पेरिसः विश्व की प्रमुख सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने 2018 के पहले 3 महीने में 58.3 करोड़ फर्जी अकाउंट बंद किए हैं। फेसबुक ने बताया कि वह उन भड़काऊ या हिंसक चित्र, आतंकवादी दुष्प्रचार अथवा घृणा फैलाने वाले अकाउंट के खिलाफ इस प्रकार का कदम उठा रहा है, जो ‘ सामुदायिक मानकों ’ के खिलाफ हैं। कैंब्रिज एनालिटिका डाटा कांड के बाद पारदर्शिता की दिशा में कदम उठाते हुए फेसबुक ने कहा कि हर दिन लाखों फर्जी अकाउंट बनाने की कोशिश को रोकने के लिए उसने यह कदम उठाया हैं। समूह ने बताया कि इसके बावजूद कुल सव्रिय अकाउंट की तुलना में 3-4 प्रतिशत फर्जी अकाउंट अभी तक हैं। इसके अलावा इस अवधि में 83.7 करोड़ पोस्ट को हटाया गया हैं।फेसबुक ने पहली तिमाही में भड़काऊ या हिंसक चित्र, आतंकवादी दुष्प्रचार अथवा घृणा फैलाने वाली करीब 3 करोड़ पोस्ट पर चेतावनी जारी की हैं। फेसबुक ने 85.6 प्रतिशत मामलों में उपयोगकर्ताओं के सतर्क करने से पहले ही फेसबुक ने आपत्तिजनक चित्रों का पता लगा लिया। इसके अलावा कंपनी ने कहा कि करीब 200 एप को सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटा दिया गया, जिनके बारे में डाटा के दुरुपयोग का पता चला था।फेसबुक की विषय सामग्री के बारे में अन्य शब्दों में कहा जाए तो देखी गई प्रत्येक 10 हजार विषय सामग्री में से 22 से 27 में ग्राफिक हिंसा मौजूद थी। कंपनी ने बताया कि फेसबुक ने आतंकवादी दुष्प्रचार से संबंधित एक करोड़ नब्बे लाख पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की हैं। ऐसी पोस्टों में 73 फीसदी की वृद्धि हुई हैं।फेसबुक की वैश्चिक योजना प्रबंधन की प्रमुख मोनिका बिकेट ने बताया कि कंपनी ने 3 हजार और कर्मचारियों को भर्ती करने की अपनी प्रतिबद्धता को उसने पूरा किया है। इसके चलते इस वर्ष के शुरु में मानकों को लागू करने के लिए विशेष तौर पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 7500 हो गई है।

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