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अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की एक हरकत पर भड़क गए। ट्रंप ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि अमेरिकी नौसेना के समुद्र के अंदर चलने वाले जिस अंडरवाटर ग्लाइडर को चीन ने दक्षिण चीन सागर में जब्त किया है, अमेरिका को चाहिए कि वह उसे चीन को ही रखने दे।अमेरिकी सेना की इस घोषणा के बाद कि अंडरवाटर ग्लाइडर की वापसी के लिए वे चीन के साथ एक समझौते पर पहुंचे हैं, ट्रम्प ने ट्वीट किया, हमें चीन से कहना चाहिए कि जिस ड्रोन को उन्होंने चुराया है वह हम वापस नहीं चाहते। इसे उन्हें ही रखने देना चाहिए।पेंटागन के अनुसार दक्षिण चीन सागर में कुछ वैज्ञानिक आंकड़े एकत्रित करने के दौरान गुरूवार को इस ड्रोन को जब्त कर लिया था। इस समूचे क्षेत्र पर चीन अपना दावा पेश करता है।अमेरिका ने इस ड्रोन की वापसी की मांग की थी और अंतरराष्ट्रीय समुद्र क्षेत्र में इसे एक गैरकानूनी तरीके से जब्ती बताया था। चीन ने कहा कि जहाजों के सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए चीन की सेना ने इस अंडरवाटर ग्लाइडर को जब्त कर लिया था लेकिन वह इसे वापस दे देगा।बहरहाल, अभी इस बात का तत्काल पता नहीं चल पाया है कि चीन के साथ इस समझौते पर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के ट्वीट का क्या प्रभाव पड़ेगा

इंडोनेशिया के दूरदराज के क्षेत्र पापुआ में प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान वायुसेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि परिवहन विमान एक पहाड़ से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।इंडोनेशिया के खोज और बचाव एजेंसी के परिचालन निदेशक इवान अहमद रिस्की टाइटस ने बताया कि हरक्यूलिस सी130 विमान ने स्थानीय समय के अनुसार सुबह 4:45 बजे (भारतीय समय के अनुसार सुबह 6:15 बजे) टिमिका से उड़ान भरा था और अपने गंतव्य स्थान वामेना पहुंचने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना लिसुवा पहाड़ में हुई है और दुर्घटना स्थल की पहचान कर ली गयी है। मृतकों के शवों को वानेमा लाया जायेगा।पपुआ इंडोनेशिया का सुदूर र्व का इलाका है और यह हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है क्योंकि जहां जमीन मार्ग से यात्रा करना लगभग नामुंकिन है।

अमेरिका ने कहा है कि चीन उसका समुद्री ड्रोन लौटाने पर सहमत हो गया है। दरअसल चीनी नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी ड्रोन 15 दिसंबर को जब्त किया था। दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी और चीनी नौसेना के बीच गतिरोध के मद्देनजर अपनी तरह की यह पहली घटना थी।अमरेकी रक्षा विभाग पेंटागन के प्रवक्ता पीटर कुक ने इसकी जानकारी दी। कुक ने कहा, 'चीन के प्रशासन से सीधे संपर्क के जरिए हमने यह सुनिश्चित कर लिया है कि चीन अमेरिका को यूयूवी (मानवरहित समुद्री वाहन) लौटा देगा।'इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हमारी समझ के मुताबिक अमेरिका और चीन दोनों सेनाओं के बीच माध्यमों के जरिये इसे उपयुक्त रूप से निपटाने पर काम कर रहे हैं। इससे पहले चीनी सेना ने पुष्टि की थी कि उसे अमेरिकी ड्रोन को लौटाने के लिए एक अनुरोध मिला है। उसने कहा, इस मुद्दे को सफलतापूर्वक सुलझा लिया जाएगा।बता दें कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर उसके ड्रोन को चुराने का आरोप लगाया था। चीन ने गुरुवार को दक्षिण चीन सागर से इस ड्रोन को जब्त कर लिया था।

संयुक्त राष्ट्र कई देशों की सेनाओं की ओर से बनाए जा रहे किलर रोबोट के खात्मे पर बहस करने को तैयार हो गया है। इन घातक रोबोट को रोकने के लिए यह पहला बड़ा कदम है। जिनेवा में शनिवार को खत्म हुई पारंपरिक हथियारों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यह फैसला लिया गया। तय हुआ कि अगले साल इस सम्मेलन में 123 देशों के प्रतिनिधि किलर रोबोट के खात्मे पर बहस करेंगे। यह सम्मेलन दो हफ्ते तक चलेगा।

भारत के अमनदीप संभालेंगे कमान: निशस्त्रीकरण सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ आईएफएस अमनदीप सिंह गिल कर रहे थे। किलर रोबोट रोकने वाले सम्मेलन की वही अध्यक्षता करेंगे।

रूस और चीन बना रहे ऐसे रोबोट: किलर रोबोट ऐसी मशीन या रोबोट हैं, जो बिना किसी मानवीय नियंत्रण के अपने लक्ष्य को तय करके उस पर हमला करते हैं। रूस ने हाल में ऐसा रोबोट बनाया है जो छह किलोमीटर दूर से दुश्मन पर निशाना लगा सकता है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चीन अपनी मिसाइलों में कृत्रिम बुद्धिमता वाले यंत्र लगाने जा रहा है।

वैज्ञानिक जता चुके हैं चिंता-अमेरिकी उद्योगपति एलोन मस्क, स्टिफन हाकिंग समेत दुनिया भर के हजारों वैज्ञानिक इन रोबोट पर प्रतिबंध की मांग कर चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि ऐसे हथियार इंसानों का खात्मा कर सकते हैं। इनसे बड़े नरसंहार का डर बना रहता है। रोबोट का नियंत्रण बिगड़ जाने से यह मानव जाति के लिए हानिकारक हो सकता है।

रोजाना स्टीम बाथ करने से डिमेंसिया बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। वैज्ञानिकों ने एक नए शोध में दावा किया है कि सप्ताह में एक बारस्टीम बाथ करने वाले लोगों के मुकाबले चार से सात बार स्टीम बाथ करने वालों में इसके होने का खतरा 66 फीसदी तक कम हो जाता है।एज एंड एजिंग जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में यूनिवर्सिटी ऑफ इस्टर्न फिनलैंड के शोधकर्ताओं ने 35 से 50 वर्ष के दो हजार से अधिक लोगों पर करीब 20 वर्षों तक शोध किया। इस अध्ययन में पाया गया कि जितना ज्यादा व्यक्ति स्टीम बाथ करेगा, डिमेंसिया का खतरा उतना ही कम होगा। इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता और यूनिवर्सिटी ऑफ इस्टर्न फिनलैंड के प्रोफेसर जरी लौकनेन ने कहा ‘स्टीम बाथ से दिल और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं और याददाश्त तेज होती है।’

क्या है डिमेंसिया;-डिमेंशिया एक प्रकार की मानसिक बीमारी है। वास्तव में यह मानसिक लक्षणों का एक समूह है जिसकी शिकायत होने पर व्यक्ति की याददाश्त समाप्त हो जाती है और वह सबकुछ भूल जाता है। यह दिमाग की वह स्थिति है, जिसमें व्यक्ति के लिए कुछ भी समझ पाना, अपनी बातों को दूसरों को समझा पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कुछ समय बाद इसके मरीज की स्थिति वैसी हो जाती है कि व्यक्ति खुद अपनी सुध-बुध खो देता है। डिमेंशिया मस्तिष्क की कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण होता है। सिर में चोट लगना या फिर अल्जाइमर के कारण इस बीमारी के होने का खतरा अधिक रहता है।

कई रोगों में फायदेमंद:-नियमित वाष्प स्नान सिर्फ डिमेंसिया के खतरे को ही कम नहीं करता है, बल्कि अचानक पड़ने वाले दिल के दौरे, हृदय गति रुकने आदि के कारण वाली मृत्युदर में भी कमी आती है। प्रो. जरी लौकनेन का कहना है कि स्वस्थ हृदय दिमाग को भी तंदरुस्त रखता है और वाष्प स्नान से मिलने वाला आराम, ताजगी व स्फूर्ति दिल के साथ दिमाग को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

अल्जाइमर से बचाव:-इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दो हजार प्रतिभागियों को तीन समूहों में बांटा। पहले समूह को सप्ताह में एक बार वाष्प स्नान कराया गया। दूसरे समूह को सप्ताह में दो से तीन बार और तीसरे समूह को चार से सात बार वाष्प स्नान कराया गया। इस शोध में पाया गया कि वाष्प स्नान करने से अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा भी 65 फीसदी तक कम हो जाता है।

चीन ने विवादास्पद दक्षिण चीन सागर में एक मानवरहित अमेरिकी ड्रोन जब्त करने की पुष्टि की है। चीन ने शनिवार को कहा कि दोनों देश इस मुद्दे से समुचित तरीके से निपट रहे हैं और उसे सफलतापूर्वक सुलझा लिया जाएगा।चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, हमारी समझ के मुताबिक अमेरिका और चीन दोनों सेनाओं के बीच माध्यमों के जरिये इसे उपयुक्त रूप से निपटाने पर काम कर रहे हैं। इससे पहले चीनी सेना ने पुष्टि की थी कि उसे अमेरिकी ड्रोन को लौटाने के लिए एक अनुरोध मिला है। उसने कहा, इस मुद्दे को सफलतापूर्वक सुलझा लिया जाएगा।चीनी नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी ड्रोन 15 दिसंबर को जब्त किया था। दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी और चीनी नौसेना के बीच गतिरोध के मद्देनजर अपनी तरह की यह पहली घटना थी

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

नई दिल्ली - रोमांच की चाह रखने वाले शौकीनों के लिए चीन में कांच का एक और पुल तैयार किया गया है। ये पुल पहले वाले कांच के पुल से अलग है। ये पुल अदृश्य है। इसे Zhangjiajie पहाड़ों की दो चट्टानों के बीच बनाया गया है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इससे पहले चीन ने अगस्त में हुनान प्रांत में दुनिया का सबसे लंबा और उंचा पुल इसी पर्वत…
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