न्यूयार्क - दुनिया भर में काम करने वाले भारतीयों ने बीते साल 62.7 अरब डॉलर स्वदेश भेजे जो इसी अवधि में चीन समेत किसी अन्य देश को मिले विदेशी मनी-आर्डर में सबसे उपर रहा।
संयुक्त राष्ट की इकाई कषि विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय कोष आईएफएडी ने अपने एक अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला है। इसके अनुसार वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के कुल लगभग 20 करोड़ प्रवासियों ने 2016 में अपने अपने घरों को कुल 445 अरब डॉलर धन प्रेषित किया। इससे दुनिया में लाखों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर आने में मदद मिली।
रपट में कहा गया है कि बीते दशक में रेमिटेंस प्रवाह औसतन 4.2 प्रतिशत वाषर्कि की दर से बढा है और यह 2007 में 296 अरब डालर से बढ़कर 2016 में 445 अरब डॉलर हो गया।
अपनी तरह के इस अध्ययन में 2007 से 2016 के दस साल में विस्थान व रेमिटेंस प्रवाह का विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार आलोच्य अवधि में विदेशों से प्रवासियों दवारा भेजे गए कुल मनी आर्डर का 80 प्रतिशत धन 23 देशों को मिला। इनमें भारत, चीन, फिलिपीन, मेक्सिको व पाकिस्तान प्रमुख हैं।
वहीं जिन देशों से सबसे अधिक मनीआर्डर भेजे गए उनमें अमेरिका, सउदी अरब व रूस प्रमुख है। अध्ययन के अनुसार 2016 में भारत विदेश से सबसे अधिक मनीआर्डर पाने वाला देश रहा। उसे 62.7 अरब डॉलर धन मिला। उसके बाद चीन का नंबर रहा जिसे कुल 61 अरब डॉलर की राशि मिली। इसके बाद फिलीपीन को 30 अरब डॉलर व पाकिस्तान को 20 अरब डॉलर धन मिला। इसके अनुसार 2007-2016 के दशक में भारत ने विदेशी नमी आर्डर पाने के मामले में चीन को पछाड़ दिया।

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