Editor

Editor

नई दिल्ली। दिल्ली के पॉश इलाके पंचशील पार्क में एयर होस्टेस अनीशिया बत्रा की दूसरी मंजिल से संदिग्ध हालत में गिरने से हुई मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। अनीशिया के घरवालों ने पति मयंक सिंघवी पर हत्या का आरोप लगाते हुए जांच में जुटी टीम पर दबाव बढ़ा दिया है। इस बीच अनीशिया की मां ने मयंक और अनीशिया के बीच बिगड़ते रिश्तों को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। अनीशिया की मां ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि शादी के तुरंत बाद से ही मयंक और अनीशिया के बीच रिश्ते कभी अच्छे नहीं रहे। उनके मुताबिक, मयंक तकरीबन रोजाना अनीशिया के साथ मारपीट करता था।
दुबई के होटल में भी मयंक ने अनीशिया को मारा था:-पुलिस को दिए बयान में अनीशिया की मां ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि शादी के बाद तीसरे दिन ही बेटी ने उन्हें फोन करके मारपीट की बात बताई थी। उन्होंने बताया कि हनीमून पर भी पति मयंक ने अनीशिया को मारा-पीटा था। इसके बाद हमने उसकी काउंसलिंग भी की थी, इसके बाद कुछ दिन तक सबकुछ ठीक था। बाद में तकरीबन हर हफ्ते अनीशिया के साथ उसका पति मारपीट करता था। अनीशिया के परिजनों और दोस्तों का साफतौर पर कहना है कि वह घरेलू हिंसा का शिकार थी और उसे दहेज के लिए परेशान किया जाता था, इसीलिए उसकी हत्या की गई।
पुलिस करेगी पति मयंक से पूछताछ;-पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मौत से पहले अनीशिया का पति मयंक और परिजनों को वाट्सऐप करना कई सवालों को जन्म दे रहा है। यह भी जाहिर हो रहा है कि अनीशिया ने यह फैसला अचानक लिया होगा। पुलिस की मानें तो परिजनों के गंभीर आरोपों के बाद वह पति मयंक से पूछताछ करेगी।
भाई करन ने लगाई न्याय की गुहार:-अनीशिया के भाई करण शुरू से ही अपने जीजा पर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। करण के मुताबिक, हमें डर है कि मयंक अपने राजनीतिक रसूख के चलते पूरी जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। हमें लगता है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि मेरी बहन की हत्या हुई है।
13 जुलाई को अनीशिया को कमरे में बंद किया था पति मयंक ने:-जानकारी के मुताबिक, घटना वाले दिन यानी 13 जुलाई को भी दो बजे झगड़ा हुआ था। अनीशिया ने अपने दोस्तों को मैसेज किया था कि उसके पति ने उसे कमरे में बंद कर दिया है। इसके बाद अनीशिया ने मैसेज किया था कि वह कोई बड़ा कदम उठाने जा रही है। यह मैसेज दोस्तों के साथ अनीशिया ने अपने पति को भी किया था।
दोस्तों के साथ परिजनों से भी अनीशिया ने मांगी थी मदद:-अनीशिया के भाई करण बत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसकी बहन ने शुक्रवार दो बजे वाट्सऐप मैसेज भेजकर कहा था कि उसकी मददे करो। मयंक ने उसे कमरे में बंद कर दिया है। इसके बाद चार बजे फोन आया कि मयंक उसकी जिंदगी ले रहा है। फिर शाम को उसकी मौत की जानकारी मिली।
पुलिस जुटी जांच में, बीएमडब्ल्यू भी जब्त:-पुलिस हालांकि, अनीशिया की मौत को आत्हत्या की मान रही है, लेकिन वह जांच की कड़ी में किसी एंगल को नहीं छोड़ना चाहती है। इस बीच सोमवार को पुलिस ने सगाई के दौरान दी गई रिंग और बीएमडब्ल्यू कार सीज कर दी है। कार और रिंग दोनों ही मयंक को सगाई में मिली थी, जो अनीशिया के घरवालों ने दी थी। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन भी जब्द कर लिए हैं, ताकि कॉल डिटेल निकाली जा सके।
तीन बजे तक छत पर थे पति-पत्नी;-पड़ोस की एक महिला ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे तक पति-पत्नी छत पर बात कर रहे थे। बाकी क्या हुआ, उसके बाद नहीं पता। क्योंकि वह दो मिनट के बाद ही वापस नीचे आ गई थी।
ढाई साल पहले हुई थी शादी:-दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अनीसिया बत्रा (39) लुफ्थांसा एयरलाइंस में बतौर एयर होस्टेस काम करती थीं। उनकी ढाई वर्ष पहले गुरुग्राम निवासी मयंक सिंघवी से शादी हुई थी। बताया जा रहा है कि दंपती शराब के आदी थे। इसके चलते आए दोनों में झगड़ा होता रहता था।
पहली शादी की बात छिपाई थी मयंक ने:-जानकारी के मुताबिक, मयंक पेशे से बैंक निवेशक है। यह भी पता चला है कि मयंक की यह दूसरी शादी थी लेकिन उसने यह बात अनीसिया व उसके परिजनों से छिपाई थी। हौजखास थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अनीसिया की हत्या की गई और पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा।गौरतलब है कि हौजखास के पॉश इलाके पंचशील पार्क में एयर होस्टेस अनीशिया की दूसरी मंजिल से संदिग्ध हालत में गिरने से मौत हो गई थी। एयर होस्टेज की कुछ वर्ष पहले शादी हुई थी। एयर होस्टेस ने खुदकुशी करने से पहले अपनी पति व परिजनों को वाट्सऐप मैसेज किए थे। परिजनों के आरोपों के बाद शव का दोबारा पोस्टमार्टम करवा रही है।

खड़गपुर। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के दौरान लोगों को बारिश व धूप से बचाने के लिए बनाए गए टेंट का एक हिस्सा गिर गया। इसकी चपेट में आने के करीब 30 लोग जख्मी हो गए। घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें दो की हालत गंभीर है। इस हादसे के बाद पीएम मोदी तुरंत घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। मोदी ने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान कुछ ऐसा हुआ जब मोदी हैरान रह गए। दरअसल, अस्पताल में भर्ती एक घायल युवती ने मोदी का ऑटोग्राफ मांग लिया। मोदी ने भी अपनी प्रशंसक को नाराज ना करते हुए उसे अपना ऑटोग्राफ दिया। इस बीच, पीएम मोदी ने अस्पताल जाकर घायलों से कुशलक्षेम पूछा।जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस वक्त हुई जब प्रधानमंत्री मोदी सभा को संबोधित कर रहे थे। उसी क्रम में कुछ लोग टेंट में लगे लोहे के खंभे पर चढ़ने लगे। पीएम ने भाषण बीच में रोकर उन लोगों से नीचे उतरने की भी अपील की। उसी दौरान अचानक टेंट गिर गया, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। हालांकि, भगदड़ नहीं मची जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।सुबह से ही पश्चिम मेदिनीपुर में बारिश हो रही थी। भारी बारिश की वजह से मैदान में भी जल जम गया था। कहा जा रहा है कि बारिश का पानी जमा हो जाने व मिट्टी गीली हो जाने की वजह से टेंट गिर गया है।बाद में सभा खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री सीधे अस्पताल पहुंचे, जहां वह घायलों से मिले और चिकित्सकों से जानकारी ली।
घायलों के उपचार में सभी मदद देगी सरकार: ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी की सभा के दौरान टेंट गिरने से घायल लोगों के इलाज में हर मदद का भरोसा दिया है। हादसे के बाद किए ट्वीट में ममता ने लिखा है, 'आज मेदिनीपुर की सभा में मंच गिरने से घायल हुए सभी के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना करते हैं, सरकार चिकित्सा उपचार के लिए सभी मदद दे रही है।'

नई दिल्ली। आज के समय में कहा जा रहा है कि स्किल्ड प्रोफेशनल्स का अभाव है। हालांकि यह बहुत जरूरी है कि व्यक्ति जिस क्षेत्र में है, वह उसमें पूरी तरह दक्ष व प्रशिक्षित हो, लेकिन लेकिन आज के समय में महज इतना ही पर्याप्त नहीं है। आज अगर आपके अंदर सॉफ्ट स्किल्स नहीं हैं, तो आप अपने काम में सफल नहीं हो सकते।एक व्यक्ति को एक कंपनी ने इंटरव्यू के बाद अपना एचआर मैनेजर नियुक्त किया। सभी उसकी प्रोफेशनल स्किल्स से बहुत प्रभावित थे, क्योंकि उनका पांच साल का अनुभव होने के साथ-साथ वह टेक्निकली भी बहुत स्ट्रॉन्ग थे। लेकिन यह सब होते हुए भी कुछ ही समय बाद उनकी शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया। एचआर में होते हुए भी उनका बिहैवियर एम्प्लॉयीज के साथ ठीक नहीं था। अक्सर जब कोई एम्प्लॉयी उनके पास किसी जानकारी या किसी काम के लिए जाता, तो उससे उनका व्यवहार ठीक नहीं होता। वह उससे खीझकर बात करते। कंपनी ने ज्यादा शिकायतें आने पर उनसे अपना व्यवहार ठीक करने को कहा, लेकिन उनमें सॉफ्ट स्किल थी ही नहीं, अंतत: कंपनी ने उनके जॉब कॉन्ट्रैक्ट को आगे रिन्यू नहीं किया।आज के प्रतिस्पर्धी दौर में प्रोफेशनल स्किल्स के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स का होना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि यदि आपमें सॉफ्ट स्किल्स नहीं हैं, तो आप अपने काम में खुद को स्थापित नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, न तो प्रोफेशन में और न ही अपनी लाइफ में सक्सेस हासिल कर पाएंगे। यही कारण है कि आजकल एंप्लॉयर अपने एम्प्लॉयीज में सबसे पहले इन्हीं स्किल्स को तलाशते हैं। इसलिए अपने रिज्यूमे में अपनी प्रोफेशनल स्किल्स के साथ-साथ अपनी सॉफ्ट स्किल्स को भी संक्षिप्त रूप से दर्ज करना चाहिए। आइए जानते हैं कि आपमें कौन-सी सॉफ्ट स्किल्स जरूर होनी चाहिए।
शिष्टता से रखें अपनी बात:-आपके पास कम्युनिकेशन की स्ट्रॉन्ग एबिलिटी होनी चाहिए। आप चाहे तमाम लोगों के बीच हों या फिर अपने बॉस के सामने या फिर ऑनलाइन, आपके अंदर इतनी काबिलियत होनी चाहिए कि आप अपनी बात को सरलता के साथ समझा सकें और उसके प्रत्युत्तर में कोई कुछ सवाल पूछता है, तो उसका शिष्टता के साथ जवाब दे सकें। वहीं, अगर आप इंटरव्यू बोर्ड के पास जा रहे हैं, तो वहां भी आपको उन्हें अपनी कम्युनिकेशन और प्रजेंटेशन से ही इंप्रेस करना होगा।
एक्टिव और कॉन्फिडेंट दिखें;-आपकी बॉडी लैंग्वेज आपकी कार्यशैली का भेद खोल देती है, इसलिए आपको तेज बनना और दिखना होगा। जितनी तेजी से इंडस्ट्रीज में बदलाव आ रहे हैं, आपको उनके अनुसार तेज चलना होगा। तभी आपकी बॉडी लैंग्वेज आपकी एक्टिवनेस दर्शाएगी।
समझें समय की कीमत:-माना जाता है कि अमिताभ बच्चन काम अधिक होने पर भी शूटिंग पर बिल्कुल समय पर पहुंचते हैं। उनकी पंक्चुअलिटी की वजह से सभी लोग उनकी इज्जत करते हैं। अगर आप काम को समय पर पूरा नहीं करते या समय पर वर्कप्लेस पर नहीं पहुंचते, तो इसका मतलब यह है कि समय की रेस में आप पिछड़ जाएंगे। यह एटीट्यूड ठीक नहीं है। लेट होने के तमाम बहाने हो सकते हैं, कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन वजहों को महत्वपूर्ण न मानते हुए समय की पाबंदी को महत्वपूर्ण मानें, तो आप पंक्चुअल हो सकते हैं।
कपड़े भी हैं आपका आईना:-आपकी सुस्ती और चुस्ती वाले हर एटीट्यूड को आपका ड्रेसिंग सेंस सबके सामने खोल देता है। अगर आप ढीले-ढाले कपड़े पहनते हैं, तो आप ढीले-ढाले ही लगेंगे। इसलिए कपड़े शालीन, सोबर और चुस्त होने चाहिए ताकि आपकी एक्टिवनेस और आपकी सुरुचि प्रकट हो सके। आप नए फैशन के कपड़े जरूर पहनें, लेकिन वह ऑफिस के एटिकेट्स से अलग न हों।
धन्यवाद की ताकत:-धन्यवाद शब्द में बड़ी ताकत है। यह न सिर्फ आपके जीवन में एक अंतर पैदा कर सकता है, बल्कि बिगड़े हुए रिश्तों में फिर से जान फूं कसकता है। लेकिन हममें से कितने लोग ऐसा करते हैं? विनीत टंडन बता रहे हैं कि कैसे धन्यवाद की ताकत का इस्तेमाल करियर में भी मददगार हो सकता है...सोशल मीडिया पर कल एक शेयर्ड पोस्ट पढ़ कर मुझे क्रिस्टियानो रोनाल्डो और उसके बचपन के दोस्त अल्बर्ट फैंत्रो के बारे में एक दिलचस्प कहानी पता चली। लगभग पूरा संसार आज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो को जानता है, लेकिन कोई अल्बर्ट फैंत्रो के बारे में ज्यादा नहीं जानता।कहानी यह है कि जब रोनाल्डो बचपन में फुलबॉल खेलते थे, तब खिलाड़ियों का चयन करने वाला एक दल उनके शहर आया और उसने एक चुनौती दी। चुनौती यह थी कि सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को चुना जाएगा। उस क्वालिफाइंग मैच में रोनाल्डो ने पहला गोल दागा और उसके दोस्त अल्बर्ट फैंत्रो ने दूसरा। जब अल्बर्ट तीसरा गोल दागने वाला था, तब उसने तीसरा गोल करने के लिए गेंद रोनाल्डो को पास कर दी। रोनाल्डो ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरा दोस्त कहीं न कहीं जानता था कि मैं बेहतर खिलाड़ी हूं और वह नहीं चाहता था मैं ये मौका गंवाऊं।’ यह कहा जाता है कि रोनाल्डो हमेशा इसके लिए अपने दोस्त अल्बर्ट के आभारी रहे, क्योंकि उनका करियर वहां से शुरू हुआ था। इसी को देखकर मेरे मन में विचार आया कि धन्यवाद और आभार दो सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं जो हम अपनी जिंदगी में और अपने संसार में एक अंतर लाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। शोधकर्ता आदम एम. ग्रांट और फ्रैंसस्को जिनो के एक अध्ययन के मुताबिक, एक सच्चे ‘धन्यवाद’ के फलस्वरूप पेश की जाने वाली अतिरिक्त सहायता की मात्रा में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
दिल से जताएं आभार:-जब आप किसी का धन्यवाद कर रहे हैं, तो यह दिल से कीजिए। यह मौलिक और सच्चा लगना चाहिए। यह इसलिए मत कीजिए, क्योंकि आप बदले में और सहायता पाना चाहते हैं। यह इसलिए कीजिये, क्योंकि आपको किसी का प्रयास वाकई अच्छा लगा और आप उस व्यक्ति का अपने दिल से सच्चा धन्यवाद करना चाहते हैं।
खुलकर रखें बात:-जब आप किसी को धन्यवाद बोल रहे हैं, तब विस्तार से बताइए कि आप किसलिए उनका धन्यवाद कर रहे हैं। अगर आप अपने माता-पिता का धन्यवाद कर रहे हैं, तो उन्हें बताइए कि आप किसलिए उनका धन्यवाद कर रहे हैं। इसी तरह, अगर आप किसी प्रोजेक्ट पर शानदार काम के लिए अपनी टीम का धन्यवाद कर रहे हैं, तो बताइए कि प्रत्येक मेंबर ने कितना योगदान किया और उस प्रोजेक्ट के लिए एक अंतर पैदा किया। अस्पष्ट धन्यवाद से, खास तौर पर जब एक से अधिक मेंबर का धन्यवाद कर रहे हैं, तो गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं और इससे बचना ही सर्वश्रेष्ठ है।
जीवनभर मिलती सराहना:-जैसे रोनाल्डो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने बचपन के दोस्त अल्बर्ट का धन्यवाद किया और सबको बताया कि कैसे उसका करियर शुरू करने के लिए अल्बर्ट ने बलिदान दिया था, उसी तरह आप भी यह दिखाने के लिए धन्यवाद शब्द का इस्तेमाल कीजिए कि कैसे किसी टीम मेंबर, दोस्त या घर के सदस्य ने आपकी जिंदगी में एक बड़ा अंतर पैदा करने के लिए योगदान किया है। जब आप लोगों के योगदान को स्वीकार और उनका आभार जाहिर करते और बताते हैं, तो आप जिंदगी भर के लिए उनका आदर और सराहना अर्जित करते हैं।
धन्यवाद बोलना कठिन नहीं:-अक्सर जीवन में हम हमेशा उन चीजों को देखते हैं, जो हमारे पास नहीं होती या उस मदद को जो हमें नहीं मिली। शायद ही, हम उन लोगों का धन्यवाद करने और आभार जाहिर करने के लिए समय निकालते हैं, जिन्होंने हमारी जिंदगी में अंतर पैदा किया है, जिन लोगों ने हमें जिंदगी का एक सबक सिखाया है या जो हमारे चेहरे पर एक मुस्कान लाए थे, जबकि सच्ची सफलता खुश होना और अपने चारों ओर मौजूद लोगों की जिंदगी में सार्थकता को बढ़ाना है। असल में, यह बहुत कठिन कार्य नहीं है। बस, यहां कुछ तरीके बताए गए हैं जिनके द्वारा आप ‘धन्यवाद’ की ताकत का इस्तेमाल कर सकते है।

 

 

 

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने सोमवार को चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट श्रीनगर की अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला समेत चार आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया है।अलबत्ता, आरोप पत्र दायर होने के समय सिर्फ तीन ही आरोपित अदालत में मौजूद थे। फारूक जो इस समय विदेश में हैं, अदालत में हाजिर नहीं हुए। संबधित अधिकारियों ने बताया कि सीबीआइ ने सभी आरोपितों को अदालत में हाजिर होने का नोटिस भेजा था।
जानें, क्या है मामला;-यह घोटाला वर्ष 2002 से 2011 तक जेकेसीए को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई द्वारा प्रदान किए गए 113.67 करोड़ रुपये में से 40 करोड़ को खुर्द-बुर्द किए जाने से संबंधित है। उस समय नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक ही जेकेसीए के अध्यक्ष थे। दावा किया जाता है कि यह घोटाला उनके कथित इशारे पर ही हुआ था।वर्ष 2012 में यह मामला उस समय उजागर हुआ, जब तत्कालीन जेकेसीए चेयरमैन मोहम्मद असलग गोनी ने एसोसिएशन के दो तत्कालीन पदाधिकारियों महासचिव सलीम खान और कोषाधिकारी अहसान मिर्जा पर जेकेसीए के बजाय अपने निजी खातों में पैसा जमा कराने का आरोप लगाया। इन दोनों ने श्रीनगर के खनयार स्थित जम्मू कश्मीर बैंक की शाखा में अपने खाते खुलवा रखे थे और वहां पर पैसा स्थानांतरित होता था। इस मामले में असलम गोनी पर भी उंगली उठी, क्योंकि जेकेसीए की अॉडिट रिपोर्ट पर उनके भी हस्ताक्षर होते थे।मामले के उजागर होने पर फारूक ने जांच के लिए एक इन-हाउस कमेटी का गठन किया। कमेटी ने करीब एक माह में अपनी रिपोर्ट देते हुए जेकेसीए के दो वरिष्ठ अधिकारियों को घोटाले के लिए जिम्मेदार बताया। उन दोनों को जेकेसीए से तत्काल प्रभाव से निकाल दिया गया।पुलिस ने भी इस सिलसिले में कार्रवाई करते हुए 10 मार्च, 2012 को राममुंशी बाग पुलिस स्टेशन में आरपीसी की धारा 120बी, 406 और409 के मामले दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। पुलिस ने जब छानबीन करते हुए बैंक प्रबंधकों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि सलीम खान और अहसान मिर्जा से संबधित खातों में पैसा तभी जारी हुआ था, जब जेकेसीए के प्रेसिडेंट फारूक का अथॉरिटी लेटर आता था। यह अथॉरिटी लेटर डा फारुक अब्दुल्ला ने अपने हस्ताक्षरों संग 27 जून, 2008 को जारी किया था। इस मामले में कश्मीर के दो क्रिकेटरों माजिद याकूब डार और निसार अहमद खान ने उच्च न्यायालय में भी एक जनहित याचिका दायर करते हुए पुलिस की जांच पर सवालिया निशान लगाते हुए दावा किया था कि इसमें फारूक समेत कई नामी लोग शामिल हैं और उन्हें बचाया जा रहा है।पुलिस की जांच पर रोष जताते हुए बीते हुए राज्य हाईकोर्ट ने 3 सितंबर, 2015 को सीबीआइ को इस घोटाले की जांच करने व छह माह में अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा था। लेकिन बाद में राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के चलते सीबीआइ अपना काम छह माह में पूरा करने में सफल नहीं हो पाई थी।

मुंबई। सैफ अली खान की वेब सीरिज़ सेक्रेड गेम्स इन दिनों काफी चर्चा में है। इस सीरिज में सैफ अली खान के काम की खूब तारीफ़ हो रही है। अब खबर है कि सैफ अली खान जल्द ही नागा साधू के किरदार में नजर आने वाले हैं। उन्होंने खुद एक बातचीत के दौरान इसका खुलासा भी किया है।खबर है कि इस फिल्म का नाम हंटर होगा। इस फिल्म की शूटिंग राजस्थान में पूरी की गई है और इस फिल्म में अपने लुक पर सैफ अली खान ने काफी मेहनत की है। सैफ लंबे समय से दाढ़ी वाले लुक में नजर आ रहे थे और वह दरअसल, इसी फिल्म के लिए तय किया गया लुक था। इस फिल्म के लिए ही उन्होंने अपनी दाढ़ी बढ़ाई थी।खास बात यह है कि इसके लिए उन्होंने कानों में पियर्सिंग भी कराई है। उनका कहना है कि इस फिल्म की शूटिंग चूंकि उन्होंने काफी गर्मी में की है, इसलिए उनके लिए शूटिंग करना काफी मुश्किल था। लेकिन फिर भी उन्होंने इस फिल्म को हां कहा है क्योंकि उन्हें फिल्म का विषय काफी पसंद आया है। इस फिल्म के बारे में उन्होंने यह भी बताया है कि एक सीन के लिए अपने बाल के सेटअप और पूरे लुक पर लगभग 40 मिनट का समय लगता है।सैफ बताते हैं कि उन्हें गर्मी में इस तरह से शूट करने में काफी वक़्त लगा और काफी मुश्किलें भी हुई थीं। लेकिन उन्होंने काफी एन्जॉय भी किया। चूंकि ऐसा किरदार उन्होंने पहले कभी नहीं निभाया था।सैफ ने बताया है कि इस फिल्म की शूटिंग 50 दिनों में पूरी हुई है। इस फिल्म की शूटिंग अब लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही सैफ फिर सेअपने क्लीन शेव में नजर आयेंगे।

 

नई दिल्ली। सावन एक ऐसा महीना होता है, जिसका लगभग हर इंसान को सालभर इंतजार रहता है। सावन का संबंध भगवान शिव से भी है। वैसे सावन शब्द आते ही बारिश की फुहारें और हरियाली याद आती है। हिंदू कलेंडर के अनुसार इस साल 27 जुलाई से सावन का महीना शुरू होगा, जो रक्षाबंधन पर खत्म होता है। लेकिन देश का एक राज्य (उत्तराखंड) ऐसा भी है, जहां आज यानी सोमवार 16 जुलाई से ही सावन का महीना लग गया है। सावन माह के पहले दिन यहां एक खास लोकपर्व मनाया जा रहा है, जिसका नाम हरेला है।
हिंदू कैलेंडर से अलग कैसे सावन;-हिंदू कैलेंडर के अनुसार 27 जुलाई से सावन का महीना शुरू होगा, लेकिन उत्तराखंड में 16 जुलाई से ही यह पावन महीना शुरू हो गया है। दोनों के बीच इस अंतर की खास वजह है। चंद्र मास के अनुसार 27 जुलाई यानी गुरु पूर्णिमा से सावन का महीना शुरू होगा। इस मामले में हमने आचार्य नंदा बल्लभ पंत से बात की। आचार्य ने बताया कि उत्तराखंड में सावन का महीना पहले ही शुरू होने का कारण यहां सूर्य के अनुसार मास का चुनाव है। इसका सीधा अर्थ यह है कि आज यानी 16 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर गए हैं। सूर्य के इसी परागमन के साथ सावन का महीना भी शुरू माना जाता है।
हरेला क्या?:-जैसा कि आप जानते हैं सावन माह में हर तरफ हरियाली नजर आती है। ऐसा लगता है जैसे प्रकृति सजकर तैयार हो गई है। हरियाली के इसी उत्सव को मनाने के लिए उत्तराखंड में हरेला पर्व मनाया जाता है। हरेला उत्तराखंड के परिवेश और खेती से जुड़ा पर्व है, जो वर्ष में तीन बार चैत्र, श्रावण और आश्विन मास में मनाया जाता है। हालांकि, लोक जीवन में श्रावण (सावन) मास में पड़ने वाले हरेला को काफी महत्व दिया गया है। क्योंकि, यह महीना महादेव को खास प्रिय है। श्रावण का हरेला श्रावण शुरू होने से नौ दिन पहले आषाढ़ में बोया जाता है और दस दिन बाद श्रावण के प्रथम दिन काटा जाता है।हरेले का पर्व न सिर्फ नई ऋतु के शुभागमन की सूचना देता है, बल्कि प्रकृति के संरक्षण को भी प्रेरित करता है। इसीलिए देवभूमि उत्तराखंड में हरेला पर्व लोकजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। अब तो इसी दिन से पौधरोपण अभियान शुरू करने की परंपरा भी शुरू हो गई है। धार्मिक दृष्टि से देखें तो उत्तराखंड को महादेव का वास और ससुराल दोनों माना गया है। इसलिए हरेला पर्व का महत्व भी इस क्षेत्र के लिए खास है। कुमाऊं में तो हरेला लोकजीवन का महत्वपूर्ण उत्सव है।
ऐसे मनाते हैं हरेला:-हरेला से नौ दिन पूर्व घर के भीतर स्थित देवालय अथवा गांव के मंदिर में सात प्रकार के अनाज (जौ, गेहूं, मक्का, गहत, सरसों, उड़द और भट्ट) को रिंगाल की टोकरी में बोया जाता है। इसे सतनाजा भी कहते हैं। इसके लिए टोकरी में मिट्टी की परत बिछाकर उसमें बीज डाले जाते हैं। यही प्रक्रिया पांच से छह बार अपनाई जाती है। टोकरी को सूर्य की सीधी रोशनी से बचाकर रखा जाता है। नवें दिन इनकी पाती (एक स्थानीय वृक्ष) की टहनी से गुड़ाई की जाती है और दसवें यानी हरेले के दिन इसे काटकर तिलक-चंदन-अक्षत से अभिमंत्रित कर देवता को अर्पित किया जाता है। घर की बुजुर्ग महिलाएं सभी सदस्यों को हरेला लगाती हैं। यानी हरेला सबसे पहले पैर, फिर घुटने व कंधे और अंत में सिर पर रखा जाता है।

तिरुअनंतपुरम। दक्षिण-पश्चिम मानसून के फिर से सक्रिय होने के साथ केरल में भारी बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया। बारिश से कई जगहों पर भूस्खलन और फसल को नुकसान हुआ है। सर्वाधिक प्रभावित जिले इडुक्की में भूस्खलन की घटनाएं हुई और फसलों को नुकसान पहुंचा। इडुक्की के जिलाधिकारी ने रात के दौरान लोगों से सफर से बचने को कहा है, क्योंकि भूस्खलन की आशंका है। प्रोफेशनल कॉलेजों को छोड़कर सभी शैक्षाणिक संस्थानों में मंगलवार को छुट्टी घोषित कर दी गयी है।अलाफुझा जिले के चांदरीरूर में मैंगलोर एक्‍सप्रेस के अंतिम बोगी पर पेड़ गिरने की खबर मिली है, लेकिन इससे किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। इसके कारण तीन घंटे की देरी से ट्रेन आगे बढ़ी। अनेक जिलों में पिछले 36 घंटे से बारिश जारी है जिसके कारण 3000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।14 में से आठ जिलों के सभी शिक्षण संस्‍थान सोमवार को बंद कर दिए गए और अधिकतर यूनवर्सिटी परीक्षाओं को स्‍थगित करा दिया गया है। सर्वाधिक प्रभावित जिलों में अल्‍लाफुजा, वायनाड, कोट्टायम, कोल्‍लम और कोच्‍चि हैं। तटीय जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है साथ ही मछुआरों को समुद्र में जाने से मना करते हुए चेतावनी दी है।पर्वतीय इलाकों में संभावित भूस्‍खलन को देखते हुए अलर्ट जारी किए गए हैं। वायनाड जिले से होकर कर्नाटक जाने वाली बसों को रोक दिया गया है। राज्‍य के रेवेन्‍यू मंत्री इ. चंद्रशेखरन ने अपने विभाग व जिला अधिकारियों को इससे हुए हानि का ब्‍यौरा देने का निर्देश दिया है।वायनाड और कोझिकोड के ऊंचाई वाले क्षेत्र में भूस्खलन, जलजमाव और संपत्ति के नुकसान की खबर मिली है। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकतर जिलों में बारिश का अनुमान व्यक्त किया है।

तिरुवनंतपुरम। केरल में हो रही मूसलाधार बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग ने राज्य में सामान्य से अधिक बारिश होने की भविष्यवाणी की है। बुधवार तक बारिश के रुकने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच भारी बारिश के कारण आलप्पुषा जिले के चंदिरूर में मैंगलोर एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी पर मलबा गिर पड़ा, इस हादसे में कई लोगों को चोटें आईं। इस कारण करीब तीन घंटे की देरी के बाद ट्रेन चली।
परीक्षा रोकी गई , स्कूल बंद:-केरल के कई जिलों में पिछले 36 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। नतीजतन राहत शिविरों में 3,000 से ज्यादा लोगों का रखा गया है। 14 जिलों में से आठ में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। साथ ही अधिकांश विश्वविद्यालय में परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले:-केरल में बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित होनेवाले जिलों में, आलप्पुषा, इदुक्की, कोझिकोड, वयनाड, कोट्टायम, कोल्लम और कोच्चि शामिल हैं। इन जिलों में बारिश के लोगों जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रखा है।
तटीय- पहाड़ी इलाकों में चेतावनी जारी:-इस बीच मौसम विभाग ने तटीय जिलों के लिए चेतावनी भी जारी की है। मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। उधर, पहाड़ी इलाकों में संभावित भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है।
अबतक तीन लोगों की हो चुकी है मौत:-वहीं, वयनाड जिले से कर्नाटक जाने वाली सभी बसों को भी रद कर दिया गया है। राज्य के राजस्व मंत्री ई. चंद्रशेखरन ने अपने विभाग और जिला अधिकारियों को अनुमानित नुकसान का भंडार लेने का निर्देश दिया है। इस बीच बारिश के कारण अब तक तीन लोगों की मौत की सूचना मिली है।

 

 

 

नई दिल्ली। केरल के मलंकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च के चार पादरियों से जुड़े स्कैंडल मामले में फादर सोनी अब्राहम वर्गीस की अग्रिम जमानत याचिका पर उच्चतम न्यायालय कल सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने पादरी की याचिका पर तुरंत सुनवाई के लिए हामी भर दी है।पादरी ने मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए इसकी सुनवाई तुरंत करने का अनुरोध किया था। अपराध शाखा ने मलंकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च से ही जुड़ी एक महिला की शिकायत के आधार पर दो जुलाई को पादरी वर्गीस सहित चार पादरियों के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज किया।बता दें कि उच्च न्यायालय ने इस संबंध में वर्गीस की याचिका खारिज कर उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा था। महिला का आरोप है कि चारों पादरियों ने उसके कंफेशन का गलत इस्तेमाल कर उसका यौन शोषण किया। जांच एजेंसी इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

हैदराबाद। उत्‍तरी आंध्र प्रदेश में बाढ़ मुसीबत बन चुकी है। सोमवार को इस बाढ़ में फंसेे 55 लोगों और उनके पशुओं को जद्दोजहद केे बाद बचाया गया। भारी बारिश के कारण श्रीकाकुलम जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी आ गया है। वत्‍सधारा नदी में पानी का स्‍तर बढ़ जाने से जिले में आई बाढ़ में 55 लोगों समेत 10 ट्रक पानी में फंस गए थे।बाढ़ के कारण फंसे ट्रकों में सवार लोग ऊपरी हिस्‍से पर खड़े हो मदद का इंतजार कर रहे थे। इन्‍हें बचाने के लिए अधिकारियों ने नावों का सहारा लिया। राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन बल, नेवी व फायर डिपार्टमेंट के प्रयासों से इन लोगों को सुरक्षित निकाला जा सका। ट्रक में से 20 भेड़ों को भी बचाया गया लेकिन 80 जानवर बाढ़ में बह गए।कर्नाटक से एक लाख क्‍यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद तमिलनाडु के सलेम जिले में कावेरी के तटों पर रह रहे लोगों के लिए भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचने का निर्देश दे दिया गया है।

Page 1 of 2907

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें