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सैन्य मदद पूरी तरह से बंद होने के बाद अब पाकिस्तान ने ऐलान किया है कि वह अमेरिका से सैन्य और खुफिया संबंध पूरी तरह से खत्म कर रहा है। डॉन न्यूज की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ये फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन आरोपों के बाद लिया है जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान ने अमेरिका को ‘झूठ और धोखे’ के सिवा कुछ नहीं दिया। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जानी वाली सुरक्षा संबंधी आर्थिक मदद पर रोक लगा दी।
रक्षा मंत्री ने किया ऐलान:-पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने मंगलवार को इस्लामाबाद में कहा कि अरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी अमेरिका को अफगानिस्तान में हार का सामना करना पड़ रहा है। अफगानिस्तान में अपनी विफलताओं के लिए अमेरिका पाकिस्तान को बलि के बकरे के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। इसलिए हम अमेरिका से सैन्य और खूफिया संबंध तोड़ते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान अपनी कुर्बानी की कीमत नहीं मांग रहा है लेकिन उसको समझा जाए। इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पाकिस्तान की जमीन से अमेरिका को अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिका अफगान-पाक बोर्डर की सुरक्षा के लिए मदद देने के बजाय पाकिस्तान पर आरोप लगाने में व्यस्त है।
अमेरिका को नहीं है कोई जानकारी:-मामले में जब पाकिस्तान में स्थित अमेरिकी दूतावास से संपर्क कर पूछा गया था तो उन्होंने बताया कि ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है जिसमें सैन्य सहयोग रद्द करने का कहा गया हो। दूतावास के प्रवक्ता रिचर्ड स्नेलसर ने बताया कि हमें आधिकारिक तौर पर आर्थिक सहयोग रद्द किए जाने के मामले में कोई सूचना नहीं मिली है।’ दूसरी तरफ विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अमेरिका के साथ ईरान, चीन और रूस के साथ भी पाकिस्तान के संबंध जरूरी हैं

 

 

 


न्यूयार्क - कनाडा के बाद अब अमेरिका के 96 गुरुद्वारों में भी भारतीय अधिकारियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। सिख कॉर्डिनेशन कमेटी ईस्ट कॉस्ट और अमेरिकी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कहा कि अमेरिका के 96 गुरुद्वारों में भारतीय राजनयिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह पाबंदी नगर कीर्तन या धार्मिक जुलूस में भी लागू होगी। इससे पहले कनाडा के ओंटारियो में 14 गुरुद्वारों में भारतीय राजनयिक अधिकारियों के दाखिल होने पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। इसके अलावा ब्रिटेन के सिख फेडरेशन ने भी अपने यहां के गुरुद्वारों में भारतीय राजनयिक अधिकारियों के प्रवेश पर बैन लगाने का प्रस्ताव रखा है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारतीय अधिकारी अपनी व्यक्तिगत हैसियत से गुरुद्वारा आ सकते हैं। ये गुरुद्वारा संगठन खुद को अमेरिका के सभी गुरुद्वारों का समर्थन प्राप्त होने का दावा करते हैं।
यह घोषणा अमेरिका के सिख फॉर जस्टिस के समर्थन में की गई है। एसएफजे के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू ने चेतावनी भी दी है कि अगर किसी भारतीय राजनयिक ने पाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 


सियोल - उत्तर कोरिया की टीम साल 2018 के विंटर ओलिंपिक के लिए दक्षिण कोरिया जाएगी। शीतकालीन ओलिंपिक गेम्स फरवरी में दक्षिण कोरिया में होने जा रहे हैं। दो साल में ये पहली बार है जब दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पड़ने वाले पनमुनजोम गांव बातचीत हुई और उत्तर कोरिया ने अपनी टीम दक्षिण कोरिया भेजने का फैसला लिया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच बातचीत के दरवाज़े खुल गए। पनमुनजोम को युद्ध विराम वाला गांव भी कहा जाता है।
नववर्ष पर किम जोंग ने दिए थे संकेत
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने नववर्ष के अपने भाषण में कहा था कि उत्तर कोरिया, अगले महीने दक्षिण कोरिया में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक में एक टीम भेज सकता है। इसके जवाब में सोल ने दोनों देशों के बीच वार्ता का प्रस्ताव रखा और उनके बीच हॉटलाइन करीब दो साल तक बंद रखने के बाद पुन: शुरू की गई।
2015 के बाद बिगड़े थे दोनों देशों के संबंध
साल 2015 में उत्तर कोरिया के राकेट लांच करने के बाद दोनेां देशों के संबंध खराब हो गए थे। राकेट लांच करने के बाद दक्षिण कोरिया ने एक संयुक्त आर्थिक परियोजना को रद्द कर दिया था। इसके बाद उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया से संचार संपर्क तक खत्म कर दिया था। उत्तर कोरिया के लगातार प्रतिबंधित हथियारों के परीक्षण से संबंध और खराब हो गए।
खतरनाक है युद्ध विराम वाला गांव पनमुनजोम
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की सीमा से लगा पनमुनजोम चार किलोमीटर चौड़ा और 238 लंबा है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच विवाद भी है। पनमुनजोम में उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के सैनिक रोज आमने-सामने होते हैं। अगर कोई यहां आता है तो कई तरह के दस्तावेज़ों पर दस्तखत कराए जाते हैं। किसी दुर्घटना की सूरत में कोरियाई सरकारें इसकी ज़िम्मेदारी नहीं लेना चाहती। साल 1953 के कोरियाई युद्ध के बाद से यहां युद्ध विराम लागू है। इस इलाके में कथित तौर पर हथियार रखने की इजाज़त नहीं है लेकिन इसके बावजूद यहां तनाव का माहौल रहता है।
जनता की ख्वाहिश शांति की राह पर बढ़ें दोनों देश
उत्तर कोरिया में मानक परंपरा के अनुसार री ने अपने कोट के कॉलर के बाईं ओर एक बैज लगा रखा था जिस पर देश के संस्थापक किम इल सुंग और उनके बेटे किम जोंग इल की तस्वीर थी। चो ने भी दक्षिण कोरिया के झंडे वाला बैज लगा रखा था। उत्तर कोरिया के री ने कहा कि आइए लोगों को नववर्ष का कीमती तोहफा दें। चो ने उन्हें बताया कि सियोल का मानना है कि प्योंगचांग खेल शांति ओलंपिक बनेंगे क्योंकि उत्तर कोरिया से सबसे महत्वपूर्ण अतिथि दुनिया भर के अन्य मेहमानों के साथ इसका हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की यह प्रबल इच्छा है कि वे उत्तर और दक्षिण कोरिया को शांति एवं सुलह की राह पर आगे बढ़ते देखें।


बीजिंग - डोकलाम में चीन की तरफ से सैनिकों में भारी कटौती के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते हुए बीजिंग ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि उनके सैनिक वहां पर देश की संप्रभुता की रक्षा कर रहे हैं। गौरतलब है कि डोकलाम में 73 दिनों तक चले गतिरोध के चलते सिक्किम सेक्टर में भारत और चीन के जवान आमने-सामने आ गए थे। यह गतिरोध पिछले साल 28 अगस्त को आपसी बातचीत के जरिए खत्म हुआ था।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग से जब जनरल रावत की टिप्पणियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''डोकलाम का इलाका हमेशा से चीन का हिस्सा और चीन के लगातार एवं प्रभावी अधिकार क्षेत्र में रहा है । इस बाबत कोई विवाद नहीं है ।
रावत ने कल कहा कि भारतीय और चीनी सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश के ट्यूटिंग में सीमा के भारतीय हिस्से में एक सड़क बनाने की चीनी टीमों की हालिया कोशिश का मुद्दा सुलझा लिया है। थलसेना प्रमुख ने यह भी कहा था कि डोकलाम इलाके में चीनी सैनिकों की संख्या में काफी कमी आई है ।
सैनिकों की संख्या में कमी पर टिप्पणी नहीं करते हुए लू कांग ने कहा, ''डोकलाम इलाके में तैनात और वहां गश्त कर रहे चीनी सैनिक ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार संप्रभुता संबंधी अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं और क्षेत्रीय संप्रभुता को बरकरार रख रहे हैं ।
लू ने जनरल रावत की इस टिप्पणी पर भी प्रत्यक्ष तौर पर कुछ नहीं कहा कि भारत एवं चीन ने अरुणाचल प्रदेश के ट्यूटिंग में भारतीय क्षेत्र में सड़क बनाने की चीनी सैनिकों की योजना से जुड़ा मसला दिसंबर के आखिरी हफ्ते में सुलझा लिया।
उन्होंने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे को दोहराया । चीन अरुणाचल को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता रहा है। लू ने कहा, ''मेरे सहकर्मी इससे जुड़े सवाल पर कई बार प्रतिक्रिया जाहिर कर चुके हैं । मुझे दोहराना होगा कि चीन-भारत सीमा के पूर्वी हिस्से में भारी विवाद है। उन्होंने कहा, ''लिहाजा, हमें आम राय के जरिए समझौते पर पहुंचना होगा । लेकिन इससे पहले हमें शांति एवं सुरक्षा बरकरार रखने की जरूरत है । हम पहले ही स्थापित किए जा चुके तंत्र और सीमा संबंधी ऐतिहासिक समझौतों के जरिए संबंधित विवाद सुलझा सकते हैं । चीन डोकलाम को भी अपना हिस्सा बताता रहा है, जबकि भूटान इसे अपना क्षेत्र मानता है ।

 


सियोल - उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर पिछले कुछ महीनों से जारी तनाव के बीच उत्तर और दक्षिण कोरिया ने दो साल से अधिक समय बाद आज पहली आधिकारिक वार्ता शुरू की जिसमें आगामी शीतकालीन ओलंपिक पर चर्चा होगी। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने नववर्ष के अपने भाषण में संकेत दिया था कि उनका देश शीतकालीन खेलों के लिए दक्षिण कोरिया में अपना प्रतिनिधिमंडल भेज सकता है जिसके बाद प्रायद्वीप को विभाजित करने वाले विसैन्यीकृत क्षेत्र में स्थित संघर्ष विराम गांव पनमुनजोम में वार्ता आरंभ हुई है।
पीस हाउस में हुआ हैंडशेक
किम जोंग उन के भाषण के बाद दक्षिण कोरिया ने उच्च स्तरीय वार्ता का प्रस्ताव पेश किया था और दोनों पड़ोसी देशों के बीच पिछले दो वर्ष से बंद हॉटलाइन पिछले सप्ताह फिर से चालू की गई। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री चो म्योंग ग्यों के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वाहनों के एक काफिले में पनमुनजोम पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारी री सोन ग्वोन के नेतृत्व में उत्तर कोरिया का भी इतने ही सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए पनमुनजोम में सैन्य सीमांकन रेखा पर पहुंचा। चो और री ने 'पीस हाउस के प्रवेश पर और बाद में वार्ता की मेज पर एक दूसरे से हाथ मिलाया। पीस हाउस दक्षिण कोरिया की एक इमारत है जहां वार्ता हो रही है।
जनता की ख्वाहिश शांति की राह पर बढ़ें दोनों देश
उत्तर कोरिया में मानक परंपरा के अनुसार री ने अपने कोट के कॉलर के बाईं ओर एक बैज लगा रखा था जिस पर देश के संस्थापक किम इल सुंग और उनके बेटे किम जोंग इल की तस्वीर थी। चो ने भी दक्षिण कोरिया के झंडे वाला बैज लगा रखा था। उत्तर कोरिया के री ने कहा कि आइए लोगों को नववर्ष का कीमती तोहफा दें। चो ने उन्हें बताया कि सियोल का मानना है कि प्योंगचांग खेल शांति ओलंपिक बनेंगे क्योंकि उत्तर कोरिया से सबसे महत्वपूर्ण अतिथि दुनिया भर के अन्य मेहमानों के साथ इसका हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की यह प्रबल इच्छा है कि वे उत्तर और दक्षिण कोरिया को शांति एवं सुलह की राह पर आगे बढ़ते देखें। दोनों देशों का यह रुख पिछले महीनों में हुई बयानबाजी से काफी अलग है। पिछले कुछ समय में किम और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दूसरे के खिलाफ बयान दिए हैं। उत्तर कोरिया ने अमेरिकी मुख्यभूमि तक पहुंचने में सक्षम मिसाइलों का प्रक्षेपण किया था और अब तक का सबसे शक्तिशाली एवं छठा परमाणु परीक्षण किया था।
यह है एजेंडा
अगर उत्तर कोरिया इन खेलों में भागीदारी करता है तो शीर्ष एजेंडा यह रहेगा कि दोनों देशों के खिलाड़ी सिडनी 2000, एथेंस 2004 और वर्ष 2006 में ट्यूरीन में हुए शीतकालीन खेलों की तरह इस बार भी उद्घाटन एवं समापन समारोहों में संयुक्त प्रवेश करेंगे या नहीं। उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल के आकार एवं उसके सदस्यों और उनके रहने की व्यवस्था पर भी चर्चा की जाएगी। ऐसी संभावना है कि इन सदस्यों के ठहरने के लिए भुगतान सोल ही करेगा। ऐसी संभावना है कि यह समूह ओलंपिक परिसर से करीब एक घंटे की दूरी पर स्थित सोक्चो में एक क्रूज जहाज में ठहरेगा। शीतकालीन खेलों के लिए उत्तर कोरिया के केवल दो खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया है, ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि वह नौ से 25 फरवरी तक होने वाले इन खेलों में बड़ी संख्या में चीयरलीडर्स भेज सकता है।

 


वाशिंगटन - अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों खासकर भारतीयों के लिए यह बहुत बड़ी राहत की खबर है। ट्रंप प्रशासन की ओर से कहा गया है कि उस प्रस्ताव को हटा दिया गया है जिसके चलते अमेरिका में बसे करीब 7.5 लाख भारतीयों की मुसीबतें बढ़ सकती थी और उन्हें अमेरिका छोड़ने को मजबूर होना पड़ सकता था। ट्रंप प्रशासन ने ऐसे किसी प्रस्ताव से साफ इनकार किया है जो एच-1बी वीजाधारकों को अधिकतम छह साल बाद ग्रीन कार्ड के लिए इंतजार कर रहे लोगों को अमेरिका छोड़ने पर मजबूर होना पड़े।
विदेशी लोगों के लिए एच1बी वीजा को देखनेवाली एजेंसी यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के चीफ ऑफ मीडिया रिलेशंस जॉनाथन ने बताया- “यूएसआईसीएस की तरफ से एसी-21 की धारा 104 (सी) जो विदेशी नागरिक को एच1बी वीजा पर छह साल से ज्यादा रहने की इजाजत देता है उसमें किसी तरह के बदलाव पर विचार नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसा था तो भी फिर भी इस बदलाव के बाद एच1बी वीजाधारकों को अमेरिका छोड़ने पर मजबूत नहीं पड़ता क्योंकि नियोक्ता की तरफ से एसी21 की धारा 106 (ए)-(बी) के तहत एक साल बढ़ाने का अनुरोध कर सकता है। "
वाशिंगटन ने कहा, “राष्ट्रपति के शासकीय आदेश बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन के आदेश के बाद एजेंसी ऐसी कई नीतियों और उसके बदलाव पर विचार कर रही है जिसमें रोजगार आधारित वीजा कार्यक्रम की गहन समीक्षा भी शामिल है।”
अमेरिकी प्रशासन की तरफ ये घोषणा अमेरिका में रह रहे ए1बी वीजाधारक जो ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं उनके लिए बड़ी राहत बनकर आयी है। अगर वीज़ा कार्यक्रम के तहत उनके वीजा बढ़ाने का प्रस्ताव स्वीकार हो जाता तो वहां से लाखों लोगों को बाहर होने पर मजबूर होना पड़ता।

वाशिंगटन - सीआईए के निदेशक माइक पोम्पियो के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को अपने देश में आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाहों को नेस्तनाबूद करने को कहा है। अमेरिका ने अफगान तालिबान एवं हक्कानी नेटवर्क आतंकवादी समूहों के साथ-साथ उनके पनाहगाहों को नष्ट करने में विफल रहने को लेकर पाकिस्तान को दी जाने वाली दो अरब डॉलर के सुरक्षा सहयोग को फिलहाल रोकने का निर्णय किया है। अभी…
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ब्रिटेन की संसद में पिछले साल जून के आम चुनाव के बाद से पोनोर्ग्राफिक वेबसाइटों को देखने की 24,000 से ज्यादा बार कोशिशें की गईं। यह आंकड़ा आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है। द गार्जियन की रिपोर्ट में सोमवार को कहा गया, “संसद के नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर और अन्य डिवाइसों पर साल 2017 के जून से अक्टूबर के बीच पोर्नसाइट देखने की कुल 24,473 बार कोशिशें की गईं,…
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