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जॉर्जिया। जॉर्जिया में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। यहां दो महिला पुलिस अधिकारियों ने सिक्का उछालने के बाद एक दोषी महिला को गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद दोनों महिला अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जार्जिया पुलिस के बयान और जारी किए गए वीडियो के मुताबिक यह घटना अप्रैल महीने की है। दोषी महिला सारा वेबर नियमों का उल्लंघन कर गीली सड़क पर 80 मील प्रति घंटे की रफ्तार से कार चला रही थी। दोनों महिला पुलिस अधिकारियों ने उसे बीच रास्ते में ही पकड़ लिया।कार्रवाई करने पर दोषी सारा माफी मांगने लगी और कहा की वह काम पर जाने के लिए लेट हो रही थी, इसी वजह से तेज कार चला रही थी। सारा एक हेयर सैलून में काम करती थी। इसके बाद दोनों महिला पुलिस अधिकारी इस बात पर चर्चा करने लगीं कि दोषी महिला का छोड़ा जाए या गिरफ्तार किया जाए। इस बात का फैसला करने के लिए उन्होंने एक नया तरीका निकाला।दोषी महिला को सजा देने के लिए पुलिस अधिकारियों ने सिक्का उछालने का निर्णय लिया। दोनों ने फैसला किया कि अगर हेड आया तो दोषी महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और अगर टेल आया तो उसे छोड़ दिया जाएगा। वीडियो के अनुसार, अधिकारी कोर्टनी ब्राउन ने अपने मोबाइल फोन पर 'क्वाइन फ्लिप ऐप' का इस्तेमाल किया। टॉस दोषी महिला सारा वेबर के खिलाफ आया और जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।जॉर्जिया के एक न्यूज स्टेशन ने वीडियो की जानकारी सारा को दी, जिसके बाद उसने कोर्ट में अपील की है कि पुलिस अधिकारियों ने उसे गलत तरीके से गिरफ्तार किया है, इसलिए उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया जाए और छोड़ दिया जाए।

काबुल। वर्ष 2018 के पहले छह महीनों में अफगानिस्तान में जारी संघर्ष और आतंकी हमलों में रिकॉर्ड 1,692 आम नागरिकों की मौत हुई है। इन हमलों में 3,430 नागरिक घायल हुए। अफगानिस्तान में कार्यरत संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने रविवार को ये ताजा आंकड़े जारी किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने जारी किए ताजा आंकड़े:-शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने यूएनएएमए के हवाले से बताया कि ये आंकड़े इस साल एक जनवरी से 30 जून के बीच के हैं। पिछले 10 वर्षो की तुलना में इस साल पहले छह महीनों में ही सबसे अधिक आम नागरिकों की जान चली गई। रिपोर्ट के अनुसार, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमने 2009 से इस संबंध में निगरानी रखने की व्यवस्था की थी।मौत की पहली बड़ी वजह इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस(आइईडी) का इस्तेमाल है। इस विस्फोटक का इस्तेमाल आतंकी आत्मघाती हमले सहित अन्य हिंसक गतिविधियों में करते हैं। आइईडी के प्रयोग से करीब आधे आम नागरिकों की मौत हुई है।मौत की दूसरी बड़ी वजह सेना और आतंकियों की बीच जारी संघर्ष है। इनमें हवाई हमले और आमने-सामने की लड़ाई शामिल है। 67 फीसद नागरिकों की मौत तालिबान व अन्य कट्टरपंथी संगठनों के हमले में गई। वहीं, 20 फीसद की जान सेना के हमले में गई। बाकी बचे 13 प्रतिशत की मौत अन्य कारणों से हुई है।

लंदन। आठ साल के भारतवंशी छात्र ईश्वर शर्मा को यंग अचीवर श्रेणी में 'ब्रिटिश इंडियन ऑफ द ईयर' के खिताब से नवाजा गया है। ब्रिटेन में अंडर-11 श्रेणी के राष्ट्रीय योग चैंपियन ईश्वर को इस हफ्ते बर्मिंघम में आयोजित एक कार्यक्रम में यह सम्मान दिया गया।नन्हे चैंपियन ईश्वर ने कलात्मक योग में कई खिताब अपने नाम किए हैं। गत जून में कनाडा में आयोजित व‌र्ल्ड स्टूडेंट गेम्स, 2018 में उन्होंने ब्रिटेन के लिए गोल्ड मेडल जीता था। वह दुनियाभर के सौ से ज्यादा कार्यक्रमों में भाग ले चुके है। तुर्की में हुई यूरो एशियन योग चैंपियनशिप में भी उन्हें गोल्ड मेडल मिला था।मैसूर से ताल्‍लुक रखते हैं ईश्‍वर : मैसूर से ताल्लुक रखने वाले ईश्वर कहते हैं, 'मैं खुद से प्रतिस्पर्धा करता हूं। इसी कारण मुझे कठिन आसन करने की चुनौती मिलती है। मैं हमेशा योगा का छात्र रहूंगा और इसका ज्ञान देने वाले शिक्षकों का सदा आभारी रहूंगा।' ईश्वर के पिता विश्वनाथ अपने बेटे की सफलता पर बेहद खुश हैं।उन्होंने कहा, 'हमें उस पर गर्व है। हम चाहते हैं कि वह सभी को योग का अभ्यास करने के प्रेरित करे। हम दोनों संगीत की ताल पर वैदिक योग का भी अभ्यास करते हैं। योग के साथ वह भगवद्गीता और वेद मंत्रों का भी पाठ करता है।' ईश्वर समय-समय पर मैसूर आकर भी योग का प्रशिक्षण लेते हैं। मैसूर को प्रतिष्ठित योग गुरुओं का गढ़ कहा जाता है।

लंदन। वैज्ञानिक सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के चंद्रमा आयो पर एक ज्वालामुखी खोजने में सफल हुए हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के जूनो यान की मदद से खोजा गया यह ज्वालामुखी उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित है। अपने अन्य अभियानों की मदद से नासा अब तक आयो पर 150 से ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी खोज चुकी है।जूनो ने नए ज्वालामुखी से संबंधित डाटा पिछले साल दिसंबर में आयो से चार लाख 70 हजार किलोमीटर की दूरी से गुजरने के दौरान इकट्ठा किया था। इटली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के वैज्ञानिकों ने इसका अध्ययन कर ज्वालामुखी का पता लगाया। इस डाटा के लिए जूनो ने अपने जोवियन इंफ्रारेड ऑरोरल मैपर (जेआइआरएएम) उपकरण का इस्तेमाल किया था।ज्वालामुखी के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने के लिए वैज्ञानिक दिसंबर में जूनो के आयो के समीप से गुजरने और भविष्य में जेआइआरएएम द्वारा जुटाए गए डाटा का एक साथ अध्ययन करेंगे। जूनो को 5 अगस्त, 2011 को लांच किया गया था। इसने चार जुलाई, 2016 को बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश किया था।

लाहौर। पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले फेसबुक ने इस्लामी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) के कई अकाउंटों और पेजों को बंद कर दिया है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाली जमात-उद-दावा के राजनीतिक संगठन के लिए इसे एक झटका माना जा रहा है।खबरों के मुताबिक, हाल ही में फेसबुक के अधिकारियों ने पाकिस्तान चुनाव आयोग से संपर्क किया था। उन्होंने उनसे आम चुनाव से पहले विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के फर्जी पेजों की पहचान करने और हटाने में स्थानीय अधिकारियों की मदद करने का अनुरोध किया था। पाकिस्तान में 25 जुलाई को नेशनल असेंबली के लिए वोट डाले जाएंगे।फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि पाकिस्तान, भारत, ब्राजील, मैक्सिको और अन्य देशों में होने वाले चुनावों में सकारात्मक बातचीत का समर्थन सुनिश्चित करना सोशल साइट की प्राथमिकता होगी।चुनाव आयोग ने एमएमएल को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता नहीं दी है। इस साल अप्रैल में अमेरिका ने 2008 में मुंबई हमले को अंजाम देने वाले लश्कर-ए-तैयबा के साथ संबंधों को लेकर एमएमएल को आतंकी संगठनों की सूची में डाल दिया था।एमएमएल को मान्यता नहीं मिलने के बाद जमात सरगना सईद ने कहा था कि उसकी पार्टी के करीब 200 प्रत्याशी कम चर्चित अल्ला-ओ-अकबर तहरीक के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे। इस पार्टी का पहले ही चुनाव आयोग में पंजीकरण हो चुका है। एमएमएल के प्रवक्ता तबिश कय्यूम ने मीडिया को बताया कि फेसबुक ने बिना कारण बताए उसके चुनाव प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं के कई अकाउंट बंद कर दिए हैं।

नई दिल्‍ली। ब्रिटेन में इन दिनों रसायनिक हमले की दहशत साफतौर पर देखी जा रही है। ब्रिटेन में रूसी डबल एजेंट पर हुए रसायनिक हमले के बाद यहां पर लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले दिनों आठ जुलाई को लंदन के दक्षिण-पश्चिम इलाके में जिस महिला की हत्‍या की गई थी उसको लेकर भी इसी तरह के हमले की बात सामने आ रही है। आतंकवाद निरोधक पुलिस ने इस इलाके में मारी गई महिला के मामले की जांच में 400 से ज्यादा संदिग्ध वस्तुएं जब्त की हैं। पुलिस को शक है कि 44 वर्षीय डॉन स्टरगेस नाम की इस महिला की हत्‍या में खतरनाक नोविचोक नर्व एजेंट का इस्‍तेमाल किया गया था। स्टरगेस के पति चार्ली रॉली का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया है कि चार्ली रॉली के घर से उन्होंने ऐसी बोतल बरामद की है, जिसमें नर्व एजेंट होने का शक है। अब इस बोतल और कुछ अन्य वस्तुओं को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। लंदन स्थित रूसी दूतावास ने ताजा नर्व एजेंट हमले की जांच में मिली वस्तुओं की जानकारी ब्रिटिश पुलिस से मांगी है।
बेहोशी की हालत में मिले थे चार्ली और उसका पति:-गौरतलब है कि चार्ली रोली और उनके 44 वर्षीय पति डॉन स्टर्गेस 30 जून को विल्टशायर के एम्सबरी में अपने घर में बेहोशी की हालत में पाए गए थे। उनकी यह स्थिति किसी घातक पदार्थ के संपर्क में आने से हुई थी। जांच के बाद पोर्टन डाउन सैन्य प्रयोगशाला ने कहा कि दंपति घातक नर्व एजेंट ‘नोविचोक' के संपर्क में आने के कारण गंभीर रूप से बीमार पड़ा था। आपको बता दें कि इससे पहले मार्च में पाला बदलने वाले रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर ब्रिटेन के सैलिसबरी शहर में इसी नर्व एजेंट से हमला हुआ था। समय रहते इलाज मिल जाने से उनकी जान बच गई थी। आपको बता दें कि मार्च में हुई इस घटना के बाद ब्रिटेन ने रूस को जिम्मेदार ठहराया था। उसका समर्थन अमेरिका ने भी किया था और इन दोनों देशों के संबंध रूस के साथ काफी तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद ब्रिटेन, अमेरिका समेत कई मित्र देशों ने रूसी राजनयिकों को देश से निकाल दिया था।
सोवियत रूस ने बनाया था नोविचोक:-ब्रिटेन का दावा है कि नोविचोक सोवियत राष्ट्र द्वारा बनाया गया एक सैन्य स्तरीय नर्व एजेंट है। ब्रिटेन की मेट्रोपोलिटन पुलिस के अनुसार, नोविचोक वही घातक रसायन है, जिसके जरिये 4 मार्च को सेलिस्बरी में रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया को मारने की कोशिश की गई थी। आपको यहां पर ये भी बता दें कि उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के भाई किम जोंग नम की हत्या में भी इसी तरह के नर्व एजेंट' का इस्तेमाल किया गया था। किम जोंग नम की हत्‍या उस वक्‍त की गई थी जब वह एयरपोर्ट में फ्लाइट पकड़ने जा रहे थे।
बेहद खतरनाक है ये रसायन:-1970-80 के दशक में शीत युद्ध के दौरान तत्कालीन सोवियत खुफिया एजेंसी ने सबसे घातक जहर नोविचोक बनाया था। बेहद महीन पाउडर के रूप में मिलने वाला नोविचोक जहरीली वीएक्स गैस से आठ गुना ज्यादा जानलेवा होता है।यह शरीर में प्रवेश करने के बाद एक विशेष एंजाइम को अवरुद्ध कर देता है, जिसके कारण तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं। फिर सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और दिल का दौरा पड़ता है। इसके संपर्क में आने से किसी व्यक्ति की कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है।
कुछ मिनट में हो सकती है मौत:-मेडिकल टॉक्सीलॉजिस्ट पीटर चाई का कहना है कि सबसे पहले यह केमिकल सांस के जरिए और कुछ खाने या फिर त्वचा के साथ शरीर के अंदर जाता है। फिर अंदर जाने के बाद एंजाइम को ब्लॉक कर देता है। यह एंजाइम नर्व और मसल्स को सही तरह से कार्य करने के लिए काफी अहम माना जाता है। इसके बाद लार टपकने लगती है और शरीर में जहर फैलने लगता है इसी के साथ ही कुछ मिनटों में इंसान पैरालिसिस(लकवा) का शिकार हो जाता है। डायरिया, नाक बहना, पसीना आना और साथ ही हृदय गति भी कम हो जाती है। केमिकल वेपंस के विशेषज्ञ मार्क के मुताबिक नोविचोक नर्व एजेंट् किसी भी व्यक्ति को पांच से 15 मिनट में मौत के घाट उतार सकता है। हैंडबुक ऑफ टॉक्सीलॉजी ऑफ केमिकल वॉरफेयर एजेंट्स का कहना है कि नर्व एजेंट के शिकार किसी भी व्यक्ति का इलाज हो पाना फिलहालअसंभव है।
कैसे सामने आया ये रसायन:-केमिकल वेपंस के विशेषज्ञ मार्क बिशप कहते हैं कि नर्व एजेंट किसी को भी पांच से 15 मिनट के अंदर खत्‍म कर सकता है। लेकिन नोवाचिक एजेंट्स बाकी नर्व एजेंट्स की तुलना में और करीब आठ गुना तक ज्‍यादा खतरनाक होते हैं। उन्‍होंने बताया कि अगर सर्गेई और उनकी बेटी जिंदा हैं तो इसका मतलब कि नर्व एजेंट की मात्रा कम थी या फिर इसमें मिलावट थी। हालांकि अब तक ये रहस्‍य सुलझ नहीं पाया है कि जब रूस ने सितंबर 2017 तक 39,967 मीट्रिक टन केमिकल वेपेन को खत्‍म कर दिये थे तब यह खतरनाक रसायन दोबारा सामने कैसे आया।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरयम नवाज ने जेल में बेहतर सुविधा लेने से साफ इन्कार कर दिया है। दरअसल, भ्रष्टाचार के मामले में नवाज और मरयम रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। जेल प्रशासन द्वारा उनको बेहतर सुविधा देने का प्रस्ताव भी दिया गया था, जिसे लेने से उन्होंने मना कर दिया है। बता दें कि नवाज शरीफ और मरयम को सोमवार तक इसी जेल में रहना होगा। सोमवार को दोनों की जमानत याचिका दायर की जाएगी। लंदन से पाकिस्तान पहुंचते ही नवाज और मरयम को गिरफ्तार कर लिया गया था। इससे पहले ऐसी रिपोर्ट आई थी कि नवाज और उनकी बेटी को जेल में 'बी' क्लास सुविधा दी जा रही है।
जानिए क्या है 'बी' क्लास सुविधा
- 'बी' क्लास सुविधा में जेल में घर का खाना खाने की इजाजत होती है।
- अलग से बॉथरूम होता है।
- इसके अलावा बिस्तर, गद्दा, मेज और कुर्सी, कूलर, टीवी जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
शुक्रवार को हुई गिरफ्तारी:-गौरतलब है कि लंदन से लाहौर हवाई अड्डे पर उतरते ही शुक्रवार को राष्ट्रीय उत्तरदायित्व ब्यूरो के अधिकारियों ने नवाज और उनकी बेटी मरियम को हिरासत में ले लिया था। शुक्रवार को हिरासत में लेने के बाद, उन्हें एक विशेष विमान से इस्लामाबाद भेजा गया और उसके बाद उन्हें फिर आदियाला जेल में ले जाया गया।
नवाज को 10, मरयम को 7 साल की सजा:-गौरतलब है कि पनामा पेपर्स कांड से जुड़े भ्रष्टाचार के केस में पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने 6 जुलाई को नवाज शरीफ को 10 साल जेल की सजा सुनाई थी। जबकि उनकी बेटी मरियम नवाज को 7 साल कैद और दामाद कैप्टन (पूर्व) सफदर को एक साल की सजा सुनाई है।

 

 

नई दिल्ली। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की नीति के तहत सरकार मोबाइल हैंडसेट निर्माण के साथ उसके स्वदेशीकरण पर भी जोर दे रही है। सरकार के चरणबद्ध मैन्यूफैक्चरिंग कार्यक्रम के तहत ऐसी इकाइयां स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है, जो मोबाइल हैंडसेट के कलपुर्जो का निर्माण करती हैं। स्वदेशीकरण से मोबाइल हैंडसेट में वैल्यू एडीशन होगा तो कारोबार तो बढ़ेगा ही, इससे नौकरियों के ज्यादा अवसर पैदा होंगे।सरकार के इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का मानना है कि अगले वित्त वर्ष 2019-20 तक देश में बनने वाले फीचर फोन में स्वदेशी कलपुर्जो का इस्तेमाल मौजूदा 15 फीसद से बढ़कर 37 फीसद हो जाएगा। स्मार्टफोन के निर्माण में भी स्वदेशी कलपुर्जो की हिस्सेदारी मौजूदा 10 फीसद से बढ़कर 26 फीसद हो जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का मानना है कि सरकार मोबाइल हैंडसेट निर्माण के लिए घरेलू स्तर पर पूरा इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत घरेलू स्तर पर कलपुर्जे बनाने वाली इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।मंत्रालय ने इसके लिए विशेष तौर पर चरणबद्ध मैन्यूफैक्चरिंग प्रोग्राम शुरू किया है। 2016-17 से लागू इस कार्यक्रम के पहले चरण में चार्जर, एडॉप्टर, बैटरी पैक और वायर्ड हैंडसेट बनाने वाली इकाइयों की स्थापना पर जोर दिया गया। दूसरे चरण में 2017-18 में मैकेनिक्स, डाई कट पार्ट्स, माइक्रोफोन व रिसीवर, की-पैड, यूएसबी केबल बनाने वाली इकाइयों पर फोकस रहा। चालू वित्त वर्ष 2018-19 में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली, कैमरा मॉड्यूल, कनेक्टर्स निर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अगले वर्ष डिस्प्ले असेंबली, टच पैनल, कवर ग्लास असेंबली से लेकर वाइब्रेटर मोटर और रिंगर बनाने वाली इकाइयों पर फोकस रहेगा।मंत्रालय का मानना है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण के लिए प्रोत्साहन नीति के अच्छे नतीजे दिख रहे हैं। 2014-15 में देश में 29.2 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर का उत्पादन हुआ था। 2016-17 तक 49.5 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह देश में मोबाइल हैंडसेट और अन्य कलपुर्जे बनाने वाली इकाइयों की संख्या में भी तेज वृद्धि हुई है। मंत्रालय के मुताबिक 2014 में देश में ऐसी इकाइयों की संख्या मात्र दो थी, जो आज की तारीख में 115 हो गई है।

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों में सभी परेशान हैं। आपको बता दें कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में संशोधन करती हैं।अक्सर शॉर्ट सेलिंग और फ्यूल में मिलावट के चलते पेट्रोल पंप पर धांधली की संभवना बनी रहती है। इस साल फरवरी में ऑयल एंड पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान ने बताया था पेट्रोल पंप पर होने वाले फ्रॉड के मामले में दिल्ली तीसरी नंबर पर है। अप्रैल 2014 से दिसंबर 2017 तक दिल्ली से पेट्रोल पंप पर शॉर्ट फ्यूलिंग के करीब 785 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, महाराष्ट्र में 1560 और उत्तर प्रदेश में 913 केस दर्ज हुए हैं।
जानिए कैसे बरतें सावधानी-
फ्यूल की गुणवत्ता पर शक होने पर है-कई बार ऐसा होता है जब आपको गाड़ी में पेट्रोल भरवाते समय उसकी क्वालिटी पर संदेह होता है। गाड़ी में जब भी कम माइलेज या इंजन से जुड़ी दिक्कतें आती हैं तो पेट्रोल की क्वालिटी पर शक किया जाता है। ऐसे में आप कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 1986 के तहत ग्राहक होने के नाते पेट्रोल पंप पर फिल्टर पेपर की मांग कर जांच सकते हैं। इससे आप यह जान सकते हैं कि पेट्रोल में मिलावट की गई है या नहीं।इस पेपर पर पेट्रोल की कुछ बूंदें डालें, अगर पेट्रोल में कोई मिलावट नहीं है तो यह बिना कोई दाग छोड़े पेपर से उड़ जाएगा। हालांकि अगर मिलावट की गई है तो पेपर पर इसके दाग रह जाएंगे।
स्टार्ट स्टॉप ट्रिक का करें इस्तेमाल-पेट्रोल पंप पर शॉर्ट फ्यूलिंग जैसे फ्रॉड आम हैं। इसके लिए स्टार्ट स्टॉप ट्रिक का इस्तेमाल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपने 1500 रुपये के फ्यूल की मांग की है तो पेट्रोल पंप पर स्थित कर्मचारी आपके पेट्रोल टैंक को 1500 रुपये से कम पर रोक देगा। इसके बाद आप उसे फिर से टैंक भरने के लिए कह सकते हैं।इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप पेट्रोल भरवाते समय मीटर को शून्य पर देखें और फिर जितना आपको भुगतान करना है, वहां तक मीटर आ जाने पर उसे रोकने के लिए कहें।
5 लीटर क्वांटिटी टेस्ट के बारे में जाने-सभी पेट्रोल पंप के पास वेट्स एंड मेशर्स डिपार्टमेंट की ओर से प्रमाणित 5 लीटर माप होता है। कोई भी ग्राहक इसकी मांग कर सकता है और खुद से भर सकता है। अगर मशीन की ओर से डिलीवर किया जाने वाला फाइव लीटर पेट्रोल मेजर को पूरा भर रहा है तो पेट्रोल पंप आपके वाहन की शॉर्ट फ्यूलिंग नहीं कर रहा है। हालांकि, अगर मेजरमेंट पूरा नहीं भर रहा है तो इसका यह मतलब है कि पेट्रोल पंप ग्राहकों को उचित मात्रा में फ्यूल न देकर उनके साथ धोखा कर रहा है। यह जांच किसी भी मशीन पर की जा सकती है।
अन्य सावधानियां-रोजाना पेट्रोल और डीजल की दरों का ख्याल रखें। कोई भी डीलर असल मूल्य से ज्यादा चार्ज नहीं कर सकता है। फ्यूल की बदलती कीमतों के लिए ग्राहक सरकारी तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एप, वेबसाइट या एसएमएस के जरिए कीमत पता कर सकते हैं।

नई दिल्ली। सरल करार दिया गया जीएसटी नई तकनीक के सहारे स्मार्ट भी बन गया है। इतना स्मार्ट कि कर चोरी करके बचना संभव नहीं होगा। नई तकनीक एनालिटिक्स का इस्तेमाल करने से व्यापारी जीएसटी चुकाने से बच नहीं सकते हैं। इन्फोसिस द्वारा विकसित डाटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर पकड़े गए टैक्स डिफॉल्टरों पर कार्रवाई हो सकती है।जीएसटी नेटवर्क के लिए बने मंत्री समूह (जीओएम) के चेयरमैन व बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि मंत्री समूह ने राज्य सरकारों से पहचान में आए टैक्स डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इन्फोसिस द्वारा विकसित डाटा एनालिटिक्स के जरिये दाखिल किए गए जीएसटी रिटर्न जीएसटीआर-3बी और जीएसटीआर-1 का विश्लेषण किया और बड़ी संख्या में डिफॉल्टरों की पहचान की गई।जीएसटीएन के जीओएम की नौवीं बैठक के बाद मोदी ने संवाददाताओं को बताया कि हमने दो रिपोर्ट तैयार की हैं। ये रिपोर्ट राज्य सरकारों को सौंपी गई हैं ताकि वे डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। इस बैठक में इन्फोसिस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) प्रवीण राव समेत कंपनी के कई शीर्ष अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। मोदी ने बताया कि कुछ राज्यों ने डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी है। कम गंभीर मामलों में व्यापारियों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे दोबारा दोषी पाए गए तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जीओएम इन्फोसिस के प्रदर्शन से संतुष्ट:-मोदी ने कहा कि जीओएम इन्फोसिस से पूरी तरह संतुष्ट है। जीएसटी लागू करने में सामने आईं सभी दिक्कतें मिलकर दूर कर ली गई हैं। जीएसटीएन में अभी आ रही दिक्कतें हम मिलकर दूर कर रहे हैं। अभी तक जीएसटीएन पर 12.48 करोड़ रिटर्न दाखिल हुए हैं।

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