नई दिल्ली - अमेरिका में एक बार फिर से नस्लभेद का मामला सामने आया है। साल 2016 से अमेरिका की जेल में भारतीय परमाणु वैज्ञानिक एक महिला स्टूडेंट के उत्पीड़न मामले और एक पुलिस अफसर को उसकी ड्यूटी से वंचित करने के आरोप में जेल में बंद है। हालांकि मेरठ निवासी 38 साल के तरुण कुमार भरद्वाज को नहीं लगता है कि उन्होंने कुछ भी गलत किया है। उन्हें नहीं लगता है कि किसी लड़की को पसंद करने में कोई बुराई नहीं है।
तरुण ने साफ कहा है कि वो नस्लभेद का शिकार हुए हैं और भ्रष्टाचार के गलत आरोपों में उन्हें फंसाया गया है।जबकि उन्होंने बस एक लड़की को पसंद किया था, इसमें गलत कुछ भी नहीं था। वो लड़की एएमयू की है। हुस्टन के अधिकारी ने बताया कि भरद्वाज पर पहले भी ऐसे आरोप लग चुके हैं और कोर्ट की कार्रवाई के दौरान उनके परिवार को इंडिया भेज दिया गया था। भरद्वाज का परिवार बुलंदशहर जा चुका है।
भावा एटोमिक रिसर्च सेंटर से पीएचडी पूरी करने के बाद साल 2007 में भरद्वज यूएस के लिए रवाना हो गया था। इसके बाद भरद्वाज ने न्यूक्लियर मटैरियल्स में विशेषता हासिल की। टेक्सास यूनिवर्सिटी और एएमयू यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से भरद्वाज की प्रोफाइल हटा दी गई है। इन दोनों जगहों पर वे आखिरी बार काम कर चुके हैं। टेक्सास में काम के दौरान उन्हें कई बार इस तरह के आरोपों का सामना करना पड़ा है। साल 2015 में जनवरी से अगस्त के बीच उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
ब्राजोस के कोर्ट के कागजातों के मुताबिक, इस रिसर्चर पर एक लड़की का उत्पीड़न करते थे। उनके साथ यूनिवर्सिटी ने कई बॉन्ड साइन किए थे, लेकिन उन्होंने उसका कई बार उल्लंघन किया है। उन्हें एक जीपीएस डिवाइस भी पहनने के आदेश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने उसे भी अनैतिक तरीके से हटा दिया। साल 2016 के 29 दिसंबर को उन्हें यूनिवर्सिटी के डिटेंशन सेंटर में बंद कर दिया गया।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें