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जम्मू - कठुआ की आठ साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या को लेकर जब पूरा देश स्तब्ध है तब रसाना गांव के लोग एसआइटी जांच पर सवाल दर सवाल उठाने में लगे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस का दावा है कि उसकी चार्जशीट पुख्ता है और हत्या से पहले बच्ची को रसाना गांव के ही देवीस्थान में कैद रखा गया था, लेकिन रसाना के शामलाल का कहना है कि उन्होंने खुद 13 जनवरी की सुबह पूरे देवीस्थान को साफ किया था और 14 जनवरी को वहां भंडारा भी हुआ था। ज्ञात हो कि एसआइटी ने अपनी रपट में कहा है कि बच्ची को इसी देवीस्थान में 10 से 17 जनवरी तक कैद रखा गया।
जम्मू में नौकरी करने वाले शामलाल का कहना है कि वे जब भी गांव में होते हैं, हर रविवार देवीस्थान की सफाई करते हैं। यह सिलसिला लगभग 18 सालों से जारी है, लेकिन 13 जनवरी को लोहड़ी के कारण शनिवार को ही मैंने सफाई की थी। इस दौरान एक कमरे वालेे देवीस्थान में झाड़ू लगाई और कुलदेवी के चबूतरे को धोया भी। शाम को गांव के कई परिवारों ने वहां जोत भी जलाई थी। यही नहीं अगले दिन रविवार यानी मकर संक्राति के दिन देवीस्थान पर भंडारा हुआ था, जिसमें लगभग सौ लोगों ने खाना खाया था। उनका सवाल है कि यह कैसे कहा जा रहा है कि देवीस्थान में लड़की को बेहोशी की हालत में कैद कर रखा गया था? अभी तक इस मामले में चुप रहने के बारे में पूछे जाने पर शामलाल ने कहा कि उनसे एसआइटी ने कभी इस बारे में पूछताछ ही नहीं की।
जब शामलाल से जानना चाहा कि दुष्कर्म की जांच पिछले चार महीने से चल रही है, लेकिन उन्होंने कभी यह बात किसी को क्यों नहीं बताई तो उनका कहना था, ''देवीस्थान में दुष्कर्म की बात पहली बार एसआइटी की चार्जशीट में सामने आई। इसके पहले गौशाला में बच्ची को रखे जाने और दुष्कर्म की बात की जा रही थी। इसीलिए मैं चुप था।“
शामलाल देवीस्थान के दरवाजे की चाभी सिर्फ आरोपी सांझी राम के घर पर होने के एसआइटी के दावे को भी खारिज करते हैं। उनका कहना है कि यह देवीस्थान कई गांवों के लोगों का सामूहिक कुलदेवी स्थान है। यही कारण है कि इस में तीन दरवाजे हैं। उनके अनुसार, ''देवीस्थान के तीन दरवाजों की अलग-अलग ताला-चाभी है, जो तीनों गांवों के लोगों के पास होती है। केवल रसाना गांव के दरवाजे की चाभी ही आरोपी सांझी राम के पास थी।“ शामलाल ने कहा कि बच्ची की हत्या करने वाले को फांसी की सजा होनी चाहिए। चाहे आरोपी कोई भी हो, लेकिन यह कहना सरासर गलत है कि बच्ची को देवीस्थान के भीतर रखा गया। शाम लाल का कहना है कि हम सच्चाई सामने लाने के लिए ही सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं।
रसाना में आठ साल की बच्ची 10 जनवरी को गुम हो गई थी और 17 जनवरी को उसकी लाश मिली थी। एसआइटी ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि इस दौरान बच्ची को नशे की दवा खिलाकर बेहोशी की हालत में देवीस्थान के भीतर छुपाकर रखा गया था और देवीस्थान की बड़ी खिड़कियों से किसी को वह नजर न आए, इसलिए बच्ची के ऊपर दरी डाल दी जाती थी।
एक और आरोपपत्र दायर करेगी अपराध शाखा
पोस्टमॉर्टम रिपार्ट में दुष्कर्म पर संशय की तमाम चर्चाओं के बीच जम्मू पुलिस की अपराध शाखा ने उक्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद एक और पूरक आरोपपत्र (चार्जशीट) दायर करने का इरादा जाहिर किया है। इस मामले में अपराध शाखा पहले भी आठ आरोपितों के खिलाफ चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कठुआ के समक्ष आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारिक ट्वीटर एकाउंट पर जारी अपराध शाखा की विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि बच्ची के साथ आरोपितों ने दुष्कर्म किया था और उसका हाइमन भी बरकरार नहीं था। अपराध शाखा का कहना है कि चिकित्सकीय राय में भी संदेह व्यक्त किया गया है कि बच्ची को बंधक बनाकर रखा गया और उसकी मौत दम घुटने के कारण हुए हार्ट अटैक से हुई। इस मामले में एक आरोपित के नाबालिग होने का दावा भी किया जा रहा है। कठुआ के रसाना में पेश आए इस मामले की जांच अपराध शाखा ने 23 जनवरी से शुरू की थी। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।


नई दिल्ली - महिलाएं हर एक क्षेत्र में अपना लोहा मनवाती हुई नजर आ रही हैं। कोलकाता की तान्या सान्याल ने एक नया इतिहास रच दिया है। तान्या फायर फाइटर्स में शामिल होने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। पहली बार एयरपोर्ट्स ऑथरिटी ऑफ इंडिया ने किसी महिला फायर फाइटर की नियुक्ति की है। इससे पहले इस क्षेत्र में पुरुषों का वर्चस्व कायम था। तान्या ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है और एक महीने में जॉइन कर लेंगी।
बता दें कि विमानों को लैंड कराने के लिए एयरपोर्ट्स पर फायर सर्विस का मौजूद होना बहुत जरुरी होता है। सरकारी अथॉरिटी के पास अभी 3,310 फायर फाइटर्स है और यह सब केवल पुरूष ही थे। एएआइ के चेयरमैन गुरुप्रसाद महापात्रा ने कहा, 'नए एयरपोर्ट्स के आने और विस्तार के कारण हमें फायर फाइटर्स की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हमने नए नियम बनाए और इस क्षेत्र में महिलाओं की नियुक्ति का फैसला लिया, जिसमें फिजिकल स्टैंडर्ड्स एक आवश्यक मानदंड होता है।' महापात्रा ने आगे कहा कि यह पहली बार है जब एक महिला इस क्षेत्र में शामिल होने जा रही है और आगे भी ऐसा होता रहेगा।
तान्या ने बॉटनी में मास्टर्स किया
तान्या सान्याल ने बॉटनी में मास्टर्स किया है। तान्या एएआइ के पूर्वी एयरपोर्ट्स का कार्यभार संभालेंगी। इनमें कोलकता, पटना, भुवनेश्वर, रायपुर, गया और रांची एयपरोर्ट्स शामिल हैं। तान्या एक महीने में अपना कार्यभार संभाल लेंगी। तान्या ने अपने काम को गर्व की बात बताते हूए कहा कि मेरे लिए यह सम्मान और गर्व की बात है। मैं हमेशा से ऐसा कुछ चुनौतीपूर्ण करना चहाती थी। मेरे इस कदम के लिए हर किसी ने मेरा सहयोग किया।
फायर फाइटर बनने के लिए आवश्यक मापदंड
बता दें कि पुरुष फायर फाइटर बनने के लिए कम से कम 50 किग्रा वजन और 1.6 मीटर न्यूनतम ऊंचाई होना आवश्यक है। वहीं महिला फायरफाइटर्स के लिए न्यूनतम भार 40 किग्रा तय किया गया है और ऊंचाई का मानक भी घटाया गया है। लेकिन इन सबके बावजूद महिला फाइटर्स के लिए काम को बराबर रखा गया है।


नई दिल्ली - अमृतसर ने दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान एयरक्राफ्ट की खिड़की का पैनल अंदर गिर गया। जिसके चलते तीन यात्री घायल हो गए। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान गंभीर झटका लगने की वजह से खिड़की के पैनल का अंदरूनी हिस्सा बाहर निकल आया। झटका इतना तेज था कि इसमें तीन यात्री घायल हो गए, तो वहीं कुछ सीटों के ऑक्सीजन मास्क भी बाहर आ गए।
10-15 मिनट तक अटकी रहीं सांसें
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (वीटीएएनआइ) फ्लाइट में सफर के करीब 10-15 मिनट यात्रियों के लिए किसी आफत से कम नहीं रहे। एयरलाइन अथॉरिटीज और एविएशन एजेंसियां भी हैरान रह गए और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना गुरुवार की है।
हादसे में एक व्यक्ति को गंभीर चोट, दो अन्य भी घायल
सूत्रों ने बताया, ' एआइ 462 में अचानक झटका लगने से एक यात्री का सिर ऊपर के पैनल से टकरा गया, जिसके बाद उन्हें और दो अन्य यात्रियों को चोटें आईं। यात्री ने शायद सीट बेल्ट नहीं बांध रखी थी। वहीं, विडों पैनल (18-ए) नीचे आ गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि बाहर की विंडो नहीं टूटी। यह देख यात्रियों में डर बैठ गया।' बताया जा रहा है कि विमान में कुछ ऑक्सीजन मास्क भी नीचे गिर गए थे, वहीं सीट 12-यू के ऊपर लगे पैनल कवर पर भी चिटकने के निशान देखे गए। एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'यह बड़ा अजीब हादसा है, एयर इंडिया और डीजीसीए इसकी जांच कर रहे हैं।'
वहीं, विमान के दिल्ली उतरते ही तीनों घायल यात्रियों को अस्पताल ले जाया गया। एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हमारी टीम (इमरजेंसी रिस्पांस और एंजेल्स) ने घायलों का पूरा ध्यान रखा और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जिस यात्री का सिर पैनल से टकराया था उन्हें टांके लगे हैं और अन्य दो की चोटें गंभीर नहीं थीं। सबकी हालत स्थिर है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ लीं।'

 


नई दिल्ली - पश्चिम बंगाल के रायगंज शहर में एक टीचर द्वारा चौथी क्लास की दो बच्चियों से चार दिन तक रेप करने का मामला सामने आया है। ये पूरा मामला तब सामने आया जब बच्ची शुक्रवार को स्कूल जाने से मना करने लगी और माता-पिता के पूछने पर उसने पूरा वाक्या बताया। मामले का पता चलते ही बच्ची के परिवार वालों ने टीचर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी। पुलिस ने बताया कि 35 साल के टीचर के खिलाफ बच्ची के माता-पिता ने शिकायत दर्ज करवाई लेकिन तभी से टीचर फरार है।
दरअसल शुक्रवार को बच्ची अपने मां-बाप से स्कूल ना जाने की जिद करने लगी जब मां-बाप ने उससे पूछा कि वो स्कूल क्यों नहीं जाना चाहती तब बच्ची ने बताया कि स्कूल खत्म होने के बाद टीचर उसके साथ रेप करता है और ऐसा वो लगातार चार दिन से कर रहा है। उसने बताया कि उसके अलावा टीचर एक और लड़की के साथ भी चार दिन से बलात्कार कर रहा है। इसके बाद लड़की के माता-पिता दूसरी बच्ची के घर गए और इस घटना के बारे में उन्हें भीं पूरी जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक बलात्कार करने के बाद टीचर बच्चियों को धमकी देता था कि अगर उन्होंने किसी को कुछ भी बताया तो वो उन्हें जान से मार देगा। बच्चियों का आज डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में मेडिकल टेस्ट किया जाना है। बता दें कि हाल ही में उन्नाव गैंगरेप और कठुआ में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद उपजे जनाक्रोश के मद्देनजर सरकार ने शनिवार को 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों को मौत की सजा देने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में संबंधित अध्यादेश पर मुहर लगाई गई।

 


सुकमा/नई दिल्ली - छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया। शुक्रवार को रात करीब 11 बजे सुकमा जिले के किस्टारम क्षेत्र में यह मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन के सहायक उप निरीक्षक (ASI) अनिल कुमार मौर्य शहीद हो गए। शहीद जवान उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के ग्राम नरैनी के निवासी थे। इस मामले की सूचना मिलते ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शहीद जवान के परिवार से फोन पर बात की।
सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन की टीम गस्त पर निकली थी, तभी नक्सलियों से मुठभेड़ हो गई। इसमें एएसआइ अनिल कुमार मौर्य भी शामिल थे। घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सर्चिंग टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। इसी बीच नक्सलियों की गोली एएसआइ मौर्य को लगी और वह शहीद हो गए। इस घटना के बाद शहीद अनिल का शव किस्टारम लाया गया, वहां से वायुसेना के हेलिकॉप्टर से रायपुर भेजा गया।
आठ बजे पत्नी से की थी बात
शहीद मौर्य ने अपनी पत्नी प्रभावती से शुक्रवार शाम आठ बजे फोन कर बात की थी। सब ठीक ठाक होने की बात बताकर रात में ड्यूटी जाने की बात कही थी। शहीद होने के बाद अनिल मौर्य का फोन नक्सली उठा ले गए।
योगी ने जताया दुख, देंगे 25 लाख का मुआवजा
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनिल कुमार मौर्य की शहादत पर दुख जताया है। उन्होंने शहीद के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। साथ ही सीएम योगी ने अपने मंत्री को शहीद के घर जाने और उनके परिजनों से मिलने का निर्देश भी दिया है।
बता दें कि इससे पहले भी नक्सली सुकमा जिले में कई बार सुरक्षा बलों को निशाना बना चुके हैं। जिसमें कई सुरक्षा कर्मियों की जान भी जा चुकी है। वहीं, हाल ही में सुकमा समेत छत्तीसगढ़ के कई इलाकों से काफी संख्या में नक्सलियों को गिरफ्तार करने में भी कामयाबी मिली है। इसके अलावा सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में कई नक्सली मारे भी जा चुकी हैं।


उन्नाव - रेप प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने शनिवार को एक बार फिर आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के माखी गांव में तीन घंटे तक पड़ताल की। टीम ने कई बिंदुओं पर जांच के दौरान साक्ष्य तलाशे। विधायक के घर के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की।
जांच एजेंसी के सदस्य दोपहर बाद सेंगर के गांव पहुंचे। टीम विधायक के घर के सामने रुकी, कुछ सदस्यों ने सामने के घर में रहने वाले लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद उस स्थान पर पहुंची जहां पीड़िता के पिता को बेरहमी से पीटा गया था। करीब साढ़े चार बजे सीबीआई टीम विधायक के आवास में दाखिल हुई। वहां पर मौजूद लोगों से घंटों पूछताछ की गई। शाम सात बजे तक गांव में टीम साक्ष्य जुटाती रही। टीम ने उन स्थानों की फिर से पड़ताल की जिन स्थानों पर पहले जा चुकी थी। सदस्यों ने ग्रामीणों से जांच में सहयोग मांगा। उनका कहना था कि जांच में सहयोग करेंगे तभी सच्चाई सामने आएगी।
पीड़िता के चाचा दिल्ली गए
पीड़िता व उसके परिजनों का शनिवार की सुबह रुटीन चेकअप कराया गया। पीड़िता के चाचा ने बताया उनको जरूरी काम से दिल्ली जाना है तो पुलिस के साथ उनको दिल्ली भेजा गया। परिवार के और लोग सिंचाई निरीक्षण भवन में ठहरे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम कराए गए हैं।
सीबीआई ने विधायक के भाई की गाड़ी सीज की
सीबीआई ने शनिवार को भाजपा विधायक के भाई अतुल सिंह की एसयूवी सीज कर दी। जांच के दौरान सीबीआई को पता चला था कि रेप पीड़िता के पिता के अपहरण और मारपीट में अतुल सिंह ने यूपी78 डीए 8959 नंबर की इसी गाड़ी का प्रयोग किया था। शनिवार शाम विधायक के घर पहुंची सीबीआई ने दरवादजे पर खड़ी सफेद रंग की एसयूवी को खिंचवाकर माखी थाने मंगवाया और उसे सीज कर दिया।

 


नई दिल्ली - प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस की पड़ताल से पहले ही उसका विवरण मीडिया को जारी किए जाने से उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू बेहद नाखुश हैं। उन्होंने राज्यसभा सचिवालय को इस बात का कोई पूर्व उदाहरण का पता लगाने के लिए कहा है। सूत्रों ने बताया कि वेंकैया नायडू इस बात से कतई खुश नहीं हैं कि महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस उन्हें सौंपने के बाद विपक्षी पार्टियां सीधे मीडिया के समक्ष चली गईं और उन्होंने उच्च सदन के सभापति के फैसले की प्रतीक्षा भी नहीं की।
मालूम हो कि कांग्रेस के नेतृत्व में सपा, बसपा, माकपा, भाकपा, राकांपा और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसदों ने इस महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।
कांग्रेस ने जेटली पर किया पलटवार
विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को 'बदले की याचिका' बताने संबंधी वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान पर कांग्रेस ने शनिवार को पलटवार किया। पार्टी ने कहा कि राइट साइड ऑफ पावर (सत्ता के साथ) होने की बजाय राइट (सही) होना ज्यादा महत्वपूर्ण है। पार्टी के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर जेटली को याद दिलाया कि कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौमित्र सेन के मामले में संप्रग सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया था। साथ ही उन्होंने जेटली का एक वीडियो भी अटैच किया जिसमें जेटली महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं।


नई दिल्ली - नई दिल्ली के साउथ दिल्ली इलाके से एक सीनियर नेवी मर्चेंट ऑफिसर को गिरफ्तार किया है। ऑफिसर पर लड़की का पीछा करने और पांच लड़कियों को अलग-अलग नंबर से अश्लील मैसेज भेजना का आरोप है। जिस लड़की का वो पीछा करता था वो दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली एक स्टूडेंट है। मर्चेंट ऑफिसर की उम्र 29 साल बताई जा रही है जिसका नाम सूरज देव है। सूरज हांगकांग की एक मर्चेंट नेवी कंपनी में कार्यरत है और यहां वो अमर कॉलोनी में रहता है।
एक दिन उसकी मुलाकात पार्क में एक लड़की से हुई। बातचीत के दौरान सूरज ने लड़की को कहा कि उसके फोन की बैट्री डिस्चार्ज हो गई है और उसे एक अर्जेंट कॉल करना है। जब लड़की ने कॉल करने के लिए ऑफिसर को फोन दिया इसी दौरान उसने लड़की का नंबर एक्सचेंज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, लड़की ने बताया कि थोड़े ही दिन बाद उसने लड़की प्रपोज किया जब लड़की ने इनकार कर दिया तो वो उसके साथ दुर्व्यवहार करने और बात ना मानने पर गंभीर नतीजा भुगतने की धमकी देने लगा। लड़की इसके बाद जब ऑफिसर को ब्लॉक कर दिया तो वो उसे दूसरे नंबर से अश्लील मैसेज करने लगा इतना ही नहीं वो उसका पीछा भी करने लगा। इन सब से तंग आकर लड़की ने 17 अप्रेल को ऑफिसर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी।
शिकायत दर्ज कराने के बाद वो लड़की को धमकी भी देने लगा। जिसके बाद पुलिस ने ऑफिसर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के पता चला कि आरोपी, इस लड़की के अलावा और भी चार लड़कीयों को अश्लील मैसेज किया करता था। उसके पास कई नंबर थे जिनसे वो लड़कियों को परेशान करता था। फिलहाल आरोपी को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

 


बीजिंग - दक्षिणी चीन की नदी में दो ड्रैगन नौका पलटने से 17 लोग डूब गए। यह दुर्घटना गुआंगशी झुआंग स्वायत्तशासी क्षेत्र में शनिवार दोपहर में हुई।
सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, नौका रेस के अभ्यास सत्र के दौरान दो ड्रैगन नौका गुइलिन में ताओहुआजियांग नदी में पलट गईं। इससे दोनों नौका में सवार करीब 60 लोग पानी में गिर गए। अधिकारियों ने बताया कि डूबने से 17 लोगों की मौत हो गई और बाकी को बचा लिया गया। आठ नौका और 200 बचाव कर्मियों को बचाव कार्य में लगाया गया। 18 मीटर लंबी ड्रैगन नौका में 30 सवार की क्षमता थी।
बताया जाता है कि दुर्घटना जहां हुई वहां दो नदियों का संगम है जिससे वहां धारा तेज हो गई थी। अधिकारियों ने कहा कि डुनमु गांव के लोगों ने पुलिस को पूर्व सूचना दिए बगैर नौका अभ्यास सत्र का आयोजन किया था। इस सिलसिले में दो आयोजकों को हिरासत में लिया गया है। चीन में इस साल 18 जून को ड्रैगन नौका उत्सव है। एशिया के विभिन्न हिस्सों में ड्रैगन नौका रेस काफी लोकप्रिय है।


नई दिल्‍ली - किम जोंग उन द्वारा अपनी परमाणु साइट को बंद करने और अब कोई परमाणु परीक्षण न करने की घोषणा पर अमेरिका पूरी तरह से आश्‍वस्‍त नहीं दिखाई दे रहा है। इसकी कुछ बड़ी वजह हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बनी हैं कुछ सैटेलाइट इमेज जिसकी वजह से अमेरिका और उसके जानकारों के मन में अब उत्तर कोरिया की मंशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह सैटेलाइट इमेज उस वक्‍त की हैं जब अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के डायरेक्‍टर माइक पोंपियो उत्तर कोरिया गए थे। यह सैटेलाइट इमेज चीन से लगती उत्तर कोरिया की सीमा की है।
लाल इमारत का राज
आपको बता दें कि यालू नदी दोनों सीमाओं के बीच से बहती है। इस नदी पर दोनों देशों के बीच एक पुल भी बना हुआ है जो चोंग्‍सू इलाके में बना हुआ है। इसी नदी के किनारे एक कंस्‍ट्रक्‍शन साइट को लेकर अमेरिका को शक हो रहा है। सैटेलाइट इमेज को माध्‍यम बनाते हुए कहा गया है कि उत्तर कोरिया के अधिकारी सीमा पार जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर कोरिया चोंग्‍सू में एक लाल छत वाली इमारत को देखा गया है। माना जा रहा है कि यह एक फैक्‍टरी है जो अवैध तरीके से अतिशुद्ध रूप के ग्रेफाइट को बनाने में लगी है। यह इसलिए बेहद खास है क्‍योंकि यह न्‍यूक्लियर रिएक्‍टर बनाने के लिए जरूरी होता है। एक ताजा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वह इस न्‍यूक्लियर ग्रेड के ग्रेफाइट को दूसरे देशों को बेचने में लगा हुआ है।
फिलहाल सीआईए ने नहीं की पुष्टि
हालांकि सीआईए अभी इस इमारत को लेकर किसी भी तरह की पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन यह इमारत अमेरिका के शक के दायरे में है। यह सब उस वक्‍त सामने आया है जब उत्तर कोरिया की तरफ से अपनी न्‍यूक्लियर साइट्स को बंद करने ओर आगे कोई परमाणु परीक्षण न करने की बात कही गई है। इसका अमेरिका समेत दूसरे देशों ने भी स्‍वागत किया है। हालांकि जापान को इस बात पर कोई विश्‍वास नहीं है। ऐसा ही कुछ अमेरिकी विशेषज्ञ भी कह रहे हैं। अमेरिका के हथियार विशेषज्ञ इंटरनेशनल सिक्‍योरिटी स्‍टडीज के रॉबर्ट लिटवॉक मानते हैं अमेरिका को इस मुद्दे पर संभलकर आगे बढ़ने की जरूरत है, क्‍योंकि इस मामले में उत्तर कोरिया का इतिहास सही नहीं है। वही उत्तर कोरिया का इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि वह जो कहता है उस पर विश्‍वास करना सही नहीं होता है। रॉबर्ट का यह भी कहना है कि किम की फैमिली और उनके पूर्व के व्‍यवहार को देखते हुए भी विश्‍वास करने के बावजूद संभलकर रहना बेहद जरूरी है।
कितने हैं परमाणु हथियार
आपको बता दें कि एक दिन पूर्व उत्तर कोरिया की तरफ से जो घोषणा की गई है उसको लेकर कोई प्‍लान नहीं दिया गया है। न ही ये बताया गया है कि उसके पास कितने परमाणु हथियार हैं। वहीं विभिन्‍न स्रोतों के माध्‍यम से इस बात की जानकारी हुई है कि उत्तर कोरिया के पास करीब 20 से 100 परमाणु हथियार हो सकते हैं। रॉबर्ट का यह भी मानना है कि क्‍योंकि उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियार की ताकत हासिल कर ली है और वह एक परमाणु शक्ति वाला देश बन चुका है, जो उसने खुद स्‍वीकार भी किया है, इसलिए ही अब वह अपनी परमाणु साइट्स को बंद करने की बात कर रहा है।
क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ
गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने यहां तक कहा है कि वह किसी पर पहले परमाणु हमला नहीं करेगा इसके अलावा वह किसी भी देश को परमाणु हथियार बनाने की तकनीक हस्‍तांतरित नहीं करेगा। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि उत्तर कोरिया को कठपुतली बनाकर चलाया जा रहा है, जिससे उन देशों का फायदा हो सके। विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि अमेरिका के पास फिलहाल ऐसा कोई जरिया नहीं है जिससे वह उत्तर कोरिया द्वारा कही गई बातों का सच जान सके। रॉबर्ट का कहना है कि पहले भी उत्तर को‍रिया कई बातों को छिपाता रहा और दूसरी तरफ यूरेनियम और प्‍लूटोनियम का संग्रह करता रहा था।
ईरान से अलग है उत्तर कोरिया का मामला
उत्तर कोरिया का मामला ईरान से कुछ अलग है। अलग इसलिए क्‍योंकि 2015 में हुए समझौते के बाद अंतरराष्‍ट्रीय पर्यवेक्षकों ने ईरान में इसका जायजा लिया था। वहीं उत्तर कोरिया ने इस तरह का कदम कभी नहीं उठाया। यहां तक की संयुक्‍त राष्‍ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद वह अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाता रहा है। इतना ही नहीं उसने इससे जुड़ी कई सारी चीजें दूसरे देशों को बेची भी हैं। 1990 में उत्तर कोरिया और अमेरिका में तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति बिल क्लिंटन से प्‍लूटोनियम न बनाने को लेकर एक समझौता भी हुआ था। अमेरिका यह भी मानता है कि सीरिया में नयू‍क्लियर रिएक्‍टर बनाने में उत्तर कोरिया का ही हाथ रहा था। इस रिएक्‍टर को वर्ष 2007 में इजरायल ने हमला कर नष्‍ट कर दिया था। अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश के काल में एशिया मामलों के प्रमुख रहे विक्‍टर चा का कहना है कि अमेरिका को इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार या उसकी तकनीक को बेच सकता है

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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