने विवश होकर यह कदम उठाया है, लेकिन चीन किसी भी बाहरी दबाव में रियायत नहीं देगा। यदि किसी देश व्यापारिक लड़ाई लड़ना चाहता, तो चीन अंत तक लड़ेगा।चीनी उप वित्त मंत्री वांग चू क्वांगयाओ ने पत्रकारों से कहा कि चीन ने चीनी किसानों के अनुरोध का सम्मान करते हुए अमेरिकी सोयाबीन पर टैरिफ़ बढ़ाया है। अब चीन और अमेरिका समस्याओं को मेज़ पर रख चुके हैं और सहयोग की वार्ता करने का वक्त आ गया है।अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधि दफ्तर की 301 जांच रिपोर्ट में चीनी निर्माण 2025 पर चिंता प्रकट की गयी। इस की चर्चा में चीनी उप वाणिज्य मंत्री वांग शोवन ने कहा कि चीनी निर्माण 2025 विश्व व्यापार संगठन के ढांचे में कर्त्तव्य से मेल खाता है, जो पारदर्शी, खुला और गैर-भेदभावपूर्ण है। चीन देश विदेश के उद्यमों के इस योजना में भाग लेने का स्वागत करता है।दोनों मंत्रियों ने यह भी कहा कि चीन अनुकूल व्यापार की खोज नहीं करना चाहता है। चीन आशा करता है कि सहयोग की प्रक्रिया में व्यापारिक संतुलन भी हासिल किया जा सकेगा। व्यापारिक संघर्ष में किसी की भी जीत नहीं होने वाली है। चीन व्यापारिक लड़ाई नहीं लड़ेगा, साथ ही चीन डरता भी नहीं है।चीनी उप वित्त मंत्री चू ने यह जानकारी भी दी कि चीन में सुधार व खुलेपन की नीति के लागू होने की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर चीन सुधार व खुलेपन के और ज्यादा नये कदम उठाएगा। भविष्य में विश्व के लिए चीन के द्वार और अधिक खुलेंगे।

चीनी वित्त मंत्रालय व वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 4 अप्रैल को जारी विज्ञप्ति के अनुसार क्योंकि अमेरिका ने अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी का उल्लंघन कर चीन में तनावपूर्ण स्थिति पैदा की। अपने वैध अधिकारों व हितों की रक्षा के लिये चीन सरकार चीन लोक गणराज्य के वैदेशिक व्यापार कानून और अंतर्राष्ट्रीय कानून की बुनियादी नीति-नियमों के अनुसार अमेरिका से आयातित सोयाबीन जैसे कृषि उत्पादों, कारों, रासायनिक उत्पादों, विमान आदि पर 25 प्रतिशत की टैरिफ़ बढ़ाने का कदम उठाएगी।इस बार के चीन-अमेरिका व्यापारिक संघर्ष की चर्चा में अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक आदान-प्रदान केंद्र के शोधकर्ता च्यांग मोनान ने कहा कि चीन के प्रति अमेरिका द्वारा जारी टैरिफ़ मालों की सूची से यह देखा जा सकता है कि अमेरिका का उद्देश्य केवल अमेरिका के प्रति चीन का व्यापार अधिशेष बदलना नहीं है, और यह घटना केवल द्विपक्षीय व्यापार के क्षेत्र में नहीं है। इसलिये चीन को इस का जवाब देना होगा। उधर चीनी वित्त मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के प्रधान चो छांगवू के ख्याल से चीन व अमेरिका दोनों देशों की अर्थव्यवस्था एक दूसरे पर निर्भर करती हैं। इसलिये दोनों के बीच वार्ता करने की गुंजाइश अब भी बाकी है।

इस्लामाबाद : सलमान खान की सजा पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अजीबो गरीब बयान दिया है। ख्वाजा ने कहा कि सलमान को 5 साल की सजा सिर्फ इसलिए दी गई, क्योंकि वो अल्पसंख्यक (मुस्लिम) समुदाय से हैं। ये भारत में मुस्लिमों के साथ भेदभाव को दिखाता है। सलमान खान को वीरवार को जोधपुर की अदालत ने 1998 के काला हिरण के शिकार मामले में 5 साल की सजा सुनाई है।बता दें कि शुक्रवार को भी जमानत न मिलने के कारण उन्हें शनिवार तक जेल में रहना पड़ेगा। एक न्यूज में दिए इंटरव्यू में ख्वाजा ने कहा कि अगर वो (सलमान) उसी समुदाय से होते जिसकी वहां सरकार है तो शायद उन्हें इतनी कड़ी सजा न मिलती और कोर्ट भी नरमी बरतता।ख्वाजा का बयान जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उस पर कमेंट आने शुरू हो गए। एक शख्स ने पूछा- इस केस में सैफ अली खान को बरी कर दिया गया। क्या वो हिंदू हैं ? एक और शख्स ने पूछा- संजय दत्त के बार में क्या कहेंगे ? उनको 1993 के बम ब्लास्ट केस में सजा सुनाई गई थी। एक विदेश मंत्री से आप इस तरह के बयानों की उम्मीद नहीं रख सकते।

चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने 4 अप्रैल को कहा कि चीन ने 4 अप्रैल को चीन के प्रति अमेरिका द्वारा की गयी 301 जांच-पड़ताल के बाद टैरिफ़ बढ़ाने पर विश्व व्यापार संगठन के संघर्ष समाधान व्यवस्था के तले विचार-विमर्श करने का आग्रह किया, और औपचारिक रूप से डब्यूटीओ की संघर्ष समाधान प्रक्रिया शुरू की।वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन के नियमों का उपेक्षा कर विश्व…
संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित स्थायी चीनी प्रतिनिधि वू हाईथाओ ने 4 अप्रैल को कहा कि चीन किसी भी देश, संगठन या निजी व्यक्ति द्वारा किसी भी स्थिति में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का दृढ़ विरोध करता है। साथ ही उन्होंने यह दोहराया कि सीरिया समस्या के हल के लिए राजनीतिक तरीका एकमात्र माध्यम है। उसी दिन वू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीरिया संबंधी रासायनिक हथियार समस्या की खुली…
अमेरिका द्वारा चीन से आयातित 50 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाले उत्पादों पर टैरिफ़ बढ़ाने की घोषणा करने के 11 घंटों में चीन ने जवाबी लिस्ट भी जारी की। लिस्ट में अमेरिका द्वारा चीन को निर्यातित कई अहम उद्योग शामिल हैं। सूची में सोयाबीन, मोटर गाड़ी और विमान आदि अमेरिका के श्रेष्ठ उत्पाद हैं। चीन इसलिए कम समय में यह लिस्ट जारी कर सकता कि चीन पहले ही पूरी तैयारी…
वर्तमान में चीनी एकेडमी ऑफ साइंसेज ने हाईनान प्रांत सानया शहर में द्वीप सागर विज्ञान और इंजीनियरिंग संस्थान का निर्माण किया। यह चीन में पहला गहरे समुद्र वैज्ञानिक अनुसंधान आधार और गहरे समुद्र में अनुसंधान और विकास परीक्षण का खुले प्लेटफार्म है, जो चीन के गहरे समुद्र क्षेत्र में प्रमुख प्रौद्योगिकी अनुसंधान और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।गहरे समुद्र विज्ञान विश्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे मुश्किल विषय है।…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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