-सुरेश हिन्दुस्थानी (वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) देश के शाश्वत और सांस्कृतिक अक्षुण्ण प्रवाह का अध्ययन किया जाए तो प्राय: यह सिद्ध हो जाता है कि भारत और हिन्दुत्व सदा से एकात्म भाव को ही प्रतिपादित करते रहे हैं। वर्तमान में कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी भले ही इस महान सत्य को स्वीकार करने में हिचक रहे हों, लेकिन पुरातन काल से इसके एकात्म भाव को प्रमाणित किया जाता रहा है। हिन्दुत्व…
*फरहान अख्तर, अरमान मलिक, हर्षदीप कौर, पापन, सलीम-सुलेमान, सुकृति-प्रकृति ने कहा, बस अब बहुत हो गया.*शाहरुख खान ने दिया स्पेशल अपीयरेंस और महिलाओं को समर्पित कविता का किया पाठ (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); मुंबई/न्यायॉर्क (हम हिंदुस्तानी)-पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में फरहान अख्तर के मर्द , निर्देशक फिरोज अब्बास खान और बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित बहुत-प्रतीक्षित कॉन्सर्ट 'ललकार' ने पूरी मुंबई को एकजुट कर दिया.…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) संजय लीला भंसाली द्वारा बनाई गई फिल्म को बाहर आने से पहले रोकने की अपने आप में एक अनूठी घटना कही जा सकती है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान की सरकारों ने फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही अन्य राज्य भी इसी राह का अनुसरण करने की मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। ऐस में सवाल यह…
-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) वैश्विक संस्थाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की गति और प्रगति की सराहना की है । ताजा रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की है। इससे पूर्व विश्व आर्थिक मंच, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज और विश्व बैंक ने भी अपनी रिपोर्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में उठाए गए कदमों की भरपूर सराहना की है। इन वैश्विक संस्थाओं ने…
-डॉ नीलम महेंद्र(Best editorial writing award winner) देश के आम आदमी के मन में इस समय जितने सवाल उठ रहे हैं इतने शायद इससे पहले कभी नहीं उठे। वो समझ ही नहीं पा रहा है कि किस पर यकीन करे, विपक्ष के बयानों पर या फिर विदेशी रिपोर्टों पर।परिणामस्वरूप अखबारों की रोज बदलती सुर्खियों के साथ ही देश के राजनैतिक पटल पर भी हालात तेजी से बदल रहे हैं और…
-जावेद अनीसचीन विरोधाभासों से भरा देश है, जहाँ एक कम्युनिस्ट शासन व्यवस्था के माध्यम से पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का सफल संचालन हो रहा है, चीनी शासक वर्ग इसे चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद के रूप में पेश करता है. इसी अटपटे रास्ते पर चलते हुए आज चीन विश्व अर्थतंत्र का ड्राइविंग मशीन बन चुका है. चीन की सफलता चमत्कारी है, पिछले दशकों में चीन ने जिस तरह से अपनी कामयाबी के झंडे…
-प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार हैं) अयोध्या में राममन्दिर निर्माण पर दोनों पक्षकारों और समुदाय के बीच धर्मगुरु और आर्ट्सआफ लीवींग के संस्थापक श्री- श्री रविशंकर जी की पहल कितनी कामयाब होगी यह तो वक्त बताएगा । लेकिन पहल पर तमाम सवाल भी उठे हैं। हालांकि इसका व्यापक स्वागत भी हुआ है । उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की है । योगी ने भी इस पहल को…
-मलिक असगर हाशमी क्या फिल्म पद्मावती के रूप में राजपूत संगठनों को ब्रह्मास्त्र मिल गया है? फिल्म के बहाने कहीं ये अपना विस्तार तो नहीं कर रहे? फिल्म को लेकर इनकी एकजुटता के चलते तमाम राजनीतिक दलों का इनके समर्थन में आना, राजपूतों की शक्ति का एहसास कराना तो नहीं? फिल्म के विरोध के साथ जिस तरह की तस्वीरें उभर रही हंै, इसके चलते ऐसे सवाल उठने लाजमी हैं। चूंकि…
Page 10 of 118

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें