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नई दिल्ली - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लाखों अवैध अप्रवासियों को देश से निकाले जाने की योजना में छूट के प्रस्ताव को गुरुवार को रद्द कर दिया है। इससे तीन लाख भारतीयों समेत करीब 40 लाख अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाले जाने का खतरा है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2014 में ‘डापा’ नीति के तहत अवैध अप्रवासियों को राहत दी थी। इस नीति से उन 40 लाख लोगों को राहत मिलनी थी, जो 2010 के पहले से अमेरिका में रह रहे हैं, जिनकी संतानों ने अमेरिका में जन्म लिया और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अब ऐसे परिवारों पर अमेरिका से निकाले जाने का खतरा है।
हालांकि ट्रंप प्रशासन 2012 की ‘डैका’ नीति को बने रहने देगा। इसके तहत अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करने वाले नाबालिग बच्चों को अस्थायी राहत देगा। उन्हें अमेरिकी स्कूलों में पढ़ाई पूरी करने तक ठहरने की इजाजत मिलेगी। गौरतलब है कि ट्रंप अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने फरवरी में अवैध अप्रवासियों को निर्वासित करने की कार्यवाही तेज करने का आदेश दिया था।
अमेरिकी गृह मंत्री जॉन केली ने कहा कि अवैध अप्रवासियों को कोई रियायत नहीं दी जाएगी। केली ने ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया कि 20-30 सालों से अमेरिका में रह रहे अप्रवासी परिवारों को देश से नहीं निकाला जाएगा। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि नए आदेश से मानवीय संकट पैदा होगा। क्योंकि अवैध अप्रवासियों के बच्चे अमेरिका में जन्मे हैं और वे वैध नागरिक हैं। ऐसे में उनके माता-पिता को निकाला गया तो बड़ा मानवीय संकट खड़ा होगा।

 

न्यूयार्क - औसत वैश्विक तापमान का रिकॉर्ड रखने की आधुनिक व्यवस्था शुरू होने के बाद से पिछले 137 वर्षों में मई में सबसे गर्म तापमान के मामले में यह साल दूसरे नंबर पर रहा। नासा ने यह जानकारी दी।
मई में सर्वाधिक तापमान पिछले दो साल में इस साल रहा है।इससे पहले सबसे गर्म मई वर्ष 2016 में रही थी। इस दौरान तापमान विशेष सांखियकी गणना के अनुसार औसत तापमान से 0.93 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया था।
वर्ष 1951 से 1980 तक यह औसत तापमान मई के तापमान की तुलना में पिछले महीने 0.88 डिग्री सेल्सियस अधिक था।
इस साल मई में तापमान पिछले साल मई की तुलना में 0.05 डिग्री सेल्सियस कम था। मई में सबसे गर्म तापमान के मामले में तीसरे नंबर पर रहे वर्ष 2014 की तुलना में इस साल तापमान 0.01 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
नासा के गोडार्ड इंस्टीटयूट फॉर स्पेस स्टडीज (जीआईएसएस) में वैज्ञानिकों ने विश्वभर के करीब 6300 मौसम विज्ञान स्टेशनों, समुद्र की सतह का तापमान मापने वाले उपकरणों और अंटाटर्कि अनुसंधान स्टेशन के सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध डेटा को एकत्र करके मासिक विश्लेषण किया है।
आधुनिक वैश्विक तापमान रिकॉर्ड व्यवस्था साल 1880 के आस पास शुरू हुई थी क्योंकि पहले के पर्यवेक्षणों में ग्रह के पर्याप्त भाग का पर्यवेक्षण नहीं हो पाता था।

 

कुआलालंपुर - मलेशिया में भारतीय मूल के एक छात्र की पांच युवकों ने कथित रूप से बर्बर तरीके से पिटाई की जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद देश में डराने-धमकाने और हमला करने की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ गुस्सा पैदा हो गया है।
सहपाठियों ने की पिटाई
अठारह वर्षीय टी. नवीन की गुरुवार को पेनांग के जार्ज टाउन स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई। बीते शनिवार पांच युवकों ने उसको बुरी तरह पीटा था। उसको हेलमेट से पीटा गया। इससे उसके सिर और पेट में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन युवकों ने नवीन के साथ उसके मित्र प्रेवलिन को को भी पीटा, जिससे प्रेवलिन की आंख में चोट आई। पांचों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वे नवीन के पूर्व सहपाठी बताए जाते हैं।
यौन शोषण भी किया
पिटाई करने वाले युवकों पर आरोप है कि उन्होंने नवीन का अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया। ‘स्टेट टाइम्स’ के अनुसार पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब दो युवकों ने नवीन और प्रेवलिन को परेशान करना शुरू किया। इस पर विवाद बढ़ा जिसके बाद उन्होंने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर नवीन और प्रेवलिन की पिटाई कर दी। उन युवकों ने नवीन का अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
नवीन के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी गुस्सा देखा गया। संगीतकार ए.आर. रहमान का ध्यान भी इस मामले की तरफ गया है, क्योंकि नवीन उनके जैसा संगीतकार बनना चाहता था। रहमान ने पहले नवीन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया था। नवीन की मां डी. शांति के हवाले से ‘द स्टार’ ने बताया कि उनका बेटा सीधा-सादा था। एक संदिग्ध ने तीन साल पहले उसे परेशान किया था लेकिन तब नवीन शांत रहा था। ताकि मामला ज्यादा नहीं बढ़े।

 

कराची - पाकिस्तान के थार इलाके में 16 साल की हिंदू लड़की का अपहरण कर जबरन धर्मांतरण कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हिंदू समुदाय ने राज्य सरकार और पुलिस की चुप्पी को लेकर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया।
डॉन अखबार के मुताबिक, सिंध प्रांत वानहारो गांव के सैय्यद समुदाय के कुछ युवकों ने रविता मेघवार का छह जून को अपहरण कर लिया। गुरुवार को नवाज अली शाह नाम का उमरकोट जिले में रविता को लेकर सामने आया और खुद को उसका पति बताया। उसने खुलासा किया कि रविता ने इस्लाम धर्म कबूल करने के बाद उससे निकाह कर लिया है।
रविता को भी शुक्रवार मीडिया के समक्ष पेश किया गया। रविता ने अपहरण से इनकार करते हुए कहा कि वह अपनी मर्जी से नवाज के साथ भागी थी और उससे निकाह किया है। हालांकि विवाह प्रमाणपत्र में उसकी उम्र 18 बताई जा रही है, जबकि अभी वह 16 साल की है। रविता के प्राइमरी स्कूल प्रमाणपत्र में भी उसकी जन्मतिथि 14 जुलाई 2001 है। हिंदू विवाह कानून के अनुसार, 18 साल से कम उम्र की लड़की का धर्मांतरण और शादी नहीं कराई जा सकती।
हालांकि लड़की के परिवारवालों ने पुलिस के समक्ष हंगामा किया। रविता के पिता सतराम दास ने कहा कि उनके परिवार को नींद की गोलियां खिलाने के बाद मुस्लिम युवक उनकी बेटी को जबरन साथ ले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। पीएमएल-एन के नेता और हिंदू परिषद के प्रमुख रमेश कुमार वैंकवानी ने घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने लड़की को कोर्ट में पेश होकर बयान देने की मांग की है। हालांकि दबाव के बाद पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है और लड़की को बरामद करने की कोशिश कर रही है।

 

नई दिल्ली - रूस की सेना ने शुक्रवार को कहा है कि उसने 28 मई को सीरिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों की बैठक पर हमला किया था, जिसमें आईएसआईएस सरगना के मारे जाने की आशंका है। रूस की सेना यह पुष्टी करने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें आतंकवादी समूह का नेता मारा गया।
मीडिया खबरों में सेना के एक बयान के हवाले से कहा गया कि यह हमला आईएस के मजबूत गढ़ रक्का के समीप एक स्थान पर किया गया था जहां आईएस नेता अबू बकर अल बगदादी भी मौजूद था।
डिफेंस मिनिस्ट्री के बयान में ये भी बताया गया है कि यह हमला 28 मई को किया गया था। इसमें कहा गया है कि सेना कई तरीकों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह मारा गया।

 

नई दिल्ली, इस्लामाबाद - भारत ने गुरुवार को कहा कि रूस ने भारत-पाकिस्तान के मुद्दों को सुलझाने के लिए उसे मध्यस्थता की कोई पेशकश नहीं की है और मॉस्को इस तरह के सभी मामलों का आतंकमुक्त माहौल में द्विपक्षीय समाधान निकालने के नई दिल्ली के रुख से भलीभांति अवगत है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले का बयान पाकिस्तानी प्रेस में आईं इन खबरों के बाद आया कि रूस ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का इरादा जताया है।
नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में एक वरिष्ठ राजनयिक ने भी इन खबरों को खारिज कर दिया और कहा कि यह पाकिस्तान की अपनी उम्मीदों के हिसाब से सोची गयी बात है। पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के अनुसार पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि हम यूएनएससी एजेंडा पर लंबित इस मुद्दे में भूमिका निभाने के लिए यूएनएससी के स्थाई सदस्य रूस के ध्यान देने और उसके इरादे का स्वागत करता है।
जकारिया से साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान इन खबरों के बारे में पूछा गया था कि रूस के राष्टपति व्लादिमीर पुतिन ने इस महीने की शुरूआत में एससीओ सम्मेलन से इतर पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से अपनी मुलाकात में भारत और पाकिस्तान के बीच मुद्दों के समाधान के लिए मध्यस्थता की पेशकश की थी। इस बारे में जब प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया तो बागले ने कहा कि रूस ने भारत को मध्यस्थता की कोई पेशकश नहीं की है। पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों को आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल में द्विपक्षीय तरीके से सुलझाने के भारत के सतत रख से रूस भलीभांति अवगत है।
रूसी दूतावास में एक वरिष्ठ राजनयिक ने नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर कहा कि हमारे पास हमारे राष्ट्रपति द्वारा इस तरह का कोई प्रस्ताव दिए जाने की कोई जानकारी नहीं है। रूस की स्थित स्पष्ट है कि भारत-पाक के मुद्दे द्विपक्षीय तरीके से सुलझाए जाने चाहिए और हम कभी इसके विपरीत कोई सुझाव नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की उसकी उम्मीद के हिसाब से सोची गई बात लगती है।

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