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नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र को नयी उंचाइयों पर ले जाने के लिए काम कर रही है और असम को दक्षिण पूर्व एशिया में व्यापार के केन्द्र के रूप में विकसित करना चाहती है।
मोदी ने तिनसुकिया में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने धौला-सादिया पुल को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि 'लुक ईस्ट पालिसी' के तहत सरकार दक्षिण पूर्व एशिया में व्यापार के क्षेत्र में असम को प्रमुख केन्द्र बनाना चाहती है और इसके लिए कोई कोर कसर नहीं रखी जायेगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र को वह विकास की नयी ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं और इसके लिए रेल, सड़क, संचार और बिजली की सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस क्षेत्र में रेलवे का विकास सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है और यहां पर्यटन को बढावा देने की भरपूर संभावनाएं है। इससे इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इस क्षेत्र में जल परिवहन की भी भरपूर संभावना है और इसकी शुरुआत असम में ब्रह्मपुत्र नदी से की जा सकती है। जल परिवहन काफी सस्ता होता है और यह पर्वायवरण के अनुकूल भी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पुल के माध्यम से असम और अरुणाचल प्रदेश की दूरी काफी कम होगी और व्यापार को बढ़ावा मिल सकेगा जिससे इस क्षेत्र में आर्थिक खुशहाली आयेगी। इस पुल के कारण दोनों राज्यों के लोगों के आवागमन के समय की काफी बचत होगी और प्रतिदिन 10 लाख रुपये का ईधन बचेगा।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर पिछले तीन साल के दौरान जितनी राशि खर्च की गयी है उतना दस पन्द्रह साल में खर्च किया जाता। उन्होंने राज्य की सोनोवाल सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी।
देश के सबसे लंबे पुल धौला-सादिया के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिनसुकिया के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 5 दशकों से यहां के लोग इस पुल का इंतजार कर रहे थे। आज इस पुल के शुरू हो जाने के बाद से कम-कम से कम पांच से छह घंटों की बचत होगी और यहां आर्थिक क्रांति आएगी। विकास के रास्ते खुलेंगे। दस लाख रुपये के डीजल-पेट्रोल की बचत होगी। पीएम ने धौला-साकिया पुल का नाम बदलकर भूपेन हजारिका करने की बात कही।
पीएम मोदी अगर अटल बिहारी वाजपेयी का सरकार दोबारा जीतकर आई होती तो यह ब्रिज आपको 10 साल पहले मिल गया होता। यह बात निश्चित है कि अगर विकास को स्थायी रूप देना हो, स्थायी रूप से विकास को गति देनी है तो मूलभूत ढांचा पहली शर्त है।
पीएम ने किया पुल का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के सबसे लंबे नदी पुल धौला-सदिया सेतु का उदघाटन किया। लोहित नदी के उपर बने इस पुल का एक छोर अरुणाचल प्रदेश के ढोला में और दूसरा छोर असम के सदिया में पड़ता है।
असम में तिनसुकिया जिले के सदिया में 2,056 करोड़ रुपये की लागत से बने इस रणनीतिक पुल का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री कुछ दूरी तक इस पर चले ।
इसके बाद प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, असम के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनोवाल तथा अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को लेकर एक वाहन इस पुल के उपर से गुजरा। यह सेतु 9.15 किलोमीटर लंबा किलोमीटर लंबा है और मुंबई स्थित बांद्रा वर्ली सी लिंक से 3.55 किलोमीटर अधिक लंबा है।
इस पुल के बन जाने से सामरिक रूप से महत्वपूर्ण असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच यात्रा करने में लगने वाले समय में चार घंटे की कमी आएगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सीमावर्ती राज्य अरुणाचल प्रदेश तक सैनिकों और आर्टिलरी के त्वरित गमन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पुल को टैंकों के आवागमन के हिसाब से डिजाइन किया गया है।
चीन सीमा के नजदीक ब्रह्मपुत्र नदी पर बने देश के सबसे लंबे धौला-सादिया पुल को देश को समर्पित कर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इसका उद्गाटन किया। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पुल पर सफर कर इसका जायजा ले रहे हैं। असम से अरुणाचल को जोड़ने वाला यह पुल 9.15 किलोमीटर लंबा है।
इससे पहले गुवाहाटी पहुंचने के बाद हवाई अड्डे पर ही असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल ने पीएम मोदी को फुल का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। वहीं कुछ अन्य बड़े मंत्री व नेता वहां मौजूद थे।
मोदी ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को उनकी सरकार के एक साल पूरा होने पर बधाई भी दी। 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को जबरदस्त जीत दिलाने के बाद उस साल 26 मई को मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
प्रधानमंत्री मोदी असम से ही तीसरी सालगिरह पर राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए सादिया जिले में ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए गए 9.15 किलोमीटर लंबे पुल का भी उद्घाटन किया। यह भारत का सबसे लंबा पुल है। यह पुल दो राज्‍यों असम और अरुणाचल प्रदेश को आपस में जोड़ेगा। इस पुल पर भारी से भारी सामान ले जाना भी संभव होगा।
चीन को करारा जवाब
सामरिक तौर पर भारत को लगातार घेरने की पूरी कोशिश कर रहे चीन के लये करारा जवाब है। आपको बता दें कि चीन लगातार सीमा से सटे इलाकों में तेज़ी से सड़कें और अन्य निर्माण कर रहा है यह पुल उसके पलटवार माना जा रहा है। यह पुल 60 टन वजनी युद्धक टैंक का भार भी वहन करने में सक्षम है। यह पुल चीनी सीमा से हवाई दूरी 100 किलोमीटर से कम है।
ब्रहमपुत्र नदी पर बने 9.15 किलोमीटर लंबे धोला-सादिया पुल के उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री असम के पूर्वी हिस्से से राजग सरकार के तीन साल पूरे होने का जश्न आरंभ करेंगे। इस पुल को चीन भारत सीमा पर, खास तौर पर पूर्वोत्तर में भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा यह पुल अरुणाचल प्रदेश और असम के लोगों के लिए हवाई और रेल संपर्क के अलावा सड़क संपर्क भी आसान बनाएगा। यह मुंबई में बांद्रा-वर्ली समुद्र संपर्क पुल से 3.55 किलोमीटर लंबा है और इस प्रकार यह भारत का सबसे लंबा पुल है।
सोनोवाल ने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश का देश के लिए अत्यंत सामरिक महत्व है। पुल चीन के साथ हमारी सीमा के करीब है लिहाजा टकराव के समय यह सैनिकों और तोपों की तेजी से आवाजाही में मदद करेगा। पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किलोमीटर दूर और अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर से 300 किलोमीटर दूर है। चीनी सीमा से हवाई दूरी 100 किलोमीटर से कम है।
सोनोवाल ने कहा कि वर्ष 2014 में मोदी सरकार के बनने के बाद से पुल के निर्माण में तेजी लाई गई। पुल का उद्घाटन 2015 में होना था। असम में भाजपा सरकार 24 मई को अपना एक साल पूरा कर रही है।
महासेतु की खासियत
-ब्रह्मपुत्र नदी पर बना 9.15 किलो मीटर लंबा यह पुल एशिया का दूसरा सबसे लंबा पुल है।
-यह असम में तिनसुकिया जिले के ढोला तथा सदिया को जोड़ता है।
-यह मुंबई के बांद्रा वर्ली सी लिंक पुल से 3.55 किलो मीटर लंबा है।
-यह पुल देश की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए रणनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है।
-यह पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किलो मीटर तथा अरूणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर से 300 किलो मीटर दूर है।
-चीनी सीमा से इस पुल की हवाई दूरी महज 100 किलोमीटर है।
-यह पुल पूर्वी क्षेत्र के दूर-दराज के लोगों को देश के अन्य हिस्सों से जुडऩे के लिए सुविधा मुहैया कराएगा, जो अभी तक नौका के जरिए कहीं भी आने-जाने के लिए विवश थे।
-इस पुल के निर्माण का कार्य 2011 में शुरू हुआ था तथा इसके निर्माण पर 50 करोड़ रुपए लागत आई है।
-यह उतर-पूर्व में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मुख्य परियोजना था तथा इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी में बनाया गया है।

 

नई दिल्ली - भारतीय सेना ने कुख्यात पाकिस्तान बॉर्डर एक्शन आर्मी (BAT) के दो जवानों को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में LOC के नजदीक जब भारतीय सेना पेट्रोलिंग कर रही थी उसी दौरान BAT ने हमला कर दिया। सेना की जवाबी कार्रवाई में बैट के दो जवान मारे गए। आपको बता दें कि पाकिस्तान की बैट घात लगाकर हमला करने और भारतीय जवानों के शव क्षत-विक्षत करने के लिए कुख्यात रही है। ये आतंकवादियों के साथ मिलकर घुसपैठ की कोशिशें को बढ़ावा देते हैं।
एक मई को जम्‍मू कश्‍मीर के पुंछ में बैट ने ही दो भारतीय जवानों के सिर कलम कर दिए थे। सीमा पर भारी गोलीबारी के बीच बैट एलओसी पार कर के 250 मीटर तक अंदर आ गए थे, और फिर सेना के दो जवानों को हमला कर मारा था और कायराना हरकत को अंजाम दिया था। उन लोगों ने बीएसएफ के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर और सेना के सूबेदार परमजीत सिंह के शव क्षत विक्षत कर दिए थे।

 

 

नई दिल्ली - कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में 17 दलों के नेता शामिल हुए। ये बैठक जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के मुद्देनजर बुलाई गई थी। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की जगह शरद यादव पहुंचे हैं।
इस बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई है और जल्द ही सभी दलों की तरफ से संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी नाम को लेकर आम सहमति नहीं बनी तो विपक्ष एक कमेटी बनाकर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चयन करेगा।
संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में कांग्रेस, आरजेडी, जेडीयू, एसपी, बीसपी, टीएमसी, जेएमएम, केरल कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी, डीएमके, एआईयूडीएफ, आरएसपी, ऑल इंडिया मुस्लिम लीग, सीपीएम, सीपीआई और जेडीएस के नेता शामिल हुए।
आपको बता दें कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गुरुवार को साफ कर चुके हैं कि वह राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल नहीं हैं।

 

नई दिल्ली - पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल का राजधानी के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया है। उनको दिल का दौरा पड़ा था। उन्होंने पंजाब में आतंकवाद को काबू करने में सफलता प्राप्त की थी। इसलिए उनको सुपर कॉप कहा जाता था।
डॉक्टरों ने उनके निधन की जानकारी देते हुए कहा कि वह किडनी फैलियर की लास्ट स्टेज में चल रहे थे। इसके साथ वे दिल की बीमारी से भी जूझ रहे थे।
वे दो बार पंजाब के डीजीपी रहे। वे 1995 में भारतीय पुलिस सेवा से रिटायर हुए। सिविल सर्विस में महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया ​था।

 

नई दिल्ली - असम में लापता हुए सुखोई-30 फाइटर जेट का मलबा मिला है। एसयू-30 एमकेआई विमान ने मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे तेजपुर सलोनीबाड़ी वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरी थी और थोड़ी देर बाद विमान से संपर्क टूट गया था। हालांकि अब तक विमान के सवार दो पायलटों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
सुखोई -30 लड़ाकू विमान का मलबा उसी जगह के पास से मिला है जहां से उसका आखिरी बार संपर्क टूटा था। डिफेंस प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल संबित घोष ने बताया, अभी वहां मौसम बहुत खराब है। इस वजह से परेशानी आ रही है।
आपको बता दें कि चीन सीमा के पास तेजपुर एयर फोर्स बेस स्टेशन से मंगलवार सुबह उड़ान भरने के बाद लापता हुआ विमान आखिरी बार 12:30 बजे तक ग्राउंड सपॉर्ट के संपर्क में था। सुखोई- 30 ने एयरफोर्स स्टेशन बेस से दो पायलटों के साथ उड़ान भरी थी। बताया जा रहा है कि विमान नियमित ट्रेनिंग मिशन के तहत उड़ान पर था। 12:30 बजे जब विमान अरुणाचल के डौलसांग इलाके में था तभी रेडार से रेडियो संपर्क खो बैठा।

 

नई दिल्ली - इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में छेड़छाड़ करके दिखाने की चुनाव आयोग की चुनौती में शामिल होने के लिए अभी तक किसी भी दल ने आवेदन नहीं किया है। चुनाव आयोग की ओर से एक्सपर्ट के नामांकन की आज आखिरी तारीख है और अब तक किसी पार्टी की ओर से कोई नामांकन नहीं हुआ है। ईवीएम हैक करने का मौका उन्हीं राजनीतिक दलों को मिलेगा जो 26 मई यान आज शुक्रवार की शाम 5 बजे तक हैकाथॉन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएंगे।
चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने गुरुवार देर शाम को बताया कि अब तक किसी पार्टी ने किसी जानकार को ईवीएम चुनौती स्वीकार करने के लिए नामित नहीं किया है। बीती 20 तारीख को आयोग ने घोषणा की थी कि 3 जून से ईवीएम चैलेंज हो रहा है जिसके लिए 26 मई तक पार्टियां तान जानकारों को नामित कर सकती हैं।
आयोग के सूत्रों के मुताबिक गुरुवार (25 मई) रात तक किसी पार्टी ने आवेदन नहीं किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी और बसपा ने ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका जताई थी। उसके बाद कई अन्य दलों ने उनके स्वर में स्वर मिलाया।
EC ने खारिज की 'आप' की मांग
आप ने बुधवार (24 मई) को आयोग से ईवीएम चुनौती के दौरान किसी तरह का दिशा-निर्देश तय नहीं करने को कहा क्योंकि पार्टी का मानना है कि मशीन को हैक करने की साजिश रचने वाला व्यक्ति चुनाव आयोग द्वारा तय किसी नियम का पालन नहीं करेगा। सात राष्ट्रीय और 48 क्षेत्रीय दल तीन जून को प्रस्तावित चुनौती में हिस्सा लेंगे।
चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हैक करने से जुड़ी चुनौती के दौरान उसके मदरबोर्ड से छेड़छाड़ करने की अनुमति देने की आम आदमी पार्टी की मांग को गुरुवार (25 मई) को खारिज कर दिया। चुनाव निकाय ने कहा कि मशीन के आंतरिक सर्किट (मदरबोर्ड) में परिवर्तन करने से मशीन अपनी मौलिकता खो देगी।
हैकिंग के लिए दलों को आमंत्रण
चुनाव आयोग ने ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों के मद्देनजर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ईवीएम हैक करने की चुनौती देते हुये ऐसा कर दिखाने को आमंत्रित किया है। आयोग के एक अधिकारी ने मंगलवार (23 मई) को बताया कि ईवीएम को हैक करने की 3 जून से शुरू हो रही चुनौती के लिये सभी सात राष्ट्रीय दलों और 49 राज्य स्तरीय दलों को आमंत्रित किया गया है। गत शनिवार (20 मई) को आयोग ने ईवीएम में गड़बड़ी करने के राजनीतिक दलों के आरोपों को खुली चुनौती दी थी।
आयोग ने हाल ही में पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने की कुछ राजनीतिक दलों की शिकायतों के आधार पर दलों को खुली चुनौती देने का फैसला किया है। शनिवार को आयोग ने इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने वाले राजनीतिक दलों को ही ईवीएम में गड़बड़ी करने के दावे को सही साबित करने की चुनौती में शामिल होने की अनुमति दी थी। हालांकि अब आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त दलों को इसमें शामिल होने का आमंत्रण भेजा है।
अधिकारी ने बताया कि चुनौती स्वीकार करने वाले दल को पांच राज्यों के किसी भी मतदान केन्द्र पर इस्तेमाल की गयी ईवीएम को हैक करने की छूट होगी। ऐसे दल अपनी मर्जी से कोई चार ईवीएम चुन सकेंगे। इन्हें हैक करने के लिये चार घंटे का समय दिया जायेगा। चुनौती में शामिल होने वाला दल अपने तीन प्रतिनिधि मशीन को हैक करने के लिये भेज सकेगा। हालांकि चुनौती के लिये राजनीतिक दलों को विदेशी प्रतिनिधि भेजने की छूट नहीं होगी।

 

नई दिल्ली - इस्लामाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद भारत लौटी उजमा ने कहा कि मैं भारत सरकार और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की शुक्रगुजार हूं, क्योंकि उनकी कोशिशों के चलते ही मैं भारत लौट सकी हूं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से बचकर आना बहुत मुश्किल था लेकिन यह सब कुछ पाकिस्तान में भारतीय अधिकारी जेपी सिंह और सुषमा स्वराज की कोशिशों के चलते मुमकिन हो सका।
उजमा ने कहा पाकिस्तान जाना बहुत आसान है और बहुत आसानी से पाकिस्तान का वीजा मिल जाता है लेकिन पाकिस्तान मौत का कुआं है। वहां जाकर लड़कियां फंस जाती हैं। मुस्लिम लड़कियां सोचती है कि पाकिस्तान बहुत अच्छा है क्योंकि वह एक मुस्लिम देश है लेकिन वहां जाकर लड़कियों के साथ बहुत बुरा बर्ताव होता है। उन्होंने कहा कि अरेंज मैरिज करके जो लड़कियां भी वहां जाती है उनके साथ भी बहुत बुरा व्यवहार होता है। एक घर में एक व्यक्ति की तीन से चार बीवियां होती हैं।
उजमा ने कहा कि मैं नरेंद्र मोदी से मिलकर उनका भी धन्यवाद करना चाहती हूं।
हाईमिश्न ने दी हर संभव मदद
उजमा ने कहा कि मैं पाकिस्तान से सही सलामत आकर खुश हूं। उन्होंने कहा कि बेटी के नसीब से बचकर पकिस्तान से आई हूं। मैं जब हाईकमिश्न के ऑफिस पहुंची तो मैंने विंडो पर बताया कि भारतीय हूं। मुझे एक मिनट में हाईकमिश्न में अंदर ले लिया गया और बाहर नहीं जाने दिया। इतना ही नहीं हर संभव मदद दी गई।
उजमा ने बताया कि ताहिर ने मुझे हर तरीके से टॉर्चर किया। उन्होंने बताया कि जब मैंने अपनी दर्द भरी कहानी हाईकमिश्न ऑफिस में बताई तो मुझे हर संभव मदद दी गई। सुषमा स्वराज ने मुझे फोन करके कहा कि तुम हमारी देश की बेटी हो और हाई कमिश्न को कहा कि इसे ताहिर के पास मत जाने देना।
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में लंबे समय से चल रही कडवाहट के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारतीय नागरिक उजमा अहमद की सुरक्षित स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में सहयोग के लिए पाकिस्तान के अधिकारियों तथा न्यायपालिका का आभार जताया।
पाकिस्तान में विवाह के लिए मजबूर की गई उजमा अहमद की मौजूदगी में स्वराज ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि राजनीतिक रिश्ते अपनी जगह हैं लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने इस मामले में जिस तरह से मानवीय आधार पर सहयोग किया है इसके लिए वह उनके प्रति आभार प्रकट करती हैं। इस्लामाबाद हाईकोर्ट से स्वदेश लौटने की अनुमति मिलने के बाद उजमा पाकिस्तान में भारत के उप उच्चायुक्त जे पी सिंह के साथ वाघा सीमा के रास्ते गुरुवार को भारत पहुंची हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि उज्मा का मुकदमा लडने वाले वकील शाहनवाज नून भी धन्यवाद के पात्र हैं क्योंकि उन्होंने यह मुकदमा एक पिता की तरह लड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले में फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश कियानी ने भी मानवीय आधार पर फैसला सुनाया है। उजमा के साथ जबरन विवाह करने वाले पाकिस्तानी नागरिक ताहिर अली ने न्यायाधीश के समक्ष दलील दी थी कि यह पाकिस्तान की प्रतिष्ठा का मामला है जिस पर न्यायाधीश ने कहा कि इसमें पाकिस्तान की प्रतिष्ठा कहां से बीच में आ गई और उन्होंने फैसला उजमा के पक्ष में सुनाते हुए उसे स्वदेश लौटने की अनुमति दे दी। स्वराज ने कहा कि न्यायाधीश कियानी ने फैसला सुनाते समय ही इस्लामाबाद में भारत के उप उच्चायुक्त जे पी सिंह से कहा कि आप उजमा के दस्तावेज लेकर इसे वाघा सीमा से भारत ले जाए।

 

नई दिल्ली - राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि वह राष्ट्रपति पद के दूसरे कार्यकाल की दौड़ का हिस्सा नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल की समाप्त में ठीक दो महीने बचे हैं। 25 जुलाई को एक नया राष्ट्रपति पदभार ग्रहण करेगा। मैं उन अधिकारियों को वापस उनके मंत्रालयों और विभागों में भेज रहा हूं जिन्होंने मेरे साथ काम किया है। एक को वाणिज्य मंत्रालय में और दो को विदेश मामले के मंत्रालय में भेजा गया है।
राष्ट्रपति ने यह बात एक टी पार्टी में कही। यह पार्टी राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पॉल ने नीदरलैंड में राजदूत नियुक्त किए गए राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेणु राजमणि को विदा करने के लिए दी थी जिसमें विशेषरूप से मीडियाकर्मियों को बुलाया गया था। राजमणि अगले महीने नीदरलैंड में अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।
मुखर्जी की टिप्पणी जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवारों को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि अगर सरकार को स्वीकार हो तो मुखजीर् के लिए दूसरे कार्यकाल पर विचार किया जा सकता है। लेकिन सरकार ने इस बात का कोई संकेत नहीं दिया है कि इस शीर्ष पद के लिए उसके दिमाग में कौन है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी शुक्रवार को इस पद के लिए विपक्षी उम्मीदवार को लेकर आम सहमति पर पहुंचने के प्रयासों के तहत विपक्षी नेताओं के लिए लंच आयोजित कर रही हैं, जिसमें तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी को भी आमंत्रित किया गया है। ममता ने हाल ही में सोनिया से मुलाकात कर मुखर्जी के दूसरे कार्यकाल पर सहमति जताई थी।
अपनी टिप्पणी में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि इतने व्यस्त राजनीतिक जीवन के बाद अब उनके मन में सवाल उठा रहा है कि क्या वह दोबारा राष्ट्रपति के पद के अनुरूप हो पाएंगे जहां उन्हें संवैधानिक नियमों के तहत काम करना होता है।
अपने भाषण में पॉल ने राजमणि को एक उत्कृष्ट संप्रेषक बताया और उन्हें राष्ट्रपति और राष्ट्रपति भवन की गतिविधियों को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के अच्छे काम के लिए बधाई दी।

 

नई दिल्ली - दुनिया के सभी विश्वविद्यालयों में कोर्स की समाप्ति पर विद्यार्थियों को डिग्रियां दी जाती हैं। इसके लिए विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोहों का आयोजन भी किया जाता है। मगर एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में बीते दिनों जो दीक्षांत समारोह हुआ, वह अनूठा था। यहां बेटे को डिग्री लेते हुए देखने पहुंची मां को भी एमबीए की डिग्री दे दी गई। ऐसा क्यों हुआ, यह जानना अपने आप में काफी दिलचस्प है।
डिग्री पाने वाली मां का नाम है जूडी ओ’कोन्नोर और उनके बेटे का नाम है मार्टी ओ’कोन्नोर। मार्टी दोनों हाथों और पैरों से लकवाग्रस्त हैं, फिर भी उच्च शिक्षा पाने के जज्बे के साथ उन्होंने चैपमैन यूनिवर्सिटी के एमबीए पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। मगर शारीरिक अक्षमता उनकी पढ़ाई के आड़े आ रही थी। ऐसे में जूडी ने बेटे की इच्छा को पूरा करने का बीड़ा उठाया। कोर्स के दौरान वह हर दिन बेटे को क्लास में ले जातीं, उसके साथ लगातार बैठकर लेक्चर सुनतीं और नोट्स बनातीं।
बेटे के लिए मां का यह लगाव और समर्पण, यूनिवर्सिटी के शिक्षकों, प्रशासकों और ट्रस्टियों को इतना भाया कि उन्होंने जूडी को एमबीए की मानद उपाधि देने का निर्णय ले लिया।
दुर्घटना से लकवाग्रस्त हुए मार्टी
अमेरिका की कोलोराडो यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद मार्टी ने एक पैकेजिंग कंपनी में सेल्समैन के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसी बीच 2012 में सीढ़ियों से गिरने की वजह से उन्हें लकवा मार गया। वह अब अपने हाथों और पैरों से कुछ भी करने में अक्षम हैं।
बेटे के लिए छोड़ा राज्य
प्राइमरी टीचर रहीं जूडी फ्लोरिडा में रह रही थीं, मगर जब मार्टी ने दक्षिणी कैलिफोर्निया के ऑरेंज शहर की चैपमैन यूनिवर्सिटी में पढ़ने की इच्छा जाहिर की। इस पर उन्होंने बेटे की मदद के लिए फौरन फ्लोरिडा छोड़ने का निर्णय ले लिया।
नहीं पता था मिलेगी डिग्री
दीक्षांत समारोह में जूडी व्हीलचेयर पर बैठे बेटे को उसकी डिग्री दिलाने गईं थीं। जैसे ही उन्होंने बेटे की डिग्री प्राप्त की, तभी समारोह के उद्घोषक ने यह घोषणा कर दी कि उन्हें एमबीए की मानद उपाधि के लिए चुना गया है। यह सुन वहां मौजूद सभी लोग जूडी के सम्मान में खड़े गए।

 

बीजिंग - पूर्वी एशिया के लिये अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने वाशिंगटन को बताया है कि उत्तर कोरिया के परमाणु एवं मिसाइल गतिविधियों पर लगाम लगाने के मकसद से उन्होंने उत्तर कोरिया के साथ लगती सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
अमेरिका की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री सुसन थॉर्नटन ने शुक्रवार को बीजिंग में बताया कि उत्तर कोरिया के मिसाइल एवं परमाणु बमों के परीक्षण पर रोक लगाने के मकसद से उस पर दबाव बनाने की तत्काल जरूरत से चीन लगातार वाकिफ है। उन्होंने कहा कि चीनी अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने सीमा पर जांच, पुलिस गश्त और सीमा शुल्क जांच बढ़ा दी है।
चीन ने उत्तर कोरिया से कोयला आयात स्थगित करने की घोषणा की है, बहरहाल आम तौर पर वह उत्तर कोरिया के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी एवं कूटनीतिक सहयोगी के तौर पर उठाये जाने वाले अपने फायदों पर चुप्पी साधे रहता है।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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