महिलाओं में होने वाले कैंसर में सबसे अधिक खतरा होता है ब्रेस्ट कैंसर का। अगर समय रहते इसका पता चल जाए, तो जिंदगी बचाई जा सकती है। महिलाओं को अगर ब्रेस्ट कैंसर की जांच की सुविधा कम खर्च पर बिना वक्त गवाएं और दर्द रहित तरीके से मिल जाए, तो उनके लिए सुविधाजनक होगा। इसी को देखते हुए वैज्ञानिकों ने छोटी सी डिवाइस ईजाद की है, जो सिर्फ आंसू के जरिए ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने में कारगर है। वह भी पलक झपकते ही।इस डिवाइस को अमेरिका के स्प्रिंगडेल स्थित रिसर्च कंपनी एसेंडेंट डीएक्स ने बनाया है। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह डिवाइस कारगर तरीके से आंसुओं के जरिए ब्रेस्ट कैंसर की जांच करने में सक्षम है। डिवाइस को बनाने वाले डॉ. स्टीवन हार्म्स का कहना है कि ‘आंसू हमारे ब्लड का रिफ्लेक्शन होते हैं।‘ कुछ लोग मुश्किल से ही जांच के लिए खून का नमूना देते हैं, लेकिन आंसुओं को आसानी से निकाला जा सकता है। इस डिवाइस की सबसे खास बात यही है कि इससे सभी टेस्ट तेजी से हो जाएंगे। वक्त की बात की जाए, तो 20 से 30 मिनट के अंदर मरीज को सही परिणाम मिल जाएंगे। परीक्षण के दौरान डिवाइस के ऊपर कुछ लाइंस उभरकर आएंगी, जो आपको रिजल्ट बताएंगी। किसी महिला को ब्रेस्ट कैंसर है या नहीं, इस डिवाइस के जरिए फटाफट पता चल जाएगा। यह नन्हीं सी डिवाइस करोड़ों महिलाओं में पलक झपकते ही कैंसर की पहचान करने में मदद करेगी। इस डिवाइस को बनाने के लिए डॉक्टर सुजैन क्लिंबर्ग ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ आर्कान्स में फॉर मेडिकल साइंसेज (UAMS) में रिसर्च शुरू की थी। फिर एसेंडेंट कंपनी के शोधकर्ताओं ने इसे ले लिया और इस पर तीन क्लिनिकल प्रामाणिक अध्ययन किए। हालांकि, यह डिवाइस मैमोग्राम का रिप्लेसमेंट नहीं है, लेकिन उसके जैसे परिणाम देने में कारगर है।
कैसे करती है काम:-यह इंसानों के आंसुओं में पाए जाने वाले बायोमार्कर्स को डिटेक्ट करती है। प्राथमिक तौर पर इस डिवाइस के जरिए हुए परीक्षण यह दर्शाते हैं कि यह डिवाइस मैमोग्राफ में दोगुने सटीक परिणाम देती है। मैमोग्राम दरअसल, एक तरह का एक्स-रे है। इसके जरिए ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाया जाता है। इस डिवाइस के जरिए टेस्ट करने के लिए सबसे पहले आंख में Schirmer स्ट्रिप डाली जाती है, ताकि आंखों से आंसू आएं। इसके बाद इस डिवाइस की स्ट्रिप पर आंसू डाले जाते हैं। यह डिवाइस प्रोटीन बायोमेकर्स का निश्चित स्तर मापती है। इसके बाद कुछ लाइनों उभरने पर कैंसर के होने या न होने का पता चल जाएगा। अगर कैंसर का पता चलता है, तो मैमोग्राम टेस्ट के जरिए पता लगा सकते हैं कि किस जगह पर कैंसर है।

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