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9 अप्रैल को बोआओ एशिया मंच के वर्ष 2018 वार्षिक सम्मेलन के दौरान चीन-भारत आर्थिक सहयोग की निहित शक्ति शीर्षक पर टीवी बहस बोआओ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित हुई। भारत के टा समूह के माननीय अध्यक्ष रतन टाटा, चीन के पूर्व उप विदेश व्यापार मंत्री लोंग योंग थू, चीन के पूर्व वाणिज्य मंत्री छेन द मिंग और फ्रांस के पुल थिंक टैंक के अध्यक्ष जोएल रुट ने चीन-भारत संबंध, द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक आवाजाही की संभावना समेत कई मुद्दों पर बहस की और अपना अपनी राय रखी। भारत के टाटा समूह के माननीय अध्यक्ष रतन टाटा ने कहा कि वर्तमान स्थिति में विकास के लिए चीन और भारत के लिये एकसाथ काम करने वाले कई अवसर हैं, विशेषकर आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में । उनका विचार है कि चीन और भारत को और उच्च स्तर पर एक दूसरे का विश्वास करने वाली व्यवस्था की स्थापना करनी चाहिए, ताकि समान रूप से और अधिक क्षेत्रों में आपसी जोड़ने और समान जीत मिले। चीन के पूर्व उप विदेश व्यापार मंत्री लोंग योंग थू ने कहा कि भारत को विनिर्माण उद्योग के विकास में गति देना चाहिए। औद्योगिक संरचना की दृष्टि से देखा जाए भारत के विनिर्माण उद्योग का आधार अपेक्षाकृत कमज़ोर है। इस क्षेत्र में चीन का समृद्ध अनुभव है। भारत चीन के साथ इसे साझा कर सकता है। चीन के पूर्व वाणिज्य मंत्री छेन द मिंग ने कहा कि सूचना आयु में कृत्रिम बुद्धि का विकास और उपयोग चीन और भारत जैसे श्रम शक्ति के बड़े देशों को चुनौतियां लाएँगी। इस पृष्ठभूमि में चीन और भारत के आर्थिक और व्यापारिक ढांचे पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है। दोनों देशों को श्रम की गुणवत्ता और शिक्षा के स्तर को बढ़ाना चाहिए। फ्रांस के पुल थिंक टैंक के अध्यक्ष जोएल रुट का विचार है कि चीन और भारत व्यापार की अवधारणा को पुनः परिभाषित करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत के कई समान क्षेत्र हैं। दोनों पक्ष एक दूसरे के विकास और सुधार की आपूर्ति को समझ कर सकते हैं। इसलिए दोनों पक्ष व्यापार से एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 10 अप्रैल को बोआओ एशिया मंच के वर्ष 2018 वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में चीन के आगे खुलेपन का विस्तार करने के सिलसिलेवार कदम घोषित किये और यह विश्वास भी दिलाया कि चीन की खुलेपन की एक नई स्थिति होगी। इस सम्मेलन में भाग लेने वाले कई देशों के प्रतिनिधियों ने चीन के इन नए कदमों की भूरी भूरी प्रशंसा की।अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की महानिदेशक क्रिस्टीन लागार्ड ने चीन के इन नए कदमों की सकारात्मक टिप्पणी दी कि भाषण में अगर शी चिन फिंग द्वारा प्रस्तुत ठोस कदम उठाया जाएं, तो पिछले 40 वर्षों में की सुधार और खुलेपन की नीति लागू करने के आधार पर आगामी 40 वर्षों में चीन को लगातार सफलता मिलेगी।ऑस्ट्रेलिया के एफएमजी ग्रुप की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलिजाबेथ गेनेस ने कहा कि विदेशी उद्यमों के लिए आगे खोलने वाले चीनी बाज़ार से विकास के और अधिक अवसर मिलेंगे।पाक प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा कि चीन द्वारा प्रस्तुत एक पट्टी एक मार्ग" प्रस्ताव वैश्विक सार्वजनिक सामान बन गया है। यह आपसी लाभ वालेसमान जीत और समान समृद्ध होने वाला एक प्रस्ताव है।

10 अप्रैल को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बोआओ एशिया मंच में भाषण देते हुए चीन के खुलेपन के विस्तार के नये कदम घोषित किये। अब नये युग में न सिर्फ चीन के खुलेपन की भारी कार्रवाई है ,बल्कि विश्व आर्थिक बहाली के लिए चीनी अवसर भी मौजूद है।शी चिनफिंग ने अपने भाषण में सुधार और खुलेपन पर जोर दिया। उन्होंने वादे किये कि चीन सुधारों को और बढ़ाएगा साथ ही चीन का द्वार हमेशा खुला रखेगा। चीन हमेशा विश्व शांति का निर्माणकर्ता, विश्व विकास का योगदानकर्ता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का संरक्षक बनेगा। इन वायदों से एक जिम्मेदाराना बड़े देश के नेता का साहस और कर्तव्य बोध जाहिर हुआ है ।शी चिनफिंग ने खुलेपन के नये कदम घोषित किये ।ये कदम न सिर्फ चीन की आधुनिक अर्थव्यवस्था के निर्माण को गति देंगे ,बल्कि कई देशों के विकास के लिए बड़ा मौका देंगे।शी चिनफिंग ने अपने भाषण में विश्व के विकास की दिशा भी स्पष्ट की ।उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण सहयोग ,खुला और समावेश ,सुधार और सृजन युग के विकास की तीन मुख्य धाराएं हैं।

 

 

 

सिडनी - दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद चीन ने अब अपनी आंखें दक्षिण प्रशांत महासागर पर गड़ा दी है। मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में छपी खबरों की मानें तो चीन अब दक्षिण प्रशांत सागर के द्वीपीय देश वनातू में भी अपना नौसैनिक अड्डा बनाने जा रहा है। इसी के चलते इस छोटे देश में चीन ने भारी निवेश करना शुरू कर दिया है।
हालांकि वनातू ने इन खबरों का खंडन किया है। लेकिन इस खबर की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद आस्ट्रेलियाई पीएम मैल्कम टर्नबुल को बयान देना पड़ा है। उन्होंने कहा, 'प्रशांत द्वीपीय देशों में किसी भी विदेशी देश के सैन्य अड्डे की स्थापना हमारे और हमारे पड़ोसियों के लिए चिंता की बात है।'
वहीं, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप ने यह स्वीकारा है कि हाल के वर्षों में चीन उनके रणनीतिक साझेदार वनातू में भारी निवेश कर रहा है। लेकिन बिशप ने आशा जताई कि वनातू उनका रणनीतिक साझेदार बना रहेगा। यहां के राष्ट्रीय सुरक्षा महाविद्यालय की प्रमुख रोरी मेडकाफ का मानना है कि वनातू में चीन का नौसैनिक या वायुसेना अड्डा होना ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के लिए भविष्य में मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
दरअसल, मंगलवार को फेयरफैक्स में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। इसमें दावा किया गया था कि चीन वनातू सरकार से सैन्य अड्डा स्थापित करने के लिए बातचीत कर रहा है। इस बात से चिंतित ऑस्ट्रेलियाई सरकार लगातार अमेरिकी के संपर्क में है। चीन लगातार अपना सैन्य प्रभाव बढ़ाता जा रहा है। अगस्त, 2017 अफ्रीकी देश जिबूती में उसने अपना पहला सैन्य अड्डा बनाया था। इसने भारत की सुरक्षा चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।
कहां है वनातू?:-ऑस्ट्रेलिया से करीब दो हजार किलोमीटर दूर पूर्व में स्थित है वनातू। यह 80 द्वीप से बना एक छोटा देश है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय यहां अमेरिकी नौसेना का अड्डा था। इसी सैन्य अड्डे की मदद से अमेरिका ने जापानी फौज को प्रशांत सागर में ऑस्ट्रेलिया की तरफ बढ़ने से रोका था।

नई दिल्‍ली - डबल एजेंट पर जानलेवा हमला मामले ने अमेरिका समेत ब्रिटेन से रूस के रिश्‍तों को बेहद निचले पायदान पर ला दिया है। इसकी बदौलत तीनों देशों की तरफ से एक दूसरे के खिलाफ कई बड़े फैसले तक लिए गए हैं। इनमें राजनयिकों की बर्खास्‍तगी तक शामिल है। इतना ही नहीं रूस बार-बार इस मामले से अपना पल्‍ला झाड़ रहा है और इसमें शामिल होने से साफ इंकार करता रहा है। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। रूस के डबल एजेंट सर्गी स्क्रिपल की बेटी यूलिया स्क्रिपल को अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज कर दिया गया है। उनको फिलहाल एक गुप्‍त जगह पर ले जाया गया है। माना जा रहा है कि उन्‍हें सीआईए की मदद से अमेरिका भेजा जाएगा जहां उन्‍हें नई गुप्‍त पहचान दी जाएगी और कड़े सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। यूलिया के डिस्‍चार्ज होने के बाद उस राज से भी पर्दा उठ सकेगा जो अभी तक या तो वो जानती हैं या फिर उनके पिता जानते हैं।
रूस के लिए बन सकता है समस्‍या:-अमेरिका और ब्रिटेन के लिए जहां ये अच्‍छे संकेत हैं वहीं यदि रूस का इस मामले में जरा भी हाथ हुआ तो उसके लिए यूलिया का डिस्‍चार्ज होना बहुत बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। इतना ही नहीं यह रूस की छवि को वैश्विक मंच पर खराब तक कर सकता है। आपको बता दें कि रूस के लिए यह समय काफी खराब चल रहा है। अमेरिका को रूस के खिलाफ दुनिया के बड़े देशों को एक साथ लाने का एक और मुद्दा मिल गया है। वैसे भी सीरिया का कैमिकल अटैक और अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव में रूस का हस्‍तक्षेप अब भी रूस के लिए गले की हड्डी बना हुआ है। वहीं ब्रिटेन भी डबल एजेंट के मामले के बाद रूस के खिलाफ आ खड़ा हुआ है।
नर्व एजेंट से हुआ था हमला:-गौरतलब है कि यूलिया स्क्रिपल और सर्गी स्क्रिपल पर 4 मार्च को ब्रिटेन के सेल्‍सबरी में नर्व एजेंट से जानलेवा हमला किया गया था। इसके बाद से ही इन दोनों का ईलाज बेहद कड़े सुरक्षा घेरे में किया जा रहा था। डॉक्‍टरों के मुताबिक यूलिया की हालत में तेजी से सुधार होने के बाद उसको अस्‍पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। सेल्‍सबरी डिस्ट्रिक हॉस्पिटल के डायरेक्‍टर ब्‍लेनशार्ड ने बताया है कि इन दोनों को बेहद गंभीर हालत में अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन यूलिया ने काफी तेजी से रिकवरी की है। हालांकि उनके 66 वर्षीय पिता सर्गी स्क्रिपल की रिकवरी उस हिसाब से धीमी रही है। ब्‍लेनशार्ड ने यह भी उम्‍मीद जताई है कि आने वाले दिनों में सर्गी को भी अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि दोनों के ईलाज से वह काफी संतुष्‍ट हैं।
तेजी से की रिकवरी:-ब्‍लेनशार्ड के मुताबिक यूलिया और सर्गी ने काफी तेजी से रिकवरी की है जो अपने आप में एक कमाल है। हालांकि यह दोनों अभी विभिन्‍न हालातों में हैं और सर्गी भी काफी पॉ‍जीटिव रेस्‍पांस कर रहे हैं। हालांकि अस्‍पताल के डायरेक्‍टर ने यह भी साफ कर दिया है कि फिलहाल सर्गी अस्‍पताल में ही डाक्‍टरों की देखरेख में रहेंगे। आपको बता दें कि इस मामले ने जिस तरह से तूल पकड़ा है उसको देखते हुए यह जल्‍द शांत होने वाला नहीं है। ऐसा इसलिए भी है क्‍योंकि अमेरिका ने इस मामले को यूएन तक में उठाया है। वहीं संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में रूसी राजदूत का कहना है कि इसको लेकर रूस पर गलत आरोप लगाया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि इसमें किसी दूसरे देश की खुफिया एजेंसी का हाथ हो सकता है और यह रूस को बदनाम करने की एक सोची समझी साजिश का हिस्‍सा है।
पहले भी की गई हैं एजेंटों की हत्‍या:-आपको यहां पर ये भी बता दें कि रूस पर एजेंट की हत्या या इसकी कोशिश का आरोप पहली बार नहीं लगा है। वर्ष 2006 में भी एक रूसी एजेंट एलेक्‍जेंडर लिटविनेंको की हत्‍या रेडियोएक्टिव पदार्थ पोलोनियम 210 खिलाकर कर दी गई थी। इसके बाद भी रूस पर अंगुली उठी थी जिसका रूस की तरफ से खंडन किया गया था। वह 2000 में ब्रिटेन से भागे थे। इसके अलावा ब्रिटेन में रूसी बिजनेसमैन की हत्‍या को लेकर भी मास्‍को के खिलाफ अंगुली उठी थी, लेकिन ब्रिटेन को इसका कोई सबूत नहीं मिल सका था। कहा जाता है कि उन्‍हें रूस में हुए खरबों रुपये के गबन की जानकारी थी।

इस्‍लामाबाद - पश्‍तून रैली को नजरअंदाज करने वाली पाकिस्‍तान मीडिया की निष्‍क्रियता को पर हर ओर से सवालिया निशान लग रहे हैं। देश के अंग्रेजी अखबार द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून (इटी) की काफी निंदा हो रही है क्‍योंकि रैली से संबंधित छपे हुए आलेख को इसने हटा दिया। इसके बाद सोमवार को ट्वीटर यूजर्स ने अखबार को आड़े हाथों लिया।
अमेरिकी नागरिक ने ट्वीट कर कहा, ‘इटी ने पाकिस्‍तानी पश्‍तून युवा के विरोध प्रदर्शन के आलेख को छपने के बाद हटा दिया। यह इस बात का उदाहरण है कि मीडिया किस तरह उन लोगों के दवाब में है जो नहीं चाहते थे कि इस रैली को कवर किया जाए।‘
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संघ प्रशासित कबायली इलाके (फाटा) में युद्ध अपराध मामलों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग कर रहे एक लाख पश्तूनों ने रविवार को सरकार के खिलाफ विशाल रैली निकाली। इस रैली में लापता हुए लोगों के परिवार ने भी हिस्सा लिया।

दुबई - दुबई में अब ऐसे स्‍थानीय निवासियों या पर्यटकों का पासपोर्ट नहीं रखा जाएगा, जो किसी अपराध के आरोपी हैं या जमानत की मांग कर रहे हैं। पासपोर्ट के बजाय ऐसे व्यक्ति के डाटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहित किया जाएगा।अगर किसी व्यक्ति को जमानत की ज़रूरत है, तो उन्हें अपने या किसी दोस्त व रिश्तेदार का पासपोर्ट जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। 9 अप्रैल को दुबई सरकार…
मॉस्को - उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री-योंग-हो वर्तमान में मॉस्को दौरे पर हैं। री ने मंगलवार को कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप और विश्व की स्थिति ये दर्शाती है कि वर्तमान में उत्तर कोरिया और रूस के बीच मजबूत संबंधों की दरकार है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्री री-योंग-हो ने रूसी विदेश मंत्री सर्गी लावरोव के साथ वार्ता करने से पहले ये बातें कहीं।ये दोनों देश प्योंगयांग, सिओल और वाशिंगटन के…
नई दिल्‍ली - उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे के बीच 27 अप्रैल को शांति वार्ता होनी है। इसके अलावा मई में किम और डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच वार्ता होनी तय है। यह दोनों ही वार्ता बेहद अहम हैं, लेकिन इन दोनों वार्ताओं में एक देश अहम भूमिका निभाने वाला है। इस देश का नाम है 'चीन'। चीन, उत्तर कोरिया का सबसे…
इस्लामाबाद - पाकिस्तान में सड़क हादसे में फंसे अमेरिका के एक वरिष्ठ राजनयिक के देश छोड़ने पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। हाल ही में उनकी गाड़ी की टक्कर से एक बाइक सवार की मौत के बाद उनके खिलाफ एक आपराधिक‍ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उनका लाइसेंस रद करने के साथ उनके देश से बाहर जाने पर रोक लगाने के लिए गृह मंत्रालय को…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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