लंदन - ब्रिटेन के कानून मंत्री फिलिप ली ने ब्रेक्जिट समझौते में संसद की भूमिका को सीमित करने के सरकार के इरादे को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि सरकार की ब्रेक्जिट नीति नागरिकों के हित में नहीं हैं।
दरअसल, मंगलवार को दोनों सदन प्रधानमंत्री टेरीजा द्वारा तैयार किए गए ब्रेक्जिट समझौते पर वोट करेंगे। ब्रेक्जिट मंत्री डेविड जोन्स ने कहा है कि वोट समझौते को मान्य करने के लिए होगा या कोई समझौता होगा ही नहीं। इसे ब्रेक्जिट में संसद की भूमिका को सीमित करने के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ सासंदों की मांग है कि यदि वह ब्रेक्जिट समझौते के विरोध में वोट दें तो संसद के पास इतना अधिकार हो कि वह सरकार को इसमें बदलाव करने के लिए बाध्य करे।
ली ने अपनी वेबसाइट में लिखा, 'मेरे इस फैसले का मुख्य कारण ब्रेक्जिट प्रक्रिया और वोट के आखिरी परिणाम पर संसद की भूमिका को सीमित करना है। भविष्य में मुझे अपने बच्चों को ईमानदारी से बताना है कि मैंने उनके लिए सबसे बेहतर करने की कोशिश की है। जिस तरह से ब्रिटेन यूरोपीय संघ से निकलता हुआ दिख रहा है उसका मैं समर्थन नहीं कर सकता।'

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