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फारो - किसी आदमी के शरीर की दुर्गंध कितनी भारी पड़ सकती है और लोगों को कितनी मुसीबत में डाल सकती है, इस बात का अंदाजा यह ख़बर पढ़कर लग जाएगा। एक शख्स के बदन से आ रही दुर्गंध ने न सिर्फ लोगों को उल्टी करने पर मजबूर किया, बल्कि कई लोग बेहोश भी हो गए। बात यहीं तक नहीं रुकी हालात बिगड़ते देख विमान को बीच रास्ते ही उतारना पड़ा।
ट्रांसिविया एयरलाइन के विमान बोइंग-737 ने नीदरलैंड के शिफॉल एयरपोर्ट से स्पेन के लिए उड़ान भरी। उड़ान के कुछ वक्त बाद ही एक यात्री के बदन से आ रही बदबू ने लोगों को परेशानी में डाल दिया। कुछ लोगों को उल्टी होने लगी तो कुछ बेहोश हो गए। इसके बाद विमान में हालात बिगड़ते देख क्रू ने उस यात्री को विमान टॉयलेट में बंद कर पीछा छुड़ाया। लेकिन तब तक ज्यादातर यात्रियों की हालत खराब हो चुकी थी। इसके बाद विमान को पुर्तगाल की ओर मोड़ा गया और फारो हवाई अड्डे पर एमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई।
इसके बाद यात्री को विमान से उतार दिया गया। जानकारी के मुताबिक उसे बस से रवाना किया गया। विमान में यात्रा कर रहे बेल्जियम के पीट वेन ने बताया कि यात्री के बदन से असहनीय दुर्गंध आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि वह कई हफ्तों से न नहाया हो। पीट ने कहा कि बदबू के मारे कई यात्री बीमार पड़ गए। उधर, ट्रांसिविया एयरलाइन ने भी 'चिकित्सीय कारणों' से विमान की एमरजेंसी लैंडिंग की पुष्टि की। एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि मेडिकल कारणों से विमान को उतारना पड़ा लेकिन ये भी सही है कि उस इंसान के बदन से बदबू आ रही थी।
इससे पहले भी करनी पड़ी है लैंडिंग
ये पहली बार नहीं है जब ट्रांसिविया एयरलाइन में किसी यात्री की अजीब हरकत की वजह से विमान को उतारना पड़ा। इससे पहले फरवरी में ट्रांसिविया एयरलाइंस की उड़ान एचवी-6902 को वियना में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। दो लोगों ने एक सहयात्री के विमान में गैस छोड़ने (फार्टिंग) को लेकर आपत्ति जताई थी। विमान के पायलट दल के अनुरोध और शिकायतों के बावजूद वह गैस छोड़ता रहा। जिसके बाद बाकी यात्रियों से भी उसका झगड़ा हुआ। यात्रियों के गुस्से के कारण पायलट ने वियना में लैंडिंग करने को कहा। लैंडिंग के बाद ऑस्ट्रियाई पुलिस ने विमान से चार यात्रियों को निकाल दिया।


वाशिंगटन - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ आगामी 12 जून को सिंगापुर में होने वाले शिखर सम्मेलन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। शुक्रवार को ट्रंप ने इसी संबंध में व्हाइट हाउस में उत्तर कोरियाई उच्चाधिकारी किम योंग चोल के साथ डेढ़ घंटे की वार्ता की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें किम की तरफ से एक पत्र भी मिला है, हालांकि उन्होंने उस पत्र को खोलकर अब तक देखा नहीं है।
अमेरिका के साथ उत्तर कोरिया के संबंधों पर बात करते हुए ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैंने कभी नहीं कहा है कि ये एक ही मुलाकात में हो जाएगा। मुझे लगता है कि इसमें लंबी प्रक्रिया लगेगी। लेकिन सबसे अहम बात ये है कि हमारे रिश्ते सुधर रहे हैं। उन्होंने 12 जून को होने वाली पहली मुलाकात को लेकर सुखद उम्मीदें जताई। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अंत में आपको सबसे अच्छे परिणाम मिलेंगे और ये केवल एक मुलाकात से संभव नही हैं।
उनके इस बयान से उम्मीद की जा रही है कि ट्रंप आगे भी किम जोंग उन से मुलाकात का सिलसिला बनाए रखना चाहते हैं। इसके पहले अमेरिकी प्रशासन ने उत्तर कोरिया पर बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु परीक्षणों पर हुए समझौतों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उत्तर कोरिया डीन्यूक्लराइजेशन करने को तैयार है। इस पर ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि वे ऐसा करना चाहते है। और मुझे लगता है कि वे ऐसा करेंगे। लेकिन साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा कि किम के साथ अतिरिक्त वार्ता की भी आवश्यकता होगी। बताया जाता है कि न्यूयॉर्क में गुरुवार को उत्तर कोरियाई किम योंग चोल के साथ माइक पोंपियो ने भी दो घंटे मुलाकात की थी।
उत्तर कोरिया के राज्य विभाग के विशेष प्रतिनिधि जोसेफ युन ने कहा कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच लगातार हो रही मुलाकात से दूरियां खत्म हो रही हैं। इधर अब ट्रंप भी एक से अधिक मुलाकात की बात कर रहे हैं, वहीं राज्य सचिव पोंपियो भी लगातार बातचीत की प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं। इसके पहले भी वे पिछले दो महीने में प्योंगयोंग में किम के साथ मुलाकात कर चुके हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने किम योंग चोल से उत्तर कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंधों पर चर्चा की साथ ही कोरियाई युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने पर भी चर्चा की। बता दें कि 1953 में एक युद्धविराम पर समझौता होने के बाद कोरियाई प्रायद्वीपों में पिछले 6 दशकों से तनाव की स्थिति है।
ट्रंप ने कहा कि मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब मैं उत्तर कोरिया से सभी प्रतिबंधों को हटा सकता हूं। हमने युद्ध को समाप्त करने के मुद्दे पर चर्चा की है। दूसरी तरफ दक्षिण कोरिया ने भी कहा है कि उन्हें सिंगापुर में होने वाली ऐतिहासिक मुलाकात से काफी उम्मीदें हैं।
उत्तर कोरिया के साथ मधुर होते संबंधों पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मैं अब उन पर प्रतिबंध क्यों लगाउंगा जब हमारे बीच संबंध सुधरने जा रहे हैं। मैं अब उन पर अधिक दबाव नहीं बनाना चाहता हूं, क्योंकि हम अब साथ हैं। आप हमारे रिश्ते को देख सकते हैं, हम साथ हैं। किम के पत्र के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका लेटर बहुत ही अच्छा है, लेकिन उन्होंने अब तक उसे खोला नहीं है। मुझे लगता है कि मुझे इससे बड़ा सरप्राइज मिलने वाला है।

 


तेहरान - ईरानी संसद के अध्यक्ष अली लारी जानी ने कहा है कि परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने के बाद ईरान यूएस एंटी-ईरान उपायों को विफल करने के लिए तैयार है। स्पीकर ने 21 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की ओर से प्रतिबंधों को लेकर रखी गईं 12 शर्तों की भी कड़ी निंदा की। अली लारी जानी ने कहा, '12 में से सात शर्तें क्षेत्रीय मुद्दों से संबंधित थी, जो दर्शाता है कि ईरान के साथ अमेरिका की समस्या परमाणु मुद्दे से संबंधित नहीं है।'
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 मई को ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग करने की घोषणा की और मध्यपूर्व में तनाव को लेकर चेतावनी भी जारी की थी। हालांकि ट्रंप के इस फैसले की ईरान के अलावा अन्य सहयोगी देशों ने भी निंदा की। बता दें कि परमाणु सौदे पर हस्ताक्षर करने वाले पांचों सदस्य देश- ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन और जर्मनी ने सौदे में रहने का वादा किया।
गौरतलब है कि 21 मई को पोम्पियो ने ईरान के व्यवहार को बदलने के लिए 12 कठिन मांगों की घोषणा की थी। इनमें बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम समाप्त करना, मध्य पूर्व में आतंकवादी समूहों को समर्थन करना बंद करना, जल रिएक्टर बंद करना, सभी परमाणु साइटों पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की पूर्ण पहुंच की अनुमति देना और अमेरिका व उसके सहयोगियों के सभी कैदियों को रिहा करना शामिल था। यदि तेहरान मांगों को स्वीकार करने में विफल रहता है तो पोम्पिओ ने ईरान पर सबसे मजबूत प्रतिबंध लगाने की धमकी की थी, जिसे इतिहास में याद रखा जाएगा।
हालांकि, ईरानी नेताओं ने पहले से ही पोम्पियो के भाषण को खारिज कर दिया था। शुक्रवार को ईरानी सांसदों ने यूरोपीय संघ के साथ सरकार की परमाणु वार्ता पर संसद के अध्यक्ष बोर्ड को डबल अर्जेंस बिल (double-urgence bill) पेश किया। इस बिल के तहत ईरानी सरकार को यूरोपीय संघ से विश्वसनीय गारंटी मांगने और यूएस को छोड़कर परमाणु समझौते के पांचों हस्ताक्षरकर्ता की आवश्यकता होगी। परमाणु समिति के अध्यक्ष यूएस मोजाताबा जोनौरी ने कहा कि यूरोपीय गारंटी पूरी और व्यापक होनी चाहिए और यूरोपीय देशों के साथ बातचीत एक महीने से अधिक समय तक नहीं चलनी चाहिए। जोनौरी ने कहा कि यदि यूरोपीय संघ ईरान को गारंटी देने में विफल रहता है या पेशकश के बाद उसका उल्लंघन करता है, तो ईरान यूरेनियम संवर्द्धन का फिर से शुरू करेगा।


द हेग - दुनिया का सबसे बड़ा साफ पानी का मोती नीदरलैंड में ढाई करोड़ रुपये (374,000 डॉलर या 320,000 यूरो) में नीलाम हुआ। नीलामी घर ‘वेंदुएहुईस’ ने बताया कि इस मोती का संबंध 18वीं सदी की रूस की साम्राज्ञी ‘कैथरीन द ग्रेट’ से था। अपने विशिष्ट आकार के कारण यह मोती ‘स्लीपिंग लॉयन’ के नाम से मशहूर है। ऐसी संभावना है कि 18वीं सदी के शुरुआती काल में संभवत: पर्ल नदी में यह मूर्त रूप में आया। नीलामीकर्ताओं ने बताया कि 120 ग्राम (4.2 औंस) का यह बेशकीमती आभूषण करीब सात सेंटीमीटर (2.7 इंच) लंबा है।
इसकी यही खासियत इसे दुनिया के तीन सबसे बड़े मोतियों में से एक बनाती है। इस मोती को एक जापानी कारोबारी ने ढाई करोड़ रुपये खरीदा। 1765 के दौरान यूनाइटेड ईस्ट इंडीज कंपनी का एक डच व्यापारी इस मोती को जहाज के जरिये बताविया (अब के जकार्ता) से लाया था। तब से यह कंपनी के अकाउंटेंट हेंड्रिक कोएनराड सैंडर के पास था।

 


इस्लामाबाद - पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश नसीरुल मुल्क को देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है। शुक्रवार को राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने उनको पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पाकिस्तान की मौजूदा संसद का कार्यकाल 31 मई को पूरा हो चुका है। लेकिन, आम चुनाव 25 जुलाई को होने हैं। 67 वर्षीय नसीरुल मुल्क आम चुनाव के नतीजे आने और नई सरकार बनने तक देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।
सरकार और विपक्ष ने उनको सर्वसम्मति से इस पद के लिए चुना है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी का कहना है कि वे एक ऐसे आदमी है, जिनके नाम पर किसी को आपत्ति नहीं हो सकती है। हालांकि, इस कार्यवाहक सरकार को कोई बड़ा फैसला लेने का अधिकार नहीं होगा।
1947 में आजाद होने के बाद से यह सिर्फ दूसरा मौका है, जब पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्ता का हस्तांतरण हो रहा है। नेशनल एसेंबली का कार्यकाल भी सिर्फ दो बार पूरा हुआ है। ज्यादातर मौकों पर निर्वाचित सरकार को हटाकर सेना ने ही पाकिस्तान में शासन किया है।


इस्लामाबाद - पाकिस्तान की पीएमएल-एन सरकार ने गुरुवार को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इसके साथ ही अब 25 जुलाई को होने वाले आम चुनावों तक कार्यवाहक सरकार शासन का कामकाज संभालेगी। विपक्षी नेता से विचार-विमर्श के बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री को नियुक्त किया जाएगा, जिनको यह जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी कि चुनाव पारदर्शी तरीके से कराए जाएं।
जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व प्रधान न्यायाधीश नासिर-उल-मुल्क को कार्यवाहक सरकार के प्रमुख के रूप में विपक्षी दलों द्वारा चुना गया है। शुक्रवार यानी 1 जून को उन्हें पद की शपथ दिलाई जाएगी और वे नई सरकार चुने जाने तक देश को चलाएंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा, 'कार्यवाहक पीएमके रूप में उनकी भूमिका देश के पक्ष में और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होगी।'
मध्यरात्रि को भंग हो जाएगी असेंबली
पाकिस्तान के राष्‍ट्रपति ममून हुसैन शुक्रवार को पूर्व प्रधान न्यायाधीश नासिर-उल-मुल्क को शपथ दिलाएंगे। इसके साथ ही पाकिस्तान की 14वीं नेशनल असेंबली मध्यरात्रि को भंग हो जाएगी। इसके अलावा पंजाब और बलूचिस्तान विधानसभा का कार्यकाल भी आज रात को खत्म हो जाएगा। जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक सिंध और खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा ने 28 मई को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है।
असेंबली भंग होने से पहले फेयरवल
बताया जा रहा है कि नेशनल असेंबली के भंग होने से पहले विदाई सत्र आयोजित किया जाएगा। अब्बासी अपने कैबिनेट मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। नेशनल असेंबली के अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए अब्बासी ने कहा कि देश में मौजूद सभी समस्याओं को केवल लोकतांत्रिक सरकार द्वारा हल किया जा सकता है। उन्होंने पाकिस्तान में लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सरकार ने रचा इतिहास
पाकिस्तान के सात दशकों के इतिहास में पहली बार लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार ने लगातार दो बार अपना कार्यकाल पूरा किया है। बता दें कि पाकिस्तान में अधिकतर समय तक सेना ने शासन किया। 2013 में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने आम चुनावों के बाद सत्ता पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएल-एन) को सौंपी थी। पाकिस्‍तान में पिछले साल भी सरकार ने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था।
गौरतलब है कि पाकिस्तान चुनाव आयोग द्वारा आज नोटिस जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद उम्‍मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामाकंन छह जून तक जमा किए जाएंगे। 27 जून को उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट जारी होगी और 29 जून को चुनाव चिन्‍ह दिए जाएंगे। 25 जुलाई को देश में आम चुनाव होंगे।

वाशिंगटन - अमेरिका में 2016 में राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल की जांच पर न्याय विभाग 1.7 करोड़ डॉलर (करीब 114 करोड़ रुपये) खर्च कर चुका है। मामले की जांच विशेष वकील रॉबर्ट मूलर मई 2017 से कर रहे हैं।एक रिपोर्ट के अनुसार 114 करोड़ रुपये में से करीब 68 करोड़ रुपये अक्टूबर, 2017 से मार्च, 2018 तक खर्च किए गए। मूलर अब तक 17 लोगों और कंपनियों से पूछताछ…
अमेरिकी व्हाइट हाउस ने 29 मई को बयान जारी किया। इसकी चर्चा में चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने जल्द ही जवाब दिया कि हमें व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान पर हैरानी है, क्योंकि स्पष्ट रूप से यह जाहिर हुआ है कि यह बयान कुछ समय पहले चीन-अमेरिका द्वारा वाशिंगटन में प्राप्त सहमतियों का विरोध करता है। अमेरिका कोई भी कदम उठाए, पर चीन को चीनी जनता के लाभ व…
वांशिगटनः रिएलयटी टीवी स्टार किम कर्दाशियां वेस्ट आज एक कैदी एलिस मैरी जॉनसर्न की माफी की गुहार लेकर व्हाइट हाउस पहुंची हैं। एलिस करीब दो दशक से जेल में बंद हैं और उन्हें पैरोल पर जाने की अनुमति भी नहीं है।ट्रंप ने ट्वीट करते हुए इस मुलाकात की पुष्टि की हैं। उन्होंने लिखा हैं कि किम कर्दाशियां से आज मुलाकात बेहतरीन रही, कैदियों के सुधार और उनकी सजा पर बातचीत…
इस्लामाबाद: अभिनेत्री माहिरा खान सहित कई पाकिस्तानी कलाकारों ने इस्लामाबाद के एक कालेज में पर्यवेक्षक द्वारा कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाली छात्रओं को समर्थन दिया है।इस्लामाबाद के बहरिया कालेज में पर्यवेक्षक के खिलाफ छात्रओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। ‘रईस’ की अभिनेत्री माहिरा ने ट्वीट किया, इस तरह की सभी बहादुर लड़कियों को न्याय मिलना चाहिए और पहले भी न जाने इस तरह की कितनी…
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