दुनिया

दुनिया (4202)

अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जारी प्रदर्शन में गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया। ओरेगन राज्य के पोर्टलैंड शहर में शुक्रवार को एक व्यक्ति को गोली लगी और वह घायल हो गया। पीड़ित व्यक्ति ने एक प्रदर्शनकारी को रोकने की कोशिश की थी।जिसके बाद उसने गोली चला दी। पोर्टलैंड पुलिस ने कहा कि व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया और उसका जख्म जानलेवा नहीं है। गोली मारने वाले की तलाश की जा रही है। वह विलियमेट नदी के एक पुल पर सुबह हमला करने के बाद गाड़ी में फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किए, जिसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

प्रदर्शन का सिलिसला है जारी:-अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। प्रदर्शनकारी 'ट्रंप मेरे राष्ट्रपति नहीं हैं' के नारे लगा रहे हैं। लोग आप्रवासन, समलैंगिकों के अधिकार जैसे मुद्दों पर ट्रंप की नीतियों के खिलाफ कल नारे लगाये।ओरेगन और पोर्टलैंड में हिंसक प्रदर्शन हुए। पोर्टलैंड में सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और वाहनों के शीशे तोड़ दिये। इन प्रदर्शनकारियों में अधिकतर युवा शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने से जातीय और लिंग भेद बढ़ने की आशंका है। दूसरी तरफ ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को पेशेवर प्रदर्शनकारी करार दिया और कहा कि मीडिया ने उन्हें बरगलाया है। उन्होंने कहा कि यह देखकर अच्छा लगा कि प्रदर्शनकारियों में इस महान देश के लिए जज्बा है।फिलाडेल्फिया में प्रदर्शनकारी सिटी हॉल के पास एकत्रित हुये। प्रदर्शनकारी बैनर और प्ले कार्ड लिये हुये थे जिसमें 'हमारे राष्ट्रपति नहीं' और 'अमरीका को सभी के लिए सुरक्षित बनाओ' जैसे नारे लिखे हुये थे। बाल्टीमोर में 600 लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से शहर में रैली निकाली।गौरतलब है कि ट्रम्प के खिलाफ पिछले दो दिनों से अमेरिका के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन हो रहा है। राष्ट्रपति बराक ओबामा और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रही हिलेरी क्लिंटन ने जनता से अपील की थी कि वह ट्रंप को नेतृत्व का मौका दें लेकिन इन दोनों की अपील के बावजूद कई शहरों में लोगों ने ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अफगानिस्तान में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य ठिकाने के भीतर आज तड़के हुये एक विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गयी। तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। नाटो ने बताया कि काबुल के उत्तर में स्थित सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था वाले बागराम एयरफील्ड के भीतर विस्फोट हुआ। हमले में मारे जाने वाले लोगों की पहचान के बारे में अभी तत्काल पता नहीं चल सका है। नाटो के औपचारिक रूप से युद्धक अभियान समाप्त करने के बाद के करीब दो सालों में अफगानिस्तान में सुरक्षा हालात खराब हुए हैं। सैन्य गठबंधन ने एक संक्षिप्त बयान में बताया है, बगराम एयरफील्ड में एक विस्फोटक उपकरण में विस्फोट हुआ जिसमें कई लोग हताहत हुये। हमले में चार लोगों की मौत हो गयी और करीब 14 लोग घायल हुये हैं।उन्होंने बताया, बगराम में प्रतिक्रिया दल लगातार घायलों का इलाज कर रहे हैं और कुछ अन्य घटना की जांच कर रहे हैं। परवान प्रांत के गर्वनर वहीद सिददीकी ने बताया कि यह विस्फोट उस आत्मघाती हमलावर के कारण हुआ जिसने ठिकाने के भीतर खुद को उड़ा लिया। बगराम, परवान में स्थित है।

अमेरिका में दक्षिण एशिया मुद्दों पर एक प्रसिद्ध विशेषज्ञ ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भारत-अमेरिका संबंधों में हुई प्रगति पर निर्मित होगा और यह आतंकवाद पर पाकिस्तान की दोहरी नीतियों को लेकर कम उदार होगा, लेकिन एच-1बी वीजाओं का मुद्दा भारत के साथ टकराव का एक संभावित क्षेत्र हो सकता है।शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक हेरिटेज फाउंडेशन की लिजा कर्टिस ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि ट्रंप प्रशासन इन कुछ वर्षों में भारत-अमेरिका संबंधों में हुई उल्लेखनीय प्रगति पर निर्मित होगा।उन्होंने कहा कि अमेरिका में यह द्विदलीय मान्यता है कि एशिया प्रशांत, नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय आदेश और मुक्त एवं खुला समुद्री पारगमन सुनिश्चित करने में अमेरिकी उद्देश्यों की प्राप्ति में भारत की भूमिका अहम है।हेरिटेज में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों एवं क्षेत्रीय भूराजनीति पर केंद्रित लिजा ने कहा, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान भारत के बारे में कई सकारात्मक टिप्पणियां की हैं, जिससे इस सहभागिता में उनका समर्थन झलकता है।उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुददे पर ट्रंप का बहुत सख्त रवैया है और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के हमलों से चौकन्ने भारतीयों के बीच उन्हें समर्थन मिलेगा।उन्होंने कहा कि बहरहाल, एच-1बी वीजा दोनों देशों के बीच टकराव का क्षेत्र हो सकता है।उन्होंने कहा, एच-1बी वीजा का मुद्दा संभावित टकराव का क्षेत्र हो सकता है। यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी कामगारों को सुरक्षा देने के लिए कैसे ट्रंप के वैश्विक कारोबार की पृष्ठभूमि उनकी प्रतिबद्धताओं पर प्रभाव डालेगी।

जापान के तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को टोक्यो से कोबे जाने के लिए प्रसिद्ध शिंकनसेन बुलेट ट्रेन में सवारी की। उनके साथ शिंजो आबे भी मौजूद थे।पीएम मोदी और आबे दोनों कोबे में कावासाकी हैवी इंडस्ट्रीज फैसिलिटी का भी दौरा करेंगे, जहां उच्च गति के रेल पहिए तैयार किए जाते हैं।पीएम मोदी ने आज सुबह बुलेट ट्रेन के सफर की फोटो ट्विटर पर शेयर की।

जापान ने पारंपरिक रूख बदला, भारत के साथ ऐतिहासिक परमाणु करार:-इससे पहले शुक्रवार को जापान ने अपनी आपत्तियों को खत्म करते हुए और अपने परंपरागत रूख से हटते हुए भारत के साथ ऐतिहासिक असैन्य परमाणु सहयोग करार पर हस्ताक्षर किया, जिसके साथ ही परमाणु क्षेत्र में दोनों देशों के उद्योगों के बीच गठजोड़ के लिए दरवाजे खुल गए। हालांकि टोक्यों की संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए इस करार में सुरक्षा के पहलू को भी शामिल किया गया है। अपने जापानी समकक्ष शिंजो आबे के साथ विस्तृत बातचीत के बाद पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए इस परमाणु करार को ऐतिहासिक बताया। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में व्यापार एवं निवेश, सुरक्षा, आतंकवाद, कौशल विकास में सहयोग, अंतरिक्ष और जन संपर्क जैसै विषय भी शामिल रहे।दोनों देशों के बीच छह साल से अधिक समय की गहन बातचीत के बाद दोनों देशों ने परमाणु करार पर हस्ताक्षर किए।करार पर हस्ताक्षर के बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान ने जिस ऐतिहासिक परमाणु करार पर हस्ताक्षर किए वह अमेरिका और कुछ अन्य देशों के साथ हुए असैन्य परमाणु करार वाली विशेषताओं को समेटे हुए है, हालांकि जापान की संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के संदर्भ में कुछ अलग पहलुओ को भी इसमें शामिल किया गया है।चीन की आपत्तियों के बावजूद दोनों नेताओं ने दक्षिणी चीन सागर के मुद्दे पर बातचीत की और इस बात पर सहमति जताई कि समुद्र से जुड़े कानून (यूएनक्लोस) को लेकर संयुक्त राष्ट्र संधि पर आधारित नौवहन और उड़ान भरने तथा निर्बाध कानूनी वाणिज्य की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए।

विश्व को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने की आकांक्षा के अनुरूप है करारः आबे

मोदी के साथ साक्षा प्रेस वार्ता में आबे ने कहा कि परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उद्देश्य से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने से वह बहुत प्रसन्न हैं।जापानी पीएम ने कहा, यह समझौता एक कानूनी ढांचा है कि भारत परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उद्देश्य को लेकर तथा परमाणु अप्रसार की व्यवस्था में भी जिम्मेदारी के साथ काम करेगा हालांकि भारत एनपीटी में भागीदार अथवा हस्ताक्षरकर्ता नहीं है।आबे ने कहा, यह परमाणु करार विश्व को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने की जापान की आकांक्षा के अनुरूप है।गौरतलब है कि परमाणु प्रसार को लेकर जापान का पारंपरिक तौर पर कड़ा रूख रहा है क्योंकि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उसने परमाणु बम हमले की त्रासदी झेली है।

जापानी कंपनियों के परमाणु रिएक्टर स्थापित करने का रास्ता खुला;-इस करार पर हस्ताक्षर के साथ अब भारत में जापानी कंपनियों के परमाणु रिएक्टर स्थापित करने का रास्ता खुल गया है। जापानी संसद के अनुमोदन के बाद यह करार प्रभावी होगा और भारत को पूरा भरोसा है कि जापान की संसद इसे अपनी संतुति प्रदान कर देगी।करार के संदर्भ में विदेश सचिव एस जयशंकर ने संवाददाताओं से बातचीत में याद किया कि भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु करार में चार चरण थे जैसे कि 2007 में 123 समते पर हस्ताक्षर किया गया, 2008 में एनएसजी की मंजूरी मिली, 2010 में पुन:संवर्धन समझौते को अंतिम रूप दिया गया और फिर 2015 में आखिरकार इस करार पर हस्ताक्षर हुआ।जापान के साथ हुए करार को लेकर उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ जो चार चरण थे वे जापान के साथ एक ही चरण में समाहित हो गए तथा कल करार पर हस्ताक्षर कर दिया गया।जयशंकर ने कहा कि जापान की चिंताओं का निदान कर दिया गया और परमाणु सुरक्षा पर अधिक जोर दिया गया।

फेसबुक ने गलती से कुछ व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया लेकिन बाद में उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुये इसे एक भयानक त्रुटि बताया। फेसबुक के प्रवक्ता ने बताया, बहुत थोड़े समय के लिये, श्रद्धांजलि के आशय वाला संदेश कुछ व्यक्तियों के फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट हो गये थे। उन्होंने कहा, यह एक भयानक त्रुटि थी, जिसे हमने ठीक कर लिया है। मीडिया की खबरों में कहा गया था कि श्रद्धांजलि वाले करीब 20 लाख संदेश लोगों की प्रोफाइल में पोस्ट हो गये जिसके बाद फेसबुक ने कल खेद प्रकट करते हुये इस भूल को जल्द से जल्द ठीक करने की बात कही थी।सर्च इंजन लैंड के एडीटर डैनी सुलिवान ने टि्वटर के एक संदेश लिखा था। उफ्फ, फेसबुक पर खुद को जीवित दिखाने के लिए मुझे फेसबुक लाइव को इस्तेमाल करना चाहिए था। उल्लेखनीय है कि फेसबुक का लाइव फीचर वीडियो के जरिये रियल टाइम में लोगों से बातचीत करने का जरिया है।इतना ही नहीं, फेसबुक के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग को भी श्रद्धांजलि वाला संदेश उनके फेसबुक पेज पर पोस्ट हो गया। गलती से पोस्ट होने वाले श्रद्धांजलि संदेश में एक प्रपत्र का लिंक भी था, जिसे फेसबुक पर अन्य लोगों की प्रोफाइल में डाल कर मरने वाले व्यक्ति को आऩलाइन श्रद्धांजलि दी जा सकती है।

चुनाव के तीन दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने अंतिम वेटर्न्स डे भाषण में देशवासियों से वर्ष 2016 के अमेरिकी चुनाव की कड़वाहट के बाद एकजुटता की अपील की।एलिंगटन नेशनल सिमिट्री में ओबामा ने कहा कि वेटर्न्स डे अक्सर कड़े चुनावी मुकाबले के बाद आता है जो इस बार काफी कड़वाहट भरा रहा और जिसने देशभर में हमारे मतभेदों को उजागर कर दिया।उन्होंने कहा, लेकिन अमेरिकियों में एक भावना है कि वे अपने विपक्षियों से दूरी बनाकर नहीं रखते हैं। यह भावना हमारी साझा नस्ल में है कि हम विभिन्नता में एकता बनाते हैं और बहुत मुश्किल होने के बावजूद इस एकता को मजबूती प्रदान करते हैं।ओबामा ने कहा कि अब चुनाव समाप्त हो चुका है और हम उन सिद्धांतों के साथ एक साथ आगे बढ़ने के रास्ते तलाश रहे हैं, एक दूसरे से जुड़ने के रास्ते तलाश रहे हैं जो कि राजनीतिक बदलाव से कहीं अधिक मजबूत हैं।मंगलवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद देशभर में उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिका में वेटर्न्स डे देश के सशस्त्र बलों में अपनी सेवा दे चुके पूर्व सैनिकों के सम्मान में मनाया जाता है।

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। प्रदर्शनकारी 'ट्रंप मेरे राष्ट्रपति नहीं हैं' के नारे लगा रहे हैं। लोग आप्रवासन, समलैंगिकों के अधिकार जैसे मुद्दों पर ट्रंप की नीतियों के खिलाफ कल नारे लगाये।ओरेगन और पोर्टलैंड में हिंसक प्रदर्शन हुए। पोर्टलैंड में सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और वाहनों के शीशे तोड़ दिये। इन प्रदर्शनकारियों में अधिकतर युवा शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना…
पूर्वी जापान में शनिवार को 6.2 तीव्रता का मजबूत भूकंप आया लेकिन इस दौरान जान माल के किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने यह जानकारी दी।टोक्यो से करीब 350 किलोमीटर दूर मुख्य होंशु द्वीप के पूर्वोत्तर तट के निकट स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजकर 42 मिनट के कुछ देर बाद 44 किलोमीटर की गहराई में भूकंप आया। सुनामी संबंधी कोई चेतावनी जारी…
वाशिंगटन - नासा रावन समेत छह छोटे मगर अत्याधुनिक उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने वाला है जो डबल रोटी से ले कर छोटी वाशिंग मशीन के आकार के हैं और धरती के चक्रवातों पर निगाह रखने से ले कर उर्जा बजट तय करने का काम करेंगे। नासा इस माह रेडियोमीटर असेसमेंट यूजिंग वर्टिकली अलाइन्ड नैनोटयूब्स (रावन) प्रक्षेपित करने वाला है। यह एक क्यूबसैट है जो पथ्वी के वायुमंडल के शीर्ष के…
संयुक्त राष्ट्र - भारत ने अपने ही हाथों आतंकवादी संगठन घोषित किए गए समूहों के नेताओं को प्रतिबंधित करने में महीनों लगाने पर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तीखी आलोचना की है। उसका यह एतराज पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया पर प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिश को तकनीकी आधार पर खटाई में डालने पर था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरूददीन ने कल यह…

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें