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दुनिया (2053)


वाशिंगटन - अमेरिका ने रामनाथ कोविंद के भारत का राष्ट्रपति चुने जाने पर उन्हें जीत की बधाई दी और कहा कि वह क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों पर उनके साथ काम करने को लेकर उत्सुक है। वकील से राजनेता बने कोविंद गुरुवार को 14वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित घोषित हुए। वह भारत के इस सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले भाजपा के पहले नेता हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नूअर्ट ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, 'हम नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उनकी जीत पर बधाई देना चाहते हैं।' भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'हम क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों पर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
हम हमारी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का श्रेय दोनों देशों के लोगों में करीबी संबंधों को देते हैं।' 71 वर्षीय कोविंद बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार मीरा कुमार को हराया।


बीजिंग - हर कोई बेहतरीन छूट या मुफ्त की रेवड़ियां खाना चाहता है। मगर, इसके लिए आपको सेल का इंतजार करना होगा। हालांकि, कुछ लोग काफी चतुर होते हैं और वे ऐसे तरीके खोज निकालते हैं, जिनसे वह सिस्टम को धोखा देकर लंबे समय तक मुफ्त की रेवड़ियां खाते रहते हैं।
चीन के एक युवक नोंग वाह यिट पोह भी एक ऐसे ही शख्स हैं, जिन्होंने एक साल तक प्रथम श्रेणी के हवाई अड्डे के लाउंज में फ्री में स्वादिष्ट खाना खाया। मजेदार बात यह है कि इसके लिए उसने महज एक ही टिकट खरीदा था। हालांकि, बुरी खबर यह है कि उसकी यह चतुराई ज्यादा दिन नहीं चली।
करीब 300 दिन के बाद उसे शानक्सी के हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने पकड़ लिया। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि इस तरह से मुफ्त की रेवड़ियों को खाने से रोकने का अभी तक कोई तरीका नहीं है।
कैसे किया उसने ऐसा
उसने फर्स्ट क्लास का एक खरीदा और पूरे साल वीआईपी एयरपोर्ट लॉन्च में फ्री में खाना खाया और ड्रिंक्स पीं। अपनी फ्लाइट के ठीक पहले वह चालाक यात्री अगले दिन के लिए फ्लाइट को रि-शेड्यूल कर देता था। यह काम उसने लगातार 300 दिनों तक किया।
यानी एयरपोर्ट के वीआईपी लॉन्ज में करीब 300 दिनों तक वह बेहतरीन खाने का लुत्फ लेता रहा। इतना ही नहीं, जब उसके टिकट की वैलेडिटी खत्म होने के करीब आ गई, तो उसने टिकट कैंसल करवाकर रिफंड भी ले लिया था।


नई दिल्ली - चीन में हांगझू शहर के भीडभाड वाले क्षेत्र में आज एक दुकान में जबर्दस्त बम धमाका होने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गयी और 55 अन्य घायल हो गये। अधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
हांगझु के पश्चिमी लेक जिला सूचना कायार्लय ने अपने माइक्रोब्लॉग में बताया कि दुकान से आग की लपटों को उठते हुए देखा गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भतीर् किया गया है 1 इनमें 12 लोगों की हालत गंभीर बतायी गयी है।
जांच एजेंसियां विस्फोट के कारणों का पता लगाने में जुट गई हैं। चीन में कानूनी खामियों के कारण इस तरह के विस्फोट और हादसे होना आम बात हो गई है। ऐसे विस्फोटकों का इस्तेमाल पहाड़ी क्षेत्रों में खनन कार्यों में होता है लेकिन लोग इन विस्फोटकों को घर में छिपा कर रखते हैं।


नई दिल्ली - भारत-चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद को लेकर माहौल पहले ही खराब है, चीनी मीडिया समय-समय पर भारत को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहा है। इसी बीच पाकिस्तान भी इस मसले को भुनाने की फिराक में दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने चीन के उच्चायुक्त लू झाओहुई से मुलाकात की है। इसके बाद वो जल्द ही भूटान के उच्चायुक्त वेटसॉप नमगेल से भी मिल सकते हैं।
बासित ने चीनी राजदूत से बुधवार को बात-चीत की और वो जल्द ही भूटान के राजदूत से भी मिलेंगे। कुलमिलाकर इन बातों से यह स्पष्ट हो रहा है कि भारत-चीन विवाद के बीच पाकिस्तान अपनी टांग अड़ाना चाहता है। इस विवाद के बीच वो अपना हित साध रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बासित दोनों देशों के राजदूतों से मिलकर डोकलाम विवाद पर बात-चीत चाहते हैं। बासित ने राजदूत के तौर पर भारत में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है और वह अगले महीने पाकिस्तान वापस जा सकते हैं।
बता दें कि भारत और चीन के बीच चुंबी घाटी स्थित डोकलाम में चीन द्वारा सड़क बनाए जाने को लेकर विवाद चल रहा है। डोकलाम भूटान का हिस्सा है जहां सड़क बनाने को लेकर भारत और भूटान दोनों ही चीन का विरोध कर रहे हैं।


लंदन - ब्रिटेन के सांसदों के एक समूह ने प्रधानमंत्री थेरेसा मे को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे 14 सऊदी कैदियों के मामले में हस्तक्षेप करें, जिन्‍हें जल्‍द ही फांसी दी जानी है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सांसदों ने गुरुवार को लिखे अपने पत्र में प्रधानमंत्री से कहा है कि वे व्‍यक्तिगत रूप से सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज से आग्रह करें कि इन 14 लोगों को फांसी की सजा ना दी जाए। मौत की सजा पर फिलहाल रोक लगाई जाए। इसके साथ ही सांसदों ने प्रधानमंत्री से कहा है कि आप यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाते हैं कि ब्रिटेन की सहायता ने सऊदी अरब के एंटी-साइबर अपराध कानून के तहत इन लोगों की सजा में कोई भूमिका नहीं निभाई है।
इस मामले में 14 सऊदी कैदियों के पक्ष में मानवाधिकार समूह ने कहा कि कैदियों में एक दिव्‍यांग व्यक्ति और एक छात्र शामिल है जिसकी उम्र सिर्फ 17 वर्ष है। इन्‍हें भी गिरफ्तार कर दोषी ठहरा दिया गया है। ये लोग तो अमेरिका में अध्ययन करने के लिए जा रहे थे। मानव अधिकार वॉच और एएमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि इन सभी को कड़ी यातनाएं देकर जुर्म कबूल कराया गया है।

 


वाशिंगटन - अमेरिका ने पाकिस्तान को एक और झटका देते हुए सैन्य मदद के लिए कड़ी शर्तें थोप दी हैं। अमेरिकी संसदीय समिति ने बुधवार को एक विधेयक मंजूर कर दिया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने पर ही पाक को मदद देने का प्रावधान है। डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों की इस विनियोग समिति ने विदेशी सहायता संबंधी विधेयक 2018 को स्वीकृति दी है। ऐसे में संसद से इस विधेयक का पारित होना तय है। समिति ने आतंकी गुटों पर प्रभावी कार्रवाई में विफल रहने की सूरत में विदेश मंत्री को पाक की मदद रोकने का अधिकार दिया है।
विधेयक में विदेश मंत्री को यह प्रमाणित करने को कहा गया है कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क, क्वेटा शूरा तालिबान, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अलकायदा जैसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका को सहयोग दे रहा है। साथ ही इन आतंकवादी गुटों के पाकिस्तान में अड्डे बनाने से रोकने और वहीं से पड़ोसी मुल्कों में आतंकी हमले रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं कि नहीं।
बिल के तहत इराक, अफगानिस्तान और पाक को 12 अरब डॉलर की मदद दी जानी है। पाकिस्तान को इसके तहत एफ-16 लड़ाकू विमान खरीदने तक की मदद मिल सकती है। विदेश मंत्री यह भी प्रमाणित करेंगे कि पाक अमेरिका या उसके मित्र देशों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को समर्थन तो नहीं दे रहा है। वहां की सेना और खुफिया एजेंसी राजनीतिक और न्यायिक हत्याएं तो नहीं कर रही हैं।
आतंकियों को पनाह देने वाला देश घोषित हुआ
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक रिपोर्ट में पाकिस्तान को उन देशों में शामिल किया, जो अपने यहां आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराता है। इसमें कहा गया कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी गुट उसकी सरजमीं से गतिविधियां चलाने के साथ ही अपने आतंकियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं और पैसे जुटा रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपनी सालाना 'कंट्री रिपोर्ट ऑन टेररिज्म' में ये कठोर टिप्पणियां की हैं।
इसमें पाक को सोमालिया, सूडान, ईरान जैसे देशों के साथ रखा है। यह रिपोर्ट अमेरिकी संसद में भी पेश होगी। पाक को 30 करोड़ डॉलर की मदद रोकी गई थी ओबामा प्रशासन में। 08 एफ-16 लड़ाकू विमान खरीदने में मदद भी नहीं मिली थी। पाकिस्तान को 1954 से लेकर अब तक अमेरिका से 67 अरब डॉलर की आर्थिक मदद मिल चुका है।

वॉशिंगटन - अमेरिका में भारतीय शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देने के लिए मशहूर भारतीय मूल के एक अमेरिकी चिकित्सक को अपनी कंपनी के पूर्व शेयरधारकों के साथ 4.9 करोड़ डॉलर (लगभग 3.15 अरब रुपए) के धोखाधड़ी मामले में करीब 10 साल कारावास की सुनाई गयी है।मैरीलैंड और वर्जीनिया में लाइसेंस प्राप्त नेत्र सर्जन श्रीधर पोताराजू ने कंपनी में पूंजी निवेश के रूप में 4.9 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रकम…
येरुशलम - पिछले हफ्ते इजरायल के येरुशलम में स्थित पवित्र स्‍थल टेंपल माउंट पर आतंकी हमला किया गया था, जिसके बाद वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई। इसी कड़ी में परिसर में मेटल डिटेक्‍टर की भी व्‍यवस्‍था कर दी गई। मगर इसको लेकर मुस्लिम श्रद्धालुओं में खासी नाराजगी है।इसको देखते हुए दंगा किए जाने की आशंका है और इसके मद्देनजर आज सुबह येरुशलम के पुराने शहर में हाई अलर्ट जारी…
नई दिल्ली - चीन की सत्ताधारी वामपंथी पार्टी ने अपने सदस्यों और समर्थकों को धर्म छोड़ने का निर्देश किया है। खबरों के अनुसार पार्टी ने 90 मिलियन यानी 9 करोड़ लोगों से उनका धर्म छोड़ने को कहा गया है। इसके पीछे पार्टी ने तक दिया है कि इससे पार्टी की एकता मजबूत होगी।अपने सदस्यों को दिए निर्देश में चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक विश्वास और आस्था पार्टी की रेड…
सिडनी - ऑस्ट्रेलिया में एक नए अध्ययन में पता चला है कि देश में मानव कम से कम 65,000 साल पहले बसे थे, जबकि अब तक यही ज्ञात था कि देश का आज का आधुनिक मानव अफ्रीका से आया था।ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरीटरी के काकाडू में जबिलुका खनन पटटे के अंदर बलुआ पत्थर के आश्रय के नीचे बने प्राचीन शिविर स्थल में कई वर्ष की पुरातात्विक खुदाई के बाद दुनिया…
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