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ग्लोबलवॉर्मिंग यानि लगातार बढ़ रहे धरती के तापमान की प्रक्रिया कितनी खतरनाक है ये सबको मालूम है लेकिन हमारा ध्यान इस समस्या की ओर नहीं है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में आगाह किया गया है कि अगर पृथ्वी का तापमान मौजूदा समय से 2 डिग्री सेल्शियस और बढ़ गया तो धरती का एक चौथाई हिस्सा रेगिस्तान में तब्दील हो जाएगा।
Nature Climate Change में छपे इस रिसर्च में चेताया गया है कि अगर धरती का तापमान 2 डिग्री और बढ़ गया तो खतरनाक रूप से सूखा पड़ जाएगा। इसमें कहा गया है कि इससे धरती का लगभग एक चौथाई हिस्सा रेगिस्तान नुमा हो जाएगा, जिससे करीब 150 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। ये दुनिया की 20 प्रतिशत आबादी का हिस्सा हैं.
दुनिया का 20-30 प्रकतिशत हिस्सा हो जाएगा सूखा :-इसी के साथ वैज्ञानिकों ने ये भी कहा है कि अगर ग्लोबलवॉर्मिंग को 1.5 डिग्री तक सीमित करने में कामियाब रहे तो पृथ्वी पर तेजी से हो रहे बदलावों में काफी कमी आएगी। बता दें कि शुष्कता दुनियाभर में फैल रहे सूखेपन को मापने का पैमाना है। ईस्ट एंजलिया स्कूल ऑफ एनवायरमेंटल साइंसेज के प्रोफेसर डॉक्टर मनोज जोशी ने कहा, 'अगर धरती का तापमान 2डिग्री बढ़ गया तो ये दुनिया के 20-30 प्रतिशत इलाके को सूखा बना देगा।'
इन जहगों पर मंडरा रहा खतरा:-इस रिसर्च से जुड़ी टीम ने 27 अलग-अलग वातावरण मॉडलों का अध्ययन करके ये पता लगाया है कि दुनिया में किन इलाकों पर सूखेपन का ज्यादा असर होगा। रिसर्च के मुताबिक दक्षिण पूर्वी एशिया (जिसमें भारत शामिल है), दक्षिण यूरोप, मध्य अमेरिका और दभिण ऑस्ट्रेलिया, ये वो इलाके हैं जिन पर तापमान बढ़ने से पैदा होने वाले 'ग्लोबल ड्राइनेस' का सबेस ज्यादा असर पड़ेगा। इन जगहों पर दुनिया की 20 प्रतिशत आबागदी बसती है।
पेरिस समझौते में भी मिल चुकी है चेतावनी :-आपको याद दिला दें कि जलवायु संरक्षण के लिए 2015 में पहली बार पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसका भी उद्देश्य है कि दुनिया में बढ़ रहे तापमान को 2 डिग्री तक नहीं बढ़ने दिया जाए और साथ ही तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री पर रोकने का प्रयास किया जाए

ईरान के कई शहरों में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के बीच दोरुद शहर में सरकारी सुरक्षाबलों की ओर से की गई गोलीबारी में कम से कम 3 लोग मारे गए हैं।ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन के तीसरे दिन सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से पता चला है कि वहां सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कुछ जगहों पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई हैं।वीडियो में दोरुद शहर में प्रदर्शनकारी ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खेमनई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। तेहरान विश्वविद्यालय में प्रदर्शनकारियों ने अयातुल्लाह अली खेमनई से सत्ता छोड़ने की अपील की जहां पुलिस के साथ उनकी झड़पें भी हुईं। इसी बीच हजारों लोग सड़कों पर उतरकर सरकार का समर्थन भी कर रहे हैं।ईरान के वरिष्ठ अधिकारी इन सरकार विरोधी प्रदर्शनों के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। गौरतलब है कि 2009 में विवादित चुनावों के विरोध में प्रदर्शनों के बाद यह पहली बार है जब लोगों ने इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जताया है।

कैंसर से लड़ रही एक महिला ने अपनी मौत से चंद घंटों पहले जिंदादिली की शानदार मिसाल कायम की। इस महिला ने अपनी मौत से कुछ घंटे पहले अस्पताल के बेड पर लेटे हुए, अपने प्रेमी के साथ शादी रचाई और उस पल को लोगों के लिए यादगार बना दिया।31 साल की हीथर लिंडसे को डॉक्टरों ने साल 2015 में ब्रेस्ट कैंसर बताया था और साथ ही ये भी कहा था कि उनके पास जीवित रहने के लिए ज्यादा वक्त नहीं है। लेकिन लिंडसे उन लोगों में से नहीं थीं जो इस बात से हताश हो जाएं। उन्होंने अपने 35 साल के प्रेमी डेविड मोशर के साथ शादी करने का फैसला किया।
'Death Bed' पर लिंडसे ने रचाई शादी:-डॉक्टरों ने बताया था कि हीथर लिंडसे के पास 2 साल का ही वक्त है। लिंडसे और मोशर ने तय किया था कि 30 दिसंबर 2017 को दोनों शादी करेंगे। लेकिन लिंडसे के पास इतना समय नहीं था, इसलिए दोनों ने 22 दिसंबर को ही कनेक्टिकट के फ्रांसिस अस्पताल में शादी रचाई।
...जब लिंडसे ने कहे ये आखिरी शब्द:-लिंडसे की बहन क्रिस्टीना बताती हैं कि 22 दिसंबर को लिंड्स्ले और मोशर ने शादी की ड्रेस पहनी। उस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी वहां मौजूद थे। ईसाई परंपरा के अनुसार जब उनसे पूछा गया कि क्या वो डेविड मोशर को पति के रूप में अपनाएंगे तो लिंडसे ने कहा 'Yes I Do', और उसके बाद हाथ उठाकर खुशी जाहिर की। यही लिंडसे के आखिरी शब्द थे क्योंकि इसके बाद 23 दिसंबर को ही उनकी मृत्यु हो गई।बता दें कि बेड पर लेटे हुए, दुलहन की ड्रेस पहने और हवा में हाथ उठाए हुए लिंडसे की तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। उनकी शादी की तय की गई तारीख 30 दिसंबर को यानि कल, हीथर लिंडसे को दफनाया गया।

मेक्सिको में पर्यटन के लिए प्रसिद्ध अकापुल्को शहर के तटीय क्षेत्र के पास हुई एक कार दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए हैं। मेक्सिको की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी।नागरिक सुरक्षा संचार केन्द्र के मुताबिक गुरेरो प्रांत के जिहुआतनेजो शहर और अकापुल्को शहर को जोड़ने वाले राजमार्ग पर शुक्रवार देर रात दो कारों और एक मोटरसाइकिल के बीच टक्कर होने के बाद आग लग गई थी। जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए हैं।नागरिक सुरक्षा संचार केन्द्र के अनुसार इस दुर्घटना में मारे गए लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। मारे गए अन्य लोगों में सभी की उम्र 26 से 76 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

मैनचेस्टर में एक अपार्टमेंट के एक खंड के फ्लैटों में कल रात भयंकर आग लग गयी। दमकल कर्मी इस आग पर काबू पाने के प्रयास में लगे हुए हैं।मैनचेस्टर शहर के बीच में स्थित 12 मंजिला एक अपार्टमेंट के नौवें मंजिल पर आग लगने के बाद धुंए की चपेट में आने के कारण एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया।दमकल सेवा के एक प्रवक्ता ने बताया कि कल रात लगी आग जल्द ही दूसरे तल पर फैल गयी। लेकिन दमकल कर्मियों और पुलिसकर्मियों की सहायता से इस आग पर काबू पाया जा रहा है। इसके साथ ही मैनचेस्टर की दमकल सेवा ट्वीट्स के द्वारा आमजन को घटना की जानकारी देती रही।

 

 

आपने हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी के बारे में तो सुना होगा, जिसमें एक शख्स के दिल को निकालकर दूसरा हार्ट लगाया जाता है। लेकिन ब्रिटेन में एक ऐसी महिला है जिसे डॉक्टरों ने हार्ट ट्रांसप्लांट करने के बजाए ऐसा आर्टिफिशल हार्ट लगाया है जो उसके शरीर के अंदर नहीं है बल्कि बाहर है। वो अपना हार्ट के एक अलग बैग में साथ लेकर चलती है।39 साल की सेल्वा हुसैन ब्रिटेन में एकलौती ऐसी महिला हैं जिनका हार्ट शरीर के अंदर नहीं बल्कि उनके शरीर के बाहर है। इतना ही नहीं वो अपना दिल एक बैकपैक में साथ लेकर चलती हैं। ये मुमकिन हुआ है डॉक्टरों की खास आर्टिफिशल हार्ट सर्जरी से।
इस तरह सेल्वा को मिला आर्टिफिशल हार्ट :-दरअसल दो बच्चों की मां सेल्वा को 6 महीने पहले सांस लेने में काफी दिक्कत हुई। परेशानी इतनी बढ़ कि वो तुरंत डॉक्टर के पास पहुंची। डॉक्टर ने उन्हें सीरियस हार्ट फेलियर की दिक्कत बताई और उन्हें विश्व प्रसिद्ध 'Harefield' अस्पताल में रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें जीवित रखने के लिए काफी मशक्कत की।
... और फिर लगा दिया आर्टिफिशल दिल;-डॉक्टरों ने बताया कि सेल्वा ही हालत इतनी नाजुक थी कि न उन्हें लाइफ सपोर्ट के जरिए जीवित रखा जा सकता था और न ही उनकी हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी की जा सकती थी। इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें एक ऐसा सिस्टम लगाया जो शरीर के बाहर रहता है, लेकिन उसका कनेक्शन शरीर के भीतर इस तरह किया जाता है कि वो बिलकुल हार्ट की तरह ही शरीर में खून पंप करता है।
ऐसे काम करता है बैग में रखा ये दिल :-दरअसल सेल्वा जो अपने साथ बैग रखती हैं उसमें दो बैटरी, एक मोटर और एक पंप रखा होता है। मोटर की मदद से यह पंप दो पाइपों के जरिए शरीर के अंदर लगे प्लास्टिक के दो चैबर्स में हवा पहुंचाता है, जो शरीर के सभी हिस्सों में खून पंप करते हैं। इसके अलावा सेल्वा अपने साथ एक और बैग रखती हैं जो बैक-अप यूनिट है। यानि अगर उनका सिस्टम कभी खराब हो जाए तो सिर्फ 90 सैकेंड के अंदर ये बैक-अप यूनिट लगाना होता है। यही कारण है कि उनके पति और एक सहायक हमेशा उनके साथ रहते हैं।सेल्वा का पांच साल का एक बेटा है और 18 महीने एक बेटी है। सेल्वा कहती हैं, 'मैं ये सर्जरी होने से पहले और उसके बाद काफी बीमार थी। मुझे ठीक होने में लंबा वक्त लगा।' बता दें कि वो दूसरी ऐसी शख्स हैं जिन्हें ये आर्टिफिशल हार्ट फिट किया गया है।

वैसे तो 'New Year' सेलिब्रेशन पूरी दुनिया में सिर्फ एक दिन यानि 31 दिसंबर को ही होता है। लेकिन एक जगह ऐसी है जहां कुछ लोग 16 बार न्यू ईयर मनाएंगे। ये जगह है अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन।इस तरह 16 बार होगा 'New Year' अंतरिक्ष में स्थित इंटरनेशल स्पेस स्टेशन (ISS) में मौजूद 6 अंतरिक्ष वैज्ञानिक 16 बार 'New Year Eve' मनाएंगे। बता दें कि आम तौर पर हम लोग 31…
दक्षिण कैलिफोर्निया में नये साल के अवसर पर आयोजित होने वाले रोज परेड पर अमेरिकी सिख लंगर सेवा की झांकी का आयोजन करेंगे। अमेरिका की इस 129 साल पुरानी परंपरा को औपचारिक रूप से टूर्नामेंट ऑफ रोजेज के नाम से जाना जाता है। इसमें करीब 10 लाख आगंतुक शामिल होते हैं। इसका पूरे अमेरिका में सीधा प्रसारण किया जाता है।सिख कोएलिशन नामक एक संगठन ने बताया कि झांकी के आयोजन…
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आतंकवाद को आर्थिक सहायता देने या आतंकवादियों की भर्ती करने वाले व्यक्तियों की सजा और कड़ी करने के लिए आपराधिक कानून में संशोधन पर हस्ताक्षर किए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, रूस की कानूनी जानकारी मुहैया कराने वाली आधिकारिक वेबसाइट पर शुक्रवार को ये संशोधन प्रकाशित किए गए।आतंकवाद को आर्थिक सहायता करने या आतंकवादियों की भर्ती करने वाले संदिग्धों के अपराधी साबित होने पर…
अमेरिकी सरकार पाकिस्तान को दी जाने वाले 25 करोड़ 50 लाख डॉलर (करीब 16 अरब 27 करोड़ रुपये) की सहायता राशि रोकने पर विचार कर रही है। अमेरिका का यह कदम यह दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा कार्रवाई ना किए जाने से असंतुष्ट है। न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के मुताबिक, क्या पाकिस्तान को सहायता राशि ना देकर ट्रंप उन्हें आतंकवाद विरोधी अभियानों पर सहयोग…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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