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बीजिंग। चीन ने स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान छात्रों के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने पर पाबंदी लगा दी है। चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के आधिकारिक अखबार ग्लोबल टाइम्स ने ल्हासा के एक शिक्षा अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है।अधिकारी का कहना है कि छात्रों से इस संबंध में एक समझौते पर हस्ताक्षर भी कराए गए हैं। वह अपने अभिभावक और शिक्षकों की देख-रेख में इस नियम का पालन कर रहे हैं।माना जा रहा है कि चीन ने यह कदम मुख्य रूप से बौद्ध धर्म मानने वाले हिमालयी क्षेत्र पर सख्ती बढ़ाने के लिए किया है। वह तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को अलगाववादी मानता है और उनका प्रभाव खत्म करना चाहता है।तिब्बत से निर्वासित दलाई लामा भारत में रह रहे हैं। चीन दावा करता है कि तिब्बत पिछली सात शताब्दियों से उसका हिस्सा है। जबकि तिब्बतियों का कहना है कि 1950 से पहले वह स्वतंत्र थे। क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए चीन ने पिछले कई सालों से वहां अपनी सेना की मौजूदगी बढ़ा दी है।

रावलपिंडी। भ्रष्टाचार के मामले में अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तबीयत बिगड़ गई है। जेल प्रबंधन से शरीफ ने छाती में दर्द और मूत्र संबंधी समस्‍या बताई है। शिकायत के बाद रावलपिंडी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी के डॉक्टरों की एक टीम ने उनके स्‍वास्‍थय की जांच की। डॉक्टरों की टीम की अगुआई कर रहे सेवानिवृत्त जनरल अजहर कियानी ने नवाज को तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि उनके हार्ट और किडनी में दिक्कत है। डॉ कियानी का कहना है कि डिहाइड्रेशन की वजह से नवाज की धड़कन की गति बढ़ी हुई हैं। यूरिया बढ़ने से उनकी किडनी पर असर पड़ा है। उनकी मेडिकल रिपोर्ट पंजाब के स्वास्थ्य सचिव को भेज दी गई है। नवाज के इलाज के लिए फैसला सरकार ही लेगी। सूत्रों ने बताया, डॉक्टरों ने नवाज के दामाद और रिटायर्ड कैप्टन मुहम्मद सफदर की भी जांच की है। वे कान और गले में इन्फेक्शन से परेशान हैं।हालांकि, पंजाब प्रांत के अंतरिम कानून मंत्री जिया हैदर रिजवी ने कहा है कि प्रशासन को इस संबंध में अभी तक कोई आवेदन नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार ने नवाज शरीफ की हालत देखते हुए उन्हें जेल में और ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, मानवीय आधार पर नवाज शरीफ को एसी की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
काली कमाई से चार फ्लैट खरीदने के दोषी:-गौरतलब है कि नवाज, मरियम और सफदर काली कमाई से लंदन के अवेनफील्ड में चार फ्लैट खरीदने के दोषी ठहराए जाने के बाद गिरफ्तार हुए पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आदियाला जेल में बंद हैं। लंदन में 4 लग्जरी फ्लैट के मालिकाना हक को लेकर 6 जुलाई को जवाबदेही अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद सफदर रावलपिंडी के आदियाला जेल में क्रमश: 10 वर्ष, 7 वर्ष और 1 वर्ष कैद की सजा भुगत रहे हैं।

सियोल। उत्‍तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ युद्ध को समाप्‍त करने की इच्‍छा जताई है। बीते अप्रैल माह में दोनों कोरियाई देशों ने इसके लिए प्रतिबद्धता भी जताई थी। उत्‍तर कोरिया द्वारा इसी बैठक में हुए समझौते को सक्रियता से लागू करने की मांग रखी गई है।उत्‍तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और दक्षिण कोरियाई राष्‍ट्रपति मून जे-इन ने गत 27 अप्रैल को बैठक के दौरान स्‍थायी शांति समझौते के साथ 1950-53 कोरियाई युद्ध को खत्‍म करने का आग्रह किया था।उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। घोषणापत्र में कहा गया है कि कोरियाई प्रायद्वीप में अब कोई जंग नहीं होगी और इस तरह से शांति के एक नए युग की शुरुआत हो गई है।गौरतलब है कि वर्तमान में दोनों कोरियाई देशों के बीच तकनीकी तौर पर युद्ध बंद है। इस माह के शुरुआत में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो उत्‍तर कोरिया गए और परमाणु निरस्‍त्रीकरण पर चर्चा की। हालांकि विदेश मंत्रालय के अज्ञात प्रवक्‍ता द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए उत्‍तर कोरियाई न्‍यूज एजेंसी केसीएनए ने बताया कि प्‍योंगयांग ने वाशिंगटन की आलोचना करते हुए कहा है कि परमाणु निरस्‍त्रीकरण को लेकर अमेरिका किसी गैंगस्‍टर की तरह मांग कर रहा है।12 जून को ट्रंप और किम ने सिंगापुर में मुलाकात कि और संयुक्‍त समझौते पर हस्‍ताक्षर किया था। साथ ही अमेरिका की ओर से सुरक्षा की गारंटी दिए जाने के बाद किम ने कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह परमाणु निरस्‍त्रीकरण के लिए सहमति जताई।

टोरंटो। कनाडा के शहर टोरंटो में कल देर रात गोलीबारी में कई लोग चपेट में आ गए। पुलिस ने बताया कि टोरंटो के ग्रीकटाउन जिले में रविवार की रात एक अज्ञात बंदूकधारी की गोलीबारी में एक की मौत हो गई है जबकि करीब 14 लोग गंभीर रुप से घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अंत में हमलावर ने भी खुद को गोली मार ली जिसके बाद उसकी मौत हो गई। ए 54 डिविजन के प्रवक्ता ने बताया कि लोगन एवेन्यूज और डैनफोर्थ में ये हमला रात करीब 10 बजे हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घायल 13 में से एक 9 साल की बच्ची भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर कई एंबुलेंस की सेवाएं पहुंचाई जा रही है और घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस ने बताया कि यह हमला तब शुरू हुआ जब वहीं पास के एक रेस्तरां में एक बर्थडे पार्टी चल रही थी।घटनास्थल पर मौजूद जोडी ने बताया कि वह पास के रेस्तरां में थीं तभी उसे 10-15 जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई पड़ी। उसके बाद लोगों के चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। उसने बताया कि पहले मुझे लगा कि ये पटाखों की आवाज है लेकिन बाद में पता चला कि गोलियों की आवाज थी। हमने देखा कि कई लोग बदहवास इधर-उधर भाग रहे थे। वहां मौजूद गवाहों ने बताया कि उन्होंने 20-30 गोलियों की आवाज सुनी और वे बार-बार बंदूक में गोलियां रीलोड करने की आवाजें भी सुन रहे थे। उनका कहना है कि यह गैंग से संबंधित गोलीबारी नहीं थी। हमलावर को देखकर लग रहा था वह तनावग्रस्त है।टोरंटो ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि टोरंटो पुलिस घटनास्थल पर तैनात है। बता दें कि इसी सप्ताहांत में बंदूक हिंसा को रोकने के लिए सरकार ने कई इलाकों में पुलिस फोर्स तैनात करवाए हैं।

 

 

वाशिंगटन। जल्द ही ऐसे पौधे तैयार किए जा सकेंगे, जो अपने लिए खाद खुद बनाने में सक्षम होंगे। अमेरिका में भारतीय मूल के शोधकर्ता इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि इसके बाद पौधे वातावरण से नाइट्रोजन लेकर अपने लिए खाद तैयार कर सकेंगे, जिसका प्रयोग क्लोरोफिल बनाने में किया जा सकेगा। क्लोरोफिल प्रकाश संश्लेषण क्रिया का एक अहम घटक है।अमेरिका स्थित वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा बैक्टीरिया तैयार किया है जो दिन में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया का प्रयोग कर ऑक्सीजन बनाता है और रात में नाइट्रोजन का प्रयोग कर प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल तैयार करता है। बता दें कि क्लोरोफिल पौधों की पत्तियों में पाया जाने वाला एक प्रोटीनयुक्त जटिल रासायनिक यौगिक होता है। इसी के कारण पत्तियों का रंग हरा होता है और प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।एमबायो नामक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि इस खोज के बाद मानव निर्मित उर्वरकों का प्रयोग आंशिक या पूर्ण रूप से बंद किया जा सकेगा। बता दें कि वर्तमान में इंसानों द्वारा तैयार किए जा रहे रासायनिक उर्वरकों की कीमत पर्यावरण को चुकानी पड़ती है। इससे पेड़-पौधों की वृद्धि में तो इजाफा होता है, लेकिन इसका अधिक प्रयोग इंसानों के स्वास्थ्य और भूमि के लिए नुकसानदेह होता है।
खेती के लिए क्रांतिकारी कदम;-वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के मैत्रेयी भट्टाचार्य और हिमाद्रि पाक्रासी के मुताबिक, यह खोज खेती और पौधों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हो सकती है। वर्तमान में खाद तैयार करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है और इसे बनाने की प्रक्रिया में ग्रीनहाउस गैसें निकलती हैं, जो जलवायु परिवर्तन के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।
मानव निर्मित खाद में परेशानी:-पौधों को उपलब्ध कराई जाने वाली मानव निर्मित खाद के और भी कई नुकसान हैं। जैसे बारिश होने, तेज हवा चलने या नदी के तेज बहाव के कारण ये उर्वरक बह जाते हैं। वहीं, इनके अधिक इस्तेमाल से जमीन के अंदर रहने वाले जीव-जंतुओं को भी नुकसान पहुंचता है।
विकल्प है मौजूद:-शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन समस्याओं से बचने का विकल्प हमारे चारों ओर मौजूद है। पृथ्वी के वातावरण में 78 फीसद नाइट्रोजन पाई जाती है। इसके बावजूद हमें कृत्रिम रूप से पौधों को नाइट्रोजन पहुंचानी पड़ती है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। हमने ऐसा बैक्टीरिया तलाश कर लिया है जो पौधों के लिए नाइट्रोजन तैयार कर सकेगा। इसके बाद इन्हें बाहर से खाद देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्यों जरूरी है खाद:-पौधें को खाद देने का मतलब उन्हें नाइट्रोजन उपलब्ध करवाना है। इस नाइट्रोजन का प्रयोग पौधे क्लोरोफिल बनाने में करते हैं, जिसके बिना प्रकाश संश्लेषण की क्रिया संभव नहीं है। सरल शब्दों में कहें तो पौधे अपना खाना तैयार कर सकें, इसके लिए नाइट्रोजन जरूरी है। इसे ही पौधों तक पहुंचाने के लिए खाद या उर्वरकों का प्रयोग किया जाता है। अहम बात यह है कि मानव निर्मित उर्वरकों से केवल 40 फीसद नाइट्रोजन ही पौधों तक पहुंच पाती है। इन उर्वकरों का ज्यादा इस्तेमाल कई तरह से नुकसानदेह साबित होता है, इसलिए इसका सीमित मात्रा में प्रयोग करने के लिए किसानों को जागरूक किया जाता है।

नई दिल्‍ली। पाकिस्‍तान में आम चुनाव की घोषणा के बाद से ही वहां पर धमाकों की आवाजें तेज हो गई हैं। मई से लेकर अब तक हुए इन धमाकों में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। गौरतलब है कि 25 जुलाई को यहां पर चुनाव होने हैं लेकिन इस चुनाव से पहले अभी कितनी और जानें जाएंगी इसका अंदाजा लगा पाना फिलहाल प्रशासन के लिए भी मुश्किल ही दिखाई दे रहा है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि आम चुनाव के दौरान इस तरह के धमाकों की गूंज पाकिस्‍ता में सुनी जा रही हो, पिछले चुनाव में भी कमोबेश ऐसा ही नजारा दिखाई दिया था।
सबसे खूनी रहा 2013 का चुनाव:-आपको जानकर हैरत होगी कि पाकिस्‍तान के चुनावी इतिहास में वर्ष 2013 का आम चुनाव सबसे अधिक खून से रंगा हुआ था। ऐसा हम नहीं बल्कि पाकिस्‍तान इंस्टिट्यूट ऑफ पीस स्‍टडी की रिपोर्ट कह रही है। इसके मुताबिक 1 जनवरी से लेकर 15 मई तक पूरे पाकिस्‍तान में करीब 148 आतंकी हमले हुए। इनमें से अधिकतर हमले अप्रेल और मई में हुए। इन हमलों में नेताओं, कार्यकर्ताओं, चुनाव से जुड़े अधिकारियों, रैलियों को निशाना बनाया गया था। इस दौरान हुए हमलों में 170 लोगों की मौत हुई थी जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
बेनेजीर की भी चुनाव में हत्‍या:-आपको याद होगा कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनेजीर भुट्टो की भी वर्ष 2007 में इसी तरह के एक हमले में हत्‍या कर दी गई थी। वहीं इस बार उनके बेटे बिलावल भुट्टो के भी काफिले पर हमला हो चुका है। यह हमला 2 जुलाई को उस वक्‍त किया गया था जब बिलावल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के गढ़ ल्यारी में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान गुस्से से भरे प्रदर्शनकारियों ने पार्टी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो के काफिले पर हमला कर दिया था। इस घटना में दो लोग घायल हो गये और कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया था। यह प्रदर्शनकारी 'बिलावल वापस जाओ' के नारे भी लगा रहे थे। हालांकि इस दौरान बिलावल को कोई चोट नहीं आई। आपको बता दें कि ल्यारी पीपीपी की पारंपरिक सीट है और बिलावल एनए -247 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
हर चुनाव में मारे गए 300 से अधिक लोग:-इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर के एक शोध में यहां तक कहा गया है कि वर्ष 1988 से लेकर वर्ष 2010 तक के बीच करीब 27555 घटनाएं चुनावी हिंसा से संबंधित हुई थीं। इस शोध के मुताबिक यदि इस दौरान हुए हर आम चुनाव पर नजर डालेंगे तो हर चुनाव में करीब 1100 घटनाएं घटी। इसका एक अर्थ ये भी है कि इस दौरान हुए छह चुनावों में प्रति चुनाव करीब 183 घटनाएं हुईं जिनमें लगभग 380 लोगों की मौत हुई।
इस माह हुए हमलों पर एक नजर
- 22 जुलाई को हुए एक आत्‍मघाती हमले में पीटीआई प्रत्याशी इकरामुल्‍लाह की मौत हो गई थी जबकि कई अन्‍य घायल हो गए थे। उन पर यह हमला डेरा इस्‍माइलखां में किया गया था। वह पीके 99 सीट से मैदान में उतरे थे। पुलिस की मानें तो आतंकियों ने इस हमले में करीब दस किलोग्राम विस्‍फोटक का इस्‍तेमाल किया था। आपको बता दें कि इकरामुल्‍लाह खैबर पख्‍तूनख्‍वां में कृषि मंत्री भी रहे थे। इससे पहले उनके भाई की भी हत्‍या इसी तरह से की गई थी। उनके भाई भी वित्‍त मंत्री के तौर पर यहां की केबिनेट में शामिल थे।
- 14 जुलाई को दो आतंकी हमलों में करीब 132 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 180 लोग घायल हो गए थे। यह हमले बलूचिस्‍तान और खैबर पख्‍तूनख्‍वां में किए गए थे। इस हमले में बलूचिस्‍तान आवामी पार्टी के प्रत्‍याशी नवाबजादा सिराज की भी मौत हो गई थी। उन पर यह हमला क्‍वेटा से करीब 60 किमी दूर मस्‍टांग इलाके में किया गया था।
- इससे पहले 10 जुलाई को पेशावर में हुए एक धमाके में एएनपी के प्रत्‍याशी की मौत हो गई थी, जबकि 34 अन्‍य लोग घायल हो गए थे।
- चार जुलाई को भी पीटीआई के प्रत्‍याशी के ऊपर जानलेवा हमला किया गया था। यह हमला पार्टी कार्यालय पर ग्रेनेड से किया गया था। इसमें करीब दस लोग घायल हो गए थे। ये हमला उस वक्‍त किया गया था जब उत्तरी वजरीस्‍तान की नेशनल असेंबली की 48 सीट से मैदान में उतरे पीटीआई प्रत्‍याशी मलिक औरंगजेब खान अपनी पार्टी के चुनावी कार्यालय का उदघाटन कर रहे थे।

नई दिल्‍ली। पाकिस्‍तान में आम चुनाव की घोषणा के बाद से ही वहां पर धमाकों की आवाजें तेज हो गई हैं। मई से लेकर अब तक हुए इन धमाकों में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। गौरतलब है कि 25 जुलाई को यहां पर चुनाव होने हैं लेकिन इस चुनाव से पहले अभी कितनी और जानें जाएंगी इसका अंदाजा लगा पाना फिलहाल प्रशासन के लिए भी मुश्किल ही दिखाई…
काबुल। काबुल अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे के पास आत्‍मघाती हमले में मरने वालों की संख्‍या बढ़कर 23 हो गई है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गई। मरने वालों में एएफपी का एक ड्राइवर भी है।रविवार को हुए शक्‍तिशाली विस्‍फोट में करीब 107 लोग जख्‍मी हो गए। अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अब्दुल राशिद दोस्तम के करीब एक साल तक सत्ता से बाहर रहने के बाद वतन वापसी के कुछ ही…
टोक्यो। भयंकर बाढ़ के बाद जापान भीषण गर्मी की चपेट में है। जापान के कुमागाया शहर में सोमवार को तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह देश में अब तक का सर्वोच्च तापमान है। इससे पहले अगस्त, 2013 में कोशी में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। देश में दो हफ्ते से पड़ रही भीषण गर्मी की वजह से अब तक 26 लोगों की जान जा चुकी…
लॉस एंजेलिस। अमेरिका के कैलिफोर्निया के लॉस एंजेलिस की सुपरमार्केट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंदूकधारी ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इस घटना में एक शख्स की मौत हो गई। लॉस एंजेलिस पुलिस ने बंदूकधारी को गिरफ्तार कर लिया है।बता दें कि आरोपी युवक लॉस एंजेलिस के सुपरमार्केट के ट्रेडर जॉए के ग्रॉसरी स्टोर में घुस गया था। उसने बंदूक की दम पर कई लोगों को…
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