वैज्ञानिकों ने डीएनए ओरिगेमी की मदद से ऐसे नैनोरोबोट विकसित किए हैं जो ट्यूमर तक पहुंचने वाली रक्त आपूर्ति बाधित कर उन्हें संकुचित कर सकते हैं। इस तकनीक के जरिए कैंसर के नए-नए इलाज के रास्ते खुल सकते हैं। प्रत्येक नैनोरोबोट एक चपटे, डीएनए ओरिगेमी शीट से तैयार किया गया है।इनकी सतह पर थ्रोंबिन नामक इंजाइम होता है जो खून के जमने में अहम भूमिका निभाता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि थ्रोंबिन ट्यूमर तक पहुंचने वाले खून को रोकने के लिए नसों के भीतर मौजूद उस खून को जमा देता है जो ट्यूमर को बढ़ने में मदद करता है। इससे ट्यूमर में एक तरह का छोटा 'ह्रदयाघात होता है जिससे ट्यूमर की कोशिकाएं मर जाती हैं।अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के हाओ यान ने कहा, ''हमने सटीक दवाओं के डिजाइन और कैंसर थेरापी के लिए पहला स्वतंत्र, डीएनए रोबोटिक सिस्टम विकसित कर लिया है।उन्होंने कहा, ''इसके अलावा यह तकनीक एक रणनीति भी है जिसे कैंसर के कई प्रकार में इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि ट्यूमर को बढ़ावा देने वाली सभी नसें लगभग समान होती हैं।

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