9 जुलाई को चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता चीन अमेरिका व्यापार युद्ध के प्रभाव को कम करने के लिए चार कदम प्रकाशित किये। यानी कारोबारों के प्रभावों का मूल्यांकन किया जाएगा, जवाबी कदम करने से प्राप्त कर रकम का इस्तेमाल उन प्रभावित कारोबारों पर किया जाएगा, कारोबारों के आयात ढ़ांचे का समायोजन किया जाएगा और राज्य परिषद के विदेशी पूंजी प्रयोग पर सुझाव का कार्यांवयन किया जाएगा।विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका ने 34 अरब चीनी मालों को अतिरिक्त कर वसुलने का निर्णय लेने से चीन के कुछ कारोबारों को क्षति पहुंचायी। चीन सरकार ने इस परीणाम का पहचान किया था। लेकिन अमेरिका ने व्यापार युद्ध छेड़ने से चीन की उच्च तकनीक नवाचार क्षमता को रोकना चाहा। इसलिए चीन को अपने हितों की रक्षा के लिए कुछ कीमतों का भुगतान कर व्यापार युद्ध का मुकाबला करना पड़ता है।व्यापार युद्ध से चीन में कुछ ही कारोबारों को नुकसान पहुंचाया गया है। चीन सरकार ने इन की सहायता के लिए कदम उठाये हैं। साथ ही चीन अपने कारोबारों को दूसरे देशों व क्षेत्रों से आयात का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करता है। और चीन ने पूंजी बाजार के खुलेपन को सुव्यवस्थित तौर पर बढ़ावा दिया है। जो व्यापार युद्ध का मुकाबला करने में मददगार है।चीन विश्व में एक मात्र ही ऐसा देश है जिसे सभी औद्योगिक श्रेणियां प्राप्त हुई हैं। साथ ही चीन को 1.4 अरब जनसंख्या वाला विशाल उपभोक्ता बाजार भी प्राप्त है। चीनी आर्थिक विकास का 91% भाग घरेलू मांग पर निर्भर है। चीनी अर्थतंत्र का स्वयं परिसंचरण भी संभावित है। अमेरिका द्वारा छेड़े गये व्यापार युद्ध के मुकाबले में चीनी लोग सरकार के साथ एकजुट होकर समान प्रयास करेंगे।

 

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