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इस्लामाबाद : पाकिस्तान में 100 से अधिक लोगों की जान लेने वाली भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन की घटनाओं के चलते पाक अधिकृत कश्मीर स्थित गिलगित-बाल्टिस्तान का संपर्क शेष देश से कट गया है।सप्ताहांत शुरू हुई भारी बारिश खबर पख्तूनख्वा तथा पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में अब भी कहर बरपाए हुए है। इससे जगह-जगह भूस्खलन के चलते पाकिस्तान का चीन के साथ जमीनी संपर्क अवरूद्ध हो रहा है। खुंजेराब दर्रा के जरिए शिंजियांग स्थित काशगर को गिलगित और बाल्टिस्तान से जोड़ने वाला रणनीतिक कारकोरम मार्ग गोजाल से लेकर बेशाम तक 50 से अधिक स्थानों पर नष्ट हो चुका है। इससे सैकड़ों लोग और 50 से अधिक विदेशी पर्यटक फंस गए हैं।स्कार्दू, आस्तोर और गिजेर जाने वाली सड़कें भी अवरूद्ध हो गई हैं जिससे खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कमी हो गई है। गिलगित-बाल्टिस्तान में अब तक 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है तथा पड़ोस के खबर पख्तूनख्वा प्रांत में 30 से अधिक लोग मारे गए हैं। 48 घंटे से अधिक समय तक चली बारिश से पन-बिजली परियोजनाएं नष्ट हो गई हैं जिनसे गिलगित नगर और अन्यत्र बिजली की आपूर्ति होती है।सेना के फ्रंटियर वर्क्‍स ऑर्गेनाइजेशन (एफडब्ल्यूओ) के कर्नल अमजद वली के अनुसार, कारकोरम राजमार्ग पर एक मुख्य पुल भी नष्ट हो गया है और इसे आवगमन के लिए दुरूस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोहिस्तान में करीब 200 मीटर सड़क पूरी तरह बह गई है और मलबे के नीचे 20 से अधिक लोग अब भी फंसे हैं। कोहिस्तान के कांदिया क्षेत्र में एक मकान पर एक विशाल शिलाखंड गिरने से 13 महिलाओं सहित 25 लोग मारे गए हैं। सैकड़ों मकान बह गए हैं तथा अधिकांश क्षेत्र में संचार ठप हो गया है।

बीजिंग:-चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध कड़े करने के संबंध में भारत के विचार करने संबंधी खबरों के बीच, चीन के आधिकारिक मीडिया ने बुधवार को कहा कि इस तरह के कदम से भारत को अधिक नुकसान होगा।सरकार संचालित ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया, यदि भारत चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध कड़े करता है, यदि वह चीनी कंपनियों को दी गई सुरक्षा मंजूरी को खत्म करता है तो इससे भारत को अधिक नुकसान होगा।यह लेख भारत में आधिकारिक सूत्रों द्वारा यह कहे जाने के बाद आया है कि पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर आतंकी हमले के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर पर बैन लगाने के भारत के प्रयासों में चीन द्वारा रोड़ा लगाए जाने के बाद सुरक्षा प्रतिष्ठान का मत है कि चीनी कंपनियों को दी गई सुरक्षा मंजूरी की समीक्षा की जानी चाहिए।शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज में इंस्टिटयूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस से जुड़े शोध सदस्य हू झियोंग ने कहा, चीनी कंपनियां संभावित सुरक्षा मंजूरी समीक्षा के चलते भारत में अपनी विस्तार योजनाओं के बारे में दो बार सोच सकती हैं। इस तरह, भारत का विकास, जो इसके आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए चीन पर निर्भर है, बाधित होगा।

इस्लामाबाद:-पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पनामा पेपर्स लीक के मद्देनजर मंगलवार को किसी वित्तीय गड़बड़ी की जांच के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग गठित किया। एक दिन पहले ही विदेशी कंपनियों में मालिकाना हक को लेकर पनामा पेपर्स में उनके तीन बच्चों के नाम सामने आए थे। इस खुलासे के बाद विपक्ष ने जांच की मांग की थी।राष्ट्र को संबोधित करते हुए शरीफ ने उनके तथा उनके परिवार के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए आयोग के गठन की घोषणा की।उन्होंने कहा, मैं एक न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा करता हूं, जिसका नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश करेंगे। यह आयोग आरोपों पर गौर करेगा और पूरी जांच के बाद अपना फैसला सुनाएगा।शरीफ ने उनके परिवार द्वारा नियंत्रित कारोबार की विस्तृत पृष्ठभूमि बताई और कहा कि पाकिस्तान की स्थापना से भी कई वर्ष पहले यह कारोबार स्थापित हो चुका था।उन्होंने कहा कि अतीत में उनके कारोबार को बर्बाद करने के कई प्रयासों के बावजूद उन्होंने तथा उनके परिवार ने करीब छह अरब रूपये की बकाया राशि का भुगतान किया।शरीफ ने कहा, मेरे परिवार ने कई आरोप झेले हैं। मेरा परिवार बहुत समय तक ऐसा कोई खास राजनीति में शामिल नहीं था, मेरे राजनीति में आने से पहले हमारा स्थापित औद्योगिक परिवार था।

रेकविके:-पनामा पेपर्स के खुलासे में नाम आने के बाद आइसलैंड प्रधानमंत्री सिगमुडुर डेवियो गुनलॉगसन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले राष्ट्रपति से उन्होंने संसद को भंग करने की सिफारिश की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। गुनलॉगसन पर कर पनाहगाह ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कपंनी बनाने का आरोप है। इस खुलासे के बाद देश में सियासी पारा चढ़ गया था। उनके खिलाफ विपक्ष और जनता लामबंद हो गई थी। देश के हालात देखते हुए राष्ट्रपति ओलफुर रंगनार ग्रिमसन को अमेरिका दौरा बीच में ही छोड़कर आना पड़ा। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने उनसे मिलकर संसद भंग की सिफारिश थी। लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी, क्योंकि वह अंतिम फैसले से पहले गठबंधन सरकार के सहयोगियों से चर्चा करना चाहते थे। राष्ट्रपति का कहना था कि इस संबंध में अन्य पक्षों की राय लिए बिना कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सिफारिश ठुकराने के फैसले को राजनीतिक हलकों में अप्रत्याशित बताया गया।

दबाव में थे प्रधानमंत्री:-संसद में विपक्षी वाम दलों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था,जिसपर इस सप्ताह मतदान संभावित था। सरकार की सहयोगी इंडिपेंडेंस पार्टी ने भी प्रधानमंत्री के फैसले को समर्थन देने से इनकार कर दिया था। गुनलॉगसन के खिलाफ पूरे देश में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्हें पद से हटाने के लिए ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसपर पहले ही दिन 16 हजार लोगों ने हस्ताक्षर किए थे।

चीन ने आरोपों को किया खारिज:-अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) के आरोपों को चीन ने बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने कहा, ऐसे बेबुनियाद आरोपों पर मुझे टिप्पणी भी नहीं करनी। वहीं, सरकारी मीडिया ने इसके पीछे ताकतवर पश्चिमी शक्तियों का हाथ बताया। इस खुलासे में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी डेंग जियाजुई और सत्तारूढ़ सीपीसी के पोलित ब्यूरो के आठ सदस्यों का नाम आया है। इनपर ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में ऑफशोर कंपनियां बनाकर कर चोरी करने का आरोप है।

रिपोर्ट दबाने में लगा चीन:-खुलासे में चीनी नेताओं के नाम आने के बाद इंटरनेट पर इससे संबंधित जानकारी देने वाली वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया है। साथ ही इससे जुड़े इंटरनेट सर्च पर रोक लगा दी गई है। चीन में वैसी सभी वेबसाइट और सोशल मीडिया के नहीं खुल रहे हैं, जिनमें पनामा लीक्स से जुड़े दस्तावेज हैं। पारंपरिक मीडिया माध्यमों पर भी इससे संबंधित रिपोर्ट ब्लैक आउट कर दी गई है।

ब्रिटिश पीएम दबाव में:-पनामा पेपर्स लीक में अपने पिता इयान कैमरन का नाम आने ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन दबाव में हैं। आरोप है कि उनके पिता ने विदेशी कोष में निवेश किया था, परंतु 30 साल तक उसपर कर नहीं दिया। बहामास से संचालित इस कोष में अब भी इयान के नाम पर निवेश है। हालांकि, कैमरन ने इसपर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। इयान की मौत वर्ष 2010 में हो चुकी है। इस बीच, ब्रिटेन के विपक्षी नेता जेरेमी कोरबीन ने कैमरन से कर पनाहगाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।

नई दिल्ली:-अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) का सनसनीखेज खुलासा अबतक का सबसे बड़ा खुलासा है। दुनियाभर की नामचीन हस्तियों के साथ करीब 500 भारतीयों ने भी टैक्स के लिए स्वर्ग कहे जाने वाले देशों में दौलत जमा कर रखी है। आइए जानते हैं इस बड़े खुलासे के बारे में उससे जुड़े लोगों के बारे में और कैसे हुआ यह खुलासा:

कैसे हुआ खुलासा:-दस्तावेज को लीक करने में अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) का बड़ा हाथ है। इस संघ में दुनियाभर के 100 से ज्यादा मीडिया संस्थानों के 370 पत्रकार शुमार हैं। जिस कंपनी के दस्तावेज लीक हुए हैं उसका नाम मोसेक फोंसेका है। जर्मनी के अखबार सिदोचे जाइतुन ने अपने एक सूत्र के जरिए मोसेक फोंसका के 1975 से लेकर 2015 तक के दस्तावेज हासिल किए। बाद में इन दस्तावेजों की जांच अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ ने की।

क्या है मोसेक फोंसेका:-जिस कंपनी के दस्तावेज लीक हुए हैं उसका नाम मोसेक फोंसेका है। यह फर्म पनामा की है और लेकिन इसकी वेबसाइट की मानें तो इसके ग्लोबल नेटवर्क में 600 लोग हैं जो 42 देशों में काम करते हैं। इस कंपनी की दुनिया भर में फ्रेंचाइजी हैं। मोसेक फोंसेका स्विजरलैंड, साइप्रस, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में टैक्स हैवन ऑपरेट करती है।

कौन-कौन सी हस्तियां हैं शामिल:-विदेश: रुस के राष्ट्रपति पुतिन, पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ, अर्जेटिना के राष्ट्रपति, आइसलैंड के प्रधानमंत्री, और सउदी अरब के किंग।

भारतीय:500 भारतीयों समेत बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन, उनकी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन, डीएलफ के प्रमोटर केपी सिंह, इंडिया बुल्स के समीर गहलोत और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे जैसी मशूहर हस्तियां शामिल हैं।

खुलासे का मतलब:-पिछले 40 सालों से आस्तित्व में आए ये दस्तावेज बताते हैं कि कैसे कंपनी क्लाइंट्स को मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स बचाने में मदद करती हैं। मोसेक फोंसेका से लीक दस्तावेज बताते हैं कि कैसे दुनिया के पॉवरपउल लोगों ने ऑफशोर हैवन्स कई मिलियन डॉलर की टैक्स बचाया और मनी लॉन्ड्रिग की। इसके लिए इन लोगों ने विदेशों में शैडो कंपनियां, ट्रस्ट और कॉरपोरेशन बनाए। लोंगों ने यहां पैसा लगाया क्योंकि यहां धन लगाने वालों की पहचान का खुलासा नहीं किया जाता। इन दस्तावेजों में खासतौर पर पनामा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और बहामास में छिपाए गए धन की जानकारी है। अकेले पनामा में ही करीब 3.50 लाख से ज्यादा गुप्त अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कंपनियां हैं।

क्या कहा मोसेक फोंसेका ने अपने बचाव में:-पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका ने कहा कि उसके कई धनी ग्राहकों के विदेशों में स्थित कामकाज की जानकारी देते हुए पनामा पेपर्स का खुलासा करना एक अपराध है और पनामा पर एक हमला है। मोस्साक फोंसेका के संस्थापकों में शामिल रैमन फोंसेका ने कल कहा, यह एक अपराध, घोर अपराध है। उन्होंने एएफपी से कहा, यह पनामा पर एक हमला है क्योंकि कुछ देशों को यह बात रास नहीं आती कि हम कंपनियों को आकर्षित करने में इतना कड़ा मुकाबला पेश कर रहे हैं।

कितना डाटा हुआ है लीक:-एक सूत्र की मानें तो ये डाटा इतना है कि जितना आपने कभी नहीं देखा है। ऐसा कहा जा रहा है कि मोसेक फोंसेका के इंटरनल डाटाबेस से 11.5 मिलियन दस्तावेज और 2.6 टेराबाइट्स की जानकारी ली गई है। यह विकीलीक्स के जूलियन असांजे और सीआईए के पूर्व एजेंट एडवर्ड स्नोडेन के जारी किए गए डाटा से कई गुना ज्यादा है।

रामेश्वरम:-श्रीलंकाई नौसेना ने जलक्षेत्र के पास उल्लंघन पर तमिलनाडु के चार मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया और लगभग 20 नौकाओं के मछली पकड़ने वाले जाल नष्ट कर दिए हैं।रामेश्वरम मछुआरा संगठन के अध्यक्ष एस एमेरिते ने कहा कि इस क्षेत्र के मछुआरे कल 396 यांत्रिक नौकाओं के साथ समुद्र में गए थे।उन्होंने बताया कि उनमें से ज्यादातर मछुआरे कच्चातीवू के पास मछली पकड़ रहे थे कि तभी वहां श्रीलंकाई नौसैनिक पहुंच गए और उन्होंने मछुआरों से वहां मछली न पकड़ने की बात कहते हुए करीब 20 नौकाओं के कथित तौर पर जाल नष्ट कर दिए। इसके बाद वे तट पर लौट आए ।इस बीच, बीती रात श्रीलंकाई जलक्षेत्र में कथित तौर पर मछली पकड़ने को लेकर चार मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने गिरफ्तार कर लिया। एमेरिते ने बताया कि मछुआरे श्रीलंका में नेदुंतीवू के पास मछली पकड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार मछुआरों को कंगेसंतुरई ले जाया गया है।

नई दिल्ली:-स्पेन में एक मछुआरे के साथ 'चमत्कार' हुआ है। उसका दावा है कि पिछले सप्ताह आए तूफान के कारण वह समुद्र में डूब गया। इस दौरान एक व्हेल ने उसे निगल लिया। वह तीन दिन और तीन रात व्हेल के पेट में रहा।उसका कहना है कि उस विशालकाय मछली ने तूफान के बाद सुबह के समय उसे निगल लिया। सबसे ज्यादा डरावनी बात ये है कि वह उसके पेट…
नई दिल्ली:-लंदन के मॉल में एक पुरुष ने मुस्लिम महिला के पहनावे पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उसे बैटमैन कहा। 25 साल की मुस्लिम महिला अहलाम सईद उस समय मॉल में प्रवेश कर ही रही थीं जब पास खड़े एक पुरुष ने अपने बच्चों से कहा कि देखो मॉल में BATMAN आ गया।महिला ने नकाब पहना हुआ था। इसके बाद भी पुरुष चुप नहीं हुआ उसने अपने बच्चों से कहा…
रियाद:-आतंकवाद को मानवता का दुश्मन करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इसे धर्म से अलग किए जाने की जरूरत है और साथ ही इस बात पर जोर दिया कि टुकड़ों में और आंशिक दष्टिकोण से इस बुराई से असरदार तरीके से नहीं निपटा जा सकता।आतंकवाद के खिलाफ एकीकत वैश्विक प्रयास पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि अच्छे और बुरे आतंकवाद का भेद नहीं किया जा…
पनामा सिटी:-पनामा की विधि फर्म मोस्साक फोंसेका ने कहा कि उसके कई धनी ग्राहकों के विदेशों में स्थित कामकाज की जानकारी देते हुए पनामा पेपर्स का खुलासा करना एक अपराध है और पनामा पर एक हमला है। मोस्साक फोंसेका के संस्थापकों में शामिल रैमन फोंसेका ने कल कहा, यह एक अपराध, घोर अपराध है।उन्होंने एएफपी से कहा, यह पनामा पर एक हमला है क्योंकि कुछ देशों को यह बात रास…

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