डा.जगन एलिनानी द्वारा ए.डी.ओ.ए.पी.आई. कॉम्पेट-ए-विलेज परियोजना को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

27 July 2018
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न्यूयॉर्क (हम हिन्दुस्तानी)-एक व्यक्ति अगर एक गांव को अपनाता (गोद लेता) है तो कई भारतीयों का जीवन संवर सकता है। यह शब्द है एफ.ए.सरी.आर. के प्रबंध निमदेशक जगन एलिनानी के, जिन्होंने ए.डी.ओ.एपी.आई. कॉम्पेट-ए-विलेज परियोजनला को और अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। उल्लेखनीय है कि डा. जगन एलिनानी अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन से संबंधित हैं तथा वे अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अपने विचार संयुक्त करते हुए कहा कि भारत में लगभग 700,000 गांव हैं। 4 भारतीयों में से 3 और लगभग 77 प्रतिशत गरीब गांवों में रहते हैं। भारत में 40 प्रतिशत एक दिन से कम डॉलर के साथ अपना जीवन निर्वाह कर रहे हैं जबकि वयस्क साक्षरता दर 61 प्रतिशत है जोकि चिन्ता का विषय है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना राज्य में जगतील जिले में अपने मूल गांव मोथा को अपनाकर उपरोक्त परियोजना की स्थापना की है तथा उनकी टीम ने अब वहां पर सुरक्षित पेयजल, कचरा निपटान, अंतिम संस्कार के लिए श्मशान स्थल, शौचालयों में शॉवर इत्यादि स्थापित करके वहां के लोगों को जीवन संवारा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन इस कार्य के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है और भविष्य में भी इस तरह के कार्य जारी रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन आर्गेन द्वारा अन्य गांवों को भी अडॉप्ट करके वहां पर विकास कार्य करवाए जाएंगे ताकि ग्रामीण लोगों का जीवन संवर सके।

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