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फ्रांस की अगली फर्स्ट लेडी सात बच्चों की नानी और फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर की वोटिंग में सबसे आगे चल रहे इमैनुअल मैक्रॉन की पत्नी ब्रिगिटे ट्रॉगनियोक्स हो सकती हैं। बता दें कि रविवार को हुई वोटिंग में मैक्रॉन को अन्य उम्मीदवारों के मुकाबले सबसे अधिक 23.75% वोट मिले हैं।64 वर्षीय ब्रिगिटे टॉगनियोक्स से मैक्रॉन की मुलाकात तब हुई थी, जब मैक्रॉन की उम्र महज 15 साल थी। ब्रिगिटे उनकी टीचर थीं। वहीं, मुलाकात के दो साल बाद ब्रिगिटे को मैक्रॉन ने शादी के लिए प्रपोज किया था।बीते वर्ष पेरिस मैच मैगजीन से बात करते हुए ट्रॉगनियोक्स ने बताया था कि जब इमैनुअल 17 साल के थे, तो एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि आप चाहे जो करती हों लेकिन मुझे आपसे शादी करनी है।उस समय तीन बच्चों की मां रहीं ब्रिगिटे एक ड्रामा क्लब चलाती थीं। वहीं, मैक्रॉन इस क्लब के सदस्य और लिटरेचर प्रेमी थे। ब्रिगिटे के क्लब में ड्रामा सीखने के कुछ समय बाद मैक्रॉन आगे की पढ़ाई करने के लिए पेरिस चले गए। उन दिनों को सोचते हुए मैक्रॉन कहते हैं कि जब हम दोनों एक दूसरे से दूर हो गए तो घंटों फोन पर बातचीत करते थे।
2007 में की मैक्रॉन और ब्रिगिटे ने शादी:-अपने पति से तलाक लेने के बाद ब्रिगिटे ने साल 2007 में मैक्रॉन से शादी कर ली। इस राष्ट्रपति चुनाव में ब्रिगिटे ने अपने पति के लिए प्रचार भी किया है। वहीं, एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए मैक्रॉन ने कहा था कि ब्रिगिटे मेरी जिंदगी में हमेशा ही खास रहेंगी।

आतंकवादियों को चेतावनी देते हुए फिलीपींस के राष्ट्रपति ने कहा है कि वह आतंकियों से 50 गुना ज्यादा क्रूर हैं। वह आतंकियों को जिंदा चबा सकते हैं।उन्होंने कहा कि लोगों का सिर कलम वाले आतंकियों को उनकी की सेना जिंदा पकड़ लेती है तो वह आतंकियों का कलेजा नमक और सिरका के साथ खा जाएंगे।इस बात पर जब सभा में मौजूद लोग जोर से हंस पड़े, तो बोले वह बोले, 'यह बिल्कुल सच है, आप मुझे गुस्सा मत दिलाओ'।उन्होंने कहा कि अगर आतंकी मुझसे जानवर बनने की उम्मीद रखते हैं तो उसकी तो मुझे आदत है। मैं इस्लामिक आतंकियों को जिंदा चबा सकता हूं। उनसे 50 गुना तक ज्यादा नीचे गिर सकता हूं।हाल में फिलीपींस के बोहोल में एक रेस्तरां में आतंकी हमला हुआ है जिसके लिए उन्हें सुरक्षा बलों को आदेश दिया है कि आतंकी जहां भी मिले उन्हें देखते ही गोली मार दी जाए।

हिंद महासागर में चीन पर लगाम कसने के लिए विमानवाहक के निमार्ण की प्रक्रिया को तेज करने से ज्यादा ध्यान भारत को अपने आर्थिक विकास पर देना चाहिए। चीन के आधिकारिक मीडिया ने आज यह कहा।सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में एक लेख में कहा गया, विमान वाहक विकसित करने के लिए नई दिल्ली कुछ ज्यादा ही बेसब्र हो रही है। यह देश औद्योगिकीकरण के अभी शुरूआती चरणों में ही है और ऐसे में विमान वाहक बनाने की राह में कई तकनीकी अवरोध आएंगे।इसमें कहा गया, बीते कुछ दशकों में, विमान वाहकों के मामले में भारत और चीन की राह अलग रही है लेकिन दोनों देशों को जो अलग-अलग परिणाम हासिल हुए हैं वह आर्थिक विकास के अंतर्निहित महत्व की ओर इशारा करते हैं।ग्लोबल टाइम्स के लेख में आगे कहा गया, हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभुत्व के जवाब में विमान वाहकों के निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नई दिल्ली को अपनी आतुरता कुछ कम करनी चाहिए और अपनी अर्थव्यवस्था पर कुछ ज्यादा ध्यान देना चाहिए।चीन ने कल अपनी नौसेना की स्थापना की 68वीं सालगिरह मनाई है। वह अपने बेड़े में तेजी से इजाफा कर रहा है। आज सुबह शंघाई से तीन चीनी पोत मैत्री दौरे पर एशिया, यूरोप और अफ्रीका के 20 से अधिक देशों की ओर रवाना हुए।

 

फ्रांस में 25वें राष्‍ट्रपति के चुनाव के लिए आज मतदान होगा। रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे।खबरों के अनुसार, यहां राष्‍ट्रपति पद के लिए 11 एम्मीदवार मैदान में हैं जबकि पांच के बीच कड़ा मुकाबला है।एक दूसरे को कड़ी टक्कर देने वाले ये उम्मीदवार- नेशनल फ्रंट की मैरीन ल पेन, एन मार्श के इमैनुएल मैक्रों, दि रिपब्लिकन्स के फ्रांस्वा फ्रियो, ला फ्रांस इनसोमाइजज के जां लुक मेलाशों और सोशलिस्ट पार्टी के बेनवा एमो हैं।यहां मतदान से ठीक दो दिन पहले पेरिस में आतंकी हमला हुआ जिससे सुरक्षा व्यवस्‍था चिंता का विषय बना गया है। हालांकि प्रशासन ने नागरिकों की पुख्ता सुरक्षा के लिए 50 हजार पुलिसकर्मियों और 5 हजार सैनिकों को सुरक्षा में लगाया गया है।अभी फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रेंक्वाइस ओलांद हैं जिनका कार्यकाल 14 मई 2017 तक है।
यहां अलग है राष्ट्रपति पद की चुनाव प्रक्रिया
-फ्रांस में जनता पहले अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है। ये प्रतिनिधि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का चुनाव करते हैं। इसके बाद उम्मीदवारों के लिए जनता मतदान करती है।
-पहले चरण में यदि किसी प्रत्याशी को 50 फीसदी से ज्यादा मत नहीं मिले तो दूसरे चरण का मतदान होगा।
-पहले चरण में सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवारों का मुकाबला दूसरे चरण में कराया जाता है। इस चरण में जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिला वही फिर राष्ट्रपति बनता है।
-आखिरी चरण का मतदान यहां 7 मई को होगा जिसके लिए दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

जापान के फुकोशिया में छह साल बाद जिंदगी खिली है। दुनिया के सबसे बड़ी परमाणु त्रासदी का शिकार हुए फुकोशिमा इलाके में पहली बार बच्चे स्कूलों पर लौटे हैं। जापान के फुकुशीमा में जिंदगी अब सामान्य हो गई है। इसके बीच पर लोग अब सामान्य कपडे पहनकर बिना मास्क के घुमते नजर आते हैं। वहां के कैफ़ेटेरिय में आपको जापान का देसी जायका दिया जा रहा है, वही इसके साथ आपको वहां फास्टफ़ूड का लोग भरपूर मज़ा उठा रहे हैं। फुकुसिमा में भूकंप के कारण सुनामी की वजह से वहां परमाणु रिएक्टर से रेडियो पदार्थ का उत्सर्जन हुआ था जिसके वजह से वहां के लोग कई साल तक विशेष कपड़ो और फेस मास्क का प्रयोग कर रहे थे।यहां के खूबसूरत समुद्र तटीय इलाके में फिर से रौनक लौटी है, लोग अब यहां बिना मास्क लागाए और सामान्य कपड़ों में टहलते देखे जा सकते हैं। कॉफी शॉप्स और मिठाई की दुकानें पहले की तरह ही खुल गई हैं। लेकिन छह साल पहले यहां का जो मंजर उसके बारे में सोचकर ही लोग डर जाते हैं।
फिर न कभी लौटे 11 मार्च 2011 का वो दिन:-11 मार्च 2011 जापान के इतिहास की वह डरावनी तारीख है जिसमें बारे में सब यही कामना कर रहे होंगे वह दिन फिर कभी न लौटे। क्योंकि इसी दिन 9.0 तीव्रता (मैग्नीट्यूड) वाला भयानक भूकम्प आया था। इस भूकंप से करीब 13 किलोमीटर दायरे का इलाका बुरी तरह से प्रभावित हुआ था जिसमें करीब दो लाख 20 हजार घर तबाह हो गए थे।भूकंप के आद आई सुनामी ने न सिर्फ रिहायसी इलाकों को तबाह किया था बल्कि यहां के परमाणु संयंत्र को चपेट में ले लिया था। परमाणु संयत्र से बड़ी मात्रा में रेडियोएक्टिव पदार्थ का रिसाव हुआ था। बताया जा रहा है कि परमाणु ईंधन पिघल कर बह निकला था जिससे जबरदस्त विस्फोट हुए। इस विस्फोट से इलाके की बड़ी से बड़ी बिल्डिंग ध्वस्त हो गई थीं।इलाके में रेडियोएक्वि विकरण फैलने के डर पूरे इलाके को खाली करा लिया गया था। लेकिन हादसे के छह साल बाद इलाके का विकरण खत्म हुआ है लोग अपने घरों में लौटे हैं। इस दौरान इलाके स्कूल कॉलेज भी बंद कर दिए गए थे जो अब शुरू हुए हैं।इलाके में घरों का निर्माण से लेकर बिजली और पानी की सप्लाई भी पहले की तरह ही शुरू हो चुकी है।

जापान के दो विध्वंसक जहाजी बेड़े आज पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी समाघात समूह यूएस कार्ल विंसन के साथ सैन्य अभ्यास में शामिल हो गए। अमेरिकी लड़ाकू बेड़ा कोरियाई प्रायद्वीप क्षेत्र के समीप है। जापानी नौसेना ने आज बताया कि जापानी विध्वंसक सामीदारे और आशिगारा शुक्रवार को पश्चिमी तट से रवाना हुए थे और वे अब कार्ल विंसन के साथ शामिल हो गए हैं। ये दोनों जहाज अमेरिकी समाघात समूह के साथ विभिन्न प्रकार के सैन्य अभ्यास करेंगें।गौरतलब है कि उत्तर कोरिया की ओर से दी गई धमकी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने लडाकू बेडे को कोरियाई क्षेत्र की ओर कूच करने का आदेश दिया था। जापानी सेना ने अपने विध्वंसक जहाजी बेडे को अमेरिकी बेडे के साथ शामिल होने का निदेर्श दिया था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जापानी जहाज कितनी अवधि तक अमेरिकी बेडे के साथ रहेंगें। उत्तर कोरिया आगामी मंगलवार को अपनी सेना की 85वीं स्थापना वर्षगांठ मना रहा है।उत्तर कोरिया ने अब तक पांच परमाणु परीक्षण किए हैं जिनमें से दो पिछले वर्ष किए थे और संयुक्त राष्ट्र के दिशा-निदेर्शों का उल्लंघन करके बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण किए हैं। उत्तर कोरिया ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसके खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई की सूरत में वह अमेरिका के खिलाफ परमाणु हमले से नहीं चूकेगा और उसने अमेरिकी सहयोगियों दक्षिण कोरिया तथा जापान के खिलाफ भी हमले की चेतावनी दी है।

 

 

 

ट्रंप प्रशासन ने ओबामा प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए भारतीय-अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति को पद छोड़ने के लिए कहा है ताकि मौजूदा सरकार की पसंद के व्यक्ति को इस पद पर बैठाया जा सके।अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, आज यूएस पब्लिक हेल्थ सर्विस कमीशन्ड कॉर्प्स के नेता मूर्ति से कहा गया कि नए ट्रंप प्रशासन में सुगम सत्तांतरण में मदद करने…
अफगानिस्तान में एक सैन्य अड्डे पर तालिबान के हमले में 140 से अधिक अफगान सैनिक मारे गए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमले के समय हमारे अधिकतर सैनिक शुक्रवार की नमाज पढ़ रहे थे। अफगान सेना के 140 से ज्यादा सैनिक हताहत हुए हैं।इससे पहले अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कर्नल जोन थामस ने बताया था कि हमला कई घंटे तक चला और शाम को रुका। इस हमले…
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने कश्मीर मुद्दे को दक्षिण एशिया में शांति के लिए मुख्य बाधा बताते हुए शनिवार को कहा कि यह वैश्विक समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह इस क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दे पर काम करे।डार ने शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक हेरिटेज फाउंडेशन में पाकिस्तानी अमेरिकी, अधिकारियों और राजनयिकों से कहा, मुझे लगता है कि क्षेत्रीय शांति के लिए इस क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दे पर…
टूथपेस्ट के विज्ञापनों में आपने दांतों को मजबूत करने के बहुत से नुस्खे सुने होंगे। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे युवक के बारे में जो दांतों से ईंटे उठा लेता है। जी हां पाकिस्तान का 21 साल का ताहिर अपने दांतों से 6 ईंटे उठा लेता है। ताहिर इसके लिए अपने हाथों और किसी की मदद भी नहीं लेता है।दरअसल पाकिस्तान के रसूल नगर का रहने वाला…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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