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एक लाख पेड़ों से बनाया क्यूआर कोड

उत्तरी चीन ने क्यूआर कोड बनाने के लिए हेबई में मौजूद जिलशिनोई गांव के पेड़ों की कांट-छांट की ताकि आसमान या ऊंचाई से स्कैन करने के बाद पर्यटक उस गांव से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकें। प्रशासन ने इस क्यूआर कोड को स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया है। बताते चलें कि क्यूआर कोड चीन में काफी प्रसिद्ध है और आम जनता से लेकर दुकानदार तक इसका खूब इस्तेमाल करते हैं। इस क्यूआर कोड को बनाने के लिए 80 सेंटीमीटर से 2.5 मीटर तक की ऊंचाई वाले पेड़ इस्तेमाल किए गए हैं। इसकी लंबाई और चौड़ाई 744 फुट है।
चीन में तेजी से बढ़ रहा है क्यूआर का चलन
जानकारी के मुताबिक हाल ही कुछ सालों में चीन में क्यूआर कोड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। हालांकि अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में क्यूआर कोड का इस्तेमाल सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप (फेसबुक, मैसेंजर और स्नैपचैट) के लिए किया जाता है, मगर चीन में क्यूआर कोड का अधिकतर इस्तेमाल मुद्रा लेन-देन के लिए किया जा रहा है। क्यूआर कोड के ऊपर शोध करने वाली एक संस्था के डिप्टी डायरेक्टर शेन वेई के मुताबिक चीन में क्यूआर कोड से लेन-देन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। चीन में बीते साल लगभग 1.65 ट्रिलियन डॉलर का लेन-देन मोबाइल के जरिए किया गया, जिसमें क्यूआर कोड भी शामिल है।
दुनिया का सबसे बड़ा इंसानी क्यूआर कोड
ऐसा पहली बार नहीं है जब चीन ने इतना बड़ा क्यूआर कोड बनाया है। इससे पहले भी चीन में एक रेस्टोरेंट ने दो हजार कर्मचारी का इस्तेमाल करके दुनिया का सबसे बड़ा इंसानी क्यूआर कोड बनाया था। इस क्यूआर कोड को बनाने के लिए कर्मचारियों ने छातों का इस्तेमाल किया था। यह क्यूआर कोड शेनजेन शहर में बनाया गया था। यह फोटो 80 फुट ऊंचाई से ली गई है और कई वेबसाइट के मुताबिक यह क्यूआर कोड स्कैन करने पर जानकारी उपलब्ध कराता है।
क्या होता है क्यूआर कोड
क्यूआर कोड को सबसे पहले जापान में ऑटोमोटिव उद्योग के लिए तैयार किया गया था। क्यूआर कोड में बहुत सारी जानकारी सेव कर सकते हैं जैसे कैलेंडर के कार्यक्रम, फोन नंबर, टेक्स्ट संदेश, उत्पाद विवरण और ईमेल संदेश इत्यादि। ये उन्नत और मशीनों के पढ़ने योग्य यूपीसी बारकोड की तरह काम करते हैं और उत्पादों के पैकेजिंग, व्यवसाय विंडो, बिलबोर्ड, साइनबोर्ड, व्यवसायिक कार्ड और विज्ञापनों पर प्रयोग किए जा सकते हैं और प्रोडक्ट को ट्रैक करने तथा चीजों को पहचानने में भी प्रयोग किए जा सकते हैं।

इस अनोखी लैब में मौजूद है 62000 फुट बर्फ

पृथ्वी की परतों को खोदकर उनमें दबे पुराने राज निकालने की कोशिश लंबे समय से की जा रही है। इस जानकारी के लिए अमेरिका के पास एक ऐसी लैब है जिसमें विश्वभर की बर्फ मौजूद है। आइये जानते हैं इसके बारे में।अमेरिका में मौजूद कोलोराडो स्थित लैब में दुनियाभर से लाई गई बर्फ को कोर बनाकर रखा गया है। कोर को बनाने के लिए बर्फ की कई परतों को मिलाया जाता है। हर एक परत में लगने वाली बर्फ को अलग-अलग गहराई से निकाला जाता है। बर्फ की कुछ परत तो 70,000 वर्ष तक पुरानी हैं। वैज्ञानिक इससे पृथ्वी की उत्पत्ति और उसमें होने वाले बदलावों को देखना चाहते हैं।
अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड से सबसे ज्यादा कोर
इस लैब में सबसे ज्यादा कोर अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड से लाएं गए हैं। अंटार्कटिका में हमेशा बर्फ जमी रहती है, इसलिए वहां जमीन के नीचे की जानकारी अभी भी सुरक्षित है। ऐसे में वहां की बर्फ से ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिलने की उम्मीद रहती है।
फ्रीजर में होती है टेस्टिंग
नेशनल आइस कोर लैबोरेटिरी का तापमान -10 डिग्री फहरनाइट रखा जाता है। ऐसे में यह एक फ्रीजर की तरह काम करता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक वह बर्फ में मौजूद हवा के बुलबुले से पृथ्वी की परत को प्रभावित करने वाली ग्रीन हाउस गैस और वातावरण में होने वाले बदलाव को जानने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा कुछ कोर में मिट्टी या कीचड़ और अन्य सूक्ष्य पदार्थ पाए जाते हैं। ऐसे में वैज्ञानिक यह भी जानने को कोशिश कर रहे हैं कि क्या वहां भी प्राचीनकाल में ज्वालामुखी हुआ करते थे और उनसे कितनी बार लावा बाहर आया था

संयुक्त राष्ट्र महासभा में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान ने झूठ का सहारा लेते हुए भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की। लेकिन, पाकिस्तान का यह झूठ बेनकाब हो गया। दरअसल, भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को आईना दिखाने के बाद राइट टु रिप्लाई के तहत पाकिस्तान की यूएन में स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने भारत पर हमला बोला। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा कथित तौर पर वहां के नागरिकों पर ज्यादती का दावा करते हुए एक तस्वीर दिखाई। मलीहा लोधी द्वारा दिखाई गई इस तस्वीर का भारत से कोई लेना-देना नहीं है।मलीहा लोधी ने यूएन में एक लड़की बुरी तरह बिगड़े चेहरे वाली तस्वीर दिखाते हुए कहा कि यह भारत के लोकतंत्र की असली तस्वीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय सुरक्षाबलों की ज्यादती की वजह से लड़की की यह हालत हुई। हालांकि, यह तस्वीर हीदी लिवाइन नाम की फोटोजर्नलिस्ट की है। उनकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह फोटो गाजा शहर के शिफा अस्पताल में 22 जुलाई 2014 को ली गई थी। फोटो में दी गई जानकारी के मुताबिक, इजरायल की ओर से दो हवाई हमले करने के बाद एक परिवार के कई लोग मारे गए। पीड़ित लड़की इस हमले में बच गई थी। बम के अंदर धारदार चीजों से उसके चेहरे की यह हालत हो गई थी।गौरतलब है कि भारत पर हमला बोलते हुए मलीहा लोधी ने उसे मदर ऑफ टेररिजम इन साउथ एशिया बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलभूषण जाधव जैसे 'जासूस' के जरिए भारत उनके मुल्क में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। बता दें कि नेवी से रिटायर्ड अधिकारी जाधव ईरान में बिजनस करते थे, जिन्हें पाकिस्तान अगवा करके अपने मुल्क ले गया था। बाद में उन पर केस चलाकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी करार दे दिया। फिलहाल यह मामला इंटरनेशनल कोर्ट में है।

कई लोग डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप मानते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे होते हैं, जो डॉक्टरों की इज्जत नहीं करते हैं। हाल ही में चीन के एक अस्पताल में एक पिता ने डॉक्टर से कुछ ऐसी डिमांड कर दी, जिसके बाद वह चर्चा में आ गया है।फेफड़े की बीमारी के कारण अस्पताल में एक शख्स को उसके पिता ने भर्ती कराया। इसके बाद डॉक्टरों को उसे ठीक करने के लिए उसकी सर्जरी करनी पड़ी। इस दौरान उसकी जेब फट गई। पिता ने जेब फटने की वजह से डॉक्टरों से हर्जाना मांग लिया। पिता ने डॉक्टर से 1500 यूआन की डिमांड की। जेब फटने के बाद मांगे गए जुर्माने की यह स्टोरी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। लोग वीबो पर बच्चे के पिता पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स कह रहे हैं कि डॉक्टरों ने किसी तरह बच्चे को बचाया लेकिन उनकी प्रशंसा करने के बजाए डॉक्टर से जुर्माना मांगा जा रहा है।
डॉक्टरों ने दिए पिता को इतने रुपये
जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने अंतत: पिता को 1000 यूआन की रकम अदा की। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि वे जानते हैं कि कुछ लोग ऐसे क्यों पेश आते हैं। उन लोगों के लिए 1000 यूआन काफी होते हैं। लेकिन इंटरनेट पर लोग इसे नहीं समझ पा रहे हैं।

 

पाकिस्तान ने हवा से पानी में मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया है। पाकिस्तानी नेवी के प्रवक्ता के मुताबिक पाक ने अरब सागर में ये लाइव मिसाइल परीक्षण किया है। पाकिस्तानी नौसना के हेलीकॉप्टर सी किंग ने इस एंटी शिप मिसाइल का परीक्षण किया है। एंटी शिप मिसाइल का परीक्षण नेवी के मुखिया एडमिरल मुहम्मद जकाउल्लाह की मौजूदगी में हुआ है।नौसेना के मुताबिक ये मिसाइल अपने टारगेट को सफलतापूर्वक भेदने में सक्षम है। मिसाइल तकनीक और वैमानिकी से लैस है जिससे लंबी दूरी पर समुद्र में सटीक निशाना साधा जा सके।

हमेशा कहा जाता है कि व्यक्ति को रोज नहाना चाहिए। इससे शरीर साफ रहता है और कई बीमारियों को दूर करता है। लेकिन एक रिसर्च से कुछ ऐसा खुलासा हआ है जिससे रोज नहाने वालों को सावधान होने की जरूरत है।यूटा यूनिवर्सिटी के जेनेटिक साइंस सेंटर के अनुसार, ज्यादा नहाने और शरीर को साफ करने से ह्यूमन माइक्रोबाइयोम (बैक्टीरिया का समूह), वायरस और अन्य तरीके के माइक्रोब्स नष्ट हो जाते हैं। ये सभी हमारे शरीर के लिए काफी उपयोगी होते हैं।यूनिवर्सिटी ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि रोज नहाने से माइक्रोबाइयोम नष्ट हो जाते हैं, जिससे कई तरह की गंभीर बीमारी हो सकती है। कई बार इससे ह्रदय, इम्यून सिस्टम आदि जैसे अंग प्रभावित हो सकते हैं।अमेजन के यनोमामी गांव पर हुई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि यहां रहने वाले लोगों की स्किन में माइक्रोबाइयोम की संख्या काफी पाई जाती है। इससे कई तरह की बीमारियों से लड़ने में उन्हें सहायता मिलती है। हालांकि, रिसर्चर्स ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि कितने दिन और किस तरह से नहाना चाहिए।

ब्रिटेन की रिसर्च टीम ने नई फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन जांच की खोज की है। इस तकनीक की खासियत यह है कि इसकी मदद से आपको कुछ ही सेकंड में पता चल जाएगा कि आपने कोकीन का इस्तेमाल किया है या नहीं। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह तकनीक बेहद तेज और हाई सेंसेटिव है। ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ सरे की रिसर्च टीम ने यह टे​कनिक विकसित की है जो कोकीन के नमूने ले…
लंदन में कैब प्रोवाइडर कंपनी ऊबर को झटका लगा है। लंदन के परिवहन नियामक ने एप्प के जरिए कैब सेवा बुकिंग सुविधा देने वाली अमेरिकी कंपनी ऊबर का लाइसेंस रिन्यू नहीं करने की फैसला किया है। नवीनीकरण से इनकार करते हुये नियामक ने कहा है कि कंपनी शहर में परिचालन करने के लिये उपयुक्त नहीं है। इस डिसीजन के पीछे गंभीर अपराधों में सूचना देने में कंपनी के रवैये का…
मेक्सिको - मेक्सिको में आए रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता के भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 273 हो गई है। जानकारी के मुताबिक मोरेलोस में 73, प्यूब्ला में 43, गुएरेरो में छह और ओक्साका में एक शख्स की मौत हुई है। इस भूकंप के कारण 40 इमारतें भी ढह गईं हैं। मेक्सिको सिटी के मेयर मिग्युएल एंजेल ने स्थानीय मीडिया को बताया कि प्रशासन द्वारा बरामद शवों में…
नई दिल्ली - दुनिया की सबसे अमीर बिजनेसवुमेन में से एक लिलयानी बितनकोह का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। आपको बता दें कि बितनकोह के परिवार ने ही फेमस कॉस्मेटिक कंपनी लॉरियल की स्थापना की थी। बितनकोह की बेटी ने उनके निधन की न्यूज की पुष्टि की। बितनकोह ने बीती रात अपने घर में ही आखिरी सांस ली। आपको बता दें कि लिलयानी एक समय दुनिया की…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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