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दुनिया (2208)


हाई प्रोफाइल पनामागेट मामले में पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ दोषी करार दिए गए। पनामा लीक मामले में शरीफ के परिजनों पर भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि पनामा पेपर लीक होने पर शरीफ की विदेश में संपत्ति का खुलासा हुआ है।
मामले से जुडे 10 Facts
-पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच जस्टिस आसिफ सईद खोसा के नेतृत्व में नवाज शरीफ के खिलाफ सुनवाई करेगी।
-कोर्ट में सुनवाई को लेकर पाकिस्तान के सभी दलों के नेता मौजूद हैं। तहरिक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान और उनकी पार्टी के एक और नेता जहांगीर तरीन कोर्ट में हैं।
-पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने नवाज शरीफ के परिवार से लंदन स्थित फ्लैटों के दस्तावेजी सबूत पेश करने को कहा था, ताकि इन पर उनके मालिकाना हक की पुष्टि की जा सके।
-प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बेटे के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज जमा करते हुए जोर दिया कि लंदन की संपत्ति उनके परिवार की नहीं है। लीक किया गया दस्तावेज फर्जी है।
-शरीफ के बेटे सबसे बड़े बेटे हुसैन नवाज के वकील सलमान अकरम रजा ने अदालत से कहा, ऐसा लगता है कि मोसाक फोंसेका (पनामा पेपर) ने जो दस्तावेज लीक किया है, उसे धोखाधड़ी से तैयार किया गया है।
-पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने उन खबरों को ‘हास्यास्पद’ करार दिया जिनमें कहा गया था कि उनका एक सप्ताह का ब्रिटेन दौरा पनामा पेपर्स लीक मामले से जुड़ा हुआ है।
-समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार मरियम के अचानक ब्रिटेन जाने से इस अटकल को बल मिला कि इस दौरे का ताल्लुक पनामा पेपर्स लीक मामले से हो सकता है जिसकी सुनवाई उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ कर रही है।
-मरियम 8 फरवरी को लंदन पहुंची जहां से उन्होंने ट्वीट किया कि वह अपने बेटे से मिलने के लिए ब्रिटेन में हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक धड़े की ओर से मेरी यात्रा को दूसरे पहलू से पेश किया जाना हास्यास्पद है।
-प्रधानमंत्री शरीफ के परिवार का नाम पनामा पेपर्स में आया है। शरीफ और उनके परिवार ने आरोपों से इंकार किया है।
-पनामा पेपर लीक मामले में ये खुलासा हुआ था कि शरीफ ने 1990 के दशक में पीएम रहने के दौरान गैर कानूनी तरीके से लंदन में संपत्ति खरीदी थी। इसमें शरीफ और उनके परिजनों के विदेशी कंपनियों में भारी भरकम निवेश का भी खुलासा हुआ।


नई दिल्ली - हवा में मानव रहित ड्रोन और सड़कों पर स्वचालित कार के बाद अब वैज्ञानिक 2018 तक ऑटोमेटिक कार्गो शिप समुद्र में उतारने जा रहे हैं। नॉर्वे में विकसित हुई इस कार्गो शिप को बगैर किसी इंसानी सहायता के चलाया जाएगा। नॉर्वे के वैज्ञानिकों ने इस माल वाहक पानी के जहाज को समुद्र में तैरने वाले एक बड़े रोबोट की संज्ञा दी है। उनका दावा है कि इस जहाज के विकसित होने के बाद समुद्री वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी कम किया जा सकेगा।
हाईक्वालिटी सेंसर से सुरक्षा
समुद्र में तैरते जहाज को सुरक्षा देने के लिए वैज्ञानिकों ने इसमें हाई-क्वालिटी सेंसर सिस्टम लगाया है। DYSS26T प्रोग्राम पर आधारित सेंसर प्रणाली खराब मौसम की जानकारी जहाज को दो घंटे पहले प्रदान कर देती है। यह जहाज के रास्ते में आने वाले दूसरे जहाजों और कश्तियों के अलावा समुद्री ग्लेशियर की भी जानकारी आधे घंटे पहले देने में सक्षम है। यह सेंसर प्रणाली जहाज को खुद अपना वैकल्पिक रास्ता तलाशने में भी मदद करती है।
जीपीएस दिखाएगा रास्ता
जहाज में लगे जीपीएस सिस्टम की मदद से यह समुद्री तूफान में भी अपना रास्ता नहीं भटकेगा। जहाज को बनाने वाले नॉर्वे के वैज्ञानिक जैफर्ड क्लू के अनुसार इसमें चारों ओर 81 कैमरे लगे हुए है। इन कैमरों में नैनो तकनीक के आधार पर माइक्रोलेंस का उपयोग किया गया है। यह कैमरे बेहद खराब रोशनी में भी जहाज को रास्ता दिखाने का काम करते हैं। इसमें लगी हाइटेक कंप्यूटर प्रणाली को एक बार एक्टिव करने पर यह जहाज लगातार पांच हजार मील तक यात्रा कर सकता है।
प्रदूषण की होगी रोकथाम
मानव रहित समुद्री विमान से 90 फीसदी तक ईंधन की बचत होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि पूरी तरह से कंप्यूटर प्रणाली पर चलने वाले इस विमान में सोलर प्लेट्स की सहायता से ऊर्जा पैदा होती है। ऐसे में ईंधन का प्रयोग बेहद कम होने से समुद्री वायुमण्डल में प्रदूषण का स्तर घटेगा। इस तरह से वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण से समुद्र को बचाया जा सकेगा। मानव रहित पानी के जहाज को बनाने में 25 मीलियन डॉलर की लागत आई है।
सी-हंटर का भी चल रहा परीक्षण
नॉर्वे के माल वाहक जहाज जहां अगले वर्ष समुद्र में उतरने की तैयारी कर रहा है वहीं अमेरिका का युद्धक विमान सी-हंटर का भी परीक्षण चल रहा है। 2019 तक अमेरिका सी-हॉक विमान का परीक्षण करेगा। डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (डारपा) अमेरिका की नौसेना के साथ मिलकर इस पर प्रयोग कर रही है। सैन डियागो के तट पर होने वाले परीक्षण में देखा जाएगा कि यह जहाज अन्य जहाजों से कैसे पेश आता है। इसी तरह जापान और चीन भी वर्ष 2025 तक स्वचालित माल वाहक जहाज बनाने की तैयारी कर रहा है।


वाशिंगटन - अमेरिकी सीनेट ने रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े एवं अतिरिक्त प्रतिबंध लागू करने संबंधी विधेयक को भारी द्विदलीय समर्थन देते हुए पारित कर दिया है।
'काउंटरिंग अमेरिकाज एडवसर्टिीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट' को इस सप्ताह की शुरूआत में प्रतिनिधि सभा ने पारित किया था और अब सीनेट ने इसे दो के मुकाबले 98 मतों से पारित कर दिया। अब यह विधेयक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी के लिए व्हाइट हाउस जाएगा।
सीनेट आर्मड सवर्सिेज कमेटी के अध्यक्ष एवं सीनेटर जॉन मैकेन ने कहा, "यह विधेयक नए प्रतिबंध लगाकर, मौजूदा प्रतिबंध कड़े कर और रूस पर प्रतिबंधों में ढील की किसी भी कोशिश पर कांग्रेस के निरीक्षण की आवश्यकता के प्रावधान के जरिए अमेरिका में वर्ष 2016 में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में रूस के दखल के लिए उसे जिम्मेदार ठहराता है।"
उन्होंने कहा, "भारी संख्या में समर्थन देते हुए सीनेट का आज मतदान करना महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अमेरिका अपने लोकतंत्र या राष्ट्रीय सुरक्षा हितों पर हमलों को बदार्श्त नहीं करेगा।"
इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन रूस, ईरान एवं उत्तर कोरिया के खिलाफ मजबूत प्रतिबंधों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा, "हम इन तीनों देशों के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों का समर्थन करते हैं। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि अंतिम विधेयक कैसा होता है और उसी समय निर्णय लेंगे।"


बीजिंग - भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ब्रिक्स एनएसए की बैठक में भाग लेने चीन गए हैं। यह बैठक गुरुवार से शुरू हो गई है। सिक्किम सीमा विवाद के बीच डोभाल ने गुरुवार को अपने चीनी समकक्ष यांग जिची से मुलाकात की। अजीत डोभाल शुक्रवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर सकते हैं। अजीत डोभाल का कहना है कि सभी ब्रिक्स देशों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। लेकिन इसी बीच चीन ने डोकलाम का मुद्दा उठा दिया है।
डोभाल के चीन जाने से पहले ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि इस दौरे के बाद डोकलाम की समस्या का हल निकाला जा सकता है लेकिन चीनी मीडिया लगातार ऐसे लेख छाप रहा था जिनमें यह कहा गया कि जब तक भारत बिना शर्त सीमा से अपनी सेना नहीं हटाएगा, भारत और चीन के बीच इस मसले पर किसी तरह की बात-चीत नहीं होगी। इसी बीच चीन की मीडिया ने एक बार फिर वही राग अलापना शुरू कर दिया है।
ग्लोबल टाइम्स में छपे लेख में कहा गया है कि चीन डोकलाम के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। साथ ही यह भी लिखा गया है कि अजीत डोभाल के चीन दौरे से इस मसले पर कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ने वाला है। चीन अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। चीन की अभी भी यही शर्त है कि भारत को अपनी सेना को डोकलाम से हटाये, उसके बाद ही शान्ति की कोई पहल होगी।
चीन ने भारत पर दबाव बनाने के लिए एक नया रास्ता चुना है। वह अब जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को बीच में लाने का प्रयास कर रहा है। चीन का कहना है कि अगर भारत डोकलाम के मुद्दे पर अपना दखल जारी रखता है तो चीन भी कश्मीर मसले पर पाकिस्तान के कहने पर सामने आएगा। चीन का कहना है कि डोकलाम के मुद्दे पर भूटान ने चीन से किसी तरह की मदद नहीं मांगी थी और वह खुद ही इस मसले पर आगे आया है।
चीन और भारत के बीच चल रहे सिक्किम सीमा विवाद को पूरा एक महीना हो गया है और दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर डटी हुई हैं।


लंदन - दुनिया की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनी अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस दुनिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। उन्होंने दशकों से इस खिताब को कब्जाए माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख बिल गेट्स को पीछे छोड़ा दिया है। फोर्ब्स के मुताबिक, बेजोस की कुल परिसंपत्ति 90.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जो गेट्स की कुल परिसंपत्ति 90.1 अरब डॉलर से ज्यादा है।
गुरुवार को अमेजन डॉट कॉम के शेयरों में 1.6 फीसदी उछाल आया और उनकी संपत्ति दो अरब डॉलर ज्यादा बढ़ गई। इसी के साथ ही उन्होंने गेट्स को पीछे छोड़ दिया। गेट्स को माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक के तौर पर जाना जाता है। 61 वर्षीय गेट्स 2013 से ही दुनिया के सबसे अमीर शख्स बने हुए थे।
अमेजन ने हाल ही में दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। उसकी बिक्री 22 फीसदी बढ़ने के साथ 37 अरब डॉलर पार कर गई है। दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी अमेजन ने स्पेस कंपनी ब्लू ओरिजन समेत कई क्षेत्रों में अपने पांव पसारे हैं।
किताबें बेचने वाला आज सबसे दौलतमंद
कभी ऑनलाइन किताबों की बिक्री से कारोबार शुरू करने वाले बेजोस ने हाल ही में होल फूड मार्केट कंपनी को 13 अरब डॉलर में खरीदा है। जेफ बेजोस वाशिंगटन पोस्ट अखबार का भी वह संचालन करते हैं। भारत से लेकर मैक्सिको तक उनके कारोबार का विस्तार है। वह हाइपरलूप ट्रेन चलाने की परियोजना पर भी काम कर रहे हैं।


नई दिल्ली - क्या आपने कभी ऐसा सपना देखा है कि आपकी लॉटरी लगी और आप दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए हैं। जी हां आपके साथ ऐसा तो नहीं हो लेकिन अमेरिका में 19 साल की एक लड़की की एक नहीं हफ्ते में दो बार लॉटरी लगी है।
दरअसल अमेरिका की रहने वाली 19 साल की रोजा ने एक गैस स्टेशन से स्क्रैच ऑफ टिक्ट 5 डॉलर यानी करीब 320 रुपए में खरीदे। इनमें से हफ्ते में उसकी एक नहीं दो लॉटरी लगी और उसे 4 करोड़ रुपए लॉटरी से मिले। रोजा को पता भी नहीं था कि ये टिकट उसकी जिंदगी बदल सकते हैं।
लॉटरी जीतने के बाद जब रोजा से पूछा गया कि वो कैसा महसूस कर रही हैं तो उन्होंने कैलीफॉर्निया लॉटरीज को बताया कि वो बहुत नर्वस थी और उसकी आंखों से खुशी के आंसू निकल रहे थे।
रोजा लॉटरी का पैसा लेने कैलीफॉर्निया लॉटरीज इस्ट बे डिस्ट्रिक्ट ऑफिस पहुंची। उस समय रोजा से पूछा गया कि वो इन रुपयों का क्या करेंगी तो रोजा ने कहा कि वो इन पैसों से शॉपिंग करेगी और कार खरीदेगी।

बीजिंग - सिक्कम सेक्टर में चीन और भारत के बीच गतिरोध के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल शुक्रवार को ब्रिक्स के सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। अधिकारियों ने यहां इसकी पुष्टि की कि ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका 'ब्रिक्स' के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बीजिंग में आयोजित बैठक में हिस्सा लेंगे और इसके साथ ही चीन के…
वॉशिंगटन - बैंक से धोखाधड़ी के मामले में एफबीआई ने पाकिस्तानी नागरिक जो अमेरिकी सांसद का आईटी सहयोगी था, गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि ये शख्स अमेरिका छोड़ने की फिराक में था लेकिन एयरपोर्ट पर धर लिया गया। इसका नाम इमरान अवान है जिसकी उम्र 37 साल बताई जा रही है। एफबीआई के मुताबिक ये शख्स लाहौर जाने की फिराक में था। इमरान की पत्नी हीना अल्वी और…
इस्‍लामाबाद - 40 दिन पहले पूर्वी नांगरहार प्रांत में अपहृत दो पाकिस्‍तानियों को अफगान सुरक्षा बलों ने गुरुवार को आजाद करवाया।पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘जलालाबाद में पाकिस्‍तानी कंसुलेट जनरल के दो राजनयिक अधिकारियों का जलालाबाद से तोरखाम जाने के क्रम में 16 जून 2017 को अपहरण हो गया। दोनों अपहृत राजनयिकों को आज अफगानिस्‍तान में सुरक्षित रिहा करा लिया गया।'अफगान राष्‍ट्रपति अशरफ गनी ने बुधवार…
बीजिंग - सिक्किम सीमा विवाद के कारण भारत-चीन के बीच तनातनी जारी है। चीनी मीडिया लगातार अपने लेखों के जरिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इन सब के बीच एक चौंकाने वाली खबर आई है। चीन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। चीन ने पीएम मोदी के नेतृत्व और भारत की 'खुली विदेश आर्थिक नीति' की बुधवार को प्रशंसा की है।…
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