टॉक्‍यो - जापान के अप्रवासी सुधार गृह में एक भारतीय शख्‍स की मौत हो गई है। शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि ये आत्‍महत्‍या का मामला है। भारतीय की मौत के साथ ही एक बार फिर सुधार गृहों के चिकित्सा मानक, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं और बंदियों की निगरानी और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की आलोचना शुरू हो गई है।
दरअसल, जापान में इमिग्रेशन एक संवेदनशील विषय है, जहां 1970 के दशक से सिकुड़ती आबादी और श्रम की कमी के बीच भी सांस्कृतिक और जातीय एकरूपता पर लोगों को बहुत गर्व है। इस अप्रवासी सुधार गृह में गार्ड ने पाया कि भारतीय शख्‍स जो लगभग 30 वर्ष का था, वह शॉवर वाले कमरे में गिरा पड़ा था और उसके गले में तौलिया लिपटा हुआ था। पूर्वी जापान में स्थित इस आव्रजन केंद्र ने बयान जारी कर बताया कि जब गार्ड ने भारतीय शख्‍स को इस अवस्‍था में देखा, तो सबसे पहले उसकी सांस की जांच की। हॉस्पिटल ले जाने से पहले कई बार इसे सीपीआर दी गई। अस्‍पताल पहुंचने पर डॉक्‍टरों ने बताया इस शख्‍स की मौत एक घंटे पहले ही हो चुकी है।
हालांकि इस भारतीय शख्‍स की मौत कैसे हुई, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सिर्फ संभावना जताई जा रही है कि इसने आत्‍महत्‍या की होगी। केंद्र ने इस शख्‍स की पहचान बताने से इनकार कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है। अप्रवासी बंदियों के लिए काम करने वाली एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि मारे गए शख्‍स को 10 महीने पहले हिरासत में लिया गया था। हालांकि केंद्र ने मारे गए शख्‍स के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
हालांकि यह पहला मौका नहीं है, जब अप्रवासी सुधार गृह में किसी शख्‍स की मौत हुई हो। जापान की आव्रजन निवारण केंद्रों में 2006 से अब तक मारने वालों की संख्या 14 हो गई है।

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