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सिटीजन साइंटिस्ट्स ने सौर मंडल के बाहर पांच नए एक्सोप्लेनेट्स की खोज की है। वैज्ञानिकों ने इनकी खोज नासा के केप्लर स्पेस टेलीस्कॉप की मदद से की।एक सिटीजन साइंस वेब पोर्टल के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का नाम एक्सोप्लेनेट एक्सप्लोरर्स रखा गया था। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को ऑस्ट्रेलिया ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन पर लाइव टेलिकास्ट किया गया।शोधकर्ताओं ने बताया कि चार प्लेनेट सिस्टम का नाम के-2, 138 है। वहीं, सेंट्रल स्टार सूर्य के मुकाबले थोड़ा छोटा लेकिन ठंडा है। इस सिस्टम में 44 बृहस्पति के आकार के ग्रह हैँ। इसके अलावा 72 नेपच्यून, 44 पृथ्वी और 53 सुपर अर्थ के आकार के हैं।शोधकर्ताओं ने बताया कि पांचों ग्रहों का आकार पृथ्वी और नेपच्यून के बीच का है। सी, डी, ई और एफ जैसे ग्रहों में बर्फ और गैस होने की संभावना अधिक है।शोधकर्ताओं ने आगे कहा कि पांचों ग्रहों की कक्षीय अवधि 13 दिनों से कम है। लेकिन सभी काफी गर्म हैं। इनका तापमान 800-1800 डिग्री फारेनहाइट के बीच में है।

चीन के बेइहांग यूनिविर्सिटी के एक प्रोफेसर को यौन उत्पीड़न के आरोप में पद से हटा दिया गया है। प्रोफेसर पर एक पूर्व छात्रा ने सोशल मीडिया के जरिए यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने गुरुवार को अपने साइना वेईबो अकाउंट पर घोषित किया कि चेन शियाओवु को यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट स्कूल के कार्यकारी उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है। उनके शिक्षण प्रमाणपत्र को भी रद्द कर दिया गया है।यूनिवर्सिटी ने कहा कि यह फैसला स्कूल द्वारा कराई गई जांच के बाद लिया गया, जिसमें पता चला कि 'चेन ने छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया था।'जनवरी की शुरुआत में चेन की पूर्व डॉक्टरेट छात्रा लुओ कियानकियान ने वेईबो पर पोस्ट एक आलेख में उन पर उसका और अन्य छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।लुओ ने अपने आलेख में लिखा था कि चेन ने 1० साल पहले अपनी बहन के घर पर उन्हें बुलाकर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी, हालांकि, वह खुद को बचाने में सफल रही और रोते हुए वहां से निकल गई।लुओ ने अन्य पीड़िताओं तक पहुंचने के लिए और उन लोगों के अनुभवों को साझा करने के लिए उन लोगों के साथ वीचैट ग्रुप बनाया और यूनिवर्सिटी को सबूत एकत्र कर सौंपा।

चीन की सेना की सभी शाखाओं ने डोकलाम प्रकरण के बाद तिब्बत के पठार क्षेत्र में प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए देश के भीतर और विदेश में सैन्य अभ्यास बढ़ा दिए हैं। आधिकारिक मीडिया ने इसकी जानकारी दी है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए), नौसेना, रॉकेट (मिसाइल) बल और सशस्त्र पुलिस के साथ देश एवं विदेश में अभ्यास कर राष्ट्रपति शी चिनफिंग के तीन जनवरी को दिए सैन्य प्रशिक्षण के निर्देशों को क्रियान्वित कर रही है। सेना के आधिकारिक दैनिक मुखपत्र 'पीएलए डेली' ने कहा कि रडार में न आने वाले जी-20 सेनानी विमान, वाय-20 परिवहन विमान, एच-6 के बमवर्षक और जे-16, जे-11बी जे-10सी सैन्य विमान सहित चीन के सबसे विकसित विमान वर्ष 2018 की शुरुआत से ही अभ्यास कर रहे हैं।तिब्बती पठार भारत और चीन के बीच लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को कवर करता है। चीन के सरकारी समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' ने पीएलए के एक सेवानिवृत्त अधिकारी (जिसने नाम उजागर न करने की शर्त पर जानकारी दी) के हवाले से कहा,'सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय थल सैनिकों की संख्या अधिक है, जिसका युद्ध होने पर उन्हें कुछ फायदा मिलेगा। चीन की नौसेना को आसमान में अपना प्रभुत्व बनाने और तत्काल चीन को लाभ की स्थिति में लाने की आवश्यकता है।' इससे पहले भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर गतिरोध 73 दिनों तक चलने के बाद 28 अगस्त को थमा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालने के बाद शायद पहली बार अफ्रीका महाद्वीप का खुलकर जिक्र किया है, लेकिन यह अफ्रीकी लोगों के लिए हैरान करने वाला रहा। क्योंकि उन्होंने ट्रंप से किसी आपत्तिजनक टिप्पणी की उम्मीद नहीं की थी।ट्रंप ने गुरुवार को आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सवाल किया था कि, अमेरिका नार्वो जैसे देशों की बजाय हैती और अफ्रीका जैसे 'मलिन' (शिटहोल) देशों के प्रवासियों को स्वीकार क्यों करेगा? अफ्रीकी संघ ने कहा है कि, वह ट्रंप की टिप्पणी से हैरान है। अफ्रीकी संघ की प्रवक्ता एबा कालोंडो ने कहा कि, ''यह हमारे लिए हैरान करने वाला रहा, क्योंकि अमेरिका इस बात का वैश्विक उदाहरण रहा है कि प्रवासी लोग कैसे विविधता और अवसर के मजबूत मूल्यों पर आधारित एक देश बनाते हैं।"ट्रंप की इस टिप्पणी से अफ्रीका के देशों के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई। इन देशों को अमेरिका से बड़ी वित्तीय मदद मिलती है। दक्षिण सूडान की सरकार के प्रवक्ता आतेनी वे आतेनी ने कहा कि, ''जब तक दक्षिण सूडान के बारे में कुछ नहीं कहा जाता है, तबतक हमें कोई टिप्पणी नहीं करनी है।"

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हैती और अफ्रीकी देशों के प्रवासियों की रक्षा करने के कुछ अमेरिकी सांसदों के प्रयासों को लेकर निराशा व्यक्त करते हुए पूछा कि, "अमेरिका को इन ''मलिन" (शिटहोल) देशों के नागरिकों को क्यों स्वीकार करना चाहिए।" ट्रंप ने सीनेटरों और कांग्रेस के सदस्यों से मुलाकात की और अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मदद करने वाले कुछ एशियाई देशों से प्रवासियों की वकालत की।कई मीडिया रिपोर्ट में ट्रंप के हवाले से कहा गया कि, ''हमारे यहां मलिन देशों के ये सभी लोग क्यों हैं?" राष्ट्रपति ने अफ्रीकी देशों और हैती का जिक्र करते हुए यह बात कही और सुझाव दिया कि अमेरिका को नार्वे जैसे स्थानों के प्रवासियों का स्वागत करना चाहिए। नार्वे के प्रधानमंत्री ने गत बुधवार को ट्रंप से मुलाकात की थी। ट्रंप के इस बयान की डेमोक्रेटिक सांसदों ने निंदा की है। इस संबंध में सबसे पहले खबर 'वाशिंगटन पोस्ट' ने दी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार ट्रंप ने यह भी कहा कि, "वह एशियाई देशों के प्रवासियों का अधिक खुले दिल से स्वागत करेंगे, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे आर्थिक रूप से अमेरिका की मदद करते हैं।" उल्लेखनीय है कि ट्रंप योग्यता के आधार पर आव्रजन की वकालत करते रहे हैं, जिससे भारत जैसे देशों को सर्वाधिक लाभ हो सकता है।ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए व्हाइट हाउस के प्रधान उप प्रेस सचिव राज शाह ने कहा कि, ''अमेरिका के कुछ नेताओं ने विदेशी देशों के लिए लड़ना चुना, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा अमेरिकी लोगों के लिए लड़ेंगे।" इस बीच, हाउस डेमोक्रेटिक व्हिप स्टेनी एच होयर ने ट्रंप के बयान की निंदा करते हुए इसे ''नस्ली एवं अपमानजनक" बताया। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद लुइस गुतीरेज और कांग्रेस की सदस्य इलियाना रोस-लेतिनेन ने भी ट्रंप के इस बयान की कड़ी आलोचना की।

 

 

 

चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना सिल्क रोड जिसमें रेलवे, बंदरगाह और अन्य मार्गों को एशिया से यूरोप की योजना है। लेकिन, इस योजना को पाकिस्तान में कई तरह की अड़चनों का सामने करना पड़ा रहा है।पाकिस्तान का बीजिंग के साथ संबंध इस कदर घनिष्ठ है कि अधिकारी पाकिस्तान का अपना आयरन ब्रदर बताते हैं। उसके बावजूद नवंबर महीने में डेमर भाषा डैम में चीन की मदद को पाकिस्तान ने यह कहते हुए ठुकरा दिया इसमें चीन इस हैड्रो पावर प्रोजेक्ट पर अपना मालिकाना हक चाहता है। उन्होंने इसे पाकिस्तान के हितों के खिलाफ बताया।हालांकि, चीन ने इसका खंडन किया लेकिन अधिकारियों ने दोनों देशों के तरफ से विकसित किए जा रहे दर्जनों प्रोजेक्ट से इस डैम को हटा दिया है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के महत्वाकांक्षी बेल्ड ऐंड रोड इनिशिएटिव के तहत प्रॉजेक्ट्स को पाकिस्तान से लेकर तंजानिया और हंगरी तक कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ प्रॉजेक्ट्स रद्द हो रहे हैं या उन पर नए सिरे से बातचीत हो रही है। जबकि, कुछ प्रॉजेक्ट्स में लागत को लेकर विवाद की वजह से देरी हो रही है।शी चिनफिंग ने 2013 में ओबोर (वन बेल्ट वन रोड) का ऐलान किया था। ओबोर प्रॉजेक्ट का जब चीन ने ऐलान किया था उस वक्त दुनिया के कई देशों ने इसका स्वागत किया था। लेकिन अब वॉशिंगटन से लेकर मॉस्को और नई दिल्ली की सरकारें बेल्ट ऐंड रोड को लेकर सशंकित है। इनके मुताबिक बीजिंग वन बेल्ट वन रोड का इस्तेमाल चीन-केंद्रित राजनीतिक ढांचे को बनाने की कोशिश के तौर पर कर रहा है।वन बेल्ट वन रोड के तहत आने वाले जिन प्रॉजेक्ट्स पर ग्रहण लगा है उनमें नेपाल का भी एक हाइड्रो प्रॉजेक्ट शामिल है। पिछले साल नवंबर में नेपाल ने चीन की कंपनियों की ओर से 2.5 अरब डॉलर के डैम प्रॉजेक्ट को बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। नेपाल ने कहा था कि गंडकी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रॉजेक्ट के ठेकों में नियमों का उल्लंघन हुआ था।

महिलाओं में होने वाले कैंसर में सबसे अधिक खतरा होता है ब्रेस्ट कैंसर का। अगर समय रहते इसका पता चल जाए, तो जिंदगी बचाई जा सकती है। महिलाओं को अगर ब्रेस्ट कैंसर की जांच की सुविधा कम खर्च पर बिना वक्त गवाएं और दर्द रहित तरीके से मिल जाए, तो उनके लिए सुविधाजनक होगा। इसी को देखते हुए वैज्ञानिकों ने छोटी सी डिवाइस ईजाद की है, जो सिर्फ आंसू के…
अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस अब तक के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ब्लूमबर्ग और फोर्ब्स दोनों ने अपने अरबपतियों की सूची में बेजोस को सबसे ऊपर रखा है। ब्लूमबर्ग ने कहा कि, बुधवार तक बेजोस की संपत्ति 106 अरब डॉलर पर पहुंच गई है, जबकि फोर्ब्स ने इसे 105 अरब डॉलर बताया है।इससे पहले यह रिकॉर्ड माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स के नाम…
इजराइल भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए पर्यटन, प्रौद्योगिकी, कृषि और नवाचार जैसे क्षेत्रों में चार सालों में करीब 6.86 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अगले हफ्ते भारत यात्रा से पहले एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।इजराइल के विदेश मंत्रालय के उप महानिदेशक, गिलाद कोहेन ने एजेंसी को बताया कि, यह निवेश दोनों देशों के बीच चार करोड़ डॉलर के भारत-इजराइल औद्योगिक…
चीन ने वियतनाम द्वारा विवादित दक्षिण चीन सागर में तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में निवेश के लिए भारत को आमंत्रित करने पर आज आपत्ति व्यक्त की। उसने कहा कि वह द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने के बहाने अपने अधिकारों में दखल के विरोध में है। भारत में वियतनाम के राजदूत तोन सिन्ह थान्ह ने मंगलवार को एक सामाचार चैनल को कहा था कि उनका देश दक्षिण चीन सागर में भारतीय निवेश…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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