बेरूत - सीरिया से आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट को खदेड़ने के लिए रूसी अभियान जारी है। पूर्वी सीरिया में विस्थापित लोगों के लिये बनाये गये दो शिविरों एवं इसके आसपास के इलाके में गोलाबारी एवं रूसी बमबारी से दर्जनों नागरिकों की मौत हो गयी।
सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने आज कहा कि पिछले शुक्रवार की रात से दीर एजोर प्रांत में जारी भीषण बमबारी में 50 लोग मारे गए हैं, जिसमें 20 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन स्थित निगरानी संस्था की ओर से शनिवार को मृतकों का आंकड़ा 26 बताया गया था जो कि आज के आंकड़े की तुलना में लगभग आधा है।
बता दें कि बमबारी फरात नदी के करीब के इलाके को निशाना बनाकर की गयी। इसके साथ ही सीरिया के सीमावर्ती शहर अल्बु कमाल और विस्थापितों के गांवों और शिविरों को निशाना बनाया गया।
गौरतलब है कि अल्बु कमाल अंतिम महत्वपूर्ण सीरियाई शहर है, जो इस समय आतंकी संगठन आइएस के नियंत्रण में है। अगर आइएस से यह शहर छिन जाता है, तो उन्‍हें फिर उन्‍हें अंडरग्राउंड होना पड़ेगा। सीरिया के विवाद में अराजकता में बढ़ोतरी 2011 में राष्ट्रपति बाशर अल असद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के साथ हुई थी। इसके बाद यह एक जटिल युद्ध में बदल गया, जिसमें अभी तक 3,30,000 से अधिक लोगों की जान चली गई है। वहीं लाखों लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा और शहर के शहर खंडहर में तब्‍दील हो गए।

 

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