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वाशिंगटन:-अमेरिकी चुनाव में बढ़ रही मुस्लिम विरोधी बयानबाजियों के बीच अपने कार्यकाल के दौरान बुधवार को पहली बार मस्जिद पहुंचे राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि इस्लाम पर हमला करना सभी धर्मों पर हमला करने जैसा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिये प्रचार के दौरान रिपब्लिकन पार्टी से उम्मीदवारी पेश कर रहे डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिनों मुस्लिम विरोधी बयान देते हुये कहा था कि अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगा देना चाहिये। ट्रंप के इस बयान की बाद में काफी आलोचना हुयी थी।

ओबामा वाशिंगटन के निकट बाल्टीमोर स्थित एक मस्जिद पहुंचे थे। उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में मुस्लिम विरोधी बयानों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुये कहा,‘‘सभी धर्मों की तरह इस्लाम का भी महत्व है और इस पर हमला करना हमारे लिये सभी धर्मों के खिलाफ हमला करना जैसा है। इस प्रकार का आचरण सर्वथा अनुचित है और इसके खिलाफ आचाज उठाना हमारा दायित्व है।’’

अपनी मस्जिद यात्रा के दौरान ओबामा ने कभी मस्जिद न आये सभी मजहब के लोगों से आग्रह करते हुये कहा कि वे यहां आयें। वो यहां आकर महसूस करेंगे कि यह उनके धर्मस्थल जैसा ही है जहां लोग आते हैं और ईश्वर के प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हैं। उन्हें यहां आकर वैसी ही अनुभूति होगी जैसी वे अपने -अपने मजहब के धर्मस्थलों में करते हैं।

ओबामा ने मेरीलैंड में ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ बाल्टीमोर’ में अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘‘हमने मुसलमान अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अक्षम्य राजनीतिक बयानबाजी सुनी है, जिसका देश में कोई स्थान नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपने अक्सर देखा होगा कि आतंकवाद के घिनौने कारनामों के लिए एक ही समुदाय के लोगों पर शक किया जाता है।’’

उन्होंने आगे कहा कि 9/11 हमले के बाद मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी शुरू हुई लेकिन पेरिस और कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डिनो में आतंकवादी हमलों के बाद इसमें इजाफा हुआ है।

ओबामा ने कहा, ‘‘हमने बच्चों को डराते-धमकाते, मस्जिदों को ध्वस्त करते हुए देखा है। हम क्या कर रहे हैं, हम ये नहीं हैं।’’

ओबामा ने हालांकि इन कृत्यों के लिए किसी का नाम नहीं लिया लेकिन व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोस अर्नेस्ट ने मगंलवार को इस संदर्भ में कुछ रिपब्लिकन सांसदों पर चुटकी जरूर ली थी।

 

 

यरूशलम:-अमेरिका में विमानों के जरिए हमले करने का विचार ओसामा बिन लादेन के दिमाग में 1999 में हुए मिस्र में एक विमान के उस हादसे से आया था जिसमें पायलट ने जानबूकर अपना विमान अटलांटिक महासागर में गिरा दिया था।

अलकायदा ने अपनी ऑनलाइन पत्रिका अल-मसरा में यह कहा है कि 11 सितंबर, 2001 के हमले का विचार मिस्र के सह-पायलट कामिल अल बतूती की कहानी से सूझा था। कामिल ने इजिप्ट एयर के विमान को समुद्र में गिरा दिया था। इस घटना में 217 लोग मारे गए थे जिनमें 100 अमेरिकी शामिल थे। यह विमान लॉस एंजिलिस से काहिरा जा रहा था।

उसने कहा कि जब संगठन के सरगना ओसामा ने मिस्र के इस विमान हादसे के बारे में सुना तो उसने सवाल किया, उसने निकट की किसी इमारत में विमान को क्यों नहीं टकराया?

समाचार पत्र यरूशलम पोस्ट के अनुसार कामिल बलूती ने यह हरकत क्यों की थी इसको लेकर उस वक्त बहुत अटकलें लगीं। आतंकवाद के पहलू को भी देखा गया। बाद में यह कहा गया था कि कामिल ने अपनी कंपनी की ओर से अपने खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का बदला लेने के लिए यह आत्मघाती कदम उठाया।

वैसे ओसामा को इस घटना के पीछे की वजह से कोई लेनादेना नहीं था। उसका इरादा इसी घटना की तर्ज पर अमेरिका को दहलाने का था और उसने यहीं से अमेरिका पर विमानों के जरिए हमले करने की योजना पर काम शुरू कर दिया।

 

मोगादिशु:-सोमालिया की राजधानी मोगादिशू से जिबूती जा रहे एक यात्री विमान में 14,000 फीट की ऊंचाई पर विस्फोट के कारण हड़कंप मच गया। हालांकि, पायलट ने विमान को सुरक्षित जमीन पर उतार लिया। विमान में 74 यात्री सवार थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कम तीव्रता के इस विस्फोट से विमान में बड़ा सुराख हो गया और बुरी तरह झुलसा एक पैसेंजर इस सुराख से बाहर गिर गया।

डालो एयरलाइंस के विमान ने मंगलवार को मोगादिशु से जिबूती के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के पांच मिनट बाद विमान में विस्फोट हुआ,जिससे विमान में छह फीट का सुराख हो गया। विस्फोट के बाद बने इस सुराख से एक शख्स बाहर गिर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह बुरी तरह झुलस गया था। विमान में सफर कर रहे एक यात्री ने बताया कि सुराख के कारण विमान में लो-प्रेशर बन गया, जिसके कारण सभी लोगों को ऑक्सीजन मास्क पहनने पड़े।

उधर, डैलो एयरलाइंस के सीईओ मोहम्मद इब्राहिम यासिन ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। बता दें कि सोमालिया आतंकी संगठन अल-शबाब का गढ़ है और ऐसे में आतंकियों का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस्लामाबाद:-शहीद भगत सिंह को निर्दोष साबित करने वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई शुरू हुई। लाहौर की अदालत ने कहा कि भगत सिंह को सजा तीन सदस्यीय खंडपीठ ने दी थी इसलिए अब दो सदस्यीय खंडपीठ इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकती है।

तुरंत निपटाने को कहा: लाहौर उच्च न्यायालय के जस्टिस खालिद महमूद और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन की अध्यक्षता में दो सदस्यीय खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की। उन्होंने इसे बड़ी बेंच को भेजने और तुरंत निपटाने की सिफारिश की है।

पांच सदस्यीय पीठ सुनेगी!: भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के प्रमुख और याचिकाकर्ता इम्तियाज राशिद कुरैशी ने बताया कि अदालत ने बताया कि कानूनी तौर पर इस मामले की सुनवाई कम से कम पांच या ज्यादा से ज्यादा नौ सदस्यीय पीठ कर सकती है।

मामला हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा : अदालत ने यह मामला लाहौर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया। इम्तियाज राशिद ने बताया कि उन्होंने भी अदालत से गुहार लगाई कि इस मामले की अगली सुनवाई तुरंत की जाए।

गौरतलब है कि भगत सिंह को ब्रिटिश अधिकारी सांडर्स की हत्या में लाहौर में फांसी दी गई थी। इसके करीब 85 साल बाद लाहौर हाईकोर्ट एक याचिका के आधार पर इस मामले की सुनवाई शुरू कर रहा है।

चौक पर प्रतिमा भी लगे:-कुछ सालों से विभिन्न संस्थाओं के लोग भगत सिंह को याद करने के लिए शादमान चौक पर मोमबत्तियां जलाते हैं। सरकार से मांग है कि चौक पर भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाए।

‘भगत सिंह चौक’ नाम चाहती हैं तमाम संस्थाएं:-कई संस्थाओं ने पाकिस्तानी सरकार पर भी दबाव डाला है कि उन्हें सरकारी तौर पर हीरो का दर्जा दिया जाए और लाहौर में जिस जगह पर उन्हें फांसी दी गई थी उस शादमान चौक को ‘भगत सिंह चौक’ का नाम दिया जाए।

दलाई लामा के चित्र चीन में जब्त

बीजिंग:-चीन के सिचुआन प्रांत में प्रशासन ने दुकानदारों से तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के चित्र जब्त करना शुरू किया है। देश में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के नजदीकी माने जाने वाले अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने यह जानकारी दी है।

अखबार के मुताबिक, सिचुआन प्रशासन ने दुकानदारों को आदेश दिया है कि वे दलाई लामा के चित्र अधिकारियों को सौंप दें। इस मुहिम को लागू करने के लिए सांस्कृतिक ब्यूरो के कर्मियों, पुलिस और अन्य अधिकारियों का कानून प्रवर्तन दल गठित किया गया है। इस प्रांत में बड़ी संख्या में तिब्बती रहते हैं, जो दलाई लामा को पूजनीय और धार्मिक-आध्यात्मिक प्रदर्शक मानते हैं।

अखबार ने प्रांतीय प्रचार विभाग के निदेशक गोउ यादोंग के हवाले से कहा, इस मुहिम का लक्ष्य चंद्र नववर्ष से पहले अवैध प्रकाशन पर लगाम कसना है। इसमें अश्लील साहित्य और दलाई लामा के चित्र भी शामिल हैं। सिचुआन में यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब दलाई लामा के खिलाफ बीजिंग ने मुहिम तेज कर दी है। बीजिंग उन्हें खतरनाक अलगाववादी बताता है। चीन तिब्बत में उनके चित्रों पर कड़ा नियंत्रण रखता है। इसे कई तिब्बती उनके धर्म एवं संस्कृति के दमन के लिए उठाए जाने के वाले कदम के तौर पर देखते हैं।

सद्दाम से तुलना:-'ग्लोबल टाइम्स' ने बीजिंग स्थित चाइना तिब्बतोलॉजी रिसर्च सेंटर के लियान शियांगमिन के हवाले से कहा, चीनी लोगों के लिए दलाई लामा तस्वीर टांगना उसी तरह है, जैसे अमेरिकियों को (इराक के पूर्व राष्ट्रपति) सद्दाम हुसैन की तस्वीर दिखाना। सद्दाम को मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में दोषी पाए जाने के बाद 2006 में मौत की सजा दी गई थी। जब कि बार-बार हिंसा की आलोचना करने वाले दलाई लामा को 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 

 

 

वाशिंगटन:-यूरोपीय संघ में ब्रिटेन की सदस्यता पर छिड़ी बहस के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से कहा कि 28 देशों के इस समूह के भीतर उनके देश के हित बेहतर तरीके से पूरे हो सकते हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार, ओबामा ने कैमरन से फोन पर बात की और एक मजबूत यूरोपीय संघ में मजबूत ब्रिटेन के लिए अमेरिका के जारी समर्थन की फिर से पुष्टि की।

ओबामा ने ऐसे समय पर यह बात कही है जब जून में ईयू की सदस्यता पर ब्रिटेन में संभावित जनमत संग्रह से पहले कैमरन ने ब्रसेल्स से छूट प्राप्त करने की कोशिश की है।

वाशिंगटन लंबे समय से ईयू में ब्रिटेन का समर्थन करता आया है और उसने चेतावनी दी है कि यदि ब्रिटेन इस संघ को छोड़ता है तो विशेष संबंधों को खतरा हो सकता है।

कैमरन भी ईयू सदस्यता का समर्थन करते हैं लेकिन उन्होंने ईयू के नियमों में कुछ बदलाव किए जाने की मांग की है ताकि वह अपनी कंजर्वेटिव पार्टी के गुटों को रिझा सकें।

इससे पहले ईयू अध्यक्ष डोनॉल्ड टस्क ने ब्रिटेन को इस क्लब में बनाए रखने के लिए अपने प्रस्तावों की जानकारी दी थी।

 

नई दिल्ली : हममें से अधिकांश लोगों ने भूत और पिशाच के बारे में जरूर सुना है। हम उन्हें फिल्मों में देखते हैं और किताबों में पढ़ते भी है, लेकिन यकीन नहीं होता कि वाकई असली दुनिया में भूत और पिशाच जैसा कुछ होता है। लेकिन जब आप इस वीडियो को देखेंगे तो यकीन ना करने की कोई वजह नहीं कि असल दुनिया में भी भूत और पिशाच होता है।…
नई दिल्ली: मोगादिशू से जिबूती जा रहे एक पैसेंजर प्लेन में 14 हजार फीट की ऊंचाई पर विस्फोट होने से हड़कंप मच गया। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, डैलो एयरलाइन्स की फ्लाइट D3159 में 74 पैसेंजर सवार थे। विमान के टेकऑफ के पांच मिनट बाद ही एयरबस A321 में धमाका हुआ और छह फुट का सुराख हो गया। इस धमाके के बाद प्लेन में हुए सुराख से बुरी तरह…
सोल : दक्षिण कोरिया और जापान ने बुधवार को उस अमेरिकी चेतावनी को दोहराया कि अगर उत्तर कोरिया रॉकेट प्रक्षेपण की अपनी योजना पर आगे बढ़ता है तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। कुछ सप्ताह पहले ही चौथा परमाणु परीक्षण कर चुके प्योंगयांग से उसकी रॉकेट प्रक्षेपण की योजना त्यागने का आग्रह करते हुए दोनों देशों ने सोल में कहा कि उसका कदम संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का गंभीर उल्लंघन और…
नई दिल्ली:-अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के एक निवर्तमान कमांडर ने कहा है कि काबुल को दान में दिए गए तीन एमआई़़ 35 भारतीय बहुभूमिका वाले हेलीकॉप्टर ने युद्ध प्रभावित देश में उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में बहुत मदद की है। जनरल जॉन कैम्पबेल ने मंगलवार अफगानिस्तान पर कांग्रेस की एक बहस में हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्यों से कहा अब उनके पास भारत से मिले तीन एमआई़़ 35 हेलीकॉप्टर…

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