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नई दिल्ली : हममें से अधिकांश लोगों ने भूत और पिशाच के बारे में जरूर सुना है। हम उन्हें फिल्मों में देखते हैं और किताबों में पढ़ते भी है, लेकिन यकीन नहीं होता कि वाकई असली दुनिया में भूत और पिशाच जैसा कुछ होता है। लेकिन जब आप इस वीडियो को देखेंगे तो यकीन ना करने की कोई वजह नहीं कि असल दुनिया में भी भूत और पिशाच होता है। यह वीडियो फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। 

काले रंग की पोशाक पहना एक शख्स एक आईने के सामने से गुजर गया और किसी को उसकी आकृति नजर नहीं आई। यह घटना सवाना में एक सेंडिल की दुकान के सीसीटीवी फुटेज में दर्ज की गई है। जबसे यह वीडियो सामने आया है वीडियो वायरल हो गया है।

वीडियो बहुत साफ है और सभी लोग उस आईने को देख रहे हैं कि कहीं से उसका प्रतिबिंब दिख जाए। आईना कुछ बता दे। सोशल मीडिया में कई लोगों ने टिप्पणी की है कि यह शख्स हमारे समकालीन दुनिया का एक पिशाच हो सकता है। कई लोगों का यह भी मानना है कि यह सिर्फ एक धोखा है। बेवकूफ बनाने की एक संपादित वीडियो। आप भी इस वीडियो को देखिए और तय कीजिए कि यह शख्स वाकई पिशाच है या फिर कोई धोखा।

नई दिल्ली: मोगादिशू से जिबूती जा रहे एक पैसेंजर प्लेन में 14 हजार फीट की ऊंचाई पर विस्फोट होने से हड़कंप मच गया। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, डैलो एयरलाइन्स की फ्लाइट D3159 में 74 पैसेंजर सवार थे। विमान के टेकऑफ के पांच मिनट बाद ही एयरबस A321 में धमाका हुआ और छह फुट का सुराख हो गया।

इस धमाके के बाद प्लेन में हुए सुराख से बुरी तरह झुलसा हुआ एक शख्स बाहर गिर गया। रिपोर्ट के मुताबिक, धमाके के वक्त प्लेन एयरपोर्ट से करीब 24 किलोमीटर दूर और 14 हजार फीट की ऊंचाई पर था। मीडिया रिपोर्टस में कहा जा रहा है कि एक फिदायीन बम के साथ चढ़ गया था, जिससे टेकऑफ के 5 मिनट बाद ही ब्लॉस्ट हो गया। इस पूरी घटना का वीडिया वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि  सुराख की वजह से प्लेन में लो-प्रेशर बन गया और पैसेंजर्स को ऑक्सीजन मास्क पहनने पड़े और प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। 

एयरलाइन ऑफिशियल्स के मुताबिक, हादसे में दो लोग बुरी तरह जख्मी भी हुए हैं। वहीं, सोमालिया बेस्ड डैलो एयरलाइन्स के सीईओ मोहम्मद इब्राहिम यासिन ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। बता दें कि सोमालिया इस्लामिक आतंकी संगठन अल शबाब का गढ़ है और ऐसे में इस घटना में आतंकियों का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

सोल : दक्षिण कोरिया और जापान ने बुधवार को उस अमेरिकी चेतावनी को दोहराया कि अगर उत्तर कोरिया रॉकेट प्रक्षेपण की अपनी योजना पर आगे बढ़ता है तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। कुछ सप्ताह पहले ही चौथा परमाणु परीक्षण कर चुके प्योंगयांग से उसकी रॉकेट प्रक्षेपण की योजना त्यागने का आग्रह करते हुए दोनों देशों ने सोल में कहा कि उसका कदम संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का गंभीर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ‘सीधी चुनौती’ होगी।

जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे ने उत्तर कोरिया की योजना को ‘गंभीर उकसावा’ करार देते हुए कहा कि यह प्योंगयांग की अंतरराष्ट्रीय बाध्यताओं के स्पष्ट उल्लंघन का परिचायक है। उत्तर कोरिया ने 8 से 25 फरवरी के बीच रॉकेट का प्रक्षेपण करने का एलान किया था। रॉकेट प्रक्षेपण का उद्देश्य जाहिर तौर पर पृथ्वी का निरीक्षण करने वाला एक उपग्रह कक्षा में स्थापित करना है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों में उत्तर कोरिया पर बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी का उपयोग करने पर रोक है।

प्योंगयांग पर और कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए कूटनीतिक अभियान चला रहे अमेरिका ने उसकी योजना की पहले ही निंदा की है।

इससे पहले, उत्तर कोरिया ने मंगलवार को पुष्टि की कि वह जल्द उपग्रह राकेट प्रक्षेपण की योजना बना रहा है। पिछले महीने परमाणु परीक्षण करने वाले उत्तर कोरिया का नया कदम भी संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का फिर से उल्लंघन होगा। अंतरराष्ट्रीय सागरीय संगठन ने कहा कि उसे आठ से 25 फरवरी के बीच पृथ्वी आबजर्वेशन उपग्रह के प्रक्षेपण की मंशा को लेकर उत्तर कोरिया से पोत संबंधी चेतावनी मिली है। तारीखें संकेत देती हैं कि प्रक्षेपण वर्तमान नेता किम जांग उन के पिता दिवंगत नेता किम जांग द्वितीय के 16 फरवरी को जन्मदिन के मौके पर किया जा सकता है। इस बीच, वाशिंगटन से मिली खबर के अनुसार, अमेरिका ने उत्तर कोरिया को धमकी दी कि अगर वह उपग्रह प्रक्षेपण की योजना को आगे बढाता है तो उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ‘कड़े’ प्रतिबंध झेलने पड़ेंगे।

 

 

 

नई दिल्ली:-अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के एक निवर्तमान कमांडर ने कहा है कि काबुल को दान में दिए गए तीन एमआई़़ 35 भारतीय बहुभूमिका वाले हेलीकॉप्टर ने युद्ध प्रभावित देश में उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में बहुत मदद की है। 

जनरल जॉन कैम्पबेल ने मंगलवार अफगानिस्तान पर कांग्रेस की एक बहस में हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्यों से कहा अब उनके पास भारत से मिले तीन एमआई़़ 35 हेलीकॉप्टर हैं। जल्द उन्हें चौथा हेलीकॉप्टर मिलेगा जो उनके अभियान को और मजबूती देगा।

एमआई़़ 35 वास्तव में एमआई़़ 24 का समग्र उन्नत स्वरूप है जिसमें सैनिकों को ले जाने की क्षमता के साथ साथ तोपें भी लगी हैं। अफगानिस्तान में पिछले 18 माह से अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय बलों की कमान संभाल रहे कैम्पबेल अब सेवानिवत्त होने वाले हैं। बराक ओबामा ने उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल जॉन निकोल्सन को चुना है।

जनवरी में भारत ने हुभूमिका वाले तीन एमआई़़ 35 लड़ाकू हेलीकॉप्टर अफगानिस्तान को दिए थे जिन्हें अफगान वायु सेना में शामिल कर लिया गया है। इससे देश के सुरक्षा बलों को तालिबान जैसे उग्रवादी समूहों के खिलाफ अभियान में खासी मदद मिली है। अफगान सरकार, वहां के लोगों के साथ साथ अमेरिका ने भी युद्ध प्रभावित देश को दिए गए भारत के तोहफे की सराहना की है।

कैम्पबेल से कांग्रेस के रॉब विटमेन ने अफगान वायु सेना की क्षमताओं के बारे में जानना चाहा था जिसके जवाब में भारत द्वारा दान में दिए गए लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का जिक्र हुआ। पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काबुल यात्रा के दौरान तीनों हेलीकॉप्टर अफगानिस्तान को सौंपे गए थे। चौथा हेलीकाॠप्टर भी जल्द ही दे दिया जाएगा।

सोल:-दक्षिण कोरिया और जापान ने आज उस अमेरिकी चेतावनी को दोहराया कि अगर उत्तर कोरिया रॉकेट प्रक्षेपण की अपनी योजना पर आगे बढ़ता है तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी।

कुछ सप्ताह पहले ही चौथा परमाणु परीक्षण कर चुके प्योंगयांग से उसकी रॉकेट प्रक्षेपण की योजना त्यागने का आग्रह करते हुए दोनों देशों ने सोल में कहा कि उसका कदम संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का गंभीर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सीधी चुनौती होगी।

जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे ने उत्तर कोरिया की योजना को गंभीर उकसावा करार देते हुए कहा कि यह प्योंगयांग की अंतरराष्ट्रीय बाध्यताओं के स्पष्ट उल्लंघन का परिचायक है।

उत्तर कोरिया ने 8 से 25 फरवरी के बीच रॉकेट का प्रक्षेपण करने का एलान किया था। रॉकेट प्रक्षेपण का उद्देश्य जाहिर तौर पर पृथ्वी का निरीक्षण करने वाला एक उपग्रह कक्षा में स्थापित करना है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों में उत्तर कोरिया पर बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी का उपयोग करने पर रोक है। प्योंगयांग पर और कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए कूटनीतिक अभियान चला रहे अमेरिका ने उसकी योजना की पहले ही निंदा की है।

नई दिल्ली:-नोबेल शांति पुरस्कारों के नामांकन की समयसीमा सोमवार को पूरी हो गई। अब तक 200 लोगों का नामांकन हुआ, जिनमें से ज्यादातर के नाम नोबेल समिति ने गुप्त रखे हैं। जिन नामांकन का खुलासा हो चुका है और जिनकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उनमें पोप, आईएस की प्रताड़ना की शिकार रेप पीड़िता नादिया मुराद और अफगानिस्तान की महिला साइकिलिस्ट टीम प्रमुख हैं।

नार्वे के सांसद ने यजीदी महिला नादिया मुराद का नामांकन किया है, जबकि नोबेल विजेता डेसमंड टूटू ने पोप का नाम आगे बढ़ाया है। इटली के 118 सांसदों ने अफगानिस्तान की साइकिलिस्ट टीम को नोबेल देने की वकालत की है।

पिछले साल 18 अगस्त को 21 साल की नादिया ने संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद के सामने अपनी दर्दनाक दास्तां सुनाई तो दुनिया रो पड़ी। नादिया ने बताया कि कैसे अगस्त 2014 को इराक के एक गांव से उसे 150 परिवारों और कई यजीदी लड़कियों के साथ अगवा कर लिया गया। फिर उसे आईएस के कब्जे वाले शहर मोसूल ले जाया गया, जहां वह तीन महीने तक आतंकियों की यौन गुलाम रहीं।

जानिए नादिया की दर्दभरी कहानी उनकी जुबानी:-उत्तरी इराक का एक जिला है, सिंजार। यहां भारी संख्या में यजीदी समुदाय के लोग रहते हैं। नादिया सिंजार के छोटे से गांव कोचो में पली-बढ़ीं। गांव में केवल एक स्कूल था। गांव के सारे बच्चे यहीं पढ़ते थे। नादिया भी इसी स्कूल में पढ़ीं। इतिहास उनका पसंदीदा विषय था। बड़ी होकर वह टीचर बनना चाहती थीं। भरा-पूरा परिवार था उनका। माता-पिता के अलावा छह भाई और उनके बच्चे, सब एक साथ रहते थे।

नादिया 20 साल की हो चुकी थी। इस बीच टीवी और अखबारों में इस्लामिक स्टेट के आतंक की खबरें आने लगी थीं। नकाबपोश आतंकियों द्वारा कत्लेआम के किस्से सबको डराने लगे। एक दिन गांव में आईएस का फरमान आया। सभी यजीदी इस्लाम धर्म कुबूल करें या फि र खतरनाक अंजाम भुगतने को तैयार रहें। सबके मन में खौफ था, और गुस्सा भी। अपने धर्म को छोड़कर इस्लाम कुबूल करना उन्हें मंजूर नहीं था। फिर एक दिन वही हुआ, जिसका डर था।

तारीख थी 15 अगस्त, 2014।  आतंकियों ने धावा बोल दिया। गांववालों को पास के स्कूल में जमा होने को कहा गया। नादिया के माता-पिता, भाई, उनकी पत्नियां, बच्चे एक-दूसरे का हाथ थामे घर से निकले। सब चुप थे, पर उनके दिल तेजी से धड़क रहे थे। स्कूल परिसर में पहुंचने के बाद महिलाओं और पुरुषों को अलग कर दिया गया। महिलाओं को एक बस में बैठाया गया, जबकि पुरुषों को वहीं रुकने को कहा गया। नादिया बताती हैं, उन्होंने मेरे गांव के 300 से अधिक पुरुषों को एक लाइन में खड़ा करके मार दिया। मरने वालों में मेरे छह भाई भी थे।

आतंकियों ने गांव की उम्रदराज महिलाओं को भी मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वे उनके किसी काम की नहीं थीं। नादिया और अन्य लड़कियों को मोसूल शहर ले जाया गया। वहां उन्हें एक इमारत में कैद कर दिया गया। कुछ लड़कियों ने खुद को बदसूरत दिखाने के लिए अपने बाल बिखेर लिए। एक लड़की ने तो कलाई की नस काटकर जान देने की कोशिश भी की। नादिया कहती हैं, आतंकियों के लिए लड़कियां युद्ध में जीती गई दौलत के समान हैं। वे हमें आपस में किसी वस्तु की तरह बांट रहे थे।

उस इमारत का मंजर खौफनाक था। दीवारों पर मौजूद खून के निशान मासूम लड़कियों पर हुए जुल्म की गवाही दे रहे थे। नादिया कहती हैं, कई लड़कियों ने छत से कूदकर खुद को खत्म कर लिया। मगर मेरे मन में हर पल बस एक ही ख्याल चल रहा था, वहां से कैसे भागा जाए? महिलाओं को उस इमारत में करीब तीन महीने तक रखा गया। हर दिन महिलाओं को बारी-बारी से शरिया कोर्ट में पेश किया जाता था। वहां उनकी फोटो खींचकर दीवारों पर चिपका दी जाती थीं, ताकि आतंकी उन्हें पहचानकर आपस में उनकी अदला-बदली कर सकें। फिर एक दिन नादिया की बारी आई। उन्हें कुछ अन्य महिलाओं के संग एक कमरे में बिठाया गया। नादिया के संग उनकी तीन भतीजियां भी थीं। एक आतंकी उनके सामने आया। उसने इशारे से नादिया को अपने करीब आने को कहा। नादिया बताती हैं, वह आदमी काफी मोटा था, लंबे बाल और घनी दाढ़ी। उसने मुझे खींचा, तो मैं चीखी। वह मुझे घसीटकर ग्राउंड फ्लोर पर ले गया।   

नादिया गिड़गिड़ाती रहीं, मगर आतंकी उन्हें अपमानित करता रहा। इस बीच एक और आतंकी वहां आ गया। उसकी शक्ल-सूरत अपेक्षाकृत कम डरावनी थी। नादिया बताती हैं, पहले वाला आतंकी बिल्कुल राक्षस जैसा था। इसलिए मैंने दूसरे आतंकी के पैर पकड़ लिए। मैंने उससे कहा, मुझे उस क्रूर आदमी से बचा लो। मैं तुम्हारे संग चलने को तैयार हूं। इस तरह उन्हें उस राक्षस जैसे आतंकी से छुटकारा तो मिल गया, पर वह दूसरे आतंकी की गुलाम बन गईं। उसने नादिया को एक दूसरे कमरे में बंद कर दिया। फिर वह उन्हें अपने माता-पिता के घर ले गया। उसके घर का माहौल काफी रहस्यमय और डरावना था। नादिया ने एक बार वहां से भागने की कोशिश की, पर गार्ड ने पकड़ लिया। खूब पिटाई हुई उनकी। छह आतंकियों ने दरिंदगी की। उन्होंने तब तक प्रताडि़त किया, जब तक बेहोश नहीं हो गईं।

अब हर रात यूं ही बीतने लगी। रोज-रोज की शारीरिक प्रताड़ना ने मानो नादिया के दिलो-दिमाग को फौलादी बना दिया था। अब वह पहले की तरह कमजोर और मासूम लड़की नहीं थीं। उनके अंदर आक्रोश पनप रहा था। सबसे बड़ी चुनौती थी, खुद को आजाद कराना। आखिरकार एक दिन उन्हें मौका मिल गया। वह कैदखाने से भाग निकलीं। छुपते-छुपाते मोसूल स्थित शरणार्थी कैंप पहुंचीं। नादिया कैदखाने से आजादी के बारे में ज्यादा कुछ खुलासा नहीं करना चाहतीं, क्योंकि ऐसा करने से वहां कैद बाकी लड़कियों को भारी नुकसान हो सकता है।

डलास:-अमेरिका के टेक्सास में जिका वायरस के हमले का पहला ऐसा मामला सामने आया है जिसमें मरीज के शरीर में जिका वायरस का प्रवेश यौन संचरण के माध्यम से हुआ। डलास काउंटी हेल्थ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इस मरीज में जिका वायरस की पुष्टि हुई है और उसने वेनेजुएला में ऐसे शक्स से शारीरिक संबंध स्थापित किया जो पहले से ही जिका वायरस से प्रभावित था।…
डेस मोइन्स (अयोवा) (HH)-अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी अपने-अपने उम्मीदवार तय करने के लिए आयोवा राज्य में आज हुए मतदान में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप को हार का सामना करना पड़ा है। उनके प्रतिद्वंदी टेड क्रूज जीत गए हैं। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिंटन भी जीत गई हैं। उनकी जीत सिक्का उछाल कर तय हुई क्योंकि उनके प्रतिद्वंदी सैंडर्स और…
लंदन (HH)-ब्रिटेन ने जिन लोगों पर वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं उस सूची में अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम एकमात्र भारतीय नागरिक है। इस सूची में सिख आतंकवादी समूह भी शामिल हैं। दाऊद भारत का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी है जिसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। उसका नाम ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय के कंसोलिडेटेड लिस्ट ऑफ फायनेंशियल सैंक्शंस टारगेटस इन द यूके की सूची में शामिल है। इस…
इस्लामाबाद (HH)-आतंकी समूहों को समर्थन देकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने की पाकिस्तान की नीति पर अब उसकी संसद में ही सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तानी संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से कश्मीर में जेहादी समूहों को समर्थन बंद कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली की विदेश मामलों की समिति ने सोमवार…

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