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लाहौर - पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मौत की सजा के खिलाफ भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में दी गई दलीलों के जवाब में पाकिस्तान ने अपनी याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। पाकिस्तान की ओर से पैरवी करने के लिए पूर्व चीफ जस्टिस तसादुक हुसैन जिलानी को ऐड-हॉक जज नियुक्त किया गया है।
जस्टिस जिलानी पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी के चचेरे भाई हैं। इसके अलावा पाकिस्तान बार काउंसिल (पीबीसी) के प्रतिनिधि राहील कामरान शेख ने पाक सरकार से ऐड-हॉक जज की नियुक्ति पर संसद की मंजूरी लेने की मांग की है। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने मार्च 2016 में कथित तौर पर बलूचिस्तान से पकड़ा था। एक सैन्य अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद उन्हें कथित तौर पर जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ भारत ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसने सजा पर रोक लगाने का फैसला सुनाया था।
भारत ने इस कोर्ट में 22 पेज की रिपोर्ट भी पेश की थी। इसके जवाब की तैयारियों पर चर्चा के लिए पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल के ऑफिस में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। अटॉर्नी जनरल अश्तर आसफ अली के अलावा विदेश विभाग, विधि मंत्रालय के अलावा कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अंतरराष्ट्रीय अदालत में बहस की दलीलों पर चर्चा की गई।
बताया जा रहा है कि भारत के आरोपों का जवाब देने के लिए पाकिस्तान सरकार की ओर से अब हर हफ्ते बैठक की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय अदालत में अपना जवाब देने के लिए पाकिस्तान के पास 13 दिसंबर तक का समय है। इसके बाद मामले की अंतिम सुनवाई होगी। जाधव मामले की सुनवाई इस साल के आखिर या अगले साल की शुरूआत में हो सकती है।

अबू धाबी - अबू धाबी में आयोजित मेगा राफल ड्रॉ में 10 लोगों ने 1 मिलियन दिरहम (करीब 1.78 करोड़ रुपए) का जैकपॉट जीत लिया। जीतने वालो में 8 भारतीय हैं वहीं एक विजेता कनाडा से है जबकि दूसरी महिला विजेता फिलिपिना से है।
यह बिग टिकट ड्रॉ गुरुवार को अबू धाबी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोजित किया गया था। यह यूएई की राजधानी में नकद पुरस्कारों और सपने की लक्जरी कारों के लिए सबसे बड़ा और सबसे लंबा चलने वाला मासिक राफल ड्रॉ है।
लॉटरी जीतने के बाद 43 साल के चन्द्रेश मोतीवरस ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अभी तो इनवेस्टमेंट के लिए मेरे पास कोई प्लान नहीं है लेकिन जैसे ही मुझे रुपए मिले जाएंगे मैं प्लान कर लूंगा। इसके लिए मैं बहुत एक्साइटेड हूं। चन्द्रेश साल 2005 से दुबई के एक ज्वैलरी ग्रुप में चीफ अकाउटेंट हैं।
वहीं दूसरे भारतीय विजेता अभय कुमार ने कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा था जब मुझे जब मेरे पास इसे लेकर कॉल आया था लेकिन जब मेरे पास वहां के ऑर्गनाइजर्स ने दूसरा कॉल किया तो मैं हैरान था। अभय अबू धाबी में स्पिन्नीस में परचेजिंग मैनेजर हैं।
49 साल के एक केरल के शख्स ने बताया कि वो इन पैसों को अपने दोस्तों में बांटेंगे क्योंकि उन दोनों ने मिलकर इस ड्रॉ का टिकट खरीदा था। उन्होंने आगे बताया कि कुछ पैसों के केरल में एजुकेशन के लिए दान करेंगे। वहीं एक अन्य विजेता कृष्णन ने बताया कि मैंने टिकट खरीदा था लेकिन मुझे नहीं पता था कि आज ड्रॉ डेट है। बता दें कि कृष्णन पिछले 10 सालों से इस जैकपॉट के लिए टिकट खरीद रहे हैं लेकिन पहली बार जीते हैं।
वहीं एक अन्य विजेता सुंदरम ने बताया कि मैं इस इनाम को पाकर बहुत खुश हूं क्योंकि मेरी भतीजी की आने वाले दिसंबर में शादी है। सुंदरम ने 20 लोगों के ग्रुप के साथ यह टिकट खरीदा।

नई दिल्ली - शरीर के किसी हिस्से पर चोट लगने या कट-फट जाने पर उपचार के तौर पर टांके लगाने का तरीका काफी पुराना है। लेकिन, यह सिर्फ शरीर के बाहरी हिस्सों में लगी चोट पर ही कारगर होता है। मगर, शरीर के अंदरूनी अंगो में जख्म होने पर उनका उपचार काफी जटिल हो जाता है। जैसे कि फेफड़े की अंदरुनी चोट का उपचार काफी मुश्किल है। ऐसे में भीतरी चोट को ठीक करने के लिए कोई सर्जिकल टूल नहीं था। लेकिन शरीर की अंदरुनी चोट को ठीक करने का भी एक नया तरीका खोजा गया है, जो बिना टांका लगाए कारगर तरीके से शरीर के अंदर की चोट को ठीक कर देगा। जी हां, ऑस्ट्रेलिया एवं अमेरिका के बायोमेडिकल इंजीनियरों ने एक लचीला सर्जिकल ग्लू ईजाद किया है, जो तेजी से आपके अंदरुनी जख्मों को भर देगा। इसे ईजाद करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि यह आपातकालीन स्थिति में जिंदगी बचा सकता है।
मीट्रो (MeTro) नाम का यह ग्लू इंजेक्शन की तरह शरीर में लगाया जाता है। उसके बाद यह घाव पर अपना काम करना शुरू कर देता है। यह ग्लू एक खास तरह के प्रोटीन ट्रोपिलैस्टीन से बना है। यह सीधे जख्म पर एप्लाई किया जाता है, उसके बाद अल्ट्रा वायलेट किरणों के जरिए यह अपना काम करने शुरू कर देता है। एक तरह से देखा जाए, तो जख्म पर लगने वाले टांके को यह ग्लू पूरी तरह रिप्लेस कर देगा। इस ग्लू को लचीला इसलिए बनाया गया है, ताकि हृदय एवं फेफड़े जैसे अंदरुनी अंगों पर हुए जख्मों को यह बेहतर तरीके से ठीक कर सके।
जर्नल साइंस ट्रांसलेशन मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि इस ग्लू के जरिए चूहा और गिलहरी की हृदय धमनियों एवं सुअर के फेफडों के जख्मों को तेजी से एवं सफलतापूर्व सही किया गया। शोध के प्रमुख लेखक एवं नॉर्थईस्टर्न विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के नसीम अन्नाबी के मुताबिक, मीट्रो को कुछ इस तरह बनाया गया है कि जब यह ऊतकों के संपर्क में आता है, तो यह एक जैल की तरह जमने लगता है।
देखने में मीट्रो ग्लू लिक्विड जैसा लगता है, लेकिन उपचार के दौरान यह अंगों की बनावट और शेप के आधार पर ही उनकी दरारों को भरता है। हालांकि, अभी इंसानों के जख्मों के उपचार के संबंध में इस ग्लू पर शोध होना बाकी है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि भविष्य में इस ग्लू के सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। कार एक्सीडेंट या इसी तरह के अन्य आपातकालीन मामलों में यह ग्लू जीवनरक्षक की तरह काम आएगा

 

 

नई दिल्ली - प्राकृतिक आपदा के बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका की एक कंपनी ने एक ऐसा पोड बनाया है जो सूनामी और भूकंप का सामना कर सकता है। ये गोलाकर पोड एल्युमिनियम का बना हुआ है और ये अंदर बैठे हुए इंसान को डूबने और कुचले जाने से बचा सकता है। यही नहीं यह बहुत ज्यादा दबाव, गर्मी और लहरों के बल का भी सामना कर सकता है।
सर्वाइवल कैप्सूल वेबसाइट के मुताबिक इस शेल में बहुत ज्यादा लोग और परिवार रह सकते हैं। यह पोड चमकीले रंग का है जिसे आसानी से प्राकृतिक आपदा के समय पहचाना जा सके। यही नहीं इसके दरवाजे ऐसे हैं जिनमें से पानी अंदर नहीं आ सकता। बुलैटप्रूफ खिड़कियां हैं और टैंक है।
अंग्रेजी अखबार की खबरों के मुताबिक वॉशिंगटन के जींस जॉनसन इसके खरीददार हैं जिन्होंने इसे 13500 डॉलर में इसी साल फरवरी में खरीदा है।


मेक्सिको सिटी - मेक्सिको के डुरंगो में सेना का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उस में सवार सात लोगों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
रक्षा मंत्रालय ने आज एक बयान में कहा कि बेल 412 मॉडल का एक हेलिकाप्टर डुरंगो से चार किलोमीटर दूर पूर्वोत्तर में एक उड़ान अभ्यास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में एक व्यक्ति को बचा लिया गया है और उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है बाकी सात अन्य लोगों के शवों की खोज जारी है। सेना घटना की जांच कर रही है।


नई दिल्ली - फ्रांस के क्रांतिकारी सैनिक और नेता नेपोलियन बोनापार्ट की जेल में छुटि्टयां बिताने की बात करने पर आप जरूर चौंक जाएंगे। आप सोचेंगे कि दुनिया के सबसे दूर-दराज स्थानों में शुमार सेंट हेलेना द्वीप पर बनी इस जेल में भला कौन छुटि्टयां बिता सकता है। अफ्रीका में बसे इस रिमोट स्थान पर जाने से पहले भी सौ बार सोचना पड़ता है यहां पहुंचना भी बहुत जटिल है फिर भला छुटि्टयों की बात कैसे गले उतर सकती है। लेकिन अब इस बात को भूल जाइए क्योंकि इस जेल में अब आप न सिर्फ आसानी पहुंच पाएंगे बल्कि अपनी छुट्टियों को बहुत ही लग्जरी जगह पर व्यतीत करता पाएंगे। जानिए कैसे?
कहां है नेपोलियन की जेल
नेपोलियन बोनापार्ट के नाम से तो आप शायद ही अनजान होंगे। फ्रांस की युद्ध क्रांति में इन्होंने विशेष भूमिका निभाई थी। 18 मई 1804 से 6 अप्रैल 1814 तक नेपोलियन के नाम से सम्राट रहा। वह पुनः 20 मार्च से 22 जून 1815 में सम्राट बना। इतिहास में नेपोलियन को विश्व के सबसे महान सेनापतियों में गिना जाता है। उन्होंने फ्रांस में एक नई विधि संहिता लागू की जिसे नेपोलियन की संहिता कहा जाता है। वह इतिहास के सबसे महान विजेताओं में से एक थे। 18 जून 1815 वॉटरलू के युद्ध में पराजय के पश्चात अंग्रजों ने उनको अन्ध महासागर के दूर द्वीप सेंट हेलेना में बन्दी बना दिया। इसके छह साल बाद नेपोलियन की इसी द्वीप पनी बनी जेल में ही मौत हो गई।
ऐसे हो रहा कायाकल्प
नेपोलियन के अंतिम क्षणों के इसी आईलैंड को अब आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकास किया जा रहा है। यहां अब 14 अक्टूबर को पहली बार हवाई सफर की शुरुआत होगी। इसके दो हफ्ते बाद सेंट हेलेना का पहला लग्जरी होटल खुल जाएगा। इसमें कुल तीस कमरे होंगे। ज्ञात हो कि जिस जेल में नेपोलियन को बंद रखा गया था वह जेल पर्यटकों का विशेष आकर्षण है। इसके अलावा हेलेना द्वीप पर पर्यटकों के लिए माउंटेन बाइकिंग, स्पोर्टसफिशिंग और स्कूबा डाइविंग जैसे आकर्षण पहले से ही मौजूद हैं। इस द्वीप को दुनिया का सबसे दूरदराज स्थानों में से एक माना जाता है। यहां पहुंचने में लोगों को काफी वक्त लगता है लेकिन अब यहां हवाई सफर शुरू होने से यह शिकायत नहीं रहेंगी। फिलहाल यहां ट्रांसपोर्ट के कुछ चुनिंदा साधन होने के कारण पर्यटकों की आवाजाही काफी कम हो पाती है।
कहने को तो यहां एक एयरपोर्ट भी है लेकिन इसे दुनिया के मोस्ट यूसलैज एयरपोर्ट कहा जाता है। 2016 में यहां टेस्ट फ्लाइट से पहले खतरनाक हवाओं के चलने के कारण कर्मर्शियल फ्लाइट्स को नहीं उड़ाया गया। इस एयरपोर्ट पर केवल प्राइवेट और मेडिकल फ्लाइट्स ही चलती हैं। अब यह सूरत बदलने जा रही है। साउथ अफ्रीकन एयरलाइन एयरलिंक अब हफ्ते में एक बार जोहंसबर्ग से विंडहॉक नाबीबिया होते हुए सेंट हेलेना तक पहुंचा करेगी। सेंट हेलेना जाने वाली यह फ्लाइट दुर्गमओर खतरनाक रास्तों से होकर नहीं गुजरेगी। 99 सीटर इस विमान में फिलहाल 76 यात्रियों को ही बैठाया जाएगा। उधर अफ्रीका में कई नामी गिरामी रिजोर्ट और होटलों का निर्माण कर चुके डवलपर मैंटिस ने दावा किया है कि सेंट हेलेना में खुलने जा रहा उनका नया होटल यहां एक बड़ा गेम चेंजर साबित होगा। इसके निर्माण के वक्त आधुनिकता और लोगों की पसंद का पूरा ख्याल रखा गया है।

मॉस्को - रूस ने कहा है उत्तर कोरिया एक लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण करने की तैयारियों में लगा हुआ है और यह मिसाइल अमेरिका के पश्चिमी तट तक मार सकता है। रूसी ड्यूमा (संसद) के अंतरराष्ट्रीय मामलों के समिति के सदस्य एंटोन मोरोजोव और दो अन्य रूसी सांसदों ने इस सप्ताह दो से छह अक्टूबर तक प्योंगयांग का दौरा किया था किया। इसके बाद उन्होंने यह बात कही है।…
नई दिल्ली - अरब देशों के राजा, राजकुमारों के अलग ही ठाठ होते हैं। अरब देशों के राजा अपनी जिंदगी बड़े ही आलीशान तरीके से जीते हैं और इनके शौक भी बड़े शाही होते हैं। शायद ही ऐसी कोई चीज़ होगी जो अरब के राजा, राजकुमारों के पास नहीं होगी। इनको अपने जीने के अंदाज में जरा भी परिवर्तन अच्छा नहीं लगता ऐसे में अगर इनके रहने के तौर तरीकों…
वाशिंगटन - अमेरिका के एक प्रमुख थिंक टैंक के एक विशेषज्ञ ने कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान रिश्ते गंभीर संकट में हैं और दोनों देशों के बीच अविश्ववास गहराया है। इसके एक दिन पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपना तीन दिवसीय अमेरिका दौरा खत्म किया है। कांग्रेस से वित्त पोषित अमेरिकी थिंक टैंक युनाइटेड इंस्टीटयूट ऑफ पीस में पाकिस्तान पर वरिष्ठ विशेषज्ञ मोईद यूसुफ ने कहा कि इस्लामाबाद और वाशिंगटन…
नई दिल्ली - लोगों को कभी-कभी ऐसी चीजें, मिल जाती हैं जो चर्चा में आ जाती है। ऐसी ही एक चीज अर्जेंटीना के एक शहर में मिली। एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार, अर्जेंटीना के कार्लोस स्पेगैजिनी शहर में रहने वाले एक किसान को अपने फार्म हाउस से एक बड़े आकार का अंडा मिला। जोस एंटोनियो निवेस नदी किनारे खेत में टहल रहे थे जिस दौरान उन्हें तीन…
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