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बोस्टन - आज फेसबुक जैसी सोशल साइट पर निजी डाटा को सुरक्षित रखना एक बड़ी समस्या बन गई है। ऐसे में स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का अध्ययन हमारी चिंता को बढ़ा सकता है। उनके शोध में सामने आया है कि यदि हम सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन उपस्थित रहते हैं तो हमारा डाटा सुरक्षित रखना लगभग नामुमकिन है। ऐसे बहुत से तरीके मौजूद हैं, जिससे व्यक्ति से संबंधित जानकारियां इकट्ठा की जा सकती हैं।
शोधकर्ताओं ने शोध के लिए पहले से उपलब्ध डाटाबेस का अध्ययन किया। फेसबुक पर मौजूद फ्रेंड नेटवर्क के विश्लेषण में ही प्रतिभागियों की उम्र, नस्ल और राजनीतिक विचार का पता चल गया। दरअसल, यूजर अपने से मिलते-जुलते लोगों को ही फ्रेंड लिस्ट में शामिल करता है। इसलिए यूजर के फ्रेंड नेटवर्क का अध्ययन कर कोई भी आसानी से उनकी उम्र, नस्ल आदि का पता लगा सकता है।
हालांकि, इस तरह उनके लिंग का पता लगाना मुश्किल है। ज्यादातर मामलों में यूजर यदि पुरुष हो तो उसके फ्रेंड लिस्ट में लड़कियां अधिक होगी। वहीं यूजर अगर लड़की हो तो ठीक इसके उलट होगा। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि प्रत्येक यूजर अपने फ्रेंड लिस्ट में किसी विशेष लिंग को तरजीह देता है। इस परिस्थिति में उनके फ्रेंड्स ऑफ फ्रेंड्स का विश्लेषण कर उनके लिंग का आसानी से पता लगया जा सकता है।
नेचर ह्यूमन बिहेवियर नामक जर्नल में छपे शोधकर्ताओं ने कहा, 'अभी यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इस तरीके से किस प्रकार की जानकारियां और इकट्ठा की जा सकती है। यह जरूर स्पष्ट है कि यूजर को अपना निजी डाटा जिज्ञासु लोगों से सुरक्षित रखने चाहिए।'

 


बीजिंग - चीन ने दोहरे उपयोग में आने वाले 32 आयटम्स का उत्तर कोरिया में निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये वैसे आयटम्स हैं जिनका हथियारों के निर्माण में इस्तेमाल होता है। वाणिज्य मंत्रालय ने ये जानकारी दी। इन आयटम्स की सूची में रेडियेशन मॉनीटरिंग उपकरण और ऐसे सॉफ्टवेयर हैं जिनका इस्तेमाल फ्लुइड डायनैमिक्स और न्यूट्रॉन के लिए किया जाता है।
रविवार को प्रसारित मंत्रालय के बयान के मुताबिक, ये प्रतिबंध परंपरागत हथियारों के विकास पर भी लागू होता है। चीन की तरफ से यह घोषणा उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन, दक्षिण कोरियाई नेता और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच होने वाले आगामी मुलाकात के पहले आई है। चीन, उत्तर कोरिया का एकमात्र प्रमुख व्यापार सहयोगी देश है।
चीनी आंकड़ों की मानें तो पिछले साल की तुलना में इस साल फरवरी में उत्तर कोरिया के चीन के निर्यात में 32.4 फीसद की कमी आई थी। समुद्री खाद्य और कपड़ों सहित उत्तरी कोरिया के आयात में फरवरी में 94.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि चीनी कंपनियों ने अमेरिका प्रतिबंधों के बाद प्योंगयांग के साथ व्यापार करने से खुद को दूर कर लिया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने चीन से आग्रह किया है कि वह उत्तर कोरिया के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंध लगाए।


मॉस्‍को - इजरायल और सीरिया के बीच हालात और बिगड़ रहे हैं। इंटरफैक्‍स न्‍यूज एजेंसी के मुताबिक, रूसी सेना ने दावा किया है कि दो इजरायली एफ-15 युद्ध विमानों ने रविवार को सीरिया के हवाई अड्डे पर हमला किया।
इंटरफैक्स ने रूसी रक्षा मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा कि इजरायल युद्ध विमानों ने लेबनान की ओर हमले किए थे और सीरियाई एयर डिफेंस सिस्‍टम ने आठ में से पांच मिसाइलों को मार गिराया। रूसी वक्तव्य के बारे में पूछे जाने पर, इजरायल के सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि वह अभी इस बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं दे सकते है।
सीरिया में हालात फिर से बिगड़ते जा रह हैं। रासायनिक हमले के 24 घंटे के अंदर वहां के एयर बेस पर मिसाइल दागी गई, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई। सीरिया ने इस हमले के पीछे अमेरिका का हाथ होने का शक जताया है। सीरिया की मीडिया ने वहां के सैन्य हवाई अड्डों पर मिसाइल हमले की पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि रासायनिक हमले की निंदा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इस धमकी के 24 घंटे के अंदर ही यह हमला हुआ है। सीरिया के स्टेट टीवी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने होम्स स्थित टी-4 हवाई अड्डे पर मिसाइल दागी है। वहीं, सीरिया के सैन्य सूत्रों के अनुसार हवाई अड्डे पर आठ मिसाइलें दागी गई और इन हमलों में कुल 14 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ईरानी बल के जवान भी शामिल हैं। इससे पहले शनिवार को पूर्वी घोउटा में हुए रासायनिक हमले में 70 लोग मारे गए थे।
पेंटागन ने आरोपों को नकारा
पेंटागन ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। फ्रांस ने भी हमलों के पीछे हाथ होने से इनकार किया है। पेंटागन ने बयान जारी करते हुए कहा है कि इस समय वह सीरिया में हवाई हमला नहीं कर रहा है। साथ ही यह भी कहा कि वह वहां के हालातों पर नजर रखे हुए है। वहीं इस बारे में इजरायल के प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि इजरायल ने भी सीरिया के सैन्य ठिकानों को कई बार निशाना बनाया है।
सीरिया के राज्य टीवी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले दिनों "बड़ी कीमत चुकाने" की चेतावनी दी थी, जिसके बाद यह संभावना जताई जा रही थी कि अमेरिका किसी बड़े हवाई हमले को अंजाम दे सकता है।


जकार्ता - पिछले साल जकार्ता बस टर्मिनल पर हुए इस्‍लामिक स्‍टेट के आत्‍मघाती हमले के मास्‍टरमाइंड को इंडोनेशियाई अदालत ने सोमवार को 9 साल की कैद की सजा सुनाई। कांपुंग मेलायू बस टर्मिनल पर दो बम हमले में किकि मुहम्‍मद इकबाल दोषी था जिसमें दो लोगों ने खुद को विस्‍फोटकों से भरे प्रेशर कुकर के जरिए खुद को उड़ा लिया। इसमें तीन पुलिस जवानों की मौत हो गयी थी और 12 जख्‍मी हो गए थे।
उत्‍तर जकार्ता कोर्ट को जज पुरवांतो ने बताया, ‘हमने इस घातक हमले के पीछे के दोषी का पता लगा लिया है।‘ दुनिया के सबसे बड़े मुस्‍लिम बहुल देश में दो सालों में यह दूसरा हमला था।
जनवरी 2016 में इस्‍लामिक स्‍टेट से जुड़े चार आतंकियों ने सेंट्रल जकार्ता स्‍थित स्‍टारबक्‍स कैफे के बाहर व्‍यस्‍त सड़क पर बंदूक व बम से हमला किया। इस हमले में आतंकी समेत चार अन्‍य की मौत हो गर्इ। हमले का मास्‍टरमाइंड अमन अब्‍दुर्ररहमान के बारे में कहा जाता है कि वह इंडोनेशिया में इस्‍लामिक स्‍टेट के विश्‍वासी आतंकी था, जो अभी ट्रायल पर है। इकबाल के वकीलों का कहना है कि हालांकि वे एक ही मस्‍जिद में गए थे लेकिन एक दूसरे को वे नहीं जानते थे। मस्‍जिद में इकबाल उपदेशक था।


कराची - पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने रविवार को कहा कि वह अंतरिम सरकार गठन होने तक पाकिस्तान नहीं लौटेंगे। मुशर्रफ ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पाकिस्तान लौटने पर सुरक्षा मुहैया कराए जाने की उनकी अर्जी खारिज कर दी है। 74 वर्षीय मुशर्रफ पर पाकिस्तान की विशेष अदालत में देशद्रोह का केस चल रहा है। इसी मामले में उन्हें मई के अंत या जून की शुरआत में पाक लौट कर कोर्ट में पेश होना था।
वर्ष 1999 से 2008 तक पाकिस्तान में शासन कर चुके मुशर्रफ ने अपनी वापसी के लिए सरकार से पर्याप्त सुरक्षा मांगी है। उनके वकील ने गृह मंत्रालय में एक आवेदन दिया है जिसमें कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति की जान को खतरा है। पार्टी ने फैसला किया है कि मुशर्रफ के लिए पूर्ण सुरक्षा की मांग करते हुए एक नया आवेदन संघीय सरकार को दिया जाएगा। गौरतलब है कि 74 वर्षीय मुशर्रफ को पाकिस्तान की सरकार ने इलाज के लिए बाहर जाने की अनुमति दी थी और पिछले साल से वह दुबई में रह रहे हैं।
पार्टी के एक नेता ने बताया कि जितनी जल्दी कार्यवाहक सरकार बनती है , वह मई या जून की शुरुआत में देश वापस लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उनके वतन वापसी की तारीख तय करेगा।


नई दिल्‍ली - सीरिया को लेकर एक बार फिर से अमेरिका और रूस आमने-सामने आ गए हैं। अमेरिका का आरोप है कि रूस ने सीरियाई सेना का साथ देते हुए पूर्वी घोउटा के शहर डौमा में रासायनिक हमला किया है। इस हमले में 70 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। इसको लेकर दोनों देशों में फिर कहा-सुनी शुरू हो गई है। रूस ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह हमला उसने नहीं किया है। वहीं सीरिया ने इसके लिए अमेरिका पर आरोप जड़ा है कि उसने ही यह हमला करवाया है। दरअसल, इस हमले की बात उस वक्‍त सामने आई जब सीरिया में काम कर रही स्‍वयंसेवी संस्‍था व्‍हाइट हैलमेट ने ट्वीटर पर इस खबर के साथ कुछ फोटो भी पोस्‍ट किए। इसमें एक जगह पर कई शव दिखाई दे रहे थे। इसमें यह भी कहा गया कि इस हमले के बाद मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
व्‍हाइट हैलमेट ने दी जानकारी
व्‍हाइट हैलमेट के अलावा भी कई मेडिकल, निगरानी व कार्यकर्ता समूहों ने रासायनिक हमले के बारे में जानकारी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमले के बाद लोगों को सांस लेने में काफी मुश्किल हो रही है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हेलिकॉप्टर से विषाक्त नर्व एजेंट सरीन से युक्त बैरल बम गिराया गया था। सीरियाई अस्पतालों के साथ काम करने वाली एक अमेरिकी चैरिटी संस्था यूनियन मेडिकल रिलीफ ने बताया कि दमिश्क रूरल स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने 70 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
सरकारी एजेंसी का अपना राग
वहीं सीरिया की समाचार एजेंसी सना का कहना है कि आतंकवादियों के गढ़ में उनसे निपटने के लिए आगे बढ़ रही सेना के अभियान में बड़ी बाधा डाली गई है। इसमें कहा गया है कि सीरियाई अरब सेना को किसी रासायनिक चीज का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है, जैसा कि आतंकवादियों के मीडिया सहयोगियों द्वारा दावा किया गया है। कथित हमलों पर प्रतिक्रिया में अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा, 'हमने कई परेशान कर देने वाली रिपोर्ट देखी हैं। सीरियाई सरकार का अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों को इस्तेमाल करने का इतिहास रहा है।' सरीन नर्व एजेंट का इस्तेमाल सीरिया में पहले भी हो चुका है।
दमिश्‍क में हमला
आपको बता दें कि पिछले ही दिनों अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था कि वह अपनी फौज को सीरिया से वापस बुला लेंगे। इस घोषणा का सभी ने स्‍वागत किया था। इसके बाद पूर्वी घोउटा को लेकर भी विद्रोहियों से सरकार का समझौता हुआ था, जिसके बाद ऐसी खबरें सामने आई थीं कि यह विद्रोही यहां से बाहर जा रहे हैं। लेकिन इन्‍हीं विद्रोहियों में शामिल जैश अल इस्‍लाम ने एक बार फिर से दमिश्‍क समेत कई जगहों पर हमलों को अंजाम दिया है। दमिश्‍क में हुए ताजा हमले में करीब आधा दर्जन लोगों के मारे जाने की खबर सना ने दी है। इस हमले में तीन दर्जन से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।
शांति स्‍थापना पर सवाल
पूर्वी घोउटा के कथित ताजा हमले और विद्रोहियों के हमलों ने एक बार फिर से सीरिया में शांति स्‍थापना को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। व्‍हाइट हैलमेट ने ट्वीट में लिखा है कि सीरियाई सेना ने यह हमला किया है। व्‍हाइट हैलमेट ने इस हमले के बाद की कई दिल दहला देने वाली तस्‍वीरें और वीडियो भी पोस्‍ट की हैं। इन ट्वीट के मुताबिक यह हमला शनिवार देर शाम करीब 8:20 पर किया गया था।
आपको यहां पर ये भी बता दें कि डौमा को छोड़कर सारे पूर्वी घोउटा पर सीरियाई सेना का कब्‍जा हो चुका है। इसके बाद ही सीरिया की सरकार ने यहां पर व्रिदोहियों को सेफ पैसेज देने के लिए एक समझौता किया था जिसके तहत उन्‍हें तुर्की बोर्डर की तरफ चले जाना था। लेकिन जैश अल इस्‍लाम ने सरकार के इस समझौते को मानने से साफ इंकार कर दिया था।

 

नई दिल्‍ली - यूएस-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने को लेकर दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गई है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने यह भी साफ कर दिया है कि वह मेक्सिको से लगती करीब 3140 किमी 1951 मील की सीमा पर नेशनल सिक्‍योरिटी गार्ड तैनात करेगा। इसके लिए फिलहाल एरिजोना और टेक्‍सास ने 400 जवानों को भेजने का भी फैसला कर लिया है। इसके अलावा अब भी सीमा पर…
वाशिंगटन - अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच सीधी और गोपनीय बातचीत चल रही है। बातचीत मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की शिखर वार्ता की तैयारी पर केंद्रित है।सीएनएन के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि सीआइए के निदेशक माइक पोंपियो और सीआइए का एक दल शिखर वार्ता की तैयारियों को लेकर काम कर रहे हैं। अमेरिकी और उत्तर कोरियाई खुफिया अधिकारी…
न्यूयॉर्क - अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित ट्रंप टावर में शनिवार को आग लग गई। इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी समयानुसार ट्रंप टावर की 50वीं मंजिल पर शनिवार शाम करीब 6 बजे आग लगी। हालांकि आग की सूचना मिलते ही तुरंत दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और अब आग पर काबू पा लिया गया है।ट्रंप टावर में राष्ट्रपति का…
नई दिल्‍ली - सीरिया और मिडिल ईस्‍ट को लेकर अमेरिका असमंजस में फंसा हुआ है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि कुछ ही दिन पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने सीरिया से अपनी फौज को वापस बुलाने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्‍होंने सीरिया से आईएस का पूरी तरह से खात्‍मा होने तक अमेरिकी सेना के करीब दो हजार जवानों को सीरिया में ही तैनात रखने की भी बात कही…
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