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दुनिया (2208)

आतंकी हाफिज सईद ने सोमवार को अपनी एक राजनीतिक पार्टी बना ली है। इस पार्टी का नाम 'मिल्ली मुस्लिम लीग' है। जमात-उद-दावा के सीनियर मेंबर और हाफिज सईद के करीबी सैफुल्ला खालिद को पार्टी का प्रेसिडेंट बनाया गया है। बता दें कि हाफिज सईद पिछले 6 महीने से पाकिस्तान में नजरबंद है। मालूम होता है कि चार दीवारी के भीतर से ही सईद अपनी राजनीतिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।पिछले दिनों हाफिज सईद ने पाकिस्तान चुनाव आयोग में अपनी राजनीतिक पार्टी को मान्यता देने के लिए अर्जी दाखिल की थी।इस मसले पर सैफुल्ला खालिद ने कहा कि हम जल्द ही अपनी पार्टी की रजिस्ट्रेशन के लिए अर्जी देंगे। उसने कहा कि हमारी पार्टी पाकिस्तान को एक इस्लामिक देश बनाएगी। हम सईद को जल्द से जल्द रिहा करने की भी मांग करेंगे। पाकिस्तान के राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सईद का पार्टी बनाने का मकसद असल में उदारवादियों के बीच अपनी जगह बनाना है।जानकार यह भी मानते हैं कि देश में धार्मिक आधार पर बनी पार्टियों के जीतने की संभावनाएं न के बराबर हैं। हाफिज को 31 जनवरी में पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने 90 दिनों तक नजरबंद रखने का फैसला किया था। यह समयसीमा 27 जुलाई को खत्म हो रही थी। इसके बाद इसी हफ्ते उसकी नजरबंदी को दो माह और बढ़ा दिया गया है। हाफिज सईद नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों के साथ ही भारत में कई हमलों की साजिश का गुनाहगार है। जम्मू कश्मीर में हिंसा फैलाने में भी उसकी सक्रिय भूमिका रही है।

 

डोकलाम गतिरोध को लेकर भारत के साथ तनाव के बावजूद चीन अगले महीने देश के शियामेन शहर में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के प्रति आशावादी है। चीन ने पांच उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के बीच विशेषकर भारत से 'ठोस सहयोग' की उम्मीद जतायी है। समीक्षा में कहा गया कि सम्मेलन में वैश्विक शासन में संगठन की भूमिका, अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विकरण में आ रही दिक्कतों पर चर्चा होगी।चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक आगामी सम्मेलन पर एक समीक्षा बैठक के दौरान फूदान विश्वविद्यालय में ब्रिक्स अध्ययन केंद्र के निदेशक शेन यी ने कहा, 'मेरा मानना है कि इस वर्ष शियामेन में होने वाला ब्रिक्स सम्मेलन अधिक व्यावहारिक एवं ठोस सहयोग पेश करेगा और इससे ब्रिक्स के सदस्यों देशों के बीच विश्वास एवं भरोसे में सुधार होगा।'ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्राध्यक्षों के इस सम्मेलन में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है, जिसकी मेजबानी चीन के राष्ट्रपति शी जिन​पिंग कर रहे हैं। इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि मोदी और जिनपिंग के बीच सम्मेलन के इतर मुलाकात होगी या नहीं, क्योंकि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गतिरोध हाल के वर्षों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सबसे लंबा गतिरोध बन गया है।

पाकिस्तान में शीर्ष नेताओं पर महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप पहली बार नहीं लगे है। पिछले दिनों पाकिस्तान में तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के मुखिया इमरान खान पर उन्हीं की पार्टी की एक महिला सदस्य ने अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं महिला नेता आयशा गुलालई ने पार्टी की अन्य महिला नेताओं के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है। महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले में पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ का दामन भी साफ नहीं रहा है। पिछले दिनों भ्रष्टाचार के आरोप में पद से इस्तीफा देने वाले शरीफ पर पिछले साल एक महिला पत्रकार ने फ्लर्ट करने का आरोप लगाया था।सिर्फ नवाज और इमरान ही नहीं बल्कि कई सांसद भी महिलाओं पर टिप्पणी करने के चलते विवादित रहे हैं। सदन में महिला सांसदों पर पुरुष नेताओं द्वारा अश्लील और भद्दे कमेंट किए जा चुके हैं। किम बार्कर एक अमरीकी पत्रकार हैं और उन्होंने शिकागो टाइम्स से लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे बड़े अखबारों के लिए काम किया है। इन्होंने 'व्हिस्की, टैंगो, फॉक्सट्राउट' और तालिबान शफल जैसी किताबें लिखी हैं। किम ने अपनी इस किताब (तालिबान शफल) में एक घटना का जिक्र किया है जब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उनसे एक इंटरव्यू के दौरान फ्लर्ट करने की कोशिश की।किम बताती हैं यह 2008 की बात है, जब वो तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद विपक्ष के नेता नवाज शरीफ से इंटरव्यू के लिए पाकिस्तान गईं थीं। उन्होंने कहा, बातों ही बातों में नवाज शरीफ ने उनसे पूछा कि उनका कोई बॉयफ्रेंड है कि नहीं। किम ने जवाब में कहा कि उनका एक बॉयफ्रेंड था और अभी कुछ ही समय पहले वो दोनों अलग हो गए हैं। इसपर नवाज शरीफ ने उनसे कहा कि वो उनके लिए एक दोस्त ढूंढना चाहते हैं।

इजरायल ने कतर के अल-जजीरा टीवी चैनल पर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही इजरायल ने येरूशलम में उसके ब्यूरो ऑफिस को बंद करने और उसके पत्रकारों की मान्यता रद्द करने की बात कही है। इजरायल के संचार मंत्री अयूब कारा ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। कारा ने टीवी चैनल पर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केबल टीवी चैनल प्रसारक अल-जज़ीरा के अरबी और अंग्रेजी चैनलों का प्रसारण बंद करने के प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं। संचार मंत्री ने कहा कि चैनल के कायार्लय को बंद करने के लिए आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कारा ने इस फैसले की जानकारी देने के लिए एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी और इस प्रेस कांफ्रेंस में अल जजीरा के पत्रकारों को बाहर रखा गया था।

कोरियाई प्रायद्वीप में लगातार बढ़ रहे तनाव के मद्देनजर दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री और उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री ने मनीला में क्षेत्रीय मंच की बैठक से इतर मुलाकात की है। दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहप ने विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से आज कहा कि दक्षिण कोरिया के कांग क्यूंग-वहा की रात्रि भोज के दौरान उत्तर कोरिया के अपने समकक्ष री योंग-हो से संक्षिप्त मुलाकात हुई।मुलाकात के दौरान कांग ने री से अनुरोध किया कि वह विभाजित प्रायद्वीप में तनाव को कम करने के लिए सोल का सैन्य बातचीत और विभाजित परिवारों को फिर से मिलाने के लिए चर्चा के नए दौर की पेशकश को स्वीकार करें। रिपोर्ट में एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि कांग के अनुरोध को री ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि वर्तमान स्थिति में उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने के लिए दक्षिण कोरिया ने अमेरिका के साथ गठजोड़ किया हुआ है और ऐसे में इन प्रस्तावों में संजीदगी नहीं है।यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा उत्तर कोरिया पर उसकी पहली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों के एक दिन बाद हुई है। उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है।

 

चीन ने दक्षिण कोरिया में अमेरिकी मिसाइल निरोधक रक्षा प्रणाली 'थाड' की तैनाती को रोकने और उससे संबंधित उपकरणों को खत्म करने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत लियू जिएई ने चीनी पक्ष रखते हुए सुरक्षा परिषद में आज यह बात कही। जिएई ने सुरक्षा परिषद में कहा कि 'थाड' मिसाइल प्रणाली की तैनाती से उत्तर कोरिया के परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम से निपटने में कोई सहायता नहीं मिलेगी। चीनी राजदूत ने उत्तर कोरिया से तनाव को बढ़ाने वाले कदम नहीं उठाने का आग्रह किया।इससे पहले 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने अमेरिका की ओर से तैयार किए गए एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह कार्रवाई उत्तर कोरिया द्वारा जुलाई माह में दो बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने के कारण की गई है।
उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने का फैसला
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पारित कर उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने और वहां निवेश की सीमाएं तय करने के इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। सुरक्षा परिषद की ओर से उत्तर कोरिया पर लगाए गए नए प्रतिबंधों का असर उसके तीन अरब डॉलर राजस्व वाले वार्षिक निर्यात कारोबार पर पड़ेगा। यह प्रतिबंध उत्तर कोरिया द्वारा जुलाई माह में दो बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने के बाद लगाए गए हैं।
अमेरिका ने तैयार किया मसौदा
इस प्रस्ताव का मसौदा अमेरिका द्वारा तैयार किया गया है जिसके तहत उत्तर कोरिया के कोयला, लौह, लौह अयस्क, सीसा, सीसा अयस्क और समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात करने पर रोक लगाई गई है। यह प्रस्ताव विभिन्न देशों को विदेशों में काम कर रहे उत्तर कोरियाई मजदूरों की वर्तमान संख्या में बढ़ोत्तरी करने

छह अगस्त 1945 को दुनिया जंग के मैदान में एक खतरनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना की गवाह बनी थी। आज ही के दिन जापान के शहर हिरोशिमा पर अमेरिका ने पहला परमाणु बम गिराया। इस हमले में कई लोगों की मौत हुई तो कई लोग इसके दुष्प्रभावों को झेलने के लिए मजबूर हुए। इस घटना को पूरे 72 वर्ष हो चुके हैं और आज परमाणु जंग का…
छह अगस्त 1945 को हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले के 72 वर्ष पूरे हो गए हैं। उस घटना को भले ही सात दशक से ज्यादा का समय हो गया हो लेकिन आज के समय में हिरोशिमा का जिक्र न हो ऐसा मुश्किल है। पिछले तीन वर्षेां में दुनिया में कई समीकरण बदले हैं। आईएसआईएस के आने के बाद से रूस और अमेरिका में खुद को श्रेष्‍ठ और सुपरपावर साबित करने…
बीजिंग - भारतीय सैनिकों को डोकलाम से दो हफ्तों के भीतर ही निकाल देने के लिए चीन एक छोटे स्तर का सैन्य अभियान चलाने की योजना बना रहा है। यह जानकारी एक सरकारी अखबार में छपे लेख में दी गई है। इतना ही नहीं अखबार ने कहा है कि चीन, भारतीय सैनिकों को दो हफ्तों के भीतर वहां से निकाल देगा। सिक्किम सेक्टर में भारत और चीन के बीच बीते…
लंदन - जलवायु परिवर्तन के कारण प्रतिकूल मौसम से यूरोप में इस सदी के अंत तक लोगों की मौतों का आंकड़ा बढ़ कर 50 गुना ज्यादा हो जाएगा और यह संख्या 150,000 से अधिक होगी। वैज्ञानिकों ने शोधों के निष्कर्ष के आधार पर यह अनुमान व्यक्त किया है।लैंसेंट प्लेनेटरी हेल्थ जर्नल में वैज्ञानिकों ने अपने शोधों के आधार पर कहा है कि अगर जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए गंभीर…
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